> यूनुस ने पाकिस्तान को खुश करने के लिए भारत की सीमाओं से की राजनीति, नक्शे में दिखाया असम और पूर्वोत्तर बांग्लादेश के अंदर।
https://shorturl.at/bKJUk
https://shorturl.at/bKJUk
www.thenarrativeworld.in
पाकिस्तान संग साजिश में यूनुस, भारत की ज़मीन पर जताया दावा
यूनुस ने पाकिस्तान को खुश करने के लिए भारत की सीमाओं से की राजनीति, नक्शे में दिखाया असम और पूर्वोत्तर बांग्लादेश के अंदर।
> UPA’s passive diplomacy gave way to NDA’s assertive doctrine, as Bharat transformed its anti-terror response from words of restraint to acts of strength.
https://shorturl.at/muuF0
https://shorturl.at/muuF0
www.thenarrativeworld.in
Bharat’s Counter-Terrorism Approach: From UPA’s Silence to NDA’s Strength
UPA’s passive diplomacy gave way to NDA’s assertive doctrine, as Bharat transformed its anti-terror response from words of restraint to acts of strength.
The Narrative
नैरेटिव विशेष - कनेक्टिंग डॉट्स
> क्या पंजाब की अस्मिता की अनदेखी कांग्रेस की राजनीति का हिस्सा थी, चंडीगढ़ को लेकर फैसला आज तक टल क्यों गया?
https://shorturl.at/SLt4u
The Narrative के नियमित अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 9589045439 पर व्हाट्सएप करें!
नैरेटिव विशेष - कनेक्टिंग डॉट्स
> क्या पंजाब की अस्मिता की अनदेखी कांग्रेस की राजनीति का हिस्सा थी, चंडीगढ़ को लेकर फैसला आज तक टल क्यों गया?
https://shorturl.at/SLt4u
The Narrative के नियमित अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 9589045439 पर व्हाट्सएप करें!
www.thenarrativeworld.in
इंदिरा का वादा, राजीव का समझौता: क्या चंडीगढ़ सिर्फ सियासी सौदा रहा?
क्या पंजाब की अस्मिता की अनदेखी कांग्रेस की राजनीति का हिस्सा थी, चंडीगढ़ को लेकर फैसला आज तक टल क्यों गया?
प्रभु श्रीराम का ननिहाल - छत्तीसगढ़
1 नवंबर, 2000 को अस्तित्व में आये छत्तीसगढ़ की पवित्र भूमि भगवान श्रीराम की माता महारानी कौशल्या की जन्मभूमि है. यहीं श्रीराम जी ने वनवास का लंबा समय व्यतीत किया था.
दंडकारण्य से उत्तर छत्तीसगढ़ तक इस प्रदेश में उन्नत स्थापत्यकला एवं अद्वितीय वास्तुकला के अप्रतिम उदाहरण देखने को मिलते हैं.
भारत में सबसे प्राचीन पक्के ईंटों का मंदिर भी सिरपुर में अवस्थित है.
दंडकारण्य की सनातनी परंपरा हजारों वर्षों के बाद भी अक्षुण्ण है, जहाँ स्थानीय जनजातियों में आज भी हिन्दु संस्कृति की शाक्त परंपरा देखी जा सकती है.
छत्तीसगढ़ के स्थापना दिवस की शुभकामनाएं 🙏
मेरी संस्कृति…मेरा देश…मेरा अभिमान 🇮🇳
The Narrative के अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ *9589045439* पर व्हाट्सएप करें
1 नवंबर, 2000 को अस्तित्व में आये छत्तीसगढ़ की पवित्र भूमि भगवान श्रीराम की माता महारानी कौशल्या की जन्मभूमि है. यहीं श्रीराम जी ने वनवास का लंबा समय व्यतीत किया था.
दंडकारण्य से उत्तर छत्तीसगढ़ तक इस प्रदेश में उन्नत स्थापत्यकला एवं अद्वितीय वास्तुकला के अप्रतिम उदाहरण देखने को मिलते हैं.
