राजकीय महिला पॉलिटेक्निक शामली में जॉब हेतु कैंपस इंटरव्यू में 35 में 20 छात्राओं का चयन हुआ। चयनित छात्राओं में खुशी का माहौल बना हुआ है।
प्राचार्य जितेंद्र कुमार ने बताया कि संस्था में नोएडा स्थित सैब्स एक्सपोर्ट गारमेंट मैन्यूफैक्चरिंग कंपनी द्वारा फैशन डिजाइनिंग एवं गारमेंट टेक्नोलॉजी ब्रांच की अंतिम वर्ष की छात्राओं के लिए जॉब हेतु कैंपस इंटरव्यू किया गया। इसमें 35 छात्राओं ने प्रतिभाग किया। कंपनी ने लिखित परीक्षा एवं इंटरव्यू लिया। इसमें 20 छात्राओं का चयन किया गया। प्राचार्य ने चयनित हुई छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व संस्था की इलेक्ट्रानिक्स ब्रांच की अंतिम वर्ष की छात्राओं के ऑनलाइन मिटसुबा स्किल प्राइवेट लिमिटेड एवं आनंद ग्रुप कंपनी में ऑनलाइन इंटरव्यू कराया गया, जिसमें आनंद ग्रुप कंपनी में तीन छात्राओं का और मिसुबा स्किल कंपनी में नौ छात्राओं का चयन हुआ था। इस अवसर पर संस्था के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर सचिन सैनी, विपुल सूर्यवंशी, सचिन विकल, तेजपाल सिंह, राजेंद्र कुमार, जितेंद्र कुमार, महेश कुमार, सुशील कुमार, उर्वशी व जोनी सैनी आदि मौजूद रहे।
प्राचार्य जितेंद्र कुमार ने बताया कि संस्था में नोएडा स्थित सैब्स एक्सपोर्ट गारमेंट मैन्यूफैक्चरिंग कंपनी द्वारा फैशन डिजाइनिंग एवं गारमेंट टेक्नोलॉजी ब्रांच की अंतिम वर्ष की छात्राओं के लिए जॉब हेतु कैंपस इंटरव्यू किया गया। इसमें 35 छात्राओं ने प्रतिभाग किया। कंपनी ने लिखित परीक्षा एवं इंटरव्यू लिया। इसमें 20 छात्राओं का चयन किया गया। प्राचार्य ने चयनित हुई छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व संस्था की इलेक्ट्रानिक्स ब्रांच की अंतिम वर्ष की छात्राओं के ऑनलाइन मिटसुबा स्किल प्राइवेट लिमिटेड एवं आनंद ग्रुप कंपनी में ऑनलाइन इंटरव्यू कराया गया, जिसमें आनंद ग्रुप कंपनी में तीन छात्राओं का और मिसुबा स्किल कंपनी में नौ छात्राओं का चयन हुआ था। इस अवसर पर संस्था के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर सचिन सैनी, विपुल सूर्यवंशी, सचिन विकल, तेजपाल सिंह, राजेंद्र कुमार, जितेंद्र कुमार, महेश कुमार, सुशील कुमार, उर्वशी व जोनी सैनी आदि मौजूद रहे।
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68 हजार छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति का इंतजार (अमर उजाला न्यूज अपडेट)
शाहजहांपुर। यूपी सरकार ने निर्धन छात्रों को छात्रवृत्ति के लिए बजट न होने का हवाला दिया है। इसके चलते जनपद में भी 68 हजार छात्र-छात्राएं हैं, जिनको छात्रवृत्ति नहीं मिली है। उनके सामने अगली कक्षा में प्रवेश के लिए फीस जमा करना मुश्किल हो गया है। छात्रवृत्ति दिलवाने की मांग को लेकर डीएम को ज्ञापन भी दिया, लेकिन अभी कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है।
छात्र-छात्राओं का कहना है कि छात्रवृत्ति के कारण ही उनकी पढ़ाई हो पा रही है। उनके अभिभावकों को फीस के लिए रुपये जुटाना मुश्किल होता है। छात्रवृत्ति न मिली तो फीस जमा हो पाएगी और पढ़ाई छूटने का डर है। जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश कुमार का कहना है सरकार की ओर से बजट मिलते ही छात्रवृत्ति दी जाएगी।
स्टेटस पर दिख रहा फंड उपलब्ध नहीं
जिले में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में 40 हजार तथा समाज कल्याण विभाग में सामान्य तथा अनुसूचित जाति के 18 हजार विद्यार्थियों ने छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन किया था। इनके खातों में छात्रवृत्ति नहीं पहुंची है। छात्रवृत्ति के स्टेटस पर फंड उपलब्ध न होना दिख रहा है।
24 हजार फार्म में गलत मिला था विवरण
