Sanatani Balika🚩
1.08K subscribers
9.16K photos
1.04K videos
9.45K links
Download Telegram
🕉जय श्री सोमनाथ महादेव🔱🚩🙏

सौराष्ट्रदेशे विशदेऽतिरम्ये ज्योतिर्मयं चन्द्रकलावतंसम् ।
भक्तिप्रदानाय कृपावतीर्णं तं सोमनाथं शरणं प्रपद्ये ॥


श्री सोमनाथ महादेव मंदिर
प्रथम ज्योतिर्लिंग - गुजरात (सौराष्ट्र)
29 / 09 / 2026  दिन मंगलवार प्रातः शृंगार दर्शन


श्री शिवाय नमस्तुभ्यं
जय श्री सोमनाथ महादेव 🙏🔱🚩

 𝕁𝕆𝕀ℕ 𝕌𝕊 @𝕊𝕒𝕟𝕒𝕥𝕒𝕟𝕚𝕓𝕒𝕝𝕚𝕜𝕒
🙏6❤1
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र अयोध्या धाम के प्रातः कालीन प्रभु राम लला के दर्शन

आश्विन, कृष्ण पक्ष, तिथि तृतीया, संवत् २०८३, दिन मंगलवार, २९ सितम्बर २०२६५

🌼🙏जय श्री राम, जय सियाराम
🙏🌼

𝕁𝕆𝕀ℕ 𝕌𝕊 @𝕊𝕒𝕟𝕒𝕥𝕒𝕟𝕚𝕓𝕒𝕝𝕚𝕜𝕒
🙏6❤4
🙏🔱जय मां विंध्यवासिनी🙏🌺

29-09-2026 , दिन मंगलवार,प्रातः श्रृंगार आरती दर्शन धाम मिर्जापुर


𝕁𝕆𝕀ℕ 𝕌𝕊 @𝕊𝕒𝕟𝕒𝕥𝕒𝕟𝕚𝕓𝕒𝕝𝕚𝕜𝕒
🙏8❤1
जय माँ हरसिद्धि माता 🙏🌺

जगत जननी माँ श्री शिवपटरानी सिद्ध शक्तिपीठ माँ हरसिद्धि माता मंगला आरती श्रृंगार दर्शन आज दिनांक 29 सितंबर 2026 दिन मंगलवार

🌺🌸जय माता की 🌸🌺

𝕁𝕆𝕀ℕ 𝕌𝕊 @𝕊𝕒𝕟𝕒𝕥𝕒𝕟𝕚𝕓𝕒𝕝𝕚𝕜𝕒
🙏6❤3
जगत जननी राजराजेश्वरी माँ शारदा भवानी जी के आज दिनांक 29 सितंबर 2026 दिन मंगलवार के आरती श्रृंगार दर्शन
मैहर,मध्यप्रदेश

🌺 जय हो माई की
🙏🌺🔱

𝕁𝕆𝕀ℕ 𝕌𝕊 @𝕊𝕒𝕟𝕒𝕥𝕒𝕟𝕚𝕓𝕒𝕝𝕚𝕜𝕒
🙏7❤3
29 सितंबर 2026 को तृतीया तिथि और भरणी नक्षत्र के दुर्लभ संयोग के कारण तृतीया श्राद्ध के दिन ही महा भरणी श्राद्ध मनाया जा रहा है।

महा भरणी श्राद्ध का महत्व
गया श्राद्ध के समान फल: मान्यता है कि इस दिन श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करने से गयाजी में किए गए श्राद्ध के बराबर पुण्य मिलता है।

यमराज का आधिपत्य: भरणी नक्षत्र के स्वामी मृत्यु के देवता यमराज जी हैं, इसलिए इस दिन अनुष्ठान करने से पितरों को मोक्ष और शांति मिलती है।

विशेष तर्पण: इस दिन उन पूर्वजों का स्मरण व पिंडदान किया जाता है जिनकी मृत्यु किसी भी पक्ष की तृतीया तिथि और भरणी नक्षत्र में हुई हो।

तृतीय श्राद्ध महा भरणी श्राद्ध 🙏

𝕁𝕆𝕀ℕ 𝕌𝕊 @𝕊𝕒𝕟𝕒𝕥𝕒𝕟𝕚𝕓𝕒𝕝𝕚𝕜𝕒
🙏6❤1
अंगारकी संकष्टी चतुर्थी व्रत आज 29 सितंबर को ही रखा जाएगा 🙏

