वो जो शक्श भीड़ से मुंह छिपाए बैठा है।
ना जाने मेरी कितनी वो नींद खाए बैठा है।
ना जाने क्या है कोई आंखो को जँचता ही नहीं तब से
जब से मेरे दिल मे वो घर बनाए बैठा है।
वो जो शक्श भीड़ से मुंह छिपाए बैठा है।
उसके सिवा दिल का कोई अरमान नही लगता..
वो मालिक सा है दिल का मेरे मेहमान नही लगता..
मैं देखती हूं सामने से सब कुछ थम सा जाता है..
वो भी मुझे देखकर खुद धड़कन बढ़ाए बैठा है।
वो जो शख्स भीड़ से मुंह छिपाए बैठा है।
बड़ा शातिर चोर है खुद को इल्जाम नही देता है..
मुझे सब कुछ देता है बस अपना नाम नही देता है..
एक मैं हू मुझे हर कहानी मे जिसकी तलाश है..
एक वो जो मेरे लिए गजले बनाए बैठा है..
वो जो शख्स भीड़ से मुंह छिपाए बैठा है..।
ना जाने कितनी मेरी जान खाए बैठा है..।।
#foryou💞
#Maahiya ❤️🥀
ना जाने मेरी कितनी वो नींद खाए बैठा है।
ना जाने क्या है कोई आंखो को जँचता ही नहीं तब से
जब से मेरे दिल मे वो घर बनाए बैठा है।
वो जो शक्श भीड़ से मुंह छिपाए बैठा है।
उसके सिवा दिल का कोई अरमान नही लगता..
वो मालिक सा है दिल का मेरे मेहमान नही लगता..
मैं देखती हूं सामने से सब कुछ थम सा जाता है..
वो भी मुझे देखकर खुद धड़कन बढ़ाए बैठा है।
वो जो शख्स भीड़ से मुंह छिपाए बैठा है।
बड़ा शातिर चोर है खुद को इल्जाम नही देता है..
मुझे सब कुछ देता है बस अपना नाम नही देता है..
एक मैं हू मुझे हर कहानी मे जिसकी तलाश है..
एक वो जो मेरे लिए गजले बनाए बैठा है..
वो जो शख्स भीड़ से मुंह छिपाए बैठा है..।
ना जाने कितनी मेरी जान खाए बैठा है..।।
#foryou💞
#Maahiya ❤️🥀
❤22😢5👍2
दोहरा रहा हूँ बात पुरानी कही हुई
तस्वीर तेरे घर में थी मेरी लगी हुई
इन बद-नसीब आँखों ने देखी है बार बार
दीवार में ग़रीब की ख़्वाहिश चुनी हुई
ताज़ा ग़ज़ल ज़रूरी है महफ़िल के वास्ते
सुनता नहीं है कोई दोबारा सुनी हुई
मुद्दत से कोई दूसरा रहता है हम नहीं
दरवाज़े पर हमारी है तख़्ती लगी हुई
जब तक है डोर हाथ में तब तक का खेल है
देखी तो होंगी तुम ने पतंगें कटी हुई
जिस की जुदाई ने मुझे शाइर बना दिया
पढ़ता हूँ मैं ग़ज़ल भी उसी की लिखी हुई
लगता है जैसे घर में नहीं हूँ मैं क़ैद हूँ
मिलती हैं रोटियाँ भी जहाँ पर गिनी हुई
साँसों के आने जाने पे चलता है कारोबार
छूता नहीं है कोई भी हाँडी जली हुई
ये ज़ख़्म का निशान है जाएगा देर से
छुटती नहीं है जल्दी से मेहंदी लगी हुई
"मुनव्वर राना"✍
तस्वीर तेरे घर में थी मेरी लगी हुई
इन बद-नसीब आँखों ने देखी है बार बार
दीवार में ग़रीब की ख़्वाहिश चुनी हुई
ताज़ा ग़ज़ल ज़रूरी है महफ़िल के वास्ते
सुनता नहीं है कोई दोबारा सुनी हुई
मुद्दत से कोई दूसरा रहता है हम नहीं
दरवाज़े पर हमारी है तख़्ती लगी हुई
जब तक है डोर हाथ में तब तक का खेल है
देखी तो होंगी तुम ने पतंगें कटी हुई
जिस की जुदाई ने मुझे शाइर बना दिया
पढ़ता हूँ मैं ग़ज़ल भी उसी की लिखी हुई
लगता है जैसे घर में नहीं हूँ मैं क़ैद हूँ
मिलती हैं रोटियाँ भी जहाँ पर गिनी हुई
साँसों के आने जाने पे चलता है कारोबार
छूता नहीं है कोई भी हाँडी जली हुई
ये ज़ख़्म का निशान है जाएगा देर से
छुटती नहीं है जल्दी से मेहंदी लगी हुई
"मुनव्वर राना"✍
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मुझे यकीन होता जा रहा है कि ब्रह्मांड की शुरुआत महाविस्फोट से नहीं...
