भगवान से वरदान माँगा कि..…..
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दुश्मनों से पीछा छुड़वा दो,....
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अचानक दोस्त कम हो गए...🙄🙄
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दुश्मनों से पीछा छुड़वा दो,....
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अचानक दोस्त कम हो गए...🙄🙄
❤2
एक औरत ने ट्रैफिक सिग्नल तोड़ दिया
पुलिस वाला - रुको
औरत- मै एक टीचर हूं मुझे जाने दो
पुलिस वाला- वाह इसी दिन के इंतजार में था अब सौ बार लिखो मैं ट्रैफिक सिग्नल कभी नहीं तोडूंगी😣🤣🤣🤣
बचपन का बदला🤣🤣😂😉
पुलिस वाला - रुको
औरत- मै एक टीचर हूं मुझे जाने दो
पुलिस वाला- वाह इसी दिन के इंतजार में था अब सौ बार लिखो मैं ट्रैफिक सिग्नल कभी नहीं तोडूंगी😣🤣🤣🤣
बचपन का बदला🤣🤣😂😉
😁6
बैंक से फोन आया आप 6000 रूपये हर महीने जमा करते रहो बैंक में
आपकी ऐज़ 70 साल होते ही आपको एक करोड़ मिलेंगे
मैंने कह दिया आप मुझे एक करोड़ दे दो मैं आपको 6-6 हजार देती रहूंगी पता नहीं क्यों फोन काट दिया🙄🙄
#smiling_on💖
आपकी ऐज़ 70 साल होते ही आपको एक करोड़ मिलेंगे
मैंने कह दिया आप मुझे एक करोड़ दे दो मैं आपको 6-6 हजार देती रहूंगी पता नहीं क्यों फोन काट दिया🙄🙄
#smiling_on💖
❤1
Hotspot on करने में इन्हें मौत आती है
और दोस्ती में जान देने की बातें करते हैं ..
🙄😒
और दोस्ती में जान देने की बातें करते हैं ..
🙄😒
❤4🤣4
यमराज - वत्स तुम्हारे लिए अच्छा होगा तुम मेरे साथ निकल लो
लड़का - प्रभु पर तत्काल ऑफर क्यों
यमराज- वत्स तुम अपना मोबाइल घर में अनलॉक किए हुए भूल आए हो तुम्हारी बीवी कुल्हाड़ी लिए तुम्हारा इंतजार कर रही है
लड़का - हे प्रभु ये क्या हो गया आप जल्दी से पीछे बैठो भैंसा आज मैं चलाऊंगा 🤣🤣😂😂😂😂
लड़का - प्रभु पर तत्काल ऑफर क्यों
यमराज- वत्स तुम अपना मोबाइल घर में अनलॉक किए हुए भूल आए हो तुम्हारी बीवी कुल्हाड़ी लिए तुम्हारा इंतजार कर रही है
लड़का - हे प्रभु ये क्या हो गया आप जल्दी से पीछे बैठो भैंसा आज मैं चलाऊंगा 🤣🤣😂😂😂😂
❤8😁2
डॉक्टर :- इंजेक्शन लिखा था
क्यों नही खरीदा. ?
मरीज़ - शनिवार को सुई नही
खरीदते, शनिदेव नाराज़ हो
जाएंगे...
डॉक्टर- खरीद लो वरना यमराज
नाराज़ हो जाएंगे....🤣😁😆
😂😂😂😂😂😂😂
#smiling_on💖
क्यों नही खरीदा. ?
मरीज़ - शनिवार को सुई नही
खरीदते, शनिदेव नाराज़ हो
जाएंगे...