तिथि: 29 सितंबर 2026 (मंगलवार)
चतुर्थी तिथि प्रारंभ: 29 सितंबर 2026 को शाम 5:09 बजे

चतुर्थी तिथि समाप्त: 30 सितंबर 2026 को दोपहर 2:55 बजे

व्रत का नाम: विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी (जब चतुर्थी मंगलवार को आती है, तो इसे अंगारकी कहा जाता है)

पूजा और व्रत के नियम
चंद्रोदय का समय: इस व्रत में चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही व्रत पूरा माना जाता है। अलग-अलग स्थानों पर चंद्रोदय का समय रात लगभग 8:10 से 9:21 के बीच रहता है।

पूजा विधि: सुबह स्नान करके भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा करें। गणेश जी को दूर्वा, जास्वंद (गुड़हल) के फूल और मोदक का भोग लगाएं।

𝕁𝕆𝕀ℕ 𝕌𝕊 @𝕊𝕒𝕟𝕒𝕥𝕒𝕟𝕚𝕓𝕒𝕝𝕚𝕜𝕒
🙏7❤2
❤️मेरी सुन्दरी माई और मेरे महाकाल ❤️

🔱 जगत पिता अवंतिका नरेश अनंत कोटि ब्रह्मांड नायक राजाधिराज योगिराज मृत्यलोकाधिपति कालों के काल बाबा महाकाल

🔱जगत जननी आदि शक्ति मातेश्वरी मां हरसिद्धि माता
🙏🪷

दिनांक 29 सितंबर 2026 राजसंध्याकालीन आरती श्रृंगार दर्शन उज्जैन

🕉सांब सदाशिव 🙏🔱🚩
🕉जय मां हरसिद्धि जय श्री महाकाल🔱🚩

𝕁𝕆𝕀ℕ 𝕌𝕊 @𝕊𝕒𝕟𝕒𝕥𝕒𝕟𝕚𝕓𝕒𝕝𝕚𝕜𝕒
🙏6❤2
🚩 जय सत्य सनातन 🚩

🚩 आज का पञ्चाङ्ग 🚩

🌥️ 🚩युगाब्द-५१२८
🌥️ 🚩विक्रम संवत-२०८३
⛅ 🚩तिथि - चतुर्थी दोपहर ०२:५५ तक तत्पश्चात् पञ्चमी

https://t.me/sanatanibalika
 
⛅ दिनांक - ३० सितम्बर २०२६
⛅ दिन - बुधवार
⛅ अयन - दक्षिणायण
⛅ ऋतु - शरद
⛅ मास - आश्विन
⛅ पक्ष - कृष्ण
⛅ नक्षत्र - भरणी प्रातः ०७:३६ तक, तत्पश्चात् कृत्तिका प्रातः ०६:०२ अक्टूबर ०१ तक, तत्पश्चात् रोहिणी
⛅ योग - वज्र मध्यरात्रि १२:२० तक तत्पश्चात् सिद्धि
⛅ राहुकाल - दोपहर १२:१७ से दोपहर ०१:४६ तक
⛅ सूर्योदय - ०६:१८
⛅ सूर्यास्त - ०६:१५
⛅ दिशा शूल - उत्तर दिशा में
⛅ ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः ०४:४२ से प्रातः ०५:३० तक
⛅ अभिजीत मुहूर्त - कोई नहीं
⛅ निशिता मुहूर्त - रात्रि ११:५३ से मध्यरात्रि १२:४१ तक
🌥️ व्रत पर्व विवरण - चतुर्थी व पंचमी का श्राद्ध, सर्वार्थसिद्धि योग (प्रातः ०७:३६ से प्रातः ०६:१८ अक्टूबर ०१ तक), मासिक कार्तिगाई
🌥️ विशेष - चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है व पञ्चमी को बेल खाने से कलंक लगता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: २७.२९-३४)

𝕁𝕆𝕀ℕ 𝕌𝕊 @𝕊𝕒𝕟𝕒𝕥𝕒𝕟𝕚𝕓𝕒𝕝𝕚𝕜𝕒
🙏2
अवन्तिकायां विहितावतारं मुक्तिप्रदानाय च सज्जनानाम् । अकालमृत्योः परिरक्षणार्थं वन्दे महाकालमहासुरेशम् ||

