Video Story by The Narrative
> दिल्ली में आंसू, Telangana में ज़हर? कांग्रेस राज में 500 कुत्तों की बलि!
📍 Telangana में 500+ बेज़ुबान कुत्तों की मौत की सच्चाई
📍 चुनावी वादे कैसे बने ज़हर और हिंसा का कारण
📍 अभी देखें पूरा विडियो!
YouTube Link - https://youtu.be/AOjRvtPeoBk
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दिल्ली में आंसू, Telangana में ज़हर? कांग्रेस राज में 500 कुत्तों की बलि!
Telangana में 500 से ज्यादा कुत्तों की हत्या, चुनावी वादों की सच्चाई, कानून की अनदेखी और नेताओं की चुप्पी पर सवाल उठाता यह वीडियो सच सामने लाता है।
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The Narrative के पोस्ट अपने…
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The Narrative के पोस्ट अपने…
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मदरांचल पर्वत, बांका ⛰️
मदरांचल पर्वत, जिसे मंदार पर्वत के नाम से भी जाना जाता है. श्रुतियों एवं पौराणिक आख्यानों के अनुसार इस पर्वत का उपयोग समुद्र मंथन के लिए मथनी के रूप में किया गया था.
इस पर्वत को भगवान विष्णु का पवित्र आश्रय स्थल माना जाता है. जैन मतावलंबियों के अनुसार यह पर्वत तीर्थंकर भगवान वासुपूज्य से जुड़ा है.
स्थानीय जनजातीय समाज इस क्षेत्र को सिद्धि क्षेत्र मानत है और मकर सक्रांति से एक दिन पूर्व यहाँ वो पूरी रात सिद्धि पूजा करते हैं.
मंदार की चट्टानों पर उत्कीर्ण सैकड़ों प्राचीन प्रतिमाएं, गुफाएं, ध्वस्त चैत्य और मंदिर धार्मिक और सांस्कृतिक गौरव के मूक साक्षी हैं.
मेरी संस्कृति…मेरा देश…मेरा अभिमान 🚩
The Narrative के अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 9589045439 पर व्हाट्सएप करें
मदरांचल पर्वत, जिसे मंदार पर्वत के नाम से भी जाना जाता है. श्रुतियों एवं पौराणिक आख्यानों के अनुसार इस पर्वत का उपयोग समुद्र मंथन के लिए मथनी के रूप में किया गया था.
इस पर्वत को भगवान विष्णु का पवित्र आश्रय स्थल माना जाता है. जैन मतावलंबियों के अनुसार यह पर्वत तीर्थंकर भगवान वासुपूज्य से जुड़ा है.
स्थानीय जनजातीय समाज इस क्षेत्र को सिद्धि क्षेत्र मानत है और मकर सक्रांति से एक दिन पूर्व यहाँ वो पूरी रात सिद्धि पूजा करते हैं.
मंदार की चट्टानों पर उत्कीर्ण सैकड़ों प्राचीन प्रतिमाएं, गुफाएं, ध्वस्त चैत्य और मंदिर धार्मिक और सांस्कृतिक गौरव के मूक साक्षी हैं.
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The Narrative
Bharat - Conspiracy
> Police records show repeated cases where Hindu temples were desecrated, triggering arrests after videos and public complaints surfaced across several states.
https://shorturl.at/TSAah
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Bharat - Conspiracy
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Blasphemy Against Hindu Deities: Recurrent Acts of Desecration by Muslims
Police records show repeated cases where Hindu temples were desecrated, triggering arrests after videos and public complaints surfaced across several states.
The Narrative
Article by Writers For The Nation's Columnist ✒️
यह लेख दीपक कुमार द्वारा लिखा गया है, जो संघ की शताब्दी यात्रा को आत्मचिंतन, सामाजिक संगठन और दीर्घकालीन परिवर्तन के दृष्टिकोण से प्रस्तुत करता है।
https://shorturl.at/9RBUY
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संघ शताब्दी वर्ष: उत्साह, आत्मचिंतन और आगामी चुनौतियाँ
आत्मविस्मृत, आत्मकेंद्रित और असंगठित समाज की चुनौतियों को पहचानकर संघ ने कैसे दीर्घकालीन सामाजिक परिवर्तन की नींव रखी।
Video Story by The Narrative
> बस्तर में संभावना | Ep.02 | क्या ‘Bastar Mahua’ बन सकता है देश का ब्रैंड?
