Media is too big
VIEW IN TELEGRAM
विजयादशमी पर्व 🏹
आश्विन मास की शुक्ल पक्ष दशमी तिथि पर विजयादशमी का उत्सव मनाया जाता है, जिसे दशहरा भी कहते हैं.
पौराणिक आख्यानों के अनुसार इसी तिथि पर माँ दुर्गा ने महिषासुर का वध किया था और युद्ध पर विजय प्राप्त की थी.
त्रेतायुग में इसी तिथि पर भगवान श्रीराम द्वारा लंकापति रावण को युद्ध में पराजित कर उसका वध किया था, अतः इसे सत्य की असत्य पर विजय के रूप में मनाया जाता है.
इस तिथि पर शस्त्र पूजन, दशहरा उत्सव एवं रावण दहन की परंपरा प्रचलित है. देश में बस्तर एवं मैसूर का विशिष्ट दशहरा भी विख्यात है.
मेरी संस्कृति...मेरा देश...मेरा अभिमान 🚩
The Narrative के अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 7587396911 पर व्हाट्सएप करें
आश्विन मास की शुक्ल पक्ष दशमी तिथि पर विजयादशमी का उत्सव मनाया जाता है, जिसे दशहरा भी कहते हैं.
पौराणिक आख्यानों के अनुसार इसी तिथि पर माँ दुर्गा ने महिषासुर का वध किया था और युद्ध पर विजय प्राप्त की थी.
त्रेतायुग में इसी तिथि पर भगवान श्रीराम द्वारा लंकापति रावण को युद्ध में पराजित कर उसका वध किया था, अतः इसे सत्य की असत्य पर विजय के रूप में मनाया जाता है.
इस तिथि पर शस्त्र पूजन, दशहरा उत्सव एवं रावण दहन की परंपरा प्रचलित है. देश में बस्तर एवं मैसूर का विशिष्ट दशहरा भी विख्यात है.
मेरी संस्कृति...मेरा देश...मेरा अभिमान 🚩
The Narrative के अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 7587396911 पर व्हाट्सएप करें
This media is not supported in your browser
VIEW IN TELEGRAM
जलमग्न द्वारका - समुद्र की गहराइयों में जीवित कृष्णनगरी
गुजरात के सौराष्ट्र तट के निकट समुद्र की गहराइयों में प्राचीन द्वारका के जलमग्न पुरातात्त्विक अवशेष आज भी विद्यमान हैं. पत्थर की संरचनाएँ, स्थापत्य अवशेष और अन्य पुरावशेष इस क्षेत्र की प्राचीन समुद्री सभ्यता और नगर-परंपरा का प्रमाण देते हैं.
शास्त्रों में वर्णित द्वारका वही पावन नगरी है, जिसे भगवान श्रीकृष्ण ने बसाया था और जिसके समुद्र में समा जाने का वर्णन मिलता है.
फरवरी 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं समुद्र की गहराइयों में पहुँचे और जलमग्न द्वारका के स्थल पर भगवान श्रीकृष्ण को नमन करते हुए पूजा-अर्चना की. उन्होंने वहाँ मोरपंख भी अर्पित किया.
समुद्र के भीतर दिखाई देते ये अवशेष केवल पत्थर नहीं, भारत की प्राचीन समुद्री परंपरा, नगर-योजना और सांस्कृतिक स्मृति के अद्भुत साक्षी हैं.
मेरी संस्कृति…मेरा देश…मेरा अभिमान 🚩
The Narrative के अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 9589045439 पर व्हाट्सएप करें
गुजरात के सौराष्ट्र तट के निकट समुद्र की गहराइयों में प्राचीन द्वारका के जलमग्न पुरातात्त्विक अवशेष आज भी विद्यमान हैं. पत्थर की संरचनाएँ, स्थापत्य अवशेष और अन्य पुरावशेष इस क्षेत्र की प्राचीन समुद्री सभ्यता और नगर-परंपरा का प्रमाण देते हैं.
शास्त्रों में वर्णित द्वारका वही पावन नगरी है, जिसे भगवान श्रीकृष्ण ने बसाया था और जिसके समुद्र में समा जाने का वर्णन मिलता है.
