जगत जननी राजराजेश्वरी माँ शारदा भवानी जी के आज दिनांक 23 मार्च 2026 दिन सोमवार के आरती श्रृंगार दर्शन
मैहर,मध्यप्रदेश
चैत्र नवरात्रि विशेष पंचम दिवस 🙏🌺
जय हो माई की🙏🌺🔱
𝕁𝕆𝕀ℕ 𝕌𝕊 @𝕊𝕒𝕟𝕒𝕥𝕒𝕟𝕚𝕓𝕒𝕝𝕚𝕜𝕒
मैहर,मध्यप्रदेश
चैत्र नवरात्रि विशेष पंचम दिवस 🙏🌺
जय हो माई की🙏🌺🔱
𝕁𝕆𝕀ℕ 𝕌𝕊 @𝕊𝕒𝕟𝕒𝕥𝕒𝕟𝕚𝕓𝕒𝕝𝕚𝕜𝕒
❤4🙏4
🌷🙏जय श्री कृष्णा🙏🌷
🌷🙏जय माता दी 🙏🌷
🚩〰️〰️〰️🚩〰️〰️〰️🚩
श्री राधे...!!.🙏❤️🙏. ..!!
!!!.....श्रीकृष्ण कहते हैं. ..!!!
तुम दुनिया को बदलने निकले हो
पर खुद को बदलना भूल गए...!!
जब तक तुम अंदर से नहीं बदलोगे
कुछ भी बाहर नहीं बदलेगा....सच्चा
परिवर्तन हमेशा भीतर से शुरु होता
है..!!...हरे कृष्णा हरि बोल...🙏.!!
🙏श्री कुंज बिहारी श्री हरिदास🙏
🚩〰️〰️〰️🚩〰️〰️〰️🚩
या देवी सर्वभूतेषु मां स्कन्द रूपेण
संस्थिता नमस्त्य नमस्त्य नमस्त्य
नमो नमः..🚩...जय माता दी...🚩
🌷🙏जय जय श्री राधे🙏🌷
राधे राधे राधे राधे राधे राधे राधे राधे
राधे राधे राधे राधे राधे राधे राधे राधे
🌷🙏राधे राधे जी🙏🌷
🌷🙏जय माता दी 🙏 🌷
🚩〰️〰️〰️🚩〰️〰️〰️🚩
𝕁𝕆𝕀ℕ 𝕌𝕊 @𝕊𝕒𝕟𝕒𝕥𝕒𝕟𝕚𝕓𝕒𝕝𝕚𝕜𝕒
🌷🙏जय माता दी 🙏🌷
🚩〰️〰️〰️🚩〰️〰️〰️🚩
श्री राधे...!!.🙏❤️🙏. ..!!
!!!.....श्रीकृष्ण कहते हैं. ..!!!
तुम दुनिया को बदलने निकले हो
पर खुद को बदलना भूल गए...!!
जब तक तुम अंदर से नहीं बदलोगे
कुछ भी बाहर नहीं बदलेगा....सच्चा
परिवर्तन हमेशा भीतर से शुरु होता
है..!!...हरे कृष्णा हरि बोल...🙏.!!
