Media is too big
VIEW IN TELEGRAM
रानी लक्ष्मीबाई जयंती
रानी लक्ष्मीबाई (झांसी की रानी) – जीवन परिचय
जन्म: 19 नवम्बर 1828, वाराणसी
मूल नाम: मणिकर्णिका (प्यार से ‘मन्नू’)
पिता: मोरोपंत तांबे
माता: भागीरथीबाई
पति: झांसी के राजा गंगाधर राव
दत्तक पुत्र: दामोदर राव
उपाधि: झांसी की रानी
झांसी की रानी बनना
👉1842 में विवाह होकर मणिकर्णिका का नाम लक्ष्मीबाई पड़ा।
👉1853 में राजा गंगाधर राव के देहांत के बाद रानी ने अपने दत्तक पुत्र दामोदर राव को उत्तराधिकारी घोषित किया।
👉ब्रिटिश “डॉक्ट्रिन ऑफ लैप्स” (लैप्स नीति) के अंतर्गत झांसी हड़पने का प्रयास किया गया, जिसे रानी ने सख़्त विरोध किया।
1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में योगदान
झांसी की रक्षा हेतु रानी ने सैनिकों का नेतृत्व स्वयं किया।
1858 में अंग्रेजों के बड़े आक्रमण पर रानी ने प्रबल प्रतिरोध किया। कालपी और ग्वालियर में भी लड़ाई का नेतृत्व किया।
शौर्य और बलिदान
18 जून 1858 को ग्वालियर के पास कोटा-की-सराय में वीरगति प्राप्त हुई।
प्रसिद्ध अंग्रेज अफसर ह्यू रोज़ ने भी कहा—
“She was the bravest and best of all the leaders of the rebellion.”
👍❤️👍
❤2
This media is not supported in your browser
VIEW IN TELEGRAM
सावधान!!पुराने खिलाड़ी मैदान में उतर चुके हैं🥰
🤩6😨1
VPO में कितने लोग सामान्य श्रेणी, EWS, OBC, SC, ST से डीवी हेतु बुलाए गए हैं? ये प्रश्न पूछा था लेकिन आयोग ने RTI का जवाब नहीं दिया। 👍❤️😏
😐5❤1
होम गार्ड में महिलाओं को मिलेगा 20 प्रतिशत आरक्षण