The Narrative
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भारत स्थित The Narrative एक गैर-लाभकारी मीडिया संस्थान है । जो राष्ट्रवादी विचार प्रसार, देश-विदेश के सही समाचार एवं विश्लेषण तथा राष्ट्र-विरोधियों को उजागर करना आदि जैसे उद्देश्यों के लिए सतत कार्यरत है ।

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भारत का प्रथम कृत्रिम उपग्रह - आर्यभट्ट

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के द्वारा निर्मित यह भारत का पहला कृत्रिम उपग्रह था जिसका नामकरण प्रसिद्ध भारतीय खगोलशास्त्री एवं गणितज्ञ आर्यभट्ट के नाम पर किया गया था.

वर्ष 1975 को इसे प्रक्षेपित किया गया था. इस उपग्रह के निर्माण का उद्देश्य मुख्यतः अन्तरिक्ष में उपग्रह संचालन में अनुभव प्राप्त करना एवं खगोल विज्ञान और सौर भौतिकी में प्रयोगों का संचालन करना था.

कुछ तकनीकी कमियों के कारण इस उपग्रह से जुड़े संकेत 5 दिनों के बाद खो गए. किंतु यह उपग्रह अंतरिक्ष में भारतीय वैज्ञानिकों के लिए एक मील का पत्थर साबित हुआ.

उपग्रह के निर्माण की विरासत को प्रदर्शित करने के लिए वर्ष 1976 में भारतीय रिजर्व बैंक ने 2 रुपये के नोट के पीछे में आर्यभट्ट उपग्रह की छवि को दर्शाया था.

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पहाड़ों के लोक देवता - महासू देवता का मंदिर 🛕

उत्तराखंड-हिमाचल सीमावर्ती क्षेत्र में रहने वाले जनजातियों एवं स्थानीय पहाड़ियों के लोक देवता के रूप में प्रसिद्ध महासू देवता का मंदिर हनोल ग्राम में अवस्थित है.

चकराता की सुरम्य पहाड़ियों के मध्य स्थित इस मंदिर की वास्तुकला एवं शिल्पकला अनूठी है, जो लकड़ी से निर्मित है.

यह मंदिर 4 भाइयों को समर्पित है, जिन्हें स्थानीय समाज में न्याय के देवता के रूप में माना जाता है.

इस मंदिर में होने वाले उत्सव एवं यात्रा में बड़ी संख्या में भक्तगण उपस्थित होते है. वहीं राष्ट्रपति भवन से भारत के प्रथम नागरिक द्वारा प्रत्येक वर्ष इस मंदिर को नमक भेंट किया जाता है.

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Politics - Conspiracy

> Was the Sansad Chalo protest really about examination reforms, or did it expose a wider network of activists, political allies and external connections?

https://shorturl.at/FRFAm

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राजनीति - षड्यंत्र

> क्या यह विरोध था या पहले से तय हिंसा, जिसमें पुलिस पर हमला और फिर खुद को पीड़ित बताया गया?

http://bit.ly/45jhVIU

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राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस

प्रत्येक वर्ष 22 जुलाई को राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस मनाया जाता है. इसी दिन वर्ष 1947 में भारत की संविधान सभा ने तिरंगे को स्वतंत्र भारत के राष्ट्रीय ध्वज के रूप में औपचारिक रूप से अपनाया था.

हमारे तिरंगे के केसरिया, श्वेत और हरे रंग त्याग, सत्य, शांति, समृद्धि और विकास के आदर्शों का संदेश देते हैं.

इसके मध्य स्थित अशोक चक्र के 24 तीलियाँ सतत गति, न्याय, धर्म और प्रगति का प्रतीक हैं.

भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का स्वरूप स्वतंत्रता संग्राम के दौरान विकसित हुए तिरंगे पर आधारित है.

इसका अंतिम स्वरूप स्वतंत्रता सेनानी पिंगली वेंकैया के मूल डिजाइन से प्रेरित होकर स्वीकार किया गया, जिसमें चरखे के स्थान पर सारनाथ के अशोक स्तंभ से प्रेरित अशोक चक्र को स्थान दिया गया.