फरवरी 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं समुद्र की गहराइयों में पहुँचे और जलमग्न द्वारका के स्थल पर भगवान श्रीकृष्ण को नमन करते हुए पूजा-अर्चना की. उन्होंने वहाँ मोरपंख भी अर्पित किया.
समुद्र के भीतर दिखाई देते ये अवशेष केवल पत्थर नहीं, भारत की प्राचीन समुद्री परंपरा, नगर-योजना और सांस्कृतिक स्मृति के अद्भुत साक्षी हैं.
मेरी संस्कृति…मेरा देश…मेरा अभिमान 🚩
The Narrative के अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 9589045439 पर व्हाट्सएप करें
The Narrative
नैरेटिव एक्सक्लुसिव - विचार
> पत्रकारिता की आड़ में ‘Regime Change’ का समर्थन? IWPC और प्रेस क्लब ऑफ इंडिया की भूमिका पर गंभीर सवाल. पढ़ें पूरा लेख!
https://short-url.cc/1AB-s
The Narrative के नियमित अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 9589045439 पर व्हाट्सएप करें!
नैरेटिव एक्सक्लुसिव - विचार
> पत्रकारिता की आड़ में ‘Regime Change’ का समर्थन? IWPC और प्रेस क्लब ऑफ इंडिया की भूमिका पर गंभीर सवाल. पढ़ें पूरा लेख!
https://short-url.cc/1AB-s
The Narrative के नियमित अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 9589045439 पर व्हाट्सएप करें!
The Narrative
Communism - Propaganda
> The report examines how Singham-linked media platforms amplify Delhi’s leftist protests and the funding network behind those platforms. Read the full report!
https://short-url.cc/1GvLW
The Narrative के नियमित अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 9589045439 पर व्हाट्सएप करें!
Communism - Propaganda
> The report examines how Singham-linked media platforms amplify Delhi’s leftist protests and the funding network behind those platforms. Read the full report!
https://short-url.cc/1GvLW
The Narrative के नियमित अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 9589045439 पर व्हाट्सएप करें!
The Narrative
Communism - Propaganda
> From CAA-NRC protests to France’s street riots, the report asks a sharp question - when agitation turns destructive, why should the Left escape scrutiny?
https://short-url.cc/1ADrR
The Narrative के नियमित अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 9589045439 पर व्हाट्सएप करें!
Communism - Propaganda
> From CAA-NRC protests to France’s street riots, the report asks a sharp question - when agitation turns destructive, why should the Left escape scrutiny?
https://short-url.cc/1ADrR
The Narrative के नियमित अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 9589045439 पर व्हाट्सएप करें!
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ 🚩
वर्ष 1925 की विजयादशमी की तिथि पर आद्य सरसंघचालक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार जी ने एक बीज बोया था, *राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ.* जो अब वटवृक्ष बन एक शताब्दी का समय पूर्ण कर चुका है.
इन सौ वर्षों में संघ ने भारत के समाज को संगठित किया, संस्कारों को जीवित रखा और सेवा को साधना बनाया.
मातृभूमि की स्वाधीनता का संग्राम हो, 1962-65-71 के युद्ध हों, आपातकाल का संघर्ष हो या प्राकृतिक आपदाएँ, स्वयंसेवक हमेशा राष्ट्र की रक्षा और समाज की सेवा में खड़े रहे.
मेरी संस्कृति…मेरा देश…मेरा अभिमान 🚩
The Narrative के अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 9589045439 पर व्हाट्सएप करें
वर्ष 1925 की विजयादशमी की तिथि पर आद्य सरसंघचालक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार जी ने एक बीज बोया था, *राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ.* जो अब वटवृक्ष बन एक शताब्दी का समय पूर्ण कर चुका है.
इन सौ वर्षों में संघ ने भारत के समाज को संगठित किया, संस्कारों को जीवित रखा और सेवा को साधना बनाया.
मातृभूमि की स्वाधीनता का संग्राम हो, 1962-65-71 के युद्ध हों, आपातकाल का संघर्ष हो या प्राकृतिक आपदाएँ, स्वयंसेवक हमेशा राष्ट्र की रक्षा और समाज की सेवा में खड़े रहे.
