नवदुर्गा का तीसरा रूप, माँ चंद्रघंटा, साहस, कृपा और दिव्य संरक्षण का प्रतीक हैं। उनकी दिव्य घंटी समस्त लोकों में गूंजती है, भय का नाश करती है और उनके भक्तों की रक्षा करती है।
🔱🌺 जय माता की 🌺🔱
जय मॉं चन्द्रघंटा 🌺🔱
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🔱🌺 जय माता की 🌺🔱
जय मॉं चन्द्रघंटा 🌺🔱
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❤️मेरी सुन्दरी माई और मेरे महाकाल ❤️
🔱 जगत पिता अवंतिका नरेश अनंत कोटि ब्रह्मांड नायक राजाधिराज योगिराज मृत्यलोकाधिपति कालों के काल बाबा महाकाल
🔱जगत जननी आदि शक्ति भगवती भवानी मां हरसिद्धि माता 🙏🪷
दिनांक 21 मार्च 2026 राजसंध्याकालीन आरती श्रृंगार दर्शन उज्जैन
🕉सांब सदाशिव 🙏🔱🚩
🕉जय मां हरसिद्धि जय श्री महाकाल🔱🚩
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🔱 जगत पिता अवंतिका नरेश अनंत कोटि ब्रह्मांड नायक राजाधिराज योगिराज मृत्यलोकाधिपति कालों के काल बाबा महाकाल
🔱जगत जननी आदि शक्ति भगवती भवानी मां हरसिद्धि माता 🙏🪷
दिनांक 21 मार्च 2026 राजसंध्याकालीन आरती श्रृंगार दर्शन उज्जैन
🕉सांब सदाशिव 🙏🔱🚩
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🚩 जय सत्य सनातन 🚩
🚩 आज का पञ्चाङ्ग 🚩
🌥️ 🚩युगाब्द-५१२८
🌥️ 🚩विक्रम संवत-२०८३
⛅ 🚩तिथि - चतुर्थी रात्रि ०९:१६ तक तत्पश्चात् पंचमी
https://t.me/sanatanibalika
⛅ दिनांक - २२ मार्च २०२६
⛅ दिन - रविवार
⛅ अयन - उत्तरायण
⛅ ऋतु - वसंत
⛅ मास - चैत्र
⛅ पक्ष - शुक्ल
⛅ नक्षत्र - भरणी रात्रि १०:४२ तक तत्पश्चात् कृत्तिका
⛅ योग - वैधृति दोपहर ०३:४२ तक तत्पश्चात् विष्कम्भ
⛅ राहुकाल - शाम ०५:०७ से शाम ०६:३९ तक (उज्जैन मानक समयानुसार)
⛅ सूर्योदय - ०६:२९
⛅ सूर्यास्त - ०६:३९ (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)
⛅ दिशा शूल - पश्चिम दिशा में
⛅ ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः ०४:५४ से प्रातः ०५:४२ तक (उज्जैन मानक समयानुसार)
⛅ अभिजीत मुहूर्त - दोपहर १२:१० से दोपहर १२:५८ तक(उज्जैन मानक समयानुसार)
⛅ निशिता मुहूर्त - मध्यरात्रि १२:१० से मध्यरात्रि १२:५७ तक (उज्जैन मानक समयानुसार)
🌥️ व्रत पर्व विवरण - विनायक चतुर्थी
🌥️ विशेष - चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: २७.२९-३४)
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🚩 आज का पञ्चाङ्ग 🚩
🌥️ 🚩युगाब्द-५१२८
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⛅ 🚩तिथि - चतुर्थी रात्रि ०९:१६ तक तत्पश्चात् पंचमी
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⛅ दिनांक - २२ मार्च २०२६
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⛅ योग - वैधृति दोपहर ०३:४२ तक तत्पश्चात् विष्कम्भ
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⛅ अभिजीत मुहूर्त - दोपहर १२:१० से दोपहर १२:५८ तक(उज्जैन मानक समयानुसार)
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🌥️ विशेष - चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: २७.२९-३४)
