Sky Educare®
11K subscribers
441 photos
8 videos
499 files
1.47K links
Sky Educare™ official : t.me/skyeducare
For Contact : Click - @Sky_Educare
📞 : 9928549654

Sky Educare मंच राजकीय सेवा के लिए प्रयासरत साथियों के साथ उत्कृष्ट अध्ययन सामग्री हेतु उपलब्ध है।
Download Telegram
🚨 RPSC SI भर्ती 2025 – 1015 पदों पर सुनहरा मौका!
Join Batch - https://www.skyeducare.in/courses/78882?utm_source%3Dother%26utm_medium%3Dtutor-course-referral%26utm_campaign%3Dcourse-overview-webapp
🥰1
✨ आधुनिक हिंदी साहित्य के पितामह ✨
प्रख्यात साहित्यकार भारतेन्दु हरिश्चन्द्र जी की जयंती पर शत-शत नमन 🙏

📌 मुख्य बिंदु :
1️⃣ जन्म – 9 सितम्बर 1850, वाराणसी
2️⃣ हिंदी नवजागरण के जनक
3️⃣ कवि, नाटककार, निबंधकार और पत्रकार
4️⃣ प्रमुख रचनाएँ – भारत दुर्दशा, अंधेर नगरी चौपट राजा, सत्य हरिश्चन्द्र
5️⃣ प्रसिद्ध कथन – “निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल।”
✅ भारतेन्दु हरिश्चन्द्र – मुख्य बिंदु

आधुनिक हिंदी साहित्य के पितामह – इन्हें हिंदी नवजागरण का जनक और युगप्रवर्तक कहा जाता है।

जन्म – 9 सितम्बर 1850, वाराणसी (काशी) में।

साहित्यिक योगदान –
कविता, नाटक, निबंध, यात्रा-वृत्तांत, पत्रकारिता आदि सभी विधाओं में लेखन।

भारतेन्दु युग – 1850 से 1900 तक का हिंदी साहित्यिक काल भारतेन्दु युग कहलाता है।

पत्रकारिता – कवि वचन सुधा, हरिश्चन्द्र मैगजीन और हरिश्चन्द्र चंद्रिका जैसी पत्रिकाओं का संपादन।

प्रमुख रचनाएँ – भारत दुर्दशा, अंधेर नगरी चौपट राजा, सत्य हरिश्चन्द्र, वैदिकी हिंसा हिंसा न भवति आदि।

देशप्रेम और सामाजिक चेतना – राष्ट्रीय जागरण, सामाजिक सुधार, और मातृभाषा हिंदी के प्रचार पर बल।

उपाधि – “भारतेन्दु” (हिंदी का चाँद) की उपाधि 1868 में काशी के कवि सम्मेलन में दी गई।

मृत्यु – 6 जनवरी 1885, मात्र 34 वर्ष की आयु में।

प्रसिद्ध कथन – “निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल।”
👍1
🏆 क्या आप तैयार हैं?
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती 2025 – 10 Model Tests
📘 Solve करो और खुद को परखो!

👉 सभी PDFs Free Download 👇
🔑 Answer Key सिर्फ Sky Educare App पर
https://play.google.com/store/apps/details?id=co.lynde.ezkzz&pcampaignid=web_share