मेरी संस्कृति…मेरा देश…मेरा अभिमान 🚩
The Narrative के अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 9589045439 पर व्हाट्सएप करें
The Narrative
ग्लोबल नैरेटिव - षड्यंत्र
> देश अलग, चेहरे अलग - फिर अराजकता का स्वरूप एक जैसा क्यों? वैश्विक अशांति के बीच क्या है भारत को अस्थिर करने की रणनीति? पढ़िए पूरा लेख!
https://short-url.cc/1AGSF
The Narrative के नियमित अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 9589045439 पर व्हाट्सएप करें!
ग्लोबल नैरेटिव - षड्यंत्र
> देश अलग, चेहरे अलग - फिर अराजकता का स्वरूप एक जैसा क्यों? वैश्विक अशांति के बीच क्या है भारत को अस्थिर करने की रणनीति? पढ़िए पूरा लेख!
https://short-url.cc/1AGSF
The Narrative के नियमित अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 9589045439 पर व्हाट्सएप करें!
The Narrative
Global Narrative - Propaganda
> City halls stormed, shops looted, streets set ablaze - this report examines how France’s cost-of-living protests descended into violence and the role of far-left groups. Read the full report!
https://tinyurl.com/44sstfmh
The Narrative के नियमित अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 9589045439 पर व्हाट्सएप करें!
Global Narrative - Propaganda
> City halls stormed, shops looted, streets set ablaze - this report examines how France’s cost-of-living protests descended into violence and the role of far-left groups. Read the full report!
https://tinyurl.com/44sstfmh
The Narrative के नियमित अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 9589045439 पर व्हाट्सएप करें!
www.thenarrativeworld.in
Chaos and Violence Grip France as Far-Left Mobs Storm City Halls and Torch Streets
Rioters invaded municipal buildings in Marseille and Lille, set fire to Lyon’s tourist office, and looted Paris shops while roughly 550,000 people took to the streets and police recorded about 400 arrests.
Video Story by The Narrative
> CJP का दोगलापन!
📍 अपने ही बयान में फँसे अभिजीत?
📍 खुद ही खोल दी CJP की पोल?
📍देखे पूरी वीडियो!
YouTube Link - https://youtu.be/gtvSCYJB5_M
Like, Share & Subscribe
> CJP का दोगलापन!
📍 अपने ही बयान में फँसे अभिजीत?
📍 खुद ही खोल दी CJP की पोल?
📍देखे पूरी वीडियो!
YouTube Link - https://youtu.be/gtvSCYJB5_M
Like, Share & Subscribe
कित्तूर की वीरांगना - रानी चेन्नम्मा
कर्नाटक के कित्तूर के राजा मल्लसर्ज की धर्मपत्नी थी रानी चेन्नम्मा.
23 अक्टूबर, 1778 में जन्मी रानी चेन्नम्मा केवल 15 वर्ष की आयु में कित्तूर की रानी बनी.
वर्ष 1824 में ब्रिटिश ईसाइयों के विरुद्ध रानी चेन्नम्मा ने प्रतिरोध का नेतृत्व किया और उन्हें विजय भी मिली.
अंग्रेजों के विरुद्ध प्रतिरोध के समय 29 फरवरी, 1829 को उन्होंने मातृभूमि की रक्षा एवं स्वतंत्रता के लिए युद्धबंदी के रूप में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया.
मेरी संस्कृति…मेरा देश…मेरा अभिमान 🚩
The Narrative के अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 9589045439 पर व्हाट्सएप करें
कर्नाटक के कित्तूर के राजा मल्लसर्ज की धर्मपत्नी थी रानी चेन्नम्मा.
23 अक्टूबर, 1778 में जन्मी रानी चेन्नम्मा केवल 15 वर्ष की आयु में कित्तूर की रानी बनी.
वर्ष 1824 में ब्रिटिश ईसाइयों के विरुद्ध रानी चेन्नम्मा ने प्रतिरोध का नेतृत्व किया और उन्हें विजय भी मिली.