📍 वनोपज से उद्योग की राह
📍 महुआ: नशा नहीं, नव-निर्माण
📍 बस्तर की पहचान, बस्तर का सम्मान
YouTube Link - https://youtu.be/SBX8OzvFTdw
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> बस्तर में संभावना | Ep.02 | क्या ‘Bastar Mahua’ बन सकता है देश का ब्रैंड?
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बस्तर में संभावना Ep.02 : क्या ‘Bastar Mahua’ बन सकता है देश का ब्रैंड?
कभी आपने गौर किया है… कुछ ऐसे क्षेत्र होते हैं जहाँ सुबह की हवा में सिर्फ ठंडक नहीं होती… एक मिठास होती है… एक पहचान होती है।
बस्तर भी वैसा ही है। यहाँ जंगल की छाँव में जो जीवन पलता है, वो किताबों में नहीं मिलता… वो संस्कृति में बनता है… और उम्मीद में जीता…
बस्तर भी वैसा ही है। यहाँ जंगल की छाँव में जो जीवन पलता है, वो किताबों में नहीं मिलता… वो संस्कृति में बनता है… और उम्मीद में जीता…
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भारत का गौरव - होलकर राजवंश
मालवा के उत्तरकालीन इतिहास में होलकर राजवंश का व्यापक योगदान रहा है.
इस वंश के वीर पुरुषों ने जहां युद्धक्षेत्र में अपनी शूरता दिखाई. वहीं इस वंश की नारियों ने प्रशासन, दान-पुण्य और धर्म के कार्यों से विजित राज्य को स्थायित्व प्रदान करने के लिए ऐतिहासिक कार्य किए हैं.
होलकर राजवंश की स्थापना मल्हारराव होलकर द्वारा की गई थी. होलकर राजवंश ने मालवा क्षेत्र में 200 वर्षों से अधिक काल तक शासन किया.
कर्मयोगिनी, धर्मरक्षिका महारानी अहिल्याबाई होलकर भी इसी कुल की गौरव थीं. राजमाता अहिल्याबाई ने ही बनारस में स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण करवाया था.
मेरी संस्कृति…मेरा देश…मेरा अभिमान 🚩
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मालवा के उत्तरकालीन इतिहास में होलकर राजवंश का व्यापक योगदान रहा है.
इस वंश के वीर पुरुषों ने जहां युद्धक्षेत्र में अपनी शूरता दिखाई. वहीं इस वंश की नारियों ने प्रशासन, दान-पुण्य और धर्म के कार्यों से विजित राज्य को स्थायित्व प्रदान करने के लिए ऐतिहासिक कार्य किए हैं.
होलकर राजवंश की स्थापना मल्हारराव होलकर द्वारा की गई थी. होलकर राजवंश ने मालवा क्षेत्र में 200 वर्षों से अधिक काल तक शासन किया.
कर्मयोगिनी, धर्मरक्षिका महारानी अहिल्याबाई होलकर भी इसी कुल की गौरव थीं. राजमाता अहिल्याबाई ने ही बनारस में स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण करवाया था.
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भारत - षड्यंत्र
> शादी के वादे, भावनात्मक भरोसा और बाद में शोषण के आरोप जब एक ही परिसर से बार-बार उभरें, तो सवाल सिर्फ रिश्तों का नहीं रह जाता।
https://shorturl.at/Yw0w6
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KGMU से उठते गंभीर सवाल: क्या यह केवल धोखा है या राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा एक बड़ा खतरा?
शादी के वादे, भावनात्मक भरोसा और बाद में शोषण के आरोप जब एक ही परिसर से बार-बार उभरें, तो सवाल सिर्फ रिश्तों का नहीं रह जाता।
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Bharat - Conspiracy
> By downplaying injuries and denying intent, influential voices have normalised attacks on police and civilians under the guise of protest.
https://shorturl.at/MPp9y
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Bharat - Conspiracy
> By downplaying injuries and denying intent, influential voices have normalised attacks on police and civilians under the guise of protest.
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The Stone Pelting Jihad and Its Normalisation by Radical Elements
By downplaying injuries and denying intent, influential voices have normalised attacks on police and civilians under the guise of protest.
झारखंड से सबसे बड़ी ब्रेकिंग!
मुठभेड़ में नक्सलियों को करारा झटका!
CPI माओवादी का CC Member “पतिराम मांझी उर्फ अनल” ढेर!
मौके से अब तक 12 नक्सलियों के शव बरामद
ऑटोमेटिक हथियार भी हाथ लगे
ऑपरेशन अभी जारी, संख्या और बढ़ सकती है!
