आज हमारे हेड teacher का देहांत हो गया है| ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने चरणो मे स्थान दे| इस दुख की घड़ी मे परिवार को दुख सहन करने की शक्ति दे|
नौकरी के लिए पढ़ना और ज्ञान के लिए पढ़ना,
दोनों में बहुत अन्तर है।
आप जब नौकरी के लिए पढ़ते हैं तब आप पढ़ाई को बोझ की तरह महसूस करते हैं और आपका मन पढ़ाई में स्थिर नही रहता है।
लेकिन जब आप ज्ञान बढ़ाने के लिए पढ़ते हैं तब आपके दिमाग पर कोई बोझ नही होता है और आप बिना किसी परेशानी के ज्ञान प्राप्त करते हैं।
अतः मेरा आपसे विनम्र निवेदन है कि जब भी आप पढाई करे तब ये सोचकर पढ़े कि मुझे अपना ज्ञान बढ़ाना है, अपने दिमाग से नौकरी का ख्याल पढ़ते समय दिमाग से बिल्कुल निकाल दें।
कुछ दिन आप ऐसा करके देखें, आप पाएंगे की जो चीज़ आपको 2 घण्टे में भी समझ नही आ रही थी , वह आधा घण्टे में ही समझ आ जायेगी और आप पढ़ें हुए को कभी भूलेंगे भी नही,
धन्यवाद।
दोनों में बहुत अन्तर है।
आप जब नौकरी के लिए पढ़ते हैं तब आप पढ़ाई को बोझ की तरह महसूस करते हैं और आपका मन पढ़ाई में स्थिर नही रहता है।
लेकिन जब आप ज्ञान बढ़ाने के लिए पढ़ते हैं तब आपके दिमाग पर कोई बोझ नही होता है और आप बिना किसी परेशानी के ज्ञान प्राप्त करते हैं।
अतः मेरा आपसे विनम्र निवेदन है कि जब भी आप पढाई करे तब ये सोचकर पढ़े कि मुझे अपना ज्ञान बढ़ाना है, अपने दिमाग से नौकरी का ख्याल पढ़ते समय दिमाग से बिल्कुल निकाल दें।
कुछ दिन आप ऐसा करके देखें, आप पाएंगे की जो चीज़ आपको 2 घण्टे में भी समझ नही आ रही थी , वह आधा घण्टे में ही समझ आ जायेगी और आप पढ़ें हुए को कभी भूलेंगे भी नही,
धन्यवाद।
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