अंग्रेजों के विरुद्ध प्रतिरोध के समय 29 फरवरी, 1829 को उन्होंने मातृभूमि की रक्षा एवं स्वतंत्रता के लिए युद्धबंदी के रूप में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया.
मेरी संस्कृति…मेरा देश…मेरा अभिमान 🚩
The Narrative के अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 9589045439 पर व्हाट्सएप करें
The Narrative
Global Narrative - History
> Yemen: Caught Between Saudi Arabia and Iran. A divided past. A struggle for power. How did Yemen become a battleground for two regional giants? Read the full report!
https://tinyurl.com/yzjwfyk6
The Narrative के नियमित अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 9589045439 पर व्हाट्सएप करें!
Global Narrative - History
> Yemen: Caught Between Saudi Arabia and Iran. A divided past. A struggle for power. How did Yemen become a battleground for two regional giants? Read the full report!
https://tinyurl.com/yzjwfyk6
The Narrative के नियमित अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 9589045439 पर व्हाट्सएप करें!
www.thenarrativeworld.in
Yemen: A Country Sandwiched Between the Two Giants in Middle East
Saudi-Iranian competition has intensified Yemen’s internal conflict, undermining its sovereignty and worsening the humanitarian crisis.
The Narrative
Communism - History
> When Bharat Said 'Quit India', the CPI Opposed It! Soviet interests above India’s freedom? Revisit the Communist Party’s opposition to the Quit India Movement. Read the full report!
https://shorturl.at/QEmDy
The Narrative के नियमित अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 9589045439 पर व्हाट्सएप करें!
Communism - History
> When Bharat Said 'Quit India', the CPI Opposed It! Soviet interests above India’s freedom? Revisit the Communist Party’s opposition to the Quit India Movement. Read the full report!
https://shorturl.at/QEmDy
The Narrative के नियमित अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 9589045439 पर व्हाट्सएप करें!
www.thenarrativeworld.in
The CPI’s Opposition to the Quit India Movement
The CPI’s support for the Allied war effort brought it into conflict with the Congress’s 1942 campaign, raising questions about Soviet influence and its wartime political priorities.
Media is too big
VIEW IN TELEGRAM
पवित्र नगरी - अमृतसर
पंजाब प्रांत में स्थित अमृतसर की स्थापना अक्टूबर माह में वर्ष 1577 ई० में गुरु रामदास ने की थी जो सिख मत के चौथे गुरु थे.
गुरु रामदास द्वारा स्थापित इस नगरी का आरंभ एक सरोवर निर्माण से हुआ था, जिसके कारण इसका पूर्ववर्ती नाम 'अमृत सरोवर' था.
अमृतसर नगरी में स्थित भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल को महर्षि वाल्मीकि का रामायणकालीन आश्रम माना जाता है. वहीं इस नगरी में प्राचीन दुर्गयाना मंदिर भी अवस्थित हैं.
अमृतसर नगरी की ऐतिहासिक महत्ता होने के साथ-साथ स्वाधीनता संग्राम के काल में भी प्रमुख भूमिका रही है. पंजाब प्रांत में क्रांतिकारियों की मुख्य केंद्र स्थली के रूप में अमृतसर की चहुंओर प्रसिद्धि थी.
मेरी संस्कृति…मेरा देश…मेरा अभिमान 🚩
The Narrative के अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 9589045439 पर व्हाट्सएप करें
पंजाब प्रांत में स्थित अमृतसर की स्थापना अक्टूबर माह में वर्ष 1577 ई० में गुरु रामदास ने की थी जो सिख मत के चौथे गुरु थे.
गुरु रामदास द्वारा स्थापित इस नगरी का आरंभ एक सरोवर निर्माण से हुआ था, जिसके कारण इसका पूर्ववर्ती नाम 'अमृत सरोवर' था.
अमृतसर नगरी में स्थित भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल को महर्षि वाल्मीकि का रामायणकालीन आश्रम माना जाता है. वहीं इस नगरी में प्राचीन दुर्गयाना मंदिर भी अवस्थित हैं.