#BreakingNews #Jharkhand #NaxalEncounter #PatiramManjhi #Anlal #CCMemberDown #CRPF #COBRA #SearchOperation #IndiaFightsBack #NaxalFreeIndia
मुठभेड़ में नक्सलियों को करारा झटका!
CPI माओवादी का CC Member “पतिराम मांझी उर्फ अनल” ढेर!
मौके से अब तक 12 नक्सलियों के शव बरामद
ऑटोमेटिक हथियार भी हाथ लगे
ऑपरेशन अभी जारी, संख्या और बढ़ सकती है!
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Short Video Story by The Narrative
> पढ़ाई अब अपनी भाषा में | NEP के बाद उच्च शिक्षा में ऐतिहासिक बदलाव
📍 क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा
📍 NEP से शिक्षा में बदलाव
📍 अभी देखे पूरा विडियो!
YouTube Link - https://youtube.com/shorts/z_dC3UZj1v0
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> पढ़ाई अब अपनी भाषा में | NEP के बाद उच्च शिक्षा में ऐतिहासिक बदलाव
📍 क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा
📍 NEP से शिक्षा में बदलाव
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पढ़ाई अब अपनी भाषा में: NEP के बाद उच्च शिक्षा में बड़ा बदलाव
NEP 2020 के बाद उच्च शिक्षा में ऐतिहासिक बदलाव। इंजीनियरिंग और मेडिकल तक हिंदी व क्षेत्रीय भाषाओं में पढ़ाई, जिससे शिक्षा अधिक समावेशी और सशक्त बन रही है।===...
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काशी की पंचकोशी परिक्रमा - मोक्ष की पदयात्रा
काशी केवल नगर नहीं, जीवात्मा से परमात्मा तक की यात्रा है.
यहां पंचकोशी परिक्रमा एक 5 कोस (लगभग 15 किमी) लंबी दिव्य यात्रा है, जो अंतःकरण की शुद्धि और मोक्ष की प्राप्ति का माध्यम मानी जाती है.
श्रद्धालु जन नंगे पाँव इस परिक्रमा में निकलते हैं, पांच मुख्य स्थानों पर रुकते हैं. मणिकर्णिका, कर्णेश्वर, भीमचंडी, रति-करणी और कपिलधारा.
ऐसी आस्था है जो श्रद्धा से पंचकोशी यात्रा करता है, उसे वाराणसी में मोक्ष पुण्य प्राप्त होता है.
यह परिक्रमा नहीं, आत्मा की वापसी है उस शिव में, जिससे वह निकली थी.
मेरी संस्कृति…मेरा देश…मेरा अभिमान 🚩
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काशी केवल नगर नहीं, जीवात्मा से परमात्मा तक की यात्रा है.
यहां पंचकोशी परिक्रमा एक 5 कोस (लगभग 15 किमी) लंबी दिव्य यात्रा है, जो अंतःकरण की शुद्धि और मोक्ष की प्राप्ति का माध्यम मानी जाती है.
श्रद्धालु जन नंगे पाँव इस परिक्रमा में निकलते हैं, पांच मुख्य स्थानों पर रुकते हैं. मणिकर्णिका, कर्णेश्वर, भीमचंडी, रति-करणी और कपिलधारा.
ऐसी आस्था है जो श्रद्धा से पंचकोशी यात्रा करता है, उसे वाराणसी में मोक्ष पुण्य प्राप्त होता है.
यह परिक्रमा नहीं, आत्मा की वापसी है उस शिव में, जिससे वह निकली थी.
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काशी की पंचकोशी परिक्रमा - मोक्ष की पदयात्रा
काशी केवल नगर नहीं, जीवात्मा से परमात्मा तक की यात्रा है.
यहां पंचकोशी परिक्रमा एक 5 कोस (लगभग 15 किमी) लंबी दिव्य यात्रा है, जो अंतःकरण की शुद्धि और मोक्ष की प्राप्ति का माध्यम मानी जाती है.
श्रद्धालु जन नंगे पाँव इस परिक्रमा में निकलते हैं, पांच मुख्य स्थानों पर रुकते हैं. मणिकर्णिका, कर्णेश्वर, भीमचंडी, रति-करणी और कपिलधारा.
ऐसी आस्था है जो श्रद्धा से पंचकोशी यात्रा करता है, उसे वाराणसी में मोक्ष पुण्य प्राप्त होता है.
यह परिक्रमा नहीं, आत्मा की वापसी है उस शिव में, जिससे वह निकली थी.
