☘️🌸 ज्ञान 🌸☘️
826 subscribers
319 photos
144 videos
9 files
475 links
Welcome To ❤️[ ज्ञान ]🌾 Study [📚]

Best Education Channel On Telegram For The Preparation Of All Exam <|3 📚

Important On Liner's Gk [✍️]

Practice 📌 @Examnewline

𝗢𝘄𝗻𝗲𝗿 <|3 🌷 🇮🇳 [🖤]

Join For Daily Quiz Channel 📌

Send Join Request <|3 👇
Download Telegram
मॉन्टेग्यू घोषणा : 20 अगस्त 1917

आज ही के दिन 20 अगस्त, 1917 को ब्रिटेन के तत्कालीन भारत सचिव एडविन मॉन्टेग्यू (Edwin Montagu) ने ब्रिटिश संसद में मॉन्टेग्यू घोषणा की। मॉन्टेग्यू घोषणा को आमतौर पर 1917 की अगस्त घोषणा भी कहा जाता है।

घोषणा की मुख्य बातें:
1. ब्रिटिश सरकार का उद्देश्य भारत में क्रमशः उत्तरदायी शासन स्थापित करना था।
2. भारतीयों को शासन में अधिक भागीदारी देने का वादा किया गया।
3. यह पहला अवसर था जब ब्रिटिश सरकार ने भारत में स्वशासन की दिशा में आधिकारिक घोषणा की। हालांकि इसमें ‘धीरे-धीरे’ शब्द का प्रयोग करके भविष्य को अनिश्चित और लम्बा बना दिया गया।

ऐतिहासिक महत्व:
यह घोषणा भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जाती है। इसके आधार पर मॉन्टेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार (Montagu-Chelmsford Reforms) तैयार हुए जिनके परिणामस्वरूप भारत सरकार अधिनियम, 1919 लागू हुआ।
❤3👍3
☘️🌸 ज्ञान 🌸☘️ pinned «मॉन्टेग्यू घोषणा : 20 अगस्त 1917 आज ही के दिन 20 अगस्त, 1917 को ब्रिटेन के तत्कालीन भारत सचिव एडविन मॉन्टेग्यू (Edwin Montagu) ने ब्रिटिश संसद में मॉन्टेग्यू घोषणा की। मॉन्टेग्यू घोषणा को आमतौर पर 1917 की अगस्त घोषणा भी कहा जाता है। घोषणा की मुख्य बातें:…»
एक धनात्मक संख्या तथा उसके घन का योग 10 है। संख्या का मान क्या है?
Anonymous Quiz
22%
1
56%
2
17%
3
6%
4
❤2😁1
मनुष्य की गृहणी में छोड़े जाने वाला अग्नाशयी रस का एक तत्व है -
Anonymous Quiz
25%
टिप्सिनोजन
44%
ट्रिप्सिन
31%
काइमोट्रिप्सिन
❤5
वर्तमान समय में केंद्र और राज्यों के बीच जिस तरीके से खींचतान चल रही है, लगता है कि सरकारिया आयोग और पूँछी आयोग की तरह जल्द ही केंद्र - राज्य संबंधों पर कोई नया आयोग (इसका गठन सरकार करती है) गठित होने वाला है।

जहाँ केंद्र सरकार राज्यों पर नियंत्रण के नए तरीक़े तलाश रही है, वहीं सुप्रीम कोर्ट इस मुद्दे पर सरकार के सामने एक बड़ी बाधा के रूप में खड़ा है। इन सबके बीच फँसा हुआ राज्यपाल का पद एक बार फिर सुर्खियों में है।

ध्यान रहे कि राज्यपाल पद के संबंध में एस आर बोम्मई केस, 1994 के फैसले ने मानक स्थापित किए थे। अगर ये टकराव ऐसे ही चलता रहा तो संभव है कि ऐसा ही कोई और फैसला ( सुप्रीम कोर्ट की तरफ़ से) जल्द ही सामने आए।
❤7
2025 में भारत के किस खिलाड़ी ने ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीता?
Which Indian athlete won Olympic gold in 2025?