🙏श्री कुंज बिहारी श्री हरिदास🙏
🚩〰️〰️〰️🚩〰️〰️〰️🚩
या देवी सर्वभूतेषु मां स्कन्द रूपेण
संस्थिता नमस्त्य नमस्त्य नमस्त्य
नमो नमः..🚩...जय माता दी...🚩
🌷🙏जय जय श्री राधे🙏🌷
राधे राधे राधे राधे राधे राधे राधे राधे
राधे राधे राधे राधे राधे राधे राधे राधे
🌷🙏राधे राधे जी🙏🌷
🌷🙏जय माता दी 🙏 🌷
🚩〰️〰️〰️🚩〰️〰️〰️🚩
𝕁𝕆𝕀ℕ 𝕌𝕊 @𝕊𝕒𝕟𝕒𝕥𝕒𝕟𝕚𝕓𝕒𝕝𝕚𝕜𝕒
🙏7❤1
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे
माँ गढ़कालिका माता जी का आज 23 मार्च 2026 दिन सोमवार प्रातः आरती श्रृंगार दर्शन 🙏🔱🌺
चैत्र नवरात्रि विशेष , पंचम दिवस 🙏🌺
मेरी प्यारी माँ🙏❤️
जय माँ गढ़कालिका 🙏🔱
𝕁𝕆𝕀ℕ 𝕌𝕊 @𝕊𝕒𝕟𝕒𝕥𝕒𝕟𝕚𝕓𝕒𝕝𝕚𝕜𝕒
माँ गढ़कालिका माता जी का आज 23 मार्च 2026 दिन सोमवार प्रातः आरती श्रृंगार दर्शन 🙏🔱🌺
चैत्र नवरात्रि विशेष , पंचम दिवस 🙏🌺
मेरी प्यारी माँ🙏❤️
जय माँ गढ़कालिका 🙏🔱
𝕁𝕆𝕀ℕ 𝕌𝕊 @𝕊𝕒𝕟𝕒𝕥𝕒𝕟𝕚𝕓𝕒𝕝𝕚𝕜𝕒
🙏6❤4
Sanatani Balika🚩
Photo
नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है। 'स्कंद' भगवान कार्तिकेय (मुरुगन) का एक नाम है और उनकी माता होने के कारण देवी के इस स्वरूप को 'स्कंदमाता' कहा जाता है।
🌼स्वरूप और प्रतीक
छविः मां स्कंदमाता की चार भुजाएं हैं। उन्होंने अपनी एक भुजा से भगवान स्कंद (बाल रूप में) को अपनी गोद में पकड़ा हुआ है। उनके दो अन्य हाथों में कमल के पुष्प हैं और एक हाथ आशीर्वाद की मुद्रा में रहता है।
वाहनः देवी शेर पर सवार रहती हैं, लेकिन वे कमल के आसन पर भी विराजमान होती हैं, जिसके कारण उन्हें 'पद्मासना' भी कहा जाता है।
रंगः इनका वर्ण पूर्णतः शुभ्र (सफेद) और कांतियुक्त है।
🌼धार्मिक महत्व और कथा
पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब तारकासुर नाम के दैत्य का अत्याचार बढ़ गया था, तब उसका वध केवल शिव पुत्र के हाथों ही संभव था। भगवती पार्वती ने अपने पुत्र स्कंद (कार्तिकेय) को युद्ध के लिए तैयार करने हेतु स्वयं उन्हें प्रशिक्षित किया। ममता और शक्ति का यह मिला-जुला रूप ही स्कंदमाता है। इनकी पूजा करने से न केवल देवी की कृपा मिलती है, बल्कि बाल रूप में भगवान कार्तिकेय की पूजा भी स्वतः हो जाती है। मान्यता है कि इनकी कृपा से मूर्ख भी ज्ञानी हो जाता है और साधक को परम शांति का अनुभव होता है।
🌼मंत्र और स्तुति
पूजा के दौरान इस प्रसिद्ध मंत्र का जाप किया जाता है:
सिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया।
शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी ॥