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श्रद्धालु जन नंगे पाँव इस परिक्रमा में निकलते हैं, पांच मुख्य स्थानों पर रुकते हैं. मणिकर्णिका, कर्णेश्वर, भीमचंडी, रति-करणी और कपिलधारा.
ऐसी आस्था है जो श्रद्धा से पंचकोशी यात्रा करता है, उसे वाराणसी में मोक्ष पुण्य प्राप्त होता है.
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The Narrative
Bharat - Propaganda
> Rahman’s claim of being pushed out of Bollywood feels weak when his career still includes big films, major budgets, and steady public praise.
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> Rahman’s claim of being pushed out of Bollywood feels weak when his career still includes big films, major budgets, and steady public praise.
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AR Rahman and the Intent of Victimhood in Bollywood
Rahman’s claim of being pushed out of Bollywood feels weak when his career still includes big films, major budgets, and steady public praise.
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महाबोधि मंदिर, विश्व विरासत स्थल 🛕
यह मंदिर बोधगया, बिहार राज्य में स्थित है।
इस स्थल में बोधी वृक्ष के नीचे बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था। यह दो हज़ार से अधिक वर्षों से एक प्रमुख तीर्थ स्थल रहा है।
बोधगया में अशोक का महाबोधि मंदिर और हीरा सिंहासन, लगभग 250 ईसा पूर्व में बनाया गया था।
चैत्य के मेहराबों के बीच शिलालेख में लिखा है: "भगवतो सकामुनिनो बोधो" अर्थात शाक्यमुनिके बोधि वृक्ष के चारों ओर की इमारत"।
यहां अशोक का हाथी-मुकुट वाला स्तंभ दिखाई देता है।
महाबोधि मंदिर में स्थित वृक्ष को मूल बोधि वृक्ष का प्रत्यक्ष वंशज माना जाता है और इसका पौधा, जिसे बुद्ध के मुख्य शिष्य अनाथपिंडिका ने जेतवन मठ में लगाया था।
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यह मंदिर बोधगया, बिहार राज्य में स्थित है।
इस स्थल में बोधी वृक्ष के नीचे बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था। यह दो हज़ार से अधिक वर्षों से एक प्रमुख तीर्थ स्थल रहा है।
बोधगया में अशोक का महाबोधि मंदिर और हीरा सिंहासन, लगभग 250 ईसा पूर्व में बनाया गया था।
चैत्य के मेहराबों के बीच शिलालेख में लिखा है: "भगवतो सकामुनिनो बोधो" अर्थात शाक्यमुनिके बोधि वृक्ष के चारों ओर की इमारत"।
यहां अशोक का हाथी-मुकुट वाला स्तंभ दिखाई देता है।
महाबोधि मंदिर में स्थित वृक्ष को मूल बोधि वृक्ष का प्रत्यक्ष वंशज माना जाता है और इसका पौधा, जिसे बुद्ध के मुख्य शिष्य अनाथपिंडिका ने जेतवन मठ में लगाया था।
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Video Story by The Narrative
> जाति, धर्म और महिलाओं पर अपमानजनक टिप्पणी | The Narrative
📍 कांग्रेस विधायक का विवादित बयान
📍 दुष्कर्म को “ध्यान भटकने” से जोड़ा
📍 अभी देखें पूरा वीडियो!
YouTube Link - https://youtu.be/th6Mn42N-9w
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> जाति, धर्म और महिलाओं पर अपमानजनक टिप्पणी | The Narrative
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जाति, धर्म और महिलाओं पर अपमानजनक टिप्पणी: कांग्रेस विधायक Phool Singh Baraiya
इस वीडियो में MP के कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के विवादित बयान, दुष्कर्म को ‘ध्यान भटकने’ से जोड़ने, महिलाओं पर टिप्पणी और की प्रतिक्रिया का विश्लेषण किया गया है।
आप इस बयान को कैसे देखते हैं?
Comment में अपनी राय जरूर बताएं।
======================…
आप इस बयान को कैसे देखते हैं?
Comment में अपनी राय जरूर बताएं।
======================…
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गणतंत्र दिवस 🇮🇳
प्रथम गणतंत्र दिवस अर्थात 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ था. संविधान के लागू होते ही भारत को पूर्ण गणराज्य घोषित किया गया था.
गणतंत्र दिवस के अवसर पर लागू किए गए मूल संविधान में 395 अनुच्छेद, 12 भाग और 8 अनुसूचियाँ थी. मूल संविधान हिंदी एवं अंग्रेजी में लिखा गया था जिसमें संविधान सभा के 284 सदस्यों के हस्ताक्षर थे.