डॉक्टर- खरीद लो वरना यमराज
नाराज़ हो जाएंगे....🤣😁😆
😂😂😂😂😂😂😂
#smiling_on💖
😁7❤3
कुछ भूलना है मुझे कुछ याद रखना था,,,
वादा किया था तुमसे हमेशा साथ रखना था।
कभी मुकद्दर दगा दे गयी कभी मैं सम्भली नहीं,,,
जानती हूँ, तुम्हारे हाथों पर अपना हाथ रखना था..।
रूठना-मनाना तो चलता है रिश्तों में तुमने कहा था,,,
मुझे मनाना आता नहीं था तुम्हे याद रखना था..।
इतनी बेपरवाही भी तुम्हारी अच्छी नहीं थी,,
मुझे एहमियत देते जमाने को मेरे बाद रखना था..।
तुम्हे चाहिये थे जवाब मुझसे जो मेरी ख़ामोशियों को लेकर,,
तो पूछते मुझको जाने से पहले मेरे सामने सवाल रखना था।
गुस्ताखियाँ मैंने भी की थी कि जाने से तुमको रोका नहीं,,,
रोकती भी कैसे तुम्हे, तुम्हारी खुशी का भी ख़याल रखना था..।
#Maahiya💔🥀
#Pain....🥀
वादा किया था तुमसे हमेशा साथ रखना था।
कभी मुकद्दर दगा दे गयी कभी मैं सम्भली नहीं,,,
जानती हूँ, तुम्हारे हाथों पर अपना हाथ रखना था..।
रूठना-मनाना तो चलता है रिश्तों में तुमने कहा था,,,
मुझे मनाना आता नहीं था तुम्हे याद रखना था..।
इतनी बेपरवाही भी तुम्हारी अच्छी नहीं थी,,
मुझे एहमियत देते जमाने को मेरे बाद रखना था..।
तुम्हे चाहिये थे जवाब मुझसे जो मेरी ख़ामोशियों को लेकर,,
तो पूछते मुझको जाने से पहले मेरे सामने सवाल रखना था।
गुस्ताखियाँ मैंने भी की थी कि जाने से तुमको रोका नहीं,,,
रोकती भी कैसे तुम्हे, तुम्हारी खुशी का भी ख़याल रखना था..।
#Maahiya💔🥀
#Pain....🥀
❤9
रिश्ते शब्दों से नहीं...
समझ से चलते हैं...
कभी खुद से भी प्यार करना सीखो...
वो सबसे सच्चा इश्क़ होता है...
ज़रा आईने में झाँक कर देखो...
वहां सबसे करीबी दोस्त मिल जाएगा...
जो हर आंसू, हर मुस्कान...
बिना कहे समझ जाएगा...
दूसरों से पहले खुद को गले लगाना सीखो...
खुशियाँ बाहर नहीं...
अपने भीतर ढूँढ़ना सीखो...
क्योंकि...
जो खुद से वाक़िफ़ होता है...
वो ही इस दुनिया में...
सबसे हसीन महबूब होता है...
#Maahiya💞💕
समझ से चलते हैं...
कभी खुद से भी प्यार करना सीखो...
वो सबसे सच्चा इश्क़ होता है...
ज़रा आईने में झाँक कर देखो...
वहां सबसे करीबी दोस्त मिल जाएगा...
जो हर आंसू, हर मुस्कान...
बिना कहे समझ जाएगा...
दूसरों से पहले खुद को गले लगाना सीखो...
खुशियाँ बाहर नहीं...
अपने भीतर ढूँढ़ना सीखो...
क्योंकि...
जो खुद से वाक़िफ़ होता है...
वो ही इस दुनिया में...
सबसे हसीन महबूब होता है...
#Maahiya💞💕
❤8
ये बढ़ती उम्र बड़ी चंचल होती है,🤗
लगता है दिन में कई बार बदलती है,😚
सुबह ली अंगड़ाई तो कंधा चटका,🌸
ऐसा लगा वक़्त ने साठ पे ला पटका,👩🦯
जूते कसे और सैर कर डाली,🏃♀️
यूँ लगा जैसे उम्र पचास को होने वाली,🤓
होके तैयार कुछ मेकअप कर डाला,💅
दर्पण बोला तू चालीस की लगे बाला,🥰
रसोई में जाकर कचौड़ी तल डाली,🫕🥘
यूँ लगा जैसे उम्र हो तीस की मतवाली,😍
मिले दोस्त पुराने,दोहराए किस्से पुराने,👩❤️👩🤝
अरे मैं तो बीस जैसी लगी लहराने,💃
घर लौटी शाम को जब थक कर चूर,
यूँ लगा कि उम्र सत्तर भी कहाँ हैं दूर,👩🦽
ये बदलती उम्र दिन भर, हर दिन नयी तकनीक और पुराने अनुभव,😏
यही सिखाते हैं हर बार,💁🏻♀️
ज़िंदगी जी भर जी लो यार,👈
मौका मिले ना बार बार..!!!💓🦋🥀
#Maahiya❤️🌿
लगता है दिन में कई बार बदलती है,😚
सुबह ली अंगड़ाई तो कंधा चटका,🌸
ऐसा लगा वक़्त ने साठ पे ला पटका,👩🦯
जूते कसे और सैर कर डाली,🏃♀️
यूँ लगा जैसे उम्र पचास को होने वाली,🤓
होके तैयार कुछ मेकअप कर डाला,💅
दर्पण बोला तू चालीस की लगे बाला,🥰
रसोई में जाकर कचौड़ी तल डाली,🫕🥘
