☘️🌸 ज्ञान 🌸☘️
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🎲 Quiz '🌿🌿🌿😍📚BIOLOGY QUISE🌿🌿🌿🤗📚💫'
🌱🌾🌿. 🪴☘️' By :- @SINGHCLASSS🔥 🥰खामोश बैठें तो लोग कहते हैं उदासी अच्छी नहीं, जरा-सा हंस लें तो मुस्कुराने की वजह पूछते हैं...!!😌♥️📚💫
🖊 13 questions · ⏱ 15 sec
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🎲 Quiz '🎯🔰महत्वपूर्ण अनुच्छेद🔰🎯'
🙏हर हर महादेव🙏 रिश्ता वहीश्रेष्ठ हैं जिसमें शब्द कम और विश्वास ज्यादा हो अहंकार कम प्रेम ज्यादा हो ❤️♻️ https://t.me/singhclasss
🖊 14 questions · ⏱ 15 sec
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🎲 Quiz '🔰नृत्यर्और नर्तक🔰'
ना सुख खरीद पाता हूं ना दुख बेच पाता हूं फिर भी न जाने क्यों ? हर रोज कमाने निकल जाता हूं🤞 https://t.me/singhclasss 🦚❤️राधे राधे❤️🦚
🖊 12 questions · ⏱ 15 sec
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आपका हस्तलेखन (hand writting) खराब है तो जरूरी नहीं कि आप बौद्धिक रूप से कमतर हैं। जिन लोगों ने देश का संविधान लिखा है, वे तो उच्च स्तर के बुद्धिजीवी लोग थे।
हालांकि हस्ताक्षर का राइटिंग से कोई संबंध नहीं होता, फिर भी संविधान की मूल प्रति पर किए गए इन हस्ताक्षर से उनकी राइटिंग का अनुमान लगाया ही जा सकता है।

ध्यान रहे कि 24 जनवरी, 1950 को हुई संविधान सभा की अंतिम बैठक में संविधान की 3️⃣ मूल प्रतियों (2 अंग्रेज़ी और 1 हिंदी) पर 284 सदस्यों ने हस्ताक्षर किये थे। इनमें पहले हस्ताक्षर डॉ राजेन्द्र प्रसाद के थे और अंतिम सुन्दरलाल के। हस्ताक्षर करने वाली पहली महिला अम्मू स्वामीनाथन थी।

नीचे दी गई फोटोज़ का अवलोकन करें ।👇
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☘️🌸 ज्ञान 🌸☘️ pinned «आपका हस्तलेखन (hand writting) खराब है तो जरूरी नहीं कि आप बौद्धिक रूप से कमतर हैं। जिन लोगों ने देश का संविधान लिखा है, वे तो उच्च स्तर के बुद्धिजीवी लोग थे। हालांकि हस्ताक्षर का राइटिंग से कोई संबंध नहीं होता, फिर भी संविधान की मूल प्रति पर किए गए इन हस्ताक्षर…»
🎲 Quiz '🔰♻️करंट अफेयर्स♻️🔰'
🔰♻️करंट अफेयर्स♻️🔰 Nobody answered ❤️🙏जय सियाराम🙏❤️♻️ जितना खामोश रहो उतना ही बेहतर है, क्योंकि लोग शब्दों के गलत अर्थ, निकालने के विशेषज्ञ होते हैं।🤞👌 https://t.me/singhclasss
🖊 51 questions · ⏱ 15 sec
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यह उस समय की बात है जब भारत में अंग्रेजों का शासन था। खचाखच भरी एक रेलगाड़ी चली जा रही थी। यात्रियों में अधिकतर अंग्रेज थे। एक डिब्बे में एक भारतीय मुसाफिर गंभीर मुद्रा में बैठा था। वहां बैठे अंग्रेज उसे मूर्ख और अनपढ़ समझ रहे थे। अचानक उस व्यक्ति ने उठकर गाड़ी की जंजीर खींच दी। तेज रफ्तार में दौड़ती वह गाड़ी तत्काल रुक गई।

सभी यात्री उसे भला-बुरा कहने लगे। थोड़ी देर में गार्ड भी आ गया और उसने पूछा, ‘जंजीर किसने खींची है?’ उस व्यक्ति ने उत्तर दिया, ‘मैंने खींची है।’ कारण पूछने पर उसने बताया, ‘मेरा अनुमान है कि यहां से लगभग एक फर्लांग की दूरी पर रेल की पटरी उखड़ी हुई है।’ गार्ड ने पूछा, ‘आपको कैसे पता चला?’ वह बोला, ‘श्रीमान! मैंने अनुभव किया कि गाड़ी की स्वाभाविक गति में अंतर आ गया है। पटरी से गूंजने वाली आवाज की गति से मुझे खतरे का आभास हो रहा है।’

गार्ड उस व्यक्ति को साथ लेकर जब कुछ दूरी पर पहुंचा तो यह देखकर दंग रहा गया कि वास्तव में एक जगह से रेल की पटरी के जोड़ खुले हुए हैं और सब नट-बोल्ट अलग बिखरे पड़े हैं। दूसरे यात्री भी वहां आ पहुंचे। जब लोगों को पता चला कि उस व्यक्ति की सूझबूझ के कारण उनकी जान बच गई है तो वे उसकी प्रशंसा करने लगे। गार्ड ने पूछा, ‘आप कौन हैं?’ उस व्यक्ति ने कहा, ‘मैं एक इंजीनियर हूं और मेरा नाम है डॉ॰ एम. विश्वेश्वरैया।’ नाम सुन सब स्तब्ध रह गए। ट्रेन में बैठे सारे लोग उनसे माफी मांगने लगे। तब डॉ. विश्वेश्वरैया ने उत्तर दिया, 'आप सब ने मुझे जो कुछ भी कहा होगा, मुझे तो बिल्कुल याद नहीं है।

कृष्णराजसागर बांध, भद्रावती स्टील प्लांट, मैसूर विश्वविद्यालय, बैंक ऑफ मैसूर तथा अर्थव्यवस्था में अभूतपूर्व योगदान देने वाले, तथा 1906 में केशरेहिन्द तथा 1955 में भारत रत्न प्राप्त मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया का जन्म आज ही के दिन 15 सितंबर,1860 को हुआ था... इस कारण आज का दिवस "अभियंता दिवस"के रूप में मनाया जाता है।
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🎲 Quiz '♻️2025 के पुरस्कार एवं सम्मान♻️'
♻️❤️🦚जय सियाराम🦚❤️♻️ ♻️❤️दूसरों के दोषों पर पीएचडी करने से बेहतर है कि हम खुद की मानसिकता पर ग्रेजुएशन ही कर लें।🤞🦋🩷 https://t.me/singhclasss
🖊 34 questions · ⏱ 15 sec
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☘️🌸 ज्ञान 🌸☘️ pinned «यह उस समय की बात है जब भारत में अंग्रेजों का शासन था। खचाखच भरी एक रेलगाड़ी चली जा रही थी। यात्रियों में अधिकतर अंग्रेज थे। एक डिब्बे में एक भारतीय मुसाफिर गंभीर मुद्रा में बैठा था। वहां बैठे अंग्रेज उसे मूर्ख और अनपढ़ समझ रहे थे। अचानक उस व्यक्ति ने उठकर…»