👍A) पी.वी. सिंधु (P.V. Sindhu)

❤️B) नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra)

😮C) सौरव घोषाल (Saurav Ghosal)

🙏D) अवनि लेखरा (Avani Lekhara)

Answer With Emojis ❣️
❤6
🎲 Quiz '🛑GEOGRAPHYONE LINER🛑'
जीवन का सबसे बड़ा गुरु वक्त होता है क्योंकि जो वक्त ⏰सिखाता है वह कोई नहीं सीखा 🕰सकता,🤞🤞 https://t.me/singhclasss
🖊 31 questions · ⏱ 15 sec
💯4👏3
दुनिया में हर चीज ठोकर लगने से टूट जाती है ,
एक सफलता ही है जो ठोकर लगने से मिलती है। 💯❤

शुभ रात्रि प्रिय मित्रों" 🫂❤😊
👍5✍2
☘️🌸 ज्ञान 🌸☘️ pinned «दुनिया में हर चीज ठोकर लगने से टूट जाती है , एक सफलता ही है जो ठोकर लगने से मिलती है। 💯❤ शुभ रात्रि प्रिय मित्रों" 🫂❤😊»
🎲 Quiz '🌝🌸" एक अच्छे विद्यार्थी के आवश्यक गुण " 🌸🌝'
दुनिया में हर चीज ठोकर लगने से टूट जाती है ,.... एक सफलता ही है जो ठोकर लगने से मिलती है...!!💯❤😊https://t.me/singhclasss
🖊 11 questions · ⏱ 15 sec
👍3❤2🔥1
राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस: 23 अगस्त

आज ही के दिन 23 अगस्त, 2023 को भारत के चंद्रयान-3 ने चंद्रमा 🌔 के दक्षिण ध्रुव पर सफल लैंडिंग की थी। इस उपलब्धि को यादगार बनाने के लिए इस तिथि को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के रूप में घोषित किया गया।

चंद्रयान-3 को एलवीएम3 रॉकेट की मदद से श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष स्टेशन से 14 जुलाई 2023 को लॉन्च किया गया था। चंद्रयान-3 मिशन इसरो की बहुत बड़ी सफलता रही।

चंद्रयान 3 से जुड़े कुछ नाम जो बेहद प्रसिद्ध हुए-
विक्रम - लैंडर
प्रज्ञान - रोवर
❤6🔥2
के. एस. पुत्तास्वामी बनाम भारत संघ वाद
24 अगस्त, 2017

के. एस. पुत्तास्वामी बनाम भारत संघ मामला भारतीय संवैधानिक इतिहास का एक ऐतिहासिक फैसला है। इसे निजता के अधिकार का मामला (Right to Privacy Case) भी कहा जाता है।
इस केस पर फैसला 2017 में आज ही के दिन आया था।

पृष्ठभूमि:
यह मामला सेवानिवृत्त न्यायाधीश के. एस. पुत्तास्वामी(कर्नाटक उच्च न्यायालय) द्वारा दायर रिट याचिका से शुरू हुआ। मामला आधार योजना (Aadhaar Scheme) से जुड़ा था। याचिकाकर्ता ने कहा कि आधार के लिए बायोमेट्रिक और व्यक्तिगत डेटा लेना नागरिकों की गोपनीयता (Privacy) के अधिकार का उल्लंघन करता है।

मुख्य मुद्दा:
सवाल यह था कि क्या भारत के संविधान में निजता (Privacy) को एक मौलिक अधिकार माना जा सकता है तथा क्या आधार जैसी योजनाएँ नागरिकों की स्वतंत्रता और गोपनीयता का अतिक्रमण करती हैं?

निर्णय:
भारत के सर्वोच्च न्यायालय की 9 न्यायाधीशों की संवैधानिक पीठ ने सर्वसम्मति (9:0) से फैसला दिया।
कोर्ट ने अपने फ़ैसले में कहा:

1. निजता (Right to Privacy) भारतीय संविधान के तहत एक मौलिक अधिकार है।
2. यह अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार) से प्रवाहित होता है।
3. निजता लोकतंत्र और मानव गरिमा का आवश्यक हिस्सा है।
4. यह अधिकार पूर्ण (absolute) नहीं है; राज्य कानूनन और उचित कारण से इसे सीमित कर सकता है (जैसे राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था, अपराध रोकथाम आदि)।
5. आधार योजना के लिए व्यक्तिगत जानकारी और बायोमैट्रिक का उपयोग किया जा सकता है लेकिन इन डेटा की सुरक्षा और गोपनीयता की जिम्मेदारी सरकार की है और वह इस हेतु पर्याप्त उपाय करेगी।