यूँ लगा जैसे उम्र हो तीस की मतवाली,😍
मिले दोस्त पुराने,दोहराए किस्से पुराने,👩❤️👩🤝
अरे मैं तो बीस जैसी लगी लहराने,💃
घर लौटी शाम को जब थक कर चूर,
यूँ लगा कि उम्र सत्तर भी कहाँ हैं दूर,👩🦽
ये बदलती उम्र दिन भर, हर दिन नयी तकनीक और पुराने अनुभव,😏
यही सिखाते हैं हर बार,💁🏻♀️
ज़िंदगी जी भर जी लो यार,👈
मौका मिले ना बार बार..!!!💓🦋🥀
#Maahiya❤️🌿
❤6👏1
"तुम जानते हो कि मैं शादीशुदा हूँ…"
ईरा ने धीरे से कहा, उसकी साँसें अब भी तेज़ थीं।
अमन उसके बेहद क़रीब खड़ा था। बस इतनी दूरी कि अगर वो एक साँस भी और लेती, तो उनके बीच का फ़ासला ख़त्म हो जाता।
"जानता हूँ," अमन ने नज़रें नहीं हटाईं, "लेकिन ये भी जानता हूँ कि तुम खुश नहीं हो। और मैं तुम्हें सिर्फ़ छूना नहीं चाहता, तुम्हें महसूस करना चाहता हूँ… पूरी तरह।"
ईरा की उंगलियाँ कांप रही थीं — डर से नहीं, उस एहसास से जो किसी को पहली बार असली रूप में देख लेने पर होता है।
उसकी शादी को पाँच साल हो चुके थे।
कबीर — उसका पति — कामयाब, सलीकेदार, और भावनाओं से दूर।
एक दिन कहा था:
"अगर तुम्हें वो सब चाहिए जो अब हमारे बीच नहीं रहा… तो ढूंढ लो किसी और में। मुझे कोई दिक्कत नहीं।”
और उस दिन के बाद, कुछ टूट गया था।
आज… अमन की आँखों में वो सब था — चाहत, ध्यान, जुड़ाव — जो कबीर की आँखों से ग़ायब हो चुका था।
"ये ठीक नहीं है," ईरा ने हल्की आवाज़ में कहा।
"तो फिर क्या ठीक है?" अमन का लहज़ा नरम था, लेकिन उसकी आँखों में आग थी। "तुमने कबीर से permission ली थी खुश रहने की? या बस जीती रही वैसे ही?"
ईरा ने नज़रें झुकाईं, लेकिन वो सवाल उसके भीतर उतर गया।
"मुझे तुम चाहिए," अमन बोला, "लेकिन सिर्फ़ जिस्म नहीं… तुम्हारा मन, तुम्हारा सच। मैं सब जानना चाहता हूँ।"
एक पल को चुप्पी छा गई।
बाहर बारिश हो रही थी।
कमरे में हल्की रौशनी और दीवारों पर चलती बूँदों की आवाज़।
अमन ने धीरे से ईरा की कलाई थामी — हल्के से।
उसकी पकड़ में कुछ था — इज़्ज़त। धैर्य। और एक गहरा आकर्षण।
ईरा ने पहली बार किसी के स्पर्श में ताक़त नहीं, समझदारी महसूस की।
और तभी —
फोन की स्क्रीन जगमगाई।
Kabir calling...
ईरा ने मोबाइल देखा। अंगूठा स्क्रीन पर रुका… फिर पीछे हटा।
"मत उठाओ" अमन ने कहा, "आज सिर्फ़ अपने दिल की सुनो।"
ईरा की साँसें भारी थीं।
कभी-कभी एक decision पूरी ज़िंदगी बदल देता है।
ईरा ने धीरे से कहा, उसकी साँसें अब भी तेज़ थीं।
अमन उसके बेहद क़रीब खड़ा था। बस इतनी दूरी कि अगर वो एक साँस भी और लेती, तो उनके बीच का फ़ासला ख़त्म हो जाता।
"जानता हूँ," अमन ने नज़रें नहीं हटाईं, "लेकिन ये भी जानता हूँ कि तुम खुश नहीं हो। और मैं तुम्हें सिर्फ़ छूना नहीं चाहता, तुम्हें महसूस करना चाहता हूँ… पूरी तरह।"
ईरा की उंगलियाँ कांप रही थीं — डर से नहीं, उस एहसास से जो किसी को पहली बार असली रूप में देख लेने पर होता है।
उसकी शादी को पाँच साल हो चुके थे।
कबीर — उसका पति — कामयाब, सलीकेदार, और भावनाओं से दूर।
एक दिन कहा था:
"अगर तुम्हें वो सब चाहिए जो अब हमारे बीच नहीं रहा… तो ढूंढ लो किसी और में। मुझे कोई दिक्कत नहीं।”
और उस दिन के बाद, कुछ टूट गया था।
आज… अमन की आँखों में वो सब था — चाहत, ध्यान, जुड़ाव — जो कबीर की आँखों से ग़ायब हो चुका था।
"ये ठीक नहीं है," ईरा ने हल्की आवाज़ में कहा।
"तो फिर क्या ठीक है?" अमन का लहज़ा नरम था, लेकिन उसकी आँखों में आग थी। "तुमने कबीर से permission ली थी खुश रहने की? या बस जीती रही वैसे ही?"