भारत में सबसे प्राचीन पक्के ईंटों का मंदिर भी सिरपुर में अवस्थित है.
दंडकारण्य की सनातनी परंपरा हजारों वर्षों के बाद भी अक्षुण्ण है, जहाँ स्थानीय जनजातियों में आज भी हिन्दु संस्कृति की शाक्त परंपरा देखी जा सकती है.
छत्तीसगढ़ के स्थापना दिवस की शुभकामनाएं 🙏
मेरी संस्कृति…मेरा देश…मेरा अभिमान 🇮🇳
The Narrative के अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ *9589045439* पर व्हाट्सएप करें
The Narrative
नैरेटिव विशेष - कनेक्टिंग डॉट्स
> भारत के लिए कौन सही – एकता पर आधारित सरदार वल्लभभाई पटेल का राष्ट्रवाद या समाज को बाँटने वाला मार्क्स का विचार?
https://shorturl.at/u286b
The Narrative के नियमित अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 9589045439 पर व्हाट्सएप करें!
नैरेटिव विशेष - कनेक्टिंग डॉट्स
> भारत के लिए कौन सही – एकता पर आधारित सरदार वल्लभभाई पटेल का राष्ट्रवाद या समाज को बाँटने वाला मार्क्स का विचार?
https://shorturl.at/u286b
The Narrative के नियमित अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 9589045439 पर व्हाट्सएप करें!
www.thenarrativeworld.in
सरदार वल्लभभाई पटेल का राष्ट्रवाद बनाम कार्ल मार्क्स का विचार: भारत के लिए कौन सही?
भारत के लिए कौन सही – एकता पर आधारित सरदार वल्लभभाई पटेल का राष्ट्रवाद या समाज को बाँटने वाला मार्क्स का विचार?
Video Story by The Narrative
> हिड़मा और देवजी की नई योजना – क्या माओवाद का अंत नज़दीक है या हो रही है वापसी की तैयारी?
📍 नल्लामल्ला जंगल में गुप्त मीटिंग
📍 संगठन में नई फ़ूट या नई रणनीति?
📍 देखें पूरा वीडियो – अपनी राय ज़रूर दें
YouTube Link – https://youtu.be/EKLU0MUrDss?si=VdfPbMLI5q3UZbE-
Like, Share & Subscribe
> हिड़मा और देवजी की नई योजना – क्या माओवाद का अंत नज़दीक है या हो रही है वापसी की तैयारी?
📍 नल्लामल्ला जंगल में गुप्त मीटिंग
📍 संगठन में नई फ़ूट या नई रणनीति?
📍 देखें पूरा वीडियो – अपनी राय ज़रूर दें
YouTube Link – https://youtu.be/EKLU0MUrDss?si=VdfPbMLI5q3UZbE-
Like, Share & Subscribe
YouTube
हिड़मा और देवजी की नई योजना | माओवाद की वापसी या पतन? | The Narrative
नल्लामल्ला के जंगलों में हिड़मा और देवजी की गुप्त बैठक से माओवाद की नई चाल का पर्दाफाश। क्या यह संगठन की वापसी है या पतन की शुरुआत?
=================================================================================
The Narrative के पोस्ट अपने मोबाइल पर नियमित…
=================================================================================
The Narrative के पोस्ट अपने मोबाइल पर नियमित…
ऊपरकोट गढ़, जूनागढ़
सौराष्ट्र की आत्मा कहे जाने वाले जूनागढ़ में स्थित है ऊपरकोट गढ़ जो मूल रूप से 2000 वर्ष से भी अधिक प्राचीन है.
320 ईसापूर्व में चंद्रगुप्त मौर्य ने इस गढ़ का निर्माण करवाया था, जो वर्तमान में भी वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण है.
गढ़ के मुख्य प्रांगण में स्थित स्तंभों में अद्भुत कलाकृतियां उकेरी गईं हैं, जो सभी को आकर्षित करती हैं.