🌼 प्रार्थना मंत्रः
या देवी सर्वभूतेषु माँ स्कन्दमाता रूपेण संस्थिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ॥
🌼पूजा के विशेष लाभ
संतान सुखः ऐसी मान्यता है कि जो दंपत्ति संतान प्राप्ति की इच्छा रखते हैं, उन्हें स्कंदमाता की भक्ति भाव से पूजा करनी चाहिए।
विशुद्ध चक्रः योग साधना में यह माना जाता है कि इस दिन साधक का मन 'विशुद्ध चक्र' में स्थित होता है, जिससे एकाग्रता और चैतन्य की प्राप्ति होती है।
भोगः मां स्कंदमाता को केले का भोग अत्यंत प्रिय है।
जय माता की 🙏🌼🔱
𝕁𝕆𝕀ℕ 𝕌𝕊 @𝕊𝕒𝕟𝕒𝕥𝕒𝕟𝕚𝕓𝕒𝕝𝕚𝕜𝕒
🌼स्वरूप और प्रतीक
छविः मां स्कंदमाता की चार भुजाएं हैं। उन्होंने अपनी एक भुजा से भगवान स्कंद (बाल रूप में) को अपनी गोद में पकड़ा हुआ है। उनके दो अन्य हाथों में कमल के पुष्प हैं और एक हाथ आशीर्वाद की मुद्रा में रहता है।
वाहनः देवी शेर पर सवार रहती हैं, लेकिन वे कमल के आसन पर भी विराजमान होती हैं, जिसके कारण उन्हें 'पद्मासना' भी कहा जाता है।
रंगः इनका वर्ण पूर्णतः शुभ्र (सफेद) और कांतियुक्त है।
🌼धार्मिक महत्व और कथा
पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब तारकासुर नाम के दैत्य का अत्याचार बढ़ गया था, तब उसका वध केवल शिव पुत्र के हाथों ही संभव था। भगवती पार्वती ने अपने पुत्र स्कंद (कार्तिकेय) को युद्ध के लिए तैयार करने हेतु स्वयं उन्हें प्रशिक्षित किया। ममता और शक्ति का यह मिला-जुला रूप ही स्कंदमाता है। इनकी पूजा करने से न केवल देवी की कृपा मिलती है, बल्कि बाल रूप में भगवान कार्तिकेय की पूजा भी स्वतः हो जाती है। मान्यता है कि इनकी कृपा से मूर्ख भी ज्ञानी हो जाता है और साधक को परम शांति का अनुभव होता है।
🌼मंत्र और स्तुति
पूजा के दौरान इस प्रसिद्ध मंत्र का जाप किया जाता है:
सिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया।
शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी ॥
🌼 प्रार्थना मंत्रः
या देवी सर्वभूतेषु माँ स्कन्दमाता रूपेण संस्थिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ॥
🌼पूजा के विशेष लाभ
संतान सुखः ऐसी मान्यता है कि जो दंपत्ति संतान प्राप्ति की इच्छा रखते हैं, उन्हें स्कंदमाता की भक्ति भाव से पूजा करनी चाहिए।
विशुद्ध चक्रः योग साधना में यह माना जाता है कि इस दिन साधक का मन 'विशुद्ध चक्र' में स्थित होता है, जिससे एकाग्रता और चैतन्य की प्राप्ति होती है।
भोगः मां स्कंदमाता को केले का भोग अत्यंत प्रिय है।