🙏🏻🙏🏻🚩 आज दिनांक - 30 सितंबर 2026 (बुधवार) प्रातःकाल भस्म आरती श्रृंगार दर्शन श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग उज्जैन मध्यप्रदेश से   🚩🙏

ॐ जय श्री महाकालेश्वराय नमः🙏

श्री शिवाय नमस्तुभ्यं
जय श्री महाकाल 🙏🔱🚩

 𝕁𝕆𝕀ℕ 𝕌𝕊 @𝕊𝕒𝕟𝕒𝕥𝕒𝕟𝕚𝕓𝕒𝕝𝕚𝕜𝕒
❤3🙏3
🕉जय श्री सोमनाथ महादेव🔱🚩🙏

सौराष्ट्रदेशे विशदेऽतिरम्ये ज्योतिर्मयं चन्द्रकलावतंसम् ।
भक्तिप्रदानाय कृपावतीर्णं तं सोमनाथं शरणं प्रपद्ये ॥


श्री सोमनाथ महादेव मंदिर
प्रथम ज्योतिर्लिंग - गुजरात (सौराष्ट्र)
30 / 09 / 2026  दिन बुधवार प्रातः शृंगार दर्शन


श्री शिवाय नमस्तुभ्यं
जय श्री सोमनाथ महादेव 🙏🔱🚩

 𝕁𝕆𝕀ℕ 𝕌𝕊 @𝕊𝕒𝕟𝕒𝕥𝕒𝕟𝕚𝕓𝕒𝕝𝕚𝕜𝕒
🙏7❤2
🔱🙏जय श्री ॐकारेश्वर महादेव 🙏 🔱

कावेरिकानर्मदयोः पवित्रे समागमे सज्जनतारणाय ।
सदैवमान्धातृपुरे वसन्तमो‌ङ्कारमीशं शिवमेकमीडे ॥

श्री ॐकारेश्वर ज्योतिर्लिंगजी नर्मदा तट खण्डवा म.प्र. से आज का मंगला आरती श्रृंगार दर्शन

आश्विन कृष्ण पक्ष, तिथि चतुर्थी, संवत् २०८३, दिन- बुधवार,
३० सितंबर २०२६

🙏🌸 ॐ नमः शिवाय 🙏
🌸

श्री शिवाय नमस्तुभ्यं
जय श्री ओंकारेश्वर महादेव 🙏🔱🚩

𝕁𝕆𝕀ℕ 𝕌𝕊 @𝕊𝕒𝕟𝕒𝕥𝕒𝕟𝕚𝕓𝕒𝕝𝕚𝕜𝕒
🙏5❤2
श्री काशी विश्वेश्वराय नमः 🙏🔱

यस्यांके च विभाति भूधरसुता देवापगा मस्तके,
भाले बालविधुर्गले च गरलं यस्योरसि व्यालराट्।
सोऽयं भूतिविभूषणः सुरवरः सर्वाधिपः सर्वदा, शर्वः सर्वगतः शिवः शशिनिभः श्री शंकरः पातु माम् ॥

सानन्दमानन्दवने वसन्त मानन्दकन्दं हतपापवृन्दम् । वाराणसीनाथमनाथनाथं श्रीविश्वनाथं शरणं प्रपद्ये ॥

🪷🙏जय श्री काशी विश्वनाथ महादेव 🙏

श्री काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंगजी काशी उ.प्र. से आज का मंगला आरती श्रृंगार दर्शन

आश्विन कृष्ण पक्ष, तिथि - चतुर्थी संवत् २०८३, दिन - बुधवार, ३० सितंबर २०२६

🙏🔱।। श्री काशीविश्वनाथो विजयतेतराम ।।🙏🔱

शिवाय नमः
जय श्री काशी विश्वनाथ 🙏🔱🚩


 𝕁𝕆𝕀ℕ 𝕌𝕊 @𝕊𝕒𝕟𝕒𝕥𝕒𝕟𝕚𝕓𝕒𝕝𝕚𝕜𝕒
🙏5❤2
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र अयोध्या धाम के प्रातः कालीन प्रभु राम लला के दर्शन