यहां दो बावड़ी भी देखी जा सकती हैं, जो लगभग एक हजार वर्ष प्राचीन हैं. पुरातात्विक साक्ष्यों के अनुसार यहां मानवीय उपस्थिति का इतिहास 2300 वर्ष प्राचीन है.
मेरी संस्कृति…मेरा देश…मेरा अभिमान 🚩
The Narrative के अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 9589045439 पर व्हाट्सएप करें
सौराष्ट्र की आत्मा कहे जाने वाले जूनागढ़ में स्थित है ऊपरकोट गढ़ जो मूल रूप से 2000 वर्ष से भी अधिक प्राचीन है.
320 ईसापूर्व में चंद्रगुप्त मौर्य ने इस गढ़ का निर्माण करवाया था, जो वर्तमान में भी वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण है.
गढ़ के मुख्य प्रांगण में स्थित स्तंभों में अद्भुत कलाकृतियां उकेरी गईं हैं, जो सभी को आकर्षित करती हैं.
यहां दो बावड़ी भी देखी जा सकती हैं, जो लगभग एक हजार वर्ष प्राचीन हैं. पुरातात्विक साक्ष्यों के अनुसार यहां मानवीय उपस्थिति का इतिहास 2300 वर्ष प्राचीन है.
मेरी संस्कृति…मेरा देश…मेरा अभिमान 🚩
The Narrative के अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 9589045439 पर व्हाट्सएप करें
The Narrative
राजनीति - विचार
> क्या अब राजनीतिक रणनीति मैदानों से ज्यादा मोबाइल स्क्रीन पर तय होती है और क्या इससे लोकतंत्र मजबूत हो रहा है या उलझ रहा है?
https://shorturl.at/yodj9
The Narrative के नियमित अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 9589045439 पर व्हाट्सएप करें!
राजनीति - विचार
> क्या अब राजनीतिक रणनीति मैदानों से ज्यादा मोबाइल स्क्रीन पर तय होती है और क्या इससे लोकतंत्र मजबूत हो रहा है या उलझ रहा है?
https://shorturl.at/yodj9
The Narrative के नियमित अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 9589045439 पर व्हाट्सएप करें!
www.thenarrativeworld.in
सोशल मीडिया ने राजनीति को कैसे बदला?
क्या अब राजनीतिक रणनीति मैदानों से ज्यादा मोबाइल स्क्रीन पर तय होती है और क्या इससे लोकतंत्र मजबूत हो रहा है या उलझ रहा है?
The Narrative
Narrative Exclusive - Islamic Jihad
> Targeted killings of Hindus by radicalised Muslims expose growing ideological extremism across urban and rural Bharat.
https://shorturl.at/6kba3
The Narrative के नियमित अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 9589045439 पर व्हाट्सएप करें!
Narrative Exclusive - Islamic Jihad
> Targeted killings of Hindus by radicalised Muslims expose growing ideological extremism across urban and rural Bharat.
https://shorturl.at/6kba3
The Narrative के नियमित अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 9589045439 पर व्हाट्सएप करें!
www.thenarrativeworld.in
A Pattern of Jihad: 53 Hindu Families Fall Prey to Muslim Radicalisation in Just 9 Months
Targeted killings of Hindus by radicalised Muslims expose growing ideological extremism across urban and rural Bharat.
कार्तिगई दीपम उत्सव, तिरुवन्नामलाई 🪔
अरुणगिरी, अन्नामलाई सोनाचलम जैसे नामों से चर्चित अरूणाचलम की पहाड़ी में अवस्थित है अरुणाचलम मंदिर.
इस मंदिर में कार्तिक माह की पूर्णिमा को होने वाला भव्य कार्तिक महादीपोत्सव विश्व विख्यात है, जिसे देखने बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं.
10 दिनों तक चलने वाला यह कार्तिगई दीपम उत्सव दुर्गाम्मा उत्सवम के रूप में आरंभ होकर महादीपम के साथ पूर्ण होता है.
श्रद्धा, अनुष्ठान, भक्ति के साथ यह पूरा क्षेत्र आनंदमय हो जाता है, जिसके कारण यहाँ का पूरा वातावरण स्वर्ग की भांति प्रतीत होता है.