जय माता की 🙏🌼🔱
𝕁𝕆𝕀ℕ 𝕌𝕊 @𝕊𝕒𝕟𝕒𝕥𝕒𝕟𝕚𝕓𝕒𝕝𝕚𝕜𝕒
🙏5
❤️मेरी सुन्दरी माई और मेरे महाकाल ❤️
🔱 जगत पिता अवंतिका नरेश अनंत कोटि ब्रह्मांड नायक राजाधिराज योगिराज मृत्यलोकाधिपति कालों के काल बाबा महाकाल
🔱जगत जननी आदि शक्ति भगवती भवानी मां हरसिद्धि माता 🙏🪷
दिनांक 23 मार्च 2026 राजसंध्याकालीन आरती श्रृंगार दर्शन उज्जैन
🕉सांब सदाशिव 🙏🔱🚩
🕉जय मां हरसिद्धि जय श्री महाकाल🔱🚩
𝕁𝕆𝕀ℕ 𝕌𝕊 @𝕊𝕒𝕟𝕒𝕥𝕒𝕟𝕚𝕓𝕒𝕝𝕚𝕜𝕒
🔱 जगत पिता अवंतिका नरेश अनंत कोटि ब्रह्मांड नायक राजाधिराज योगिराज मृत्यलोकाधिपति कालों के काल बाबा महाकाल
🔱जगत जननी आदि शक्ति भगवती भवानी मां हरसिद्धि माता 🙏🪷
दिनांक 23 मार्च 2026 राजसंध्याकालीन आरती श्रृंगार दर्शन उज्जैन
🕉सांब सदाशिव 🙏🔱🚩
🕉जय मां हरसिद्धि जय श्री महाकाल🔱🚩
𝕁𝕆𝕀ℕ 𝕌𝕊 @𝕊𝕒𝕟𝕒𝕥𝕒𝕟𝕚𝕓𝕒𝕝𝕚𝕜𝕒
🙏4❤3
🚩 जय सत्य सनातन 🚩
🚩 आज का पञ्चाङ्ग 🚩
🌥️ 🚩युगाब्द-५१२८
🌥️ 🚩विक्रम संवत-२०८३
⛅ 🚩तिथि - षष्ठी शाम ०४:०७ तक तत्पश्चात् सप्तमी
https://t.me/sanatanibalika
⛅ दिनांक - २४ मार्च २०२६
⛅ दिन - मंगलवार
⛅ अयन - उत्तरायण
⛅ ऋतु - वसंत
⛅ मास - चैत्र
⛅ पक्ष - शुक्ल
⛅ नक्षत्र - रोहिणी शाम ०७:०५ तक तत्पश्चात् मृगशिरा
⛅ योग - प्रीति सुबह ०९:०७ तक, तत्पश्चात् आयुष्मान प्रातः ०६:०२ मार्च २५ तक, तत्पश्चात् सौभाग्य
⛅ राहुकाल - दोपहर ०३:३६ से शाम ०५:०८ तक
⛅ सूर्योदय - ०६:२७
⛅ सूर्यास्त - ०६:३९
⛅ दिशा शूल - उत्तर दिशा में
⛅ ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः ०४:५३ से प्रातः ०५:४० तक
⛅ अभिजीत मुहूर्त - दोपहर १२:०९ से दोपहर १२:५८ तक (उज्जैन मानक समयानुसार)
⛅ निशिता मुहूर्त - मध्यरात्रि १२:०९ से मध्यरात्रि १२:५८ तक (उज्जैन मानक समयानुसार)
🌥️ व्रत पर्व विवरण - यमुना छठ, रोहिणी व्रत, द्विपुष्कर योग (शाम ०७:०५ से प्रातः ०६:२५ मार्च २५ तक)
🌥️ विशेष - षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुंह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: २७.२९-३४)
𝕁𝕆𝕀ℕ 𝕌𝕊 @𝕊𝕒𝕟𝕒𝕥𝕒𝕟𝕚𝕓𝕒𝕝𝕚𝕜𝕒
🚩 आज का पञ्चाङ्ग 🚩
🌥️ 🚩युगाब्द-५१२८
🌥️ 🚩विक्रम संवत-२०८३
⛅ 🚩तिथि - षष्ठी शाम ०४:०७ तक तत्पश्चात् सप्तमी
https://t.me/sanatanibalika
⛅ दिनांक - २४ मार्च २०२६
⛅ दिन - मंगलवार
⛅ अयन - उत्तरायण
⛅ ऋतु - वसंत
⛅ मास - चैत्र
⛅ पक्ष - शुक्ल
⛅ नक्षत्र - रोहिणी शाम ०७:०५ तक तत्पश्चात् मृगशिरा
⛅ योग - प्रीति सुबह ०९:०७ तक, तत्पश्चात् आयुष्मान प्रातः ०६:०२ मार्च २५ तक, तत्पश्चात् सौभाग्य
