कभी-कभी ज़िंदगी ऐसे मोड़ पर लाकर खड़ा कर देती है कि
न रास्ता साफ़ दिखता है, न किसी सहारे पर भरोसा बन पाता है।
चारों तरफ़ लोग होते हैं, आवाज़ें होती हैं,
पर मन के भीतर एक अजीब-सी उलझन बनी रहती है, एक अजीब तरह का कोलाहल चल रहा होता है ।
समझ नहीं आता कि आगे बढ़ें या यहीं ठहर जाएँ।
ऐसे वक़्त में धीरे-धीरे ये समझ आता है
कि हर मोड़ पर किसी का हाथ थाम लेना ज़रूरी नहीं होता।
कभी-कभी बस खुद को संभाल लेना ही सबसे बड़ा सहारा बन जाता है।
रास्ते अपने आप नहीं खुलते,
पर जब चलने की हिम्मत आ जाए,
तो दिशा मिल ही जाती है।
@Sanatani_ishq ❤️🩹🥀
न रास्ता साफ़ दिखता है, न किसी सहारे पर भरोसा बन पाता है।
चारों तरफ़ लोग होते हैं, आवाज़ें होती हैं,
पर मन के भीतर एक अजीब-सी उलझन बनी रहती है, एक अजीब तरह का कोलाहल चल रहा होता है ।
समझ नहीं आता कि आगे बढ़ें या यहीं ठहर जाएँ।
ऐसे वक़्त में धीरे-धीरे ये समझ आता है
कि हर मोड़ पर किसी का हाथ थाम लेना ज़रूरी नहीं होता।
कभी-कभी बस खुद को संभाल लेना ही सबसे बड़ा सहारा बन जाता है।
रास्ते अपने आप नहीं खुलते,
पर जब चलने की हिम्मत आ जाए,
तो दिशा मिल ही जाती है।
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👍10❤7
Sadma toh hai mujhe bhi ke tujh se juda hoon main
Lekin ye sochta hoon k ab tera kya hoon main 😔
@AMAN_AP
༺♥️༻
Lekin ye sochta hoon k ab tera kya hoon main 😔
@AMAN_AP
༺♥️༻
❤6
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Morning chai with beautiful Gazal ☕️😊
❤1
Bahut lambi guftgu karni hai mujhe tum se
Tum aa jao mere pass puri zindagi le kar ... ♥️
@AMAN_AP
༺♥️༻
Tum aa jao mere pass puri zindagi le kar ... ♥️
@AMAN_AP
༺♥️༻
❤8
😜😜
एक बार एक पिता ने अपने छोटे बेटे
को पीटा। बेटे ने रोना शुरु किया तो पिता ने
कहा……… sorry
बेटे ने पिता के हाथ में एक काग़ज़ दिया और बोला….
“इसे लीजिए, fold करके हथेली से मसल डालिए और इसे कहिए ‘सौरी……..
क्या वह पहले की तरह हो जाएगा” ……….?
पिता उसे बाहर ले गये और कहा…….”ये है मेरा स्कूटर , बिना किक मारे स्टार्ट करने की कोशिश कर ।
हुआ………?
नहीं ना ………..?
अब इसे दो-चार किक मार,
हुआ ना सटार्ट !
कमीने ! तू भी स्कूटर है, पेपर नहीं ! आगे से तेरे ये टेलीग्राम और what’s app
वाले ज्ञान अपने बाप को मत देना।
समझे” ………..!!😛
🤣🤣🤣
@smiling_on 💖🌿
एक बार एक पिता ने अपने छोटे बेटे
को पीटा। बेटे ने रोना शुरु किया तो पिता ने
कहा……… sorry
बेटे ने पिता के हाथ में एक काग़ज़ दिया और बोला….
“इसे लीजिए, fold करके हथेली से मसल डालिए और इसे कहिए ‘सौरी……..
क्या वह पहले की तरह हो जाएगा” ……….?
पिता उसे बाहर ले गये और कहा…….”ये है मेरा स्कूटर , बिना किक मारे स्टार्ट करने की कोशिश कर ।
हुआ………?
नहीं ना ………..?
अब इसे दो-चार किक मार,
हुआ ना सटार्ट !
कमीने ! तू भी स्कूटर है, पेपर नहीं ! आगे से तेरे ये टेलीग्राम और what’s app
वाले ज्ञान अपने बाप को मत देना।
समझे” ………..!!😛
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