मेरी संस्कृति…मेरा देश…मेरा अभिमान 🚩
The Narrative के अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 9589045439 पर व्हाट्सएप करें
अरुणगिरी, अन्नामलाई सोनाचलम जैसे नामों से चर्चित अरूणाचलम की पहाड़ी में अवस्थित है अरुणाचलम मंदिर.
इस मंदिर में कार्तिक माह की पूर्णिमा को होने वाला भव्य कार्तिक महादीपोत्सव विश्व विख्यात है, जिसे देखने बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं.
10 दिनों तक चलने वाला यह कार्तिगई दीपम उत्सव दुर्गाम्मा उत्सवम के रूप में आरंभ होकर महादीपम के साथ पूर्ण होता है.
श्रद्धा, अनुष्ठान, भक्ति के साथ यह पूरा क्षेत्र आनंदमय हो जाता है, जिसके कारण यहाँ का पूरा वातावरण स्वर्ग की भांति प्रतीत होता है.
मेरी संस्कृति…मेरा देश…मेरा अभिमान 🚩
The Narrative के अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 9589045439 पर व्हाट्सएप करें
The Narrative
भारत - पॉजिटिव नैरेटिव
> ISRO की उपलब्धि ने तोड़ी विदेशी सैटेलाइट्स पर निर्भरता, अब नौसेना के पास अपना सुरक्षित संचार माध्यम।
https://shorturl.at/zKlhz
The Narrative के नियमित अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 9589045439 पर व्हाट्सएप करें!
भारत - पॉजिटिव नैरेटिव
> ISRO की उपलब्धि ने तोड़ी विदेशी सैटेलाइट्स पर निर्भरता, अब नौसेना के पास अपना सुरक्षित संचार माध्यम।
https://shorturl.at/zKlhz
The Narrative के नियमित अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 9589045439 पर व्हाट्सएप करें!
www.thenarrativeworld.in
भारतीय नौसेना के लिए गेम-चेंजर साबित होगा GSAT-7R, ISRO ने बनाया नया रिकॉर्ड
ISRO की उपलब्धि ने तोड़ी विदेशी सैटेलाइट्स पर निर्भरता, अब नौसेना के पास अपना सुरक्षित संचार माध्यम।
The Narrative
कम्युनिज्म - माओवाद
> क्या सैकड़ों नक्सलियों का आत्मसमर्पण सचमुच शांति की दिशा में कदम है या यह माओवादियों की नई रणनीति का हिस्सा है? जानिए उनके ही दस्तावेज़ों की जुबानी सच्चाई।
https://shorturl.at/KRPCS
The Narrative के नियमित अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 9589045439 पर व्हाट्सएप करें!
कम्युनिज्म - माओवाद
> क्या सैकड़ों नक्सलियों का आत्मसमर्पण सचमुच शांति की दिशा में कदम है या यह माओवादियों की नई रणनीति का हिस्सा है? जानिए उनके ही दस्तावेज़ों की जुबानी सच्चाई।
https://shorturl.at/KRPCS
The Narrative के नियमित अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 9589045439 पर व्हाट्सएप करें!