⛅ राहुकाल - दोपहर ०३:३६ से शाम ०५:०८ तक
⛅ सूर्योदय - ०६:२७
⛅ सूर्यास्त - ०६:३९
⛅ दिशा शूल - उत्तर दिशा में
⛅ ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः ०४:५३ से प्रातः ०५:४० तक
⛅ अभिजीत मुहूर्त - दोपहर १२:०९ से दोपहर १२:५८ तक (उज्जैन मानक समयानुसार)
⛅ निशिता मुहूर्त - मध्यरात्रि १२:०९ से मध्यरात्रि १२:५८ तक (उज्जैन मानक समयानुसार)
🌥️ व्रत पर्व विवरण - यमुना छठ, रोहिणी व्रत, द्विपुष्कर योग (शाम ०७:०५ से प्रातः ०६:२५ मार्च २५ तक)
🌥️ विशेष - षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुंह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: २७.२९-३४)
𝕁𝕆𝕀ℕ 𝕌𝕊 @𝕊𝕒𝕟𝕒𝕥𝕒𝕟𝕚𝕓𝕒𝕝𝕚𝕜𝕒
🙏3
🔹आहार-सम्बन्धी कुछ आवश्यक नियम🔹
🔸०१- सदैव अपने कार्यके अनुसार आहार लेना चाहिये। यदि आपको कठोर शारीरिक परिश्रम करना पड़ता है तो अधिक पौष्टिक आहार लेवें। यदि आप हलका शारीरिक परिश्रम करते हैं तो हलका सुपाच्य आहार लेवें।
🔸०२- प्रतिदिन निश्चित समयपर ही भोजन करना चाहिये।
🔸०३- भोजनको मुँहमें डालते ही निगले नहीं, बल्कि खूब चबाकर खायें, इससे भोजन शीघ्र पचता हैं।
🔸०४- भोजन करनेमें शीघ्रता न करें और न ही बातोंमें व्यस्त रहें।
🔸०५- अधिक मिर्च-मसालोंसे युक्त तथा चटपटे और तले हुए खाद्य पदार्थ न खायें। इससे पाचन-तन्त्रके रोगविकार उत्पन्न होते हैं।
🔸०६- आहार ग्रहण करनेके पश्चात् कुछ देर आराम अवश्य करें।
🔸०७- भोजनके मध्य अथवा तुरंत बाद पानी न पीयें। उचित तो यही है कि भोजन करनेके कुछ देर बाद पानी पिया जाय, किंतु यदि आवश्यक हो तो खानेके बाद बहुत कम मात्रामें पानी पी लेवें और इसके बाद कुछ देर ठहरकर ही पानी पीयें।
🔸०८- ध्यान रखें, कोई भी खाद्य पदार्थ बहुत गरम या बहुत ठंडा न खायें और न ही गरम खानेके साथ या बादमें ठंडा पानी पीयें।
🔸०९- आहार लेते समय अपना मन-मस्तिष्क चिन्तामुक्त रखें।
🔸 १०- भोजनके बाद पाचक चूर्ण या ऐसा ही कोई भी अन्य औषध-पदार्थ सेवन करनेकी आदत कभी न डालें। इससे पाचन-शक्ति कमजोर हो जाती हैं।
🔸 ११- रात्रि को सोते समय यदि सम्भव हो तो गरम ( गुनगुना ) दूधका सेवन करें।
🔸 १२- भोजनोपरान्त यदि फलोंका सेवन किया जाय तो यह न केवल शक्तिवर्द्धक होता है, बल्कि इससे भोजन शीघ्र पच भी जाता हैं।
🔸 १३- जितनी भूख हो, उतना ही भोजन करें। स्वादिष्ठ पकवान अधिक मात्रामें खानेका लालच अन्ततः अहितकर होता हैं।
🔸 १४- रात्रिके समय दही या लस्सीका सेवन न करें।
जय श्री राम