समाज कल्याण विभाग में चार हजार तथा पिछड़ा वर्ग के 20 हजार विद्यार्थियों का विवरण त्रुटिपूर्ण होने पर सिस्टम ने संदिग्ध दर्शा दिया था। इसका कारण डाटा फीडिंग के दौरान विद्यार्थियों का अनुक्रमांक, जाति व आय प्रमाण पत्र का क्रमांक, अंक पत्र में दर्शित अंक गलत भर जाना रहा।
छात्र बोले- ब्याज पर रुपये लेकर भरी फीस
छात्र अफवान खाने ने बताया कि छात्रवृत्ति कब आएगी इसका कुछ पता नहीं चल रहा। मैंने अन्य छात्रों के साथ मिलकर करीब 20 दिन पहले डीएम को ज्ञापन दिया था। लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं निकला है। छात्रवृत्ति नहीं मिलने से गरीब छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। कई परिजन ब्याज पर रुपये लेकर बच्चों की फीस जमा करने को मजबूर हो रहे है।
अमित श्रीवास्तव ने कहा कि कितने ही छात्र-छात्राएं हैं जो छात्रवृत्ति के सहारे ही अपनी पढ़ाई को पूरा कर पा रहे हैं। लेकिन आवेदन के बाद भी इस साल छात्र-छात्राओं के खातों में छात्रवृत्ति नहीं आई है। छात्रवृत्ति के स्टेटस में फंड खत्म होना शो कर रहा है। छात्र-छात्राओं के भविष्य को ध्यान में रखकर सरकार को दूसरे फंड से रुपये छात्रवृत्ति के लिए दिया जाना चाहिए।
शाहजहांपुर। यूपी सरकार ने निर्धन छात्रों को छात्रवृत्ति के लिए बजट न होने का हवाला दिया है। इसके चलते जनपद में भी 68 हजार छात्र-छात्राएं हैं, जिनको छात्रवृत्ति नहीं मिली है। उनके सामने अगली कक्षा में प्रवेश के लिए फीस जमा करना मुश्किल हो गया है। छात्रवृत्ति दिलवाने की मांग को लेकर डीएम को ज्ञापन भी दिया, लेकिन अभी कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है।
छात्र-छात्राओं का कहना है कि छात्रवृत्ति के कारण ही उनकी पढ़ाई हो पा रही है। उनके अभिभावकों को फीस के लिए रुपये जुटाना मुश्किल होता है। छात्रवृत्ति न मिली तो फीस जमा हो पाएगी और पढ़ाई छूटने का डर है। जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश कुमार का कहना है सरकार की ओर से बजट मिलते ही छात्रवृत्ति दी जाएगी।
स्टेटस पर दिख रहा फंड उपलब्ध नहीं
जिले में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में 40 हजार तथा समाज कल्याण विभाग में सामान्य तथा अनुसूचित जाति के 18 हजार विद्यार्थियों ने छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन किया था। इनके खातों में छात्रवृत्ति नहीं पहुंची है। छात्रवृत्ति के स्टेटस पर फंड उपलब्ध न होना दिख रहा है।
24 हजार फार्म में गलत मिला था विवरण
समाज कल्याण विभाग में चार हजार तथा पिछड़ा वर्ग के 20 हजार विद्यार्थियों का विवरण त्रुटिपूर्ण होने पर सिस्टम ने संदिग्ध दर्शा दिया था। इसका कारण डाटा फीडिंग के दौरान विद्यार्थियों का अनुक्रमांक, जाति व आय प्रमाण पत्र का क्रमांक, अंक पत्र में दर्शित अंक गलत भर जाना रहा।
छात्र बोले- ब्याज पर रुपये लेकर भरी फीस
छात्र अफवान खाने ने बताया कि छात्रवृत्ति कब आएगी इसका कुछ पता नहीं चल रहा। मैंने अन्य छात्रों के साथ मिलकर करीब 20 दिन पहले डीएम को ज्ञापन दिया था। लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं निकला है। छात्रवृत्ति नहीं मिलने से गरीब छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। कई परिजन ब्याज पर रुपये लेकर बच्चों की फीस जमा करने को मजबूर हो रहे है।
अमित श्रीवास्तव ने कहा कि कितने ही छात्र-छात्राएं हैं जो छात्रवृत्ति के सहारे ही अपनी पढ़ाई को पूरा कर पा रहे हैं। लेकिन आवेदन के बाद भी इस साल छात्र-छात्राओं के खातों में छात्रवृत्ति नहीं आई है। छात्रवृत्ति के स्टेटस में फंड खत्म होना शो कर रहा है। छात्र-छात्राओं के भविष्य को ध्यान में रखकर सरकार को दूसरे फंड से रुपये छात्रवृत्ति के लिए दिया जाना चाहिए।
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