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🔹आरती में कपूर का उपयोग क्यों ?🔹
🔸सनातन संस्कृति में पुरातन काल से आरती में कपूर जलाने की परम्परा हैं। आरती के बाद आरती के ऊपर हाथ घुमाकर अपनी आँखों पर लगाते हैं, जिससे दृष्टी -इन्द्रिय सक्रिय हो जाती है। पूज्य बापूजी के सत्संग -वचनामृत में आता है : “आरती करते हैं तो कपूर जलाते हैं। कपूर वातावरण को शुद्ध करता है, पवित्र वातावरण की आभा पैदा करता है। घर में देव-दोष है, पितृ -दोष हैं, वास्तु -दोष हैं, भूत -पिशाच का दोष है या किसीको बुरे सपने आते हैं तो कपूर की ऊर्जा उन दोषों को नष्ट कर देती हैं।
🔸बोलते हैं कि संध्या होती है तो दैत्य-राक्षस हमला करते हैं इसलिए शंख , घंट बजाना चाहिए, कपूर जलाना चाहिए, आरती-पूजा करनी चाहिए अर्थात संध्या के समय और सुबह के समय वातावरण में विशिष्ट एवं विभिन्न प्रकार के जीवाणु होते हैं जो श्वासोच्छवास के द्वारा हमारे शरीर में प्रवेश करके हमारी जीवनरक्षक जीवनरक्षक कोशिकाओं से लड़ते हैं। तो देव-असुर संग्राम होता है, देव माने सात्त्विक कण और असुर माने तामसी कण। कपूर की सुगंधि से हानिकारक जीवाणु एवं विषाण रूपी राक्षस भाग जाते हैं।
🔸वातावरण में जो अशुद्ध आभा है इससे तामसी अथवा निगुरे लोग जरा-जरा बात में खिन्न होते हैं, पीड़ित होते हैं लेकिन कपूर और आरती का उपयोग करनेवालों के घरों में ऐसे कीटाणुओं का, ऐसो हलकी आभा का प्रभाव नहीं टिक सकता हैं।
🔸अत: घर में कभी-कभी कपूर जलाना चाहिए, गूगल का धूप करना चाहिए। कभी-कभी कपूर की १ – २ छोटी-छोटी गोली मसल के घर में छिटक देनी चाहिए। उसकी हवा से ऋणायान बनते हैं, जो हितकारी हैं। वर्तमान के माहौल में घर में दीया जलाना अथवा कपूर की कभी-कभी आरती कर लेना अच्छा हैं।
जय श्री राम
🚩 हिन्दू राष्ट्र भारत 🚩
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🔸सनातन संस्कृति में पुरातन काल से आरती में कपूर जलाने की परम्परा हैं। आरती के बाद आरती के ऊपर हाथ घुमाकर अपनी आँखों पर लगाते हैं, जिससे दृष्टी -इन्द्रिय सक्रिय हो जाती है। पूज्य बापूजी के सत्संग -वचनामृत में आता है : “आरती करते हैं तो कपूर जलाते हैं। कपूर वातावरण को शुद्ध करता है, पवित्र वातावरण की आभा पैदा करता है। घर में देव-दोष है, पितृ -दोष हैं, वास्तु -दोष हैं, भूत -पिशाच का दोष है या किसीको बुरे सपने आते हैं तो कपूर की ऊर्जा उन दोषों को नष्ट कर देती हैं।
🔸बोलते हैं कि संध्या होती है तो दैत्य-राक्षस हमला करते हैं इसलिए शंख , घंट बजाना चाहिए, कपूर जलाना चाहिए, आरती-पूजा करनी चाहिए अर्थात संध्या के समय और सुबह के समय वातावरण में विशिष्ट एवं विभिन्न प्रकार के जीवाणु होते हैं जो श्वासोच्छवास के द्वारा हमारे शरीर में प्रवेश करके हमारी जीवनरक्षक जीवनरक्षक कोशिकाओं से लड़ते हैं। तो देव-असुर संग्राम होता है, देव माने सात्त्विक कण और असुर माने तामसी कण। कपूर की सुगंधि से हानिकारक जीवाणु एवं विषाण रूपी राक्षस भाग जाते हैं।
🔸वातावरण में जो अशुद्ध आभा है इससे तामसी अथवा निगुरे लोग जरा-जरा बात में खिन्न होते हैं, पीड़ित होते हैं लेकिन कपूर और आरती का उपयोग करनेवालों के घरों में ऐसे कीटाणुओं का, ऐसो हलकी आभा का प्रभाव नहीं टिक सकता हैं।