🚩 हिन्दू राष्ट्र भारत 🚩
𝕁𝕆𝕀ℕ 𝕌𝕊 @𝕊𝕒𝕟𝕒𝕥𝕒𝕟𝕚𝕓𝕒𝕝𝕚𝕜𝕒
🔸०१- सदैव अपने कार्यके अनुसार आहार लेना चाहिये। यदि आपको कठोर शारीरिक परिश्रम करना पड़ता है तो अधिक पौष्टिक आहार लेवें। यदि आप हलका शारीरिक परिश्रम करते हैं तो हलका सुपाच्य आहार लेवें।
🔸०२- प्रतिदिन निश्चित समयपर ही भोजन करना चाहिये।
🔸०३- भोजनको मुँहमें डालते ही निगले नहीं, बल्कि खूब चबाकर खायें, इससे भोजन शीघ्र पचता हैं।
🔸०४- भोजन करनेमें शीघ्रता न करें और न ही बातोंमें व्यस्त रहें।
🔸०५- अधिक मिर्च-मसालोंसे युक्त तथा चटपटे और तले हुए खाद्य पदार्थ न खायें। इससे पाचन-तन्त्रके रोगविकार उत्पन्न होते हैं।
🔸०६- आहार ग्रहण करनेके पश्चात् कुछ देर आराम अवश्य करें।
🔸०७- भोजनके मध्य अथवा तुरंत बाद पानी न पीयें। उचित तो यही है कि भोजन करनेके कुछ देर बाद पानी पिया जाय, किंतु यदि आवश्यक हो तो खानेके बाद बहुत कम मात्रामें पानी पी लेवें और इसके बाद कुछ देर ठहरकर ही पानी पीयें।
🔸०८- ध्यान रखें, कोई भी खाद्य पदार्थ बहुत गरम या बहुत ठंडा न खायें और न ही गरम खानेके साथ या बादमें ठंडा पानी पीयें।
🔸०९- आहार लेते समय अपना मन-मस्तिष्क चिन्तामुक्त रखें।
🔸 १०- भोजनके बाद पाचक चूर्ण या ऐसा ही कोई भी अन्य औषध-पदार्थ सेवन करनेकी आदत कभी न डालें। इससे पाचन-शक्ति कमजोर हो जाती हैं।
🔸 ११- रात्रि को सोते समय यदि सम्भव हो तो गरम ( गुनगुना ) दूधका सेवन करें।
🔸 १२- भोजनोपरान्त यदि फलोंका सेवन किया जाय तो यह न केवल शक्तिवर्द्धक होता है, बल्कि इससे भोजन शीघ्र पच भी जाता हैं।
🔸 १३- जितनी भूख हो, उतना ही भोजन करें। स्वादिष्ठ पकवान अधिक मात्रामें खानेका लालच अन्ततः अहितकर होता हैं।
🔸 १४- रात्रिके समय दही या लस्सीका सेवन न करें।
जय श्री राम
🚩 हिन्दू राष्ट्र भारत 🚩
𝕁𝕆𝕀ℕ 𝕌𝕊 @𝕊𝕒𝕟𝕒𝕥𝕒𝕟𝕚𝕓𝕒𝕝𝕚𝕜𝕒
👏3🔥1
🙏🏻🙏🏻🚩 आज दिनांक - 24 मार्च 2026 (मंगलवार) प्रातःकाल भस्म आरती श्रृंगार दर्शन श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग उज्जैन मध्यप्रदेश से 🚩🙏🏻
ॐ जय श्री महाकालेश्वराय नमः🙏
श्री शिवाय नमस्तुभ्यं
जय श्री महाकाल 🙏🔱🚩
𝕁𝕆𝕀ℕ 𝕌𝕊 @𝕊𝕒𝕟𝕒𝕥𝕒𝕟𝕚𝕓𝕒𝕝𝕚𝕜𝕒
ॐ जय श्री महाकालेश्वराय नमः🙏
श्री शिवाय नमस्तुभ्यं
जय श्री महाकाल 🙏🔱🚩
𝕁𝕆𝕀ℕ 𝕌𝕊 @𝕊𝕒𝕟𝕒𝕥𝕒𝕟𝕚𝕓𝕒𝕝𝕚𝕜𝕒
🙏5❤3
जय माँ हरसिद्धि माता 🙏🌺
जगत जननी माँ श्री शिवपटरानी सिद्ध शक्तिपीठ माँ हरसिद्धि माता मंगला आरती श्रृंगार दर्शन आज दिनांक 24 मार्च 2026 दिन मंगलवार
चैत्र नवरात्रि विशेष षष्ठम दिवस 🙏🌺