किसी बड़े चाय के भगौने से हुई थी या चाय पीते पीते ही सृजन का विचार आया होगा...
अगर दुर्योधन को सुबह एक कप चाय मिल जाती तो वो खुद कहता—"हस्तिनापुर तुम्हीं रखो युधिष्ठिर!
"श्रीकृष्ण ने भी कहा था—कर्म करो... और चाय पियो..!😁
#just_a_joke😁
#tea_lover☕💖
किसी बड़े चाय के भगौने से हुई थी या चाय पीते पीते ही सृजन का विचार आया होगा...
अगर दुर्योधन को सुबह एक कप चाय मिल जाती तो वो खुद कहता—"हस्तिनापुर तुम्हीं रखो युधिष्ठिर!
"श्रीकृष्ण ने भी कहा था—कर्म करो... और चाय पियो..!😁
#just_a_joke😁
#tea_lover☕💖
❤5😁3
पुरानी हिन्दी फिल्मों के मशहूर डायलाग------
(नोट: डायलाग 16-17 को एक सास में मत पढ़ लेना 😜)
1. बेटा, हाथ मुंह धो ले , तब तक मैं खाना लगाती हूं।
2:मैंने इंजेक्शन दे दिया है , कल सुबह तक इन्हें होश आ जाएगा ।
3. अगले 24घंटे नाजुक हैं , भगवान से प्रार्थना करिए ।
6. ये तो खुशी के आंसू हैं बेटा ।
7.ये लो ब्लैंक चेक , अपनी कीमत लिख लो और मेरी बेटी को भूल जाओ ।
8. मीट माई सन विक्की, आज ही विलायत से पढ़ाई पूरी करके लौटा है ।
9.एहसान कैसा मांजी , यह तो मेरा फर्ज था ।
10.मैं उस लड़की का गरूर तोड़ कर रहूंगा ।
11. यह अदालत जज्बातों से नहीं सबूतों से चलती है ।
12. मेरे फाजिल दोस्त अदालत का कीमती वक्त जाया कर रहे हैं मी लार्ड।
13.ड्राईवर , उस गाड़ी का पीछा करो ।
14.मैं इधर से गुजर रहा था सोचा आपसे मिलता चलूं ।
15. इनसे मिलिए शहर के जाने माने बिजनेसमैन ।
16.सारे सबूतों और गवाहों के बयानों के मद्देनजर अदालत इस नतीजे पर पहुंची है कि....
17. मैं तुम्हारे बच्चे की मां बनने वाली हूं ।
18. पता नहीं यह किसका पाप है....