🔸अत: घर में कभी-कभी कपूर जलाना चाहिए, गूगल का धूप करना चाहिए। कभी-कभी कपूर की १ – २ छोटी-छोटी गोली मसल के घर में छिटक देनी चाहिए। उसकी हवा से ऋणायान बनते हैं, जो हितकारी हैं। वर्तमान के माहौल में घर में दीया जलाना अथवा कपूर की कभी-कभी आरती कर लेना अच्छा हैं।
जय श्री राम
🚩 हिन्दू राष्ट्र भारत 🚩
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🙏🏻🙏🏻🚩 आज दिनांक - 22 मार्च 2026 (रविवार) प्रातःकाल भस्म आरती श्रृंगार दर्शन श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग उज्जैन मध्यप्रदेश से 🚩🙏🏻
ॐ जय श्री महाकालेश्वराय नमः🙏
श्री शिवाय नमस्तुभ्यं
जय श्री महाकाल 🙏🔱🚩
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ॐ जय श्री महाकालेश्वराय नमः🙏
श्री शिवाय नमस्तुभ्यं
जय श्री महाकाल 🙏🔱🚩
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जय माँ हरसिद्धि माता 🙏🌺
जगत जननी माँ श्री शिवपटरानी सिद्ध शक्तिपीठ माँ हरसिद्धि माता मंगला आरती श्रृंगार दर्शन आज दिनांक 22 मार्च 2026 दिन रविवार
चैत्र नवरात्रि विशेष चतुर्थ दिवस 🙏🌺
🌺🌸जय माता दी🌸🌺
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जगत जननी माँ श्री शिवपटरानी सिद्ध शक्तिपीठ माँ हरसिद्धि माता मंगला आरती श्रृंगार दर्शन आज दिनांक 22 मार्च 2026 दिन रविवार
चैत्र नवरात्रि विशेष चतुर्थ दिवस 🙏🌺
🌺🌸जय माता दी🌸🌺
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जगत जननी राजराजेश्वरी माँ शारदा भवानी जी के आज दिनांक 22 मार्च 2026 दिन रविवार के आरती श्रृंगार दर्शन
मैहर,मध्यप्रदेश
चैत्र नवरात्रि विशेष चतुर्थ दिवस 🙏🌺
जय हो माई की🙏🌺🔱
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मैहर,मध्यप्रदेश
चैत्र नवरात्रि विशेष चतुर्थ दिवस 🙏🌺
जय हो माई की🙏🌺🔱
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🙏6❤4
माँ पीतांबरा, माता बगलामुखी महारानी के आज के नित्य दर्शन
प्राप्त : कालीन दर्शन...!
दिनांक...22-03-2026
माता रानी का आशीर्वाद हम सब पर बना रहे....
सर्व सिद्ध पीठ माँ बगलामुखी माता नल अनुविभागीय अधिकारी आगर मालवा मध्य प्रदेश।
चैत्र नवरात्रि विशेष चतुर्थ दिवस 🙏🌼
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प्राप्त : कालीन दर्शन...!
दिनांक...22-03-2026
माता रानी का आशीर्वाद हम सब पर बना रहे....
सर्व सिद्ध पीठ माँ बगलामुखी माता नल अनुविभागीय अधिकारी आगर मालवा मध्य प्रदेश।
चैत्र नवरात्रि विशेष चतुर्थ दिवस 🙏🌼
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🙏5❤4
नवदुर्गा का चौथा रूप - माँ कूष्मांडा, सृष्टि की सृष्टिकर्ता। उनकी पवित्र मुस्कान से ब्रह्मांड का उद्भव हुआ, जिसने दिव्य प्रकाश से ब्रह्मांड को प्रकाशित किया।
🕉 जय मां कुष्मांडा 🙏🌺
जय माता की 🙏🚩🔱🌺
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🕉 जय मां कुष्मांडा 🙏🌺
जय माता की 🙏🚩🔱🌺
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