The Narrative
916 subscribers
5.25K photos
2.55K videos
293 files
5.42K links
भारत स्थित The Narrative एक गैर-लाभकारी मीडिया संस्थान है । जो राष्ट्रवादी विचार प्रसार, देश-विदेश के सही समाचार एवं विश्लेषण तथा राष्ट्र-विरोधियों को उजागर करना आदि जैसे उद्देश्यों के लिए सतत कार्यरत है ।

यह चैनल दूसरों को भी जॉइन कराएं ,आभार 🙏🏻
Download Telegram
The Narrative

कम्युनिज्म - माओवाद

> जब गाँवों में विकास पहुँचा, तो नक्सल विचारधारा क्यों कमजोर पड़ी? क्या यह स्थायी शांति का संकेत है?

https://shorturl.at/2DDxV

The Narrative के नियमित अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 9589045439 पर व्हाट्सएप करें!
राष्ट्रीय एकता दिवस - सरदार पटेल जयंती

भारत के प्रथम उप प्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर प्रत्येक वर्ष 31 अक्टूबर को 'राष्ट्रीय एकता दिवस' के रूप में मनाया जाता है.

'भारत के लौह पुरुष' सरदार वल्लभभाई पटेल ने 560 रियासतों को भारत संघ में एकीकृत करने में अहम भूमिका निभाई थी.

सरदार पटेल को श्रद्धांजलि देने एवं उनके योगदान की स्मृति में गुजरात में उनकी भव्य प्रतिमा लगाई गई है, जो विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा है, जिसे 'एकता की प्रतिमा' कहा जाता है.

सरदार वल्लभभाई पटेल जी की जयंती पर शत शत नमन 🙏

मेरी संस्कृति…मेरा देश…मेरा अभिमान 🇮🇳

The Narrative के अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 9589045439 पर व्हाट्सएप करें
The Narrative

Narrative Exclusive - Propaganda

> How does the Qatar funded media house twist facts and selectively report on communal incidents to malign Bharat"s international image?

https://shorturl.at/5TrWR

The Narrative के नियमित अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 9589045439 पर व्हाट्सएप करें!
Video story by The Narrative

> 45 साल बाद पुल्लुरी प्रसाद राव और बंदी प्रकाश ने डाली बंदूक - क्या नक्सलवाद की कहानी अब समाप्त हो रही है?

📍 माओवादी सेंट्रल कमेटी सदस्य का सरेंडर

📍 जंगल छोड़ विकास की राह पर वापसी

📍 देखें पूरी कहानी और बताएं अपनी राय

YouTube Link – https://youtu.be/9jweWhKBjL8

Like, Share & Subscribe
The Narrative

चाईना इन फोकस - चीन मुख्यभूमि

> शिनजियांग के लोप नूर रेगिस्तान में विज्ञान के नाम पर किए गए परमाणु परीक्षणों ने कितनी भयावह तबाही मचाई, जानिए पूरी सच्चाई इस लेख में!

https://shorturl.at/ox8Qw

The Narrative के नियमित अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 9589045439 पर व्हाट्सएप करें!
देवउठनी एकादशी (तुलसी विवाह)

कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष एकादशी की तिथि को देवउठनी एकादशी मानाई जाती है. इस दिन तुलसी विवाह का उत्सव भी होता है.

देवउठनी एकादशी को छोटी दिपावली एवं प्रबोधिनी एकादशी भी कहा जाता है.

सनातन संस्कृति के अनुसार इस दिन श्री हरि अपने शयन से उठते हैं. इसी तिथि के पश्चात विवाह, उपनयन, गृहप्रवेश आदि मंगल कार्य का मूहर्त आरंभ होता है.

तुलसी का पौधा चूंकि पर्यावरण तथा प्रकृति का प्रतीक है, अतः इस दिन यह संदेश भी दिया जाता है कि औषधीय पौधे तुलसी की भांति सभी में हरियाली एवं स्वास्थ्य के प्रति सजगता का प्रसार हो.

देवउठनी-प्रबोधिनी एकादशी की शुभकामनाएं 🙏

मेरी संस्कृति…मेरा देश…मेरा अभिमान 🚩

The Narrative के अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 9589045439 पर व्हाट्सएप करें
*The Narrative*

Bharat - Positive Narrative

> Celebrated on 31 October, Rashtriya Ekta Diwas honours Sardar Patel’s pivotal role in uniting over 560 princely states into one nation.

https://shorturl.at/owG0Z

The Narrative के नियमित अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 9589045439 पर व्हाट्सएप करें!
सतखंडा महल, दतिया

मध्यप्रदेश के ग्वालियर से लगे दतिया में अवस्थित है सतखंडा महल, जिसे बीर सिंहदेव महल और गोविंद महल भी कहा जाता है.

दतिया साम्राज्य के संस्थापक महाराज बीर सिंह देव द्वारा 17वीं शताब्दी के पूर्वार्द्ध में निर्मित यह महल वर्तमान में वीरान स्थिति में है.

यह महल 7 तलों का है, जिसमें 2 तल भूमि के नीचे हैं, वहीं 5 तल ऊपर हैं, इसीलिए इसे सतखंडा महल कहा जाता है.

राजा बीर सिंह देव द्वारा निर्मित 52 महलों में सबसे चर्चित एवं भव्य यही महल रहा है, जिसे देखने वर्तमान समय में भी बड़ी संख्या में पर्यटक दतिया आते हैं.

मेरी संस्कृति...मेरा देश…मेरा अभिमान 🇮🇳

The Narrative के अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 9589045439 पर व्हाट्सएप करें
The Narrative

नैरेटिव विशेष - कनेक्टिंग डॉट्स

> क्या पंजाब की अस्मिता की अनदेखी कांग्रेस की राजनीति का हिस्सा थी, चंडीगढ़ को लेकर फैसला आज तक टल क्यों गया?

https://shorturl.at/SLt4u

The Narrative के नियमित अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 9589045439 पर व्हाट्सएप करें!
प्रभु श्रीराम का ननिहाल - छत्तीसगढ़

1 नवंबर, 2000 को अस्तित्व में आये छत्तीसगढ़ की पवित्र भूमि भगवान श्रीराम की माता महारानी कौशल्या की जन्मभूमि है. यहीं श्रीराम जी ने वनवास का लंबा समय व्यतीत किया था.

दंडकारण्य से उत्तर छत्तीसगढ़ तक इस प्रदेश में उन्नत स्थापत्यकला एवं अद्वितीय वास्तुकला के अप्रतिम उदाहरण देखने को मिलते हैं.

भारत में सबसे प्राचीन पक्के ईंटों का मंदिर भी सिरपुर में अवस्थित है.

दंडकारण्य की सनातनी परंपरा हजारों वर्षों के बाद भी अक्षुण्ण है, जहाँ स्थानीय जनजातियों में आज भी हिन्दु संस्कृति की शाक्त परंपरा देखी जा सकती है.

छत्तीसगढ़ के स्थापना दिवस की शुभकामनाएं 🙏

मेरी संस्कृति…मेरा देश…मेरा अभिमान 🇮🇳

The Narrative के अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ *9589045439* पर व्हाट्सएप करें