इस फैसले ने भारतीय लोकतंत्र में निजता को मौलिक अधिकार के रूप में स्थापित कर दिया।
❤5
🎲 Quiz '🌺✨✨Science✨✨🌺'
खुद को इतना मजबूत बना ले ।।💥😎💯हर मुश्किल का हल निकाल ले।।💞🤗 रुकना नहीं किसी भी हाल में,बस अपनी तकदीर बदल ले।।🌺😻♥️
🖊 26 questions · ⏱ 15 sec
❤4👍2
भारत माता के वीर सपूत देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले महान क्रांतिकारी देशभक्त अमर शहीद शिवराम हरी राजगुरु जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटी नमन। 🙏❤

उनका त्याग और वीरता सदा हमें राष्ट्र प्रेम और कर्तव्य पथ पर प्रेरित करती रहेगी। ✨
❤3👍2👏2
🎲 Quiz '🎯सभी प्रतियोगिता परीक्षा के लिए प्रश्नोत्तर 🎯''
🦚राधे राधे🦚 वक्त जब फैसला लेता है तो जज को भी कभी-कभी अपने लिए वकील खड़े करने पड़ते हैं 🤞🤞 https://t.me/singhclasss
🖊 23 questions · ⏱ 15 sec
👍3❤1
🎲 Quiz '🖋️📚Get ready for quizzes 🌺😻biology🌺😻📚💯🖋️😻💫'
https://t.me/singhclasss
🖊 13 questions · ⏱ 15 sec
❤4🔥1
के. एस. पुत्तास्वामी बनाम भारत संघ वाद
24 अगस्त, 2017

के. एस. पुत्तास्वामी बनाम भारत संघ मामला भारतीय संवैधानिक इतिहास का एक ऐतिहासिक फैसला है। इसे निजता के अधिकार का मामला (Right to Privacy Case) भी कहा जाता है।
इस केस पर फैसला 2017 में आज ही के दिन आया था।

पृष्ठभूमि:
यह मामला सेवानिवृत्त न्यायाधीश के. एस. पुत्तास्वामी(कर्नाटक उच्च न्यायालय) द्वारा दायर रिट याचिका से शुरू हुआ। मामला आधार योजना (Aadhaar Scheme) से जुड़ा था। याचिकाकर्ता ने कहा कि आधार के लिए बायोमेट्रिक और व्यक्तिगत डेटा लेना नागरिकों की गोपनीयता (Privacy) के अधिकार का उल्लंघन करता है।

मुख्य मुद्दा:
सवाल यह था कि क्या भारत के संविधान में निजता (Privacy) को एक मौलिक अधिकार माना जा सकता है तथा क्या आधार जैसी योजनाएँ नागरिकों की स्वतंत्रता और गोपनीयता का अतिक्रमण करती हैं?

निर्णय:
भारत के सर्वोच्च न्यायालय की 9 न्यायाधीशों की संवैधानिक पीठ ने सर्वसम्मति (9:0) से फैसला दिया।
कोर्ट ने अपने फ़ैसले में कहा:

1. निजता (Right to Privacy) भारतीय संविधान के तहत एक मौलिक अधिकार है।
2. यह अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार) से प्रवाहित होता है।
3. निजता लोकतंत्र और मानव गरिमा का आवश्यक हिस्सा है।
4. यह अधिकार पूर्ण (absolute) नहीं है; राज्य कानूनन और उचित कारण से इसे सीमित कर सकता है (जैसे राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था, अपराध रोकथाम आदि)।
5. आधार योजना के लिए व्यक्तिगत जानकारी और बायोमैट्रिक का उपयोग किया जा सकता है लेकिन इन डेटा की सुरक्षा और गोपनीयता की जिम्मेदारी सरकार की है और वह इस हेतु पर्याप्त उपाय करेगी।

इस फैसले ने भारतीय लोकतंत्र में निजता को मौलिक अधिकार के रूप में स्थापित कर दिया।
❤5🔥1
🎲 Quiz '≤≤<📚🖋️💯mix questions"😇🧿 for all exam competition🦠🧬🎈🎉🎊'
@SINGHCLASSS
🖊 31 questions · ⏱ 15 sec
👀2❤1👍1