अमृतसर नगरी की ऐतिहासिक महत्ता होने के साथ-साथ स्वाधीनता संग्राम के काल में भी प्रमुख भूमिका रही है. पंजाब प्रांत में क्रांतिकारियों की मुख्य केंद्र स्थली के रूप में अमृतसर की चहुंओर प्रसिद्धि थी.
मेरी संस्कृति…मेरा देश…मेरा अभिमान 🚩
The Narrative के अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 9589045439 पर व्हाट्सएप करें
Short Video Story by The Narrative
> CJP के प्रदर्शन से नेहा बोरा ने फेर लिया मुँह?
📍 ‘Neha Bora’ की सच्चाई!
📍 ‘Solidarity’ कहाँ?
📍देखे पूरी वीडियो!
YouTube Link - https://youtube.com/shorts/odWACdOFBh0
Like, Share & Subscribe
> CJP के प्रदर्शन से नेहा बोरा ने फेर लिया मुँह?
📍 ‘Neha Bora’ की सच्चाई!
📍 ‘Solidarity’ कहाँ?
📍देखे पूरी वीडियो!
YouTube Link - https://youtube.com/shorts/odWACdOFBh0
Like, Share & Subscribe
The Narrative
Bharat - Politics
> ECI’s fact-check puts Congress’s claims on SIR under scrutiny, exposing the gap between political allegations and facts.*
https://shorturl.at/0TH6p
The Narrative के नियमित अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 9589045439 पर व्हाट्सएप करें!
Bharat - Politics
> ECI’s fact-check puts Congress’s claims on SIR under scrutiny, exposing the gap between political allegations and facts.*
https://shorturl.at/0TH6p
The Narrative के नियमित अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 9589045439 पर व्हाट्सएप करें!
www.thenarrativeworld.in
ECI Fact Checks Congress's Fallacy: Chidambaram’s SIR “Abandonment” Claim Collapses Under Scrutiny
Congress leader confuses routine SSR with SIR, inflates SC notice into ‘retreat’, and recycles unverified deletion numbers ECI’s statutory duty continues unhindered
Media is too big
VIEW IN TELEGRAM
समता की प्रतिमा, भाग्यनगर
तेलंगाना के भाग्यनगर में स्थित समता की प्रतिमा, 11वीं-12वीं शताब्दी के महान वैष्णव आचार्य श्री रामानुजाचार्य के जीवन और दर्शन को समर्पित एक भव्य स्मारक है।
लगभग 216 फुट ऊँची यह प्रतिमा, मानव समानता, भक्ति और सामाजिक समरसता के उनके संदेश का प्रतीक मानी जाती है।
54 फ़ीट ऊंचे आधार भवन पर यह प्रतिमा स्थापित की गई है, जिसका नाम "भद्र वेदी" है।
प्रतिमा परिसर में भारतीय दर्शन, वैदिक परंपरा और मंदिर स्थापत्य की सुंदर झलक मिलती है, जो इसे केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक प्रेरणा का केंद्र बनाती है।
मेरी संस्कृति…मेरा देश…मेरा अभिमान 🚩
The Narrative के अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 9589045439 पर व्हाट्सएप करें
तेलंगाना के भाग्यनगर में स्थित समता की प्रतिमा, 11वीं-12वीं शताब्दी के महान वैष्णव आचार्य श्री रामानुजाचार्य के जीवन और दर्शन को समर्पित एक भव्य स्मारक है।
लगभग 216 फुट ऊँची यह प्रतिमा, मानव समानता, भक्ति और सामाजिक समरसता के उनके संदेश का प्रतीक मानी जाती है।
54 फ़ीट ऊंचे आधार भवन पर यह प्रतिमा स्थापित की गई है, जिसका नाम "भद्र वेदी" है।
प्रतिमा परिसर में भारतीय दर्शन, वैदिक परंपरा और मंदिर स्थापत्य की सुंदर झलक मिलती है, जो इसे केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक प्रेरणा का केंद्र बनाती है।
मेरी संस्कृति…मेरा देश…मेरा अभिमान 🚩
The Narrative के अपडेट्स के लिए अपने नाम एवं स्थान के साथ 9589045439 पर व्हाट्सएप करें