संविधान की वास्तविक प्रति प्रेम बिहारी नारायण रायजादा द्वारा हाथों से लिखी गई थी, जिसमें प्राचीन भारतीय संस्कृति को प्रतिलक्षित किया गया है.
प्रथम गणतंत्र दिवस के दिन पहले राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद ने राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी, साथ ही मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम में ध्वजारोहण किया था.
उत्तरं यत् समुद्रस्य हिमाद्रेश्चैव दक्षिणम्
वर्षं तद् भारतं नाम भारती यत्र सन्ततिः
गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं 🙏
मेरी संस्कृति…मेरा देश…मेरा अभिमान 🇮🇳
प्रथम गणतंत्र दिवस अर्थात 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ था. संविधान के लागू होते ही भारत को पूर्ण गणराज्य घोषित किया गया था.
गणतंत्र दिवस के अवसर पर लागू किए गए मूल संविधान में 395 अनुच्छेद, 12 भाग और 8 अनुसूचियाँ थी. मूल संविधान हिंदी एवं अंग्रेजी में लिखा गया था जिसमें संविधान सभा के 284 सदस्यों के हस्ताक्षर थे.
संविधान की वास्तविक प्रति प्रेम बिहारी नारायण रायजादा द्वारा हाथों से लिखी गई थी, जिसमें प्राचीन भारतीय संस्कृति को प्रतिलक्षित किया गया है.
प्रथम गणतंत्र दिवस के दिन पहले राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद ने राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी, साथ ही मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम में ध्वजारोहण किया था.
उत्तरं यत् समुद्रस्य हिमाद्रेश्चैव दक्षिणम्
वर्षं तद् भारतं नाम भारती यत्र सन्ततिः
गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं 🙏
मेरी संस्कृति…मेरा देश…मेरा अभिमान 🇮🇳
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*माचकुण्ड जलप्रपात, ओडिशा*
ओडिशा-आंध्र सीमा पर स्थित माचकुण्ड जलप्रपात, जिसे दुदुमा फॉल्स भी कहते हैं, न केवल प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत स्थल है बल्कि पौराणिक और वैज्ञानिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है.
लगभग 175 मीटर ऊँचाई से गिरता यह जलप्रपात जलविद्युत उत्पादन का एक बड़ा केंद्र है, जिससे दक्षिण ओडिशा को ऊर्जा मिलती है.
लोकश्रुतियाँ के अनुसार पांडव अज्ञातवास के दौरान यहीं ठहरे थे और इस क्षेत्र का नाम पड़ा माचकुण्ड.
घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच गिरता यह प्रपात प्रकृति की भव्यता और भारत की जल शक्ति का प्रतीक है.
*मेरी संस्कृति…मेरा देश…मेरा अभिमान 🇮🇳*
*The Narrative* के अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 9589045439 पर व्हाट्सएप करें
ओडिशा-आंध्र सीमा पर स्थित माचकुण्ड जलप्रपात, जिसे दुदुमा फॉल्स भी कहते हैं, न केवल प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत स्थल है बल्कि पौराणिक और वैज्ञानिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है.
लगभग 175 मीटर ऊँचाई से गिरता यह जलप्रपात जलविद्युत उत्पादन का एक बड़ा केंद्र है, जिससे दक्षिण ओडिशा को ऊर्जा मिलती है.
लोकश्रुतियाँ के अनुसार पांडव अज्ञातवास के दौरान यहीं ठहरे थे और इस क्षेत्र का नाम पड़ा माचकुण्ड.
घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच गिरता यह प्रपात प्रकृति की भव्यता और भारत की जल शक्ति का प्रतीक है.
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चाइना इन फोकस - चीन मुख्यभूमि
> माओ के नेतृत्व में शुरू हुए इन अभियानों ने सुधार का मुखौटा ओढ़कर मानसिक उत्पीड़न, आत्महत्या और सार्वजनिक अपमान को सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया बना दिया।
https://shorturl.at/4zRki
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चाइना इन फोकस - चीन मुख्यभूमि
> माओ के नेतृत्व में शुरू हुए इन अभियानों ने सुधार का मुखौटा ओढ़कर मानसिक उत्पीड़न, आत्महत्या और सार्वजनिक अपमान को सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया बना दिया।
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माओ के तीन-विरोधी और पाँच-विरोधी अभियानों का सच
माओ के नेतृत्व में शुरू हुए इन अभियानों ने सुधार का मुखौटा ओढ़कर मानसिक उत्पीड़न, आत्महत्या और सार्वजनिक अपमान को सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया बना दिया।