जीत गए अनुदेशक, सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला! यूपी सरकार को तगड़ा झटका
🔹 नौकरी सुरक्षित : उत्तर प्रदेश के सरकारी जूनियर स्कूलों में कार्यरत अनुदेशकों की नौकरी खत्म नहीं होगी।
🔹 ₹17,000 मानदेय मंजूर : सुप्रीम कोर्ट ने अनुदेशकों को ₹17,000 प्रतिमाह मानदेय देने के आदेश को सही ठहराया।
🔹 सरकार की अपील खारिज : मानदेय बढ़ाने के खिलाफ यूपी सरकार की अपील सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी।
🔹 फुल टाइम माना कोर्ट ने 10 वर्षों से लगातार काम करने के कारण अनुदेशक “डीम्ड परमानेंट/फुल टाइम” माने गए।
🔹 कॉन्ट्रैक्ट खत्म = नौकरी खत्म नहीं : संविदा अवधि पूरी होने के बाद भी अनुदेशकों की सेवा स्वतः समाप्त नहीं होती—कोर्ट की स्पष्ट टिप्पणी।
🔹 पद ऑटोमेटिक सृजित लगातार सेवा के कारण पद स्वतः सृजित माना गया।
🔹 अनुचित श्रम व्यवहार पर सख्ती : 2013 से ₹7,000 मानदेय को कोर्ट ने “अनुचित श्रम व्यवहार” कहा।
🔹 आर्टिकल 23 का हवाला : ₹17,000 से कम मानदेय संविधान के अनुच्छेद 23 के विपरीत—सुप्रीम कोर्ट।
🔹 मानदेय पुनरीक्षण का अधिकार : अंशकालिक शिक्षकों को नियत अवधि पर मानदेय पुनरीक्षण का पूरा अधिकार।
🔹 2017–18 से ₹17,000 प्रभावी : अगले संशोधन तक ₹17,000 प्रतिमाह मान्य। 2017 से अब तक का मिलेगा एरियर
🔹 भुगतान की समय-सीमा तय : 1 अप्रैल 2026 से नियमित भुगतान शुरू
🔹4 फरवरी 2026 से 6 महीने में पूरा बकाया भुगतान अनिवार्य
🔹 कोर्ट का सवाल सरकार से
“जब पढ़ेगा इंडिया, तभी बढ़ेगा इंडिया—मानदेय देने में दिक्कत क्या है?”
अनुदेशकों के संघर्ष की जीत : यह फैसला शिक्षा, सम्मान और अधिकार तीनों की जीत है।
🔹 नौकरी सुरक्षित : उत्तर प्रदेश के सरकारी जूनियर स्कूलों में कार्यरत अनुदेशकों की नौकरी खत्म नहीं होगी।
🔹 ₹17,000 मानदेय मंजूर : सुप्रीम कोर्ट ने अनुदेशकों को ₹17,000 प्रतिमाह मानदेय देने के आदेश को सही ठहराया।
🔹 सरकार की अपील खारिज : मानदेय बढ़ाने के खिलाफ यूपी सरकार की अपील सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी।
🔹 फुल टाइम माना कोर्ट ने 10 वर्षों से लगातार काम करने के कारण अनुदेशक “डीम्ड परमानेंट/फुल टाइम” माने गए।
🔹 कॉन्ट्रैक्ट खत्म = नौकरी खत्म नहीं : संविदा अवधि पूरी होने के बाद भी अनुदेशकों की सेवा स्वतः समाप्त नहीं होती—कोर्ट की स्पष्ट टिप्पणी।
🔹 पद ऑटोमेटिक सृजित लगातार सेवा के कारण पद स्वतः सृजित माना गया।
🔹 अनुचित श्रम व्यवहार पर सख्ती : 2013 से ₹7,000 मानदेय को कोर्ट ने “अनुचित श्रम व्यवहार” कहा।
🔹 आर्टिकल 23 का हवाला : ₹17,000 से कम मानदेय संविधान के अनुच्छेद 23 के विपरीत—सुप्रीम कोर्ट।
🔹 मानदेय पुनरीक्षण का अधिकार : अंशकालिक शिक्षकों को नियत अवधि पर मानदेय पुनरीक्षण का पूरा अधिकार।
🔹 2017–18 से ₹17,000 प्रभावी : अगले संशोधन तक ₹17,000 प्रतिमाह मान्य। 2017 से अब तक का मिलेगा एरियर
🔹 भुगतान की समय-सीमा तय : 1 अप्रैल 2026 से नियमित भुगतान शुरू
🔹4 फरवरी 2026 से 6 महीने में पूरा बकाया भुगतान अनिवार्य
🔹 कोर्ट का सवाल सरकार से
“जब पढ़ेगा इंडिया, तभी बढ़ेगा इंडिया—मानदेय देने में दिक्कत क्या है?”