🌺🌸जय माता दी🌸🌺
𝕁𝕆𝕀ℕ 𝕌𝕊 @𝕊𝕒𝕟𝕒𝕥𝕒𝕟𝕚𝕓𝕒𝕝𝕚𝕜𝕒
जगत जननी माँ श्री शिवपटरानी सिद्ध शक्तिपीठ माँ हरसिद्धि माता मंगला आरती श्रृंगार दर्शन आज दिनांक 24 मार्च 2026 दिन मंगलवार
चैत्र नवरात्रि विशेष षष्ठम दिवस 🙏🌺
🌺🌸जय माता दी🌸🌺
𝕁𝕆𝕀ℕ 𝕌𝕊 @𝕊𝕒𝕟𝕒𝕥𝕒𝕟𝕚𝕓𝕒𝕝𝕚𝕜𝕒
🙏6❤3
Sanatani Balika🚩
जय मां कात्यायनी 🙏🌺🔱
🙏आज नवरात्रि का षष्ठ दिवस है- यह वह दिव्य क्षण है जब आदिशक्ति, जगतजननी, अपने कात्यायनी स्वरूप में पृथ्वी पर अवतरित होकर भक्तों का कल्याण करती हैं।
🙏माँ कात्यायनी का दिव्य स्वरूप
श्रुतियों में वर्णित है कि जब असुरों का अत्याचार पृथ्वी पर अत्यधिक बढ़ गया, तब देवताओं ने एक स्वर में आदिशक्ति का आह्वान किया। उस समय महर्षि कात्यायन की तपोभूमि से एक दिव्य प्रकाश प्रकट हुआ-वह स्वयं माँ जगतजननी का कात्यायनी रूप था।
हे साधक! यह वही रूप है जो धर्म की रक्षा और अधर्म के विनाश हेतु प्रकट होता है।
माँ कात्यायनी का वर्ण स्वर्ण के समान तेजस्वी है। उनके चार भुजाएँ हैं- एक में कमल, एक में तलवार, एक में वरमुद्रा और एक में अभयमुद्रा। सिंह उनका वाहन है, जो उनके अदम्य साहस और शक्ति का प्रतीक है।
जब महिषासुर जैसे दुष्टों ने देवताओं को भी पराजित कर दिया, तब माँ कात्यायनी ने ही उसे युद्ध में परास्त कर धर्म की पुनः स्थापना की।
🙏आध्यात्मिक रहस्य
हे भक्त ! षष्ठी तिथि पर माँ कात्यायनी की उपासना से - हृदय शुद्ध होता है विवाह में आने वाली बाधाएँ दूर होती हैं मन की इच्छाएँ पूर्ण होती हैं और आत्मा में साहस व तेज का संचार होता है यह दिन विशेष रूप से कन्या पूजन और साधना के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है।
संदेश
🙏माँ कात्यायनी आज यह संदेश देती हैं-
"हे मानव ! अपने भीतर के भय और अधर्म को त्यागो। साहस, धर्म और सत्य का मार्ग अपनाओ- मैं तुम्हारे साथ हूँ।"
🌺🌸जय माता दी🌸🌺
𝕁𝕆𝕀ℕ 𝕌𝕊 @𝕊𝕒𝕟𝕒𝕥𝕒𝕟𝕚𝕓𝕒𝕝𝕚𝕜𝕒
🙏माँ कात्यायनी का दिव्य स्वरूप
श्रुतियों में वर्णित है कि जब असुरों का अत्याचार पृथ्वी पर अत्यधिक बढ़ गया, तब देवताओं ने एक स्वर में आदिशक्ति का आह्वान किया। उस समय महर्षि कात्यायन की तपोभूमि से एक दिव्य प्रकाश प्रकट हुआ-वह स्वयं माँ जगतजननी का कात्यायनी रूप था।
हे साधक! यह वही रूप है जो धर्म की रक्षा और अधर्म के विनाश हेतु प्रकट होता है।
माँ कात्यायनी का वर्ण स्वर्ण के समान तेजस्वी है। उनके चार भुजाएँ हैं- एक में कमल, एक में तलवार, एक में वरमुद्रा और एक में अभयमुद्रा। सिंह उनका वाहन है, जो उनके अदम्य साहस और शक्ति का प्रतीक है।