19. आप इन्हें सही समय पर ले आए हैं । अगर थोड़ी देर और हो जाती तो इनका बचना मुश्किल था।
20. हमने तुम्हें चारों तरफ से घेर लिया है खुद को चुपचाप पुलिस के हवाले कर दो।
21.मैंने तुम्हारे लिए गाजर का हलवा बनाया है ।
22.अरे कन्या को बुलाइए मुहूर्त का वक्त निकला जा रहा है ।
23. आज खुश तो बहुत होगे भगवान.।
24. हे भगवान ये देखने से पहले मैं मर क्यों नहीं गयी।
#smiling_on💖
🙊🙊🙊😁😄
(नोट: डायलाग 16-17 को एक सास में मत पढ़ लेना 😜)
1. बेटा, हाथ मुंह धो ले , तब तक मैं खाना लगाती हूं।
2:मैंने इंजेक्शन दे दिया है , कल सुबह तक इन्हें होश आ जाएगा ।
3. अगले 24घंटे नाजुक हैं , भगवान से प्रार्थना करिए ।
6. ये तो खुशी के आंसू हैं बेटा ।
7.ये लो ब्लैंक चेक , अपनी कीमत लिख लो और मेरी बेटी को भूल जाओ ।
8. मीट माई सन विक्की, आज ही विलायत से पढ़ाई पूरी करके लौटा है ।
9.एहसान कैसा मांजी , यह तो मेरा फर्ज था ।
10.मैं उस लड़की का गरूर तोड़ कर रहूंगा ।
11. यह अदालत जज्बातों से नहीं सबूतों से चलती है ।
12. मेरे फाजिल दोस्त अदालत का कीमती वक्त जाया कर रहे हैं मी लार्ड।
13.ड्राईवर , उस गाड़ी का पीछा करो ।
14.मैं इधर से गुजर रहा था सोचा आपसे मिलता चलूं ।
15. इनसे मिलिए शहर के जाने माने बिजनेसमैन ।
16.सारे सबूतों और गवाहों के बयानों के मद्देनजर अदालत इस नतीजे पर पहुंची है कि....
17. मैं तुम्हारे बच्चे की मां बनने वाली हूं ।
18. पता नहीं यह किसका पाप है....
19. आप इन्हें सही समय पर ले आए हैं । अगर थोड़ी देर और हो जाती तो इनका बचना मुश्किल था।
20. हमने तुम्हें चारों तरफ से घेर लिया है खुद को चुपचाप पुलिस के हवाले कर दो।
21.मैंने तुम्हारे लिए गाजर का हलवा बनाया है ।
22.अरे कन्या को बुलाइए मुहूर्त का वक्त निकला जा रहा है ।
23. आज खुश तो बहुत होगे भगवान.।
24. हे भगवान ये देखने से पहले मैं मर क्यों नहीं गयी।
#smiling_on💖
🙊🙊🙊😁😄
❤12😁11🥰3
दोस्तों डाक्टरवा kahale बा नू की हमर एगो कान खराब हो gyil बा ऑपरेशन करे के पड़ी 🥺
Lagta हम ढेर दिन ना जिए paib हो
यही से जितना दिन telegram
Pe Bani हाँस bol ke बीता लही सब जाने
😜😛😁😁
#smiling_on💖
Lagta हम ढेर दिन ना जिए paib हो
यही से जितना दिन telegram
Pe Bani हाँस bol ke बीता लही सब जाने
😜😛😁😁
#smiling_on💖
😁11❤4👍4
तुम वादे मुहब्बत के निभा क्यूं नहीं देते,
दीवार ये नफ़रत की' हटा क्यूं नहीं देते..।
हर ज़ख्म हुआ फिर से हरा याद में तेरी,
यह दर्द मेरा तुम ही मिटा क्यूं नहीं देते..।
अब रूह भटकती न रहे बाद मरने के
अफ़सोस के दो अश्क अभी बहा क्यूं नहीं देते..।
दिल तोड़ दिया तुमने मेरा करके पराया,
नज़रों से भी तुम मुझको गिरा क्यूं नहीं देते..।
दिल सच में अगर मैनें सताया है तुम्हारा,
बदले में सज़ा मुझको'सुना क्यूं नहीं देते..।
जब याद तलक तुमको मेरी आती नहीं है,
तस्वीर मेरी हाय जला क्यूं नहीं देते..।