आश्विन, कृष्ण पक्ष, तिथि चतुर्थी, संवत् २०८३, दिन बुधवार, ३० सितम्बर २०२६५

🌼🙏जय श्री राम, जय सियाराम
🙏🌼

𝕁𝕆𝕀ℕ 𝕌𝕊 @𝕊𝕒𝕟𝕒𝕥𝕒𝕟𝕚𝕓𝕒𝕝𝕚𝕜𝕒
🙏4❤2
श्री नागेश्वर ज्योतिर्लिंग दारूका वन द्वारका का आज प्रातः दिव्य मंगला आरती श्रृंगार दर्शन
आश्विन कृष्ण पितृपक्ष चतुर्थी / पंचमी विक्रम संवत् २०८३, तदनुसार ३० सितंबर २०२६
दिन बुधवार

𝕁𝕆𝕀ℕ 𝕌𝕊 @𝕊𝕒𝕟𝕒𝕥𝕒𝕟𝕚𝕓𝕒𝕝𝕚𝕜𝕒
🙏4❤2
जय माँ हरसिद्धि माता 🙏🌺

जगत जननी माँ श्री शिवपटरानी सिद्ध शक्तिपीठ माँ हरसिद्धि माता मंगला आरती श्रृंगार दर्शन आज दिनांक 30 सितंबर 2026 दिन बुधवार

🌺🌸जय माता की 🌸🌺

𝕁𝕆𝕀ℕ 𝕌𝕊 @𝕊𝕒𝕟𝕒𝕥𝕒𝕟𝕚𝕓𝕒𝕝𝕚𝕜𝕒
🙏4❤3
पितृ तर्पण का समय

𝕁𝕆𝕀ℕ 𝕌𝕊 @𝕊𝕒𝕟𝕒𝕥𝕒𝕟𝕚𝕓𝕒𝕝𝕚𝕜𝕒
🙏4
चतुर्थी और पंचमी श्राद्ध 2026
30 सितंबर 2026, बुधवार

एक ही दिन चतुर्थी और पंचमी श्राद्ध क्यों? क्या आपने ध्यान दिया है कि चतुर्थी श्राद्ध और पंचमी श्राद्ध दोनों 30 सितंबर को हैं?

इसका कारण है तिथि का समय।

चतुर्थी तिथि 30 सितंबर को दोपहर लगभग 2:55 बजे तक रहेगी। इसके बाद पंचमी तिथि शुरू होगी। इसलिए पंचांग में चतुर्थी श्राद्ध - पंचमी श्राद्ध - 30 सितंबर को ही है ।

चतुर्थी श्राद्ध किसके लिए?

जिन पितरों का निधन चतुर्थी तिथि को हुआ हो, उनके लिए चतुर्थी तिथि को श्राद्ध किया जाता है

पंचमी श्राद्ध किसके लिए?

जिन पितरों का निधन पंचमी तिथि को हुआ हो, उनके लिए पंचमी श्राद्ध किया जाता है।
और पंचमी को कुंवारा पंचमी भी कहते अर्थात जो भी कोई भी लड़का जो अविवाहित स्थिति मृत्यु को प्राप्त हुआ होता है उसका श्राद्ध भी पंचमी तिथि को ही किया जाता है।

श्राद्ध का मूल भाव - श्रद्धा, स्मरण और कृतज्ञता।
ॐ पितृभ्यो नमः ।


𝕁𝕆𝕀ℕ 𝕌𝕊 @𝕊𝕒𝕟𝕒𝕥𝕒𝕟𝕚𝕓𝕒𝕝𝕚𝕜𝕒
🙏4
🌺🙏जय श्री कृष्णा🙏🌺
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः
☘️〰️〰️〰️☘️〰️〰️〰️☘️
ओ मेरे कान्हा सुनो ना..🙏❣️
तुम्हें महसूस करने को दूरी कैसी
तुम तो मेरी हर साँस में बसे हो.!!
मेरी हर सुबह तुम्हारे नाम से हो..!
और मेरी हर धड़कन में बस तुम्हारा
ही नाम रहे मेरे प्यारे कान्हा...तुम ही
मेरा सुकून हो तुम ही मेरी भक्ति.🙏
🌺🙏हरे कृष्णा हरि बोल🙏🌺
🙏श्री कुंज बिहारी श्री हरिदास🙏
🌺🙏जय जय श्री राधे🙏🌺
राधे राधे राधे राधे राधे राधे राधे राधे
राधे राधे राधे राधे राधे राधे राधे राधे
🌺🙏राधे राधे जी🙏🌺
☘️〰️〰️〰️☘️〰️〰️〰️☘️
🙏4👍2