ईरा ने नज़रें झुकाईं, लेकिन वो सवाल उसके भीतर उतर गया।
"मुझे तुम चाहिए," अमन बोला, "लेकिन सिर्फ़ जिस्म नहीं… तुम्हारा मन, तुम्हारा सच। मैं सब जानना चाहता हूँ।"
एक पल को चुप्पी छा गई।
बाहर बारिश हो रही थी।
कमरे में हल्की रौशनी और दीवारों पर चलती बूँदों की आवाज़।
अमन ने धीरे से ईरा की कलाई थामी — हल्के से।
उसकी पकड़ में कुछ था — इज़्ज़त। धैर्य। और एक गहरा आकर्षण।
ईरा ने पहली बार किसी के स्पर्श में ताक़त नहीं, समझदारी महसूस की।
और तभी —
फोन की स्क्रीन जगमगाई।
Kabir calling...
ईरा ने मोबाइल देखा। अंगूठा स्क्रीन पर रुका… फिर पीछे हटा।
"मत उठाओ" अमन ने कहा, "आज सिर्फ़ अपने दिल की सुनो।"
ईरा की साँसें भारी थीं।
कभी-कभी एक decision पूरी ज़िंदगी बदल देता है।
❤8
वैसे किसी को इग्नोर करने की आदत तो नही है मेरी...
पर यकीन मानो अगर आपने मौका दिया है
तो जीत मेरी ही होगी...
#Maahiya💖🥀🔥
पर यकीन मानो अगर आपने मौका दिया है
तो जीत मेरी ही होगी...
#Maahiya💖🥀🔥
❤12
उठ जाता हैं भरोसा तो
दोबारा नही हो सकता,,,
जो आसुओं की वजह बने वो
कभी हमारा नही हो सकता,,
#sanatani_ishq...💖🥀
दोबारा नही हो सकता,,,
जो आसुओं की वजह बने वो
कभी हमारा नही हो सकता,,
#sanatani_ishq...💖🥀
❤13🔥2
प्रेम होता है रोज़ घंटों बात करना,
प्रेम होता है सुबह तक साथ मे जागना।
प्रेम होता है हफ्तों में, महीने में एक दफा बस हाल-चाल पूछ लेना।
प्रेम होता है उससे बात न करना।
प्रेम होता है उससे शिकायतें करना,
प्रेम होता है कोई शिकायत न करना भी।
प्रेम होता है बिना कुछ लिखे, बिना कुछ कहे बस केवल प्रेम करना भी।
प्रेम होता है, "मैं तुमसे प्रेम नहीं करता" कहना भी...।
प्रेम होता है, "मैं तुमसे प्रेम नहीं करती" सुनना भी।
#sanatani_ishq💖🥀
प्रेम होता है सुबह तक साथ मे जागना।
प्रेम होता है हफ्तों में, महीने में एक दफा बस हाल-चाल पूछ लेना।
प्रेम होता है उससे बात न करना।
प्रेम होता है उससे शिकायतें करना,
प्रेम होता है कोई शिकायत न करना भी।
प्रेम होता है बिना कुछ लिखे, बिना कुछ कहे बस केवल प्रेम करना भी।
प्रेम होता है, "मैं तुमसे प्रेम नहीं करता" कहना भी...।
प्रेम होता है, "मैं तुमसे प्रेम नहीं करती" सुनना भी।
#sanatani_ishq💖🥀
❤5🤔2
🤷🤷🤷
आज एक लडका बोला ...🫤
मैं तुम्हे देख लूँगा ..🙄🧐
मैने भी कह दिया 🫤मेरे घर मे भी शीशा हैं ..🫤😝
मैं खुद देख लूँगी ..🙈
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# उफ़ आया बडा मुझे देखने वाला ..🙄🤣
🤣🤣🤣🤣
#smiling_on💖🌿
आज एक लडका बोला ...🫤
मैं तुम्हे देख लूँगा ..🙄🧐
मैने भी कह दिया 🫤मेरे घर मे भी शीशा हैं ..🫤😝
मैं खुद देख लूँगी ..🙈
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# उफ़ आया बडा मुझे देखने वाला ..🙄🤣
🤣🤣🤣🤣
#smiling_on💖🌿
❤6🤣3🥰1