शिद्दत से वफ़ा मैनें मुहब्बत में निभाई,
इल्ज़ाम यही मुझपे लगा क्यूं नहीं देते..।
माहिया तेरी दुनिया के तरफ़दार बहुत है,
इस शख्स की हस्ती को मिटा क्यूं नहीं देते...।।
#Maahiya 💔🥀✨
दीवार ये नफ़रत की' हटा क्यूं नहीं देते..।
हर ज़ख्म हुआ फिर से हरा याद में तेरी,
यह दर्द मेरा तुम ही मिटा क्यूं नहीं देते..।
अब रूह भटकती न रहे बाद मरने के
अफ़सोस के दो अश्क अभी बहा क्यूं नहीं देते..।
दिल तोड़ दिया तुमने मेरा करके पराया,
नज़रों से भी तुम मुझको गिरा क्यूं नहीं देते..।
दिल सच में अगर मैनें सताया है तुम्हारा,
बदले में सज़ा मुझको'सुना क्यूं नहीं देते..।
जब याद तलक तुमको मेरी आती नहीं है,
तस्वीर मेरी हाय जला क्यूं नहीं देते..।
शिद्दत से वफ़ा मैनें मुहब्बत में निभाई,
इल्ज़ाम यही मुझपे लगा क्यूं नहीं देते..।
माहिया तेरी दुनिया के तरफ़दार बहुत है,
इस शख्स की हस्ती को मिटा क्यूं नहीं देते...।।
#Maahiya 💔🥀✨
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Happy independence day to all 🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🍫🍫🍫
❤17
औरतों के काम कभी खत्म नहीं हुए
घर के काम
बाहर के काम
दफ़्तर के काम
ये भी तुम्हारा काम
वो भी तुम्हारा काम
घूमने जाने से पहले के काम
घूम के आने के बाद के काम
कुछ की गिनती भी नहीं
ऐसे काम
ये भी कोई काम जैसा काम
मन से किए काम
बेमन से किए काम
अपने काम से काम
काम भी एक काम
मरने की भी फ़ुर्सत नहीं
इतने काम
ये कहते कहते
एक दिन आ गईं
मृत्यु शैय्या पर
जब कर नहीं सकती कोई काम
जब कह नहीं सकता कोई
कि ज़रा करना तो ये काम
तब भी सोचती होंगी मन में
कहीं छूट तो नहीं गया कोई काम
कि निकलते निकलते निबटा लेती ये काम
कि बाद में ये न कह दे कोई
कर के नहीं गई ये काम
औरतें कहीं भी गईं
काम से गई
औरतें कहीं से भी लौटीं
काम पर ही लौटीं ।।
#shubhshagun
घर के काम
बाहर के काम
दफ़्तर के काम
ये भी तुम्हारा काम
वो भी तुम्हारा काम
घूमने जाने से पहले के काम
घूम के आने के बाद के काम
कुछ की गिनती भी नहीं
ऐसे काम
ये भी कोई काम जैसा काम
मन से किए काम
बेमन से किए काम
अपने काम से काम
काम भी एक काम
मरने की भी फ़ुर्सत नहीं
इतने काम
ये कहते कहते
एक दिन आ गईं
मृत्यु शैय्या पर
जब कर नहीं सकती कोई काम
जब कह नहीं सकता कोई
कि ज़रा करना तो ये काम
तब भी सोचती होंगी मन में
कहीं छूट तो नहीं गया कोई काम
कि निकलते निकलते निबटा लेती ये काम
कि बाद में ये न कह दे कोई
कर के नहीं गई ये काम
औरतें कहीं भी गईं
काम से गई
औरतें कहीं से भी लौटीं
काम पर ही लौटीं ।।
#shubhshagun
❤18😢5😁2
✨ “रिश्ते निभाने का ज्ञान हमें ना दे,
क्योंकि हम तो उनसे भी हँसकर बात करते हैं 😊
जो मन में हमारे प्रति ज़हर भरकर बैठे हुए हैं 🐍💔।”
#Maahiya🔥💯🌹
क्योंकि हम तो उनसे भी हँसकर बात करते हैं 😊
जो मन में हमारे प्रति ज़हर भरकर बैठे हुए हैं 🐍💔।”
#Maahiya🔥💯🌹
❤8👍7