www.thenarrativeworld.in
नक्सली आत्मसमर्पण: कितना सच कितना छल
क्या सैकड़ों नक्सलियों का आत्मसमर्पण सचमुच शांति की दिशा में कदम है या यह माओवादियों की नई रणनीति का हिस्सा है? जानिए उनके ही दस्तावेज़ों की जुबानी सच्चाई।
मुस्लिम युवक ने शिवलिंग तोड़ा और मूर्तियों को क्षति पहुंचाई, घटना से हिंदू समुदाय में आक्रोश, पूरी जानकारी के लिए लिंक पर क्लिक करें।
https://shorturl.at/AZzVZ
https://shorturl.at/AZzVZ
www.thenarrativeworld.in
सागर में मंदिर पर हमला, मुस्लिम युवक ने तोड़ा शिवलिंग, भड़का हिंदू समुदाय
मुस्लिम युवक ने शिवलिंग तोड़ा और मूर्तियों को क्षति पहुंचाई, घटना से हिंदू समुदाय में आक्रोश, पूरी जानकारी के लिए लिंक पर क्लिक करें।
Short Video Story by The Narrative
> जंगल में छिपी मौत | नक्सलवाद का शिकार बनी 9 साल की बच्ची
📍 मासूम बच्ची की IED ब्लास्ट में मौत
📍 देखें पूरा विडियो
YouTube Link – https://youtube.com/shorts/L2t4REbM51I
Like, Share & Subscribe
> जंगल में छिपी मौत | नक्सलवाद का शिकार बनी 9 साल की बच्ची
📍 मासूम बच्ची की IED ब्लास्ट में मौत
📍 देखें पूरा विडियो
YouTube Link – https://youtube.com/shorts/L2t4REbM51I
Like, Share & Subscribe
YouTube
जंगल में छिपी मौत | नक्सलवाद का शिकार बनी 9 साल की बच्ची | The Narrative
झारखंड के सरंडा जंगल से आई 9 साल की शिरिया की दर्दनाक कहानी, नक्सलवाद की काली सच्चाई और इंसानियत को झकझोरने वाला सच। देखें और सोचें - कब रुकेगी ये हिंसा?====...
🔱 वाट फू – भगवान शिव का लाओस में विराजमान चिह्न
वाट फू, लाओस की पहाड़ियों पर बसा वह शिवधाम है, जहाँ 5वीं शताब्दी से 11वीं शताब्दी तक सनातन संस्कृति की शैव परंपरा विद्यमान रही.
महादेव यहाँ 'भद्रेश्वर' के रूप में पूजे गए. नंदी की मूर्तियाँ, शिवलिंग, और यज्ञकुंड पत्थरों में उकेरे गए हैं, जो आज भी देखें जा सकते हैं.
शिलालेखों में वर्णन है कि शिव यहाँ पवित्र पर्वत पर प्रतिष्ठित हैं, जो स्वयं कैलाश का प्रतीक है.
यूनेस्को विश्व धरोहर में सम्मिलित यह स्थल बताता है कि सनातन संस्कृति सिर्फ़ सीमाओं में नहीं बंधी थी, वह समुद्र पार गई… और शिव की डमरु की ध्वनि बन कर गूँजी.
यह सिर्फ मंदिर नहीं, भारत की आत्मा का वैश्विक विस्तार है, जिसका रख-रखाव अब भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा किया जाता है.
मेरी संस्कृति…मेरा देश…मेरा अभिमान 🚩
The Narrative के अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 9589045439 पर व्हाट्सएप करें
वाट फू, लाओस की पहाड़ियों पर बसा वह शिवधाम है, जहाँ 5वीं शताब्दी से 11वीं शताब्दी तक सनातन संस्कृति की शैव परंपरा विद्यमान रही.
महादेव यहाँ 'भद्रेश्वर' के रूप में पूजे गए. नंदी की मूर्तियाँ, शिवलिंग, और यज्ञकुंड पत्थरों में उकेरे गए हैं, जो आज भी देखें जा सकते हैं.
शिलालेखों में वर्णन है कि शिव यहाँ पवित्र पर्वत पर प्रतिष्ठित हैं, जो स्वयं कैलाश का प्रतीक है.
यूनेस्को विश्व धरोहर में सम्मिलित यह स्थल बताता है कि सनातन संस्कृति सिर्फ़ सीमाओं में नहीं बंधी थी, वह समुद्र पार गई… और शिव की डमरु की ध्वनि बन कर गूँजी.
यह सिर्फ मंदिर नहीं, भारत की आत्मा का वैश्विक विस्तार है, जिसका रख-रखाव अब भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा किया जाता है.
मेरी संस्कृति…मेरा देश…मेरा अभिमान 🚩
The Narrative के अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 9589045439 पर व्हाट्सएप करें