जब महिषासुर जैसे दुष्टों ने देवताओं को भी पराजित कर दिया, तब माँ कात्यायनी ने ही उसे युद्ध में परास्त कर धर्म की पुनः स्थापना की।
🙏आध्यात्मिक रहस्य
हे भक्त ! षष्ठी तिथि पर माँ कात्यायनी की उपासना से - हृदय शुद्ध होता है विवाह में आने वाली बाधाएँ दूर होती हैं मन की इच्छाएँ पूर्ण होती हैं और आत्मा में साहस व तेज का संचार होता है यह दिन विशेष रूप से कन्या पूजन और साधना के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है।
संदेश
🙏माँ कात्यायनी आज यह संदेश देती हैं-
"हे मानव ! अपने भीतर के भय और अधर्म को त्यागो। साहस, धर्म और सत्य का मार्ग अपनाओ- मैं तुम्हारे साथ हूँ।"
🌺🌸जय माता दी🌸🌺
𝕁𝕆𝕀ℕ 𝕌𝕊 @𝕊𝕒𝕟𝕒𝕥𝕒𝕟𝕚𝕓𝕒𝕝𝕚𝕜𝕒
🙏7
जगत जननी राजराजेश्वरी माँ शारदा भवानी जी के आज दिनांक 24 मार्च 2026 दिन मंगलवार के आरती श्रृंगार दर्शन
मैहर,मध्यप्रदेश
चैत्र नवरात्रि विशेष षष्ठम दिवस 🙏🌺
जय हो माई की🙏🌺🔱
𝕁𝕆𝕀ℕ 𝕌𝕊 @𝕊𝕒𝕟𝕒𝕥𝕒𝕟𝕚𝕓𝕒𝕝𝕚𝕜𝕒
मैहर,मध्यप्रदेश
चैत्र नवरात्रि विशेष षष्ठम दिवस 🙏🌺
जय हो माई की🙏🌺🔱
𝕁𝕆𝕀ℕ 𝕌𝕊 @𝕊𝕒𝕟𝕒𝕥𝕒𝕟𝕚𝕓𝕒𝕝𝕚𝕜𝕒
🙏6❤4
🌷🙏जय श्री कृष्णा🙏🌷
🌷🙏जय माता दी 🙏🌷
🚩〰️〰️〰️🚩〰️〰️〰️🚩
ओ मेरे प्यारे कान्हा...🙏❣️
एक अजब सी उलझन है मेरे मन
में प्यारे तुमसे कह दूं या उसमें खुद
उलझ ही जाऊं.... राधे राधे🙏❣️
🌷🙏हरे कृष्णा हरि बोल🙏❣️
🙏श्री कुंज बिहारी श्री हरिदास🙏
🚩〰️〰️〰️🚩〰️〰️〰️🚩
या देवी सर्वभूतेषु मां कात्यानी रूपेण
संस्थिता नमस्त्य नमस्त्य नमस्त्य नमो
नमः...!!.🚩...जय माता दी...🚩!!
🌷🙏जय जय श्री राधे🙏🌷
राधे राधे राधे राधे राधे राधे राधे राधे
राधे राधे राधे राधे राधे राधे राधे राधे
🌷🙏राधे राधे जी🙏🌷
🌷🙏जय माता दी 🙏 🌷
🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚
𝕁𝕆𝕀ℕ 𝕌𝕊 @𝕊𝕒𝕟𝕒𝕥𝕒𝕟𝕚𝕓𝕒𝕝𝕚𝕜𝕒
🌷🙏जय माता दी 🙏🌷
🚩〰️〰️〰️🚩〰️〰️〰️🚩
ओ मेरे प्यारे कान्हा...🙏❣️
एक अजब सी उलझन है मेरे मन
में प्यारे तुमसे कह दूं या उसमें खुद
उलझ ही जाऊं.... राधे राधे🙏❣️
🌷🙏हरे कृष्णा हरि बोल🙏❣️
🙏श्री कुंज बिहारी श्री हरिदास🙏
🚩〰️〰️〰️🚩〰️〰️〰️🚩
या देवी सर्वभूतेषु मां कात्यानी रूपेण
संस्थिता नमस्त्य नमस्त्य नमस्त्य नमो
नमः...!!.🚩...जय माता दी...🚩!!
🌷🙏जय जय श्री राधे🙏🌷
राधे राधे राधे राधे राधे राधे राधे राधे
राधे राधे राधे राधे राधे राधे राधे राधे
🌷🙏राधे राधे जी🙏🌷
🌷🙏जय माता दी 🙏 🌷
🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚
𝕁𝕆𝕀ℕ 𝕌𝕊 @𝕊𝕒𝕟𝕒𝕥𝕒𝕟𝕚𝕓𝕒𝕝𝕚𝕜𝕒
❤4🙏4