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चाईना इन फोकस - चीन मुख्यभूमि

> कैसे एक शांतिपूर्ण आध्यात्मिक आंदोलन चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के लिए सबसे बड़ा राजनीतिक खतरा बन गया? पढ़ें पूरी कहानी!

https://shorturl.at/kCwsU

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The Narrative Infographic Document

CJP द्वारा स्टूडेंट प्रोटेस्ट के नाम पर दिल्ली में जिस तरह से दंगों की स्थिति उत्पन्न की गई, जानिए उसके पीछे का पूरा नेटवर्क! तथ्यों, दस्तावेज़ों और ग्राफिक्स के माध्यम से समझिए द नैरेटिव की विशेष रिपोर्ट में!

> Why CJP Protest Turned Violent

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भारत - कानून एवं संविधान

> कांग्रेस ने विधेयक को संवैधानिक अधिकारों के खिलाफ बताते हुए विरोध किया, जबकि सरकार ने इसे एक राष्ट्र, एक कानून की सोच को मजबूत करने वाला कदम कहा। पढ़ें पूरी रिपोर्ट!

https://shorturl.at/ovGOi

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लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक - जयंती विशेष

भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक और प्रखर राष्ट्रवादी बाल गंगाधर तिलक की जयंती प्रत्येक वर्ष 23 जुलाई को श्रद्धापूर्वक मनाई जाती है. उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा देते हुए राष्ट्रवाद की भावना को जन-जन तक पहुँचाया.

लोकमान्य तिलक का अमर उद्घोष "स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूँगा" स्वतंत्रता संग्राम का प्रेरणास्रोत बन गया. उन्होंने शिक्षा, पत्रकारिता और जनजागरण को राष्ट्रीय चेतना का सशक्त माध्यम बनाया.

अपने समाचार पत्र 'केसरी' और 'मराठा' के माध्यम से उन्होंने ब्रिटिश शासन की नीतियों का निर्भीक विरोध किया. सार्वजनिक गणेशोत्सव और शिवाजी जयंती जैसे आयोजनों को राष्ट्रीय एकता और जनजागरण का माध्यम बनाकर उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन को नई ऊर्जा प्रदान की.

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Narrative Exclusive - Connecting Dots

> Are students leading this movement, or do viral videos suggest CJP has become a platform for larger political interests and conflicting narratives?

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भारत - षड्यंत्र

> क्या पेपर लीक के खिलाफ शुरू हुआ छात्र आंदोलन सुनियोजित तरीके से सरकार विरोधी अभियान में बदल दिया गया, जबकि कई राज्यों में ऐसे मामलों पर चुप्पी रही?

https://bit.ly/4wShWzl

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CJP के पीछे जो चेहरे हैं, उनकी सच्चाई क्या है? तथ्यों और ग्राफिक्स के माध्यम से समझिए द नैरेटिव की विशेष रिपोर्ट में!

> The Faces Behind CJP Protest

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फूलों की घाटी, उत्तराखंड

उत्तराखंड के चमोली जनपद में स्थित फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान, हिमालय की गोद में बसा ऐसा प्राकृतिक धरोहर स्थल है, जहाँ वर्षा ऋतु में हजारों प्रजातियों के रंग-बिरंगे पुष्प धरती को स्वर्ग जैसा स्वरूप प्रदान करते हैं.

समुद्र तल से लगभग 3,200 से 3,600 मीटर की ऊँचाई पर स्थित यह घाटी, दुर्लभ हिमालयी वनस्पतियों और जैव विविधता का अनमोल भंडार है। इसी अद्वितीय प्राकृतिक संपदा के कारण इसे यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल का दर्जा प्राप्त है.

जुलाई से सितंबर के बीच पूरी घाटी रंग-बिरंगे फूलों से आच्छादित हो जाती है. यहाँ ब्रह्मकमल, ब्लू पॉपी, प्रिमूला, एनीमोन सहित सैकड़ों दुर्लभ पुष्प प्रजातियाँ और अनेक वन्यजीव प्राकृतिक संतुलन की अद्भुत छटा प्रस्तुत करते हैं.

यह क्षेत्र देवताओं और ऋषियों की तपोभूमि रहा है. निकट स्थित हेमकुंड साहिब और लोकआस्थाओं से जुड़ी यह पावन भूमि प्रकृति और आध्यात्मिकता के सुंदर संगम का अनुभव कराती है.

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