अनुदेशकों के संघर्ष की जीत : यह फैसला शिक्षा, सम्मान और अधिकार तीनों की जीत है।
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PCS Mains-24 रिजल्ट out🌹
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◾UPPCS 2024 Mains रिजल्ट जारी
◾13776 छात्रों में से 887 पदों के सापेक्ष 2719 छात्र साक्षात्कार हेतु पास किए गए हैं।
◾13776 छात्रों में से 887 पदों के सापेक्ष 2719 छात्र साक्षात्कार हेतु पास किए गए हैं।
सिविल सर्विसेज की तैयारी में
असली जीवन में समझ आता है।
जब तक आप जीत नहीं जाते हैं तब तक आपके हारने की संभावना रहेगी 99 वाला सांप आपको काटकर जीरो पर पहुंचा देगा।
0 से उठकर फिर से 100 पर पहुंचने का साहस रखते हो तो आओ कॉम्पिटिशन में वरना कुछ और देखो
" सफर में धूप तो होगी चल सको तो चलो
सभी है भीड में तुम भी निकल सको तो चलो
किसी के वास्ते राहे कहाँ बदलती है
तुम अपने आप को बदल सको तो चलो"
✍️ विकास
सांप सीढ़ी का खेल
असली जीवन में समझ आता है।
जब तक आप जीत नहीं जाते हैं तब तक आपके हारने की संभावना रहेगी 99 वाला सांप आपको काटकर जीरो पर पहुंचा देगा।
0 से उठकर फिर से 100 पर पहुंचने का साहस रखते हो तो आओ कॉम्पिटिशन में वरना कुछ और देखो
" सफर में धूप तो होगी चल सको तो चलो
सभी है भीड में तुम भी निकल सको तो चलो
किसी के वास्ते राहे कहाँ बदलती है
तुम अपने आप को बदल सको तो चलो"
✍️ विकास
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अभी आपके सामने जूनियर असिस्टेंट 5512, STENO 333, STENO 1224 VPO AGTA वनरक्षक प्रवर्तन सिपाही, SSC STENO AIIMS STENO PA UPP UP SI STENO ASI CLERK लेखा UP SI ये बहुत सारी वेकैंसी है, इन पर भी डिपेंड करेगा, इसलिए मेरे हिसाब से 75+ नम्बर वाला टाइपिंग करो, बाकी बाद में बताते है। आप परेशान ना हो पढ़ते रहो रुकना तब तक नहीं है जब तक ज्वाइनिंग LETTER घर न आ जाए।
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लखनऊ: गाजियाबाद में 3 सगी बहनों के सुसाइड का मामला
➡घटना पर राज्य महिला आयोग ने चिंता व्यक्त की
➡मोबाइल गेम की लत को घटना का कारण बताया
➡डॉ.बबीता सिंह चौहान ने सभी DM को पत्र लिखा
➡कक्षा 5 तक मोबाइल से होमवर्क भेजने पर रोक के आदेश
➡स्कूलों को शैक्षणिक कार्य विद्यालय में कराने के निर्देश
➡बालिकाओं की सुरक्षा,घटना की पुनरावृत्ति रोकना उद्देश्य
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