बड़ी खबर🔥💯✅
लेखपाल 7994 की मुख्य परीक्षा 26 अप्रैल , 3 मई अथवा 21 मई को कराई जा सकती है।
इन तीनों तिथियों के मिस होने पर जुलाई में ही परीक्षा की संभावना है।
https://t.me/UPDATESFAMILY143
लेखपाल 7994 की मुख्य परीक्षा 26 अप्रैल , 3 मई अथवा 21 मई को कराई जा सकती है।
इन तीनों तिथियों के मिस होने पर जुलाई में ही परीक्षा की संभावना है।
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विज्ञापन संख्या-01-परीक्षा/2026, भेषजिक मुख्य परीक्षा (प्रा0अ0प0-2025)/02 का विज्ञापन ।
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Kvs mains ki परीक्षा बहुत जल्दी है!
सिलेबस ध्यान से पढ़ें और जिनका आधारभूत अनुभव जितना अच्छा होगा उनको उतना फायदा मिलेगा!
सिलेबस ध्यान से पढ़ें और जिनका आधारभूत अनुभव जितना अच्छा होगा उनको उतना फायदा मिलेगा!
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◾भारत सरकार की नई पॉलिसी आई है चैनल, ग्रुप के सभी बोट, फर्जी अकाउंट निष्क्रिय किया जा रहा है.......!!!
◾सभी चैनल के मेंबर बहुत तेजी से घट रहा है लिकिन दिखाई नहीं दे रहा.....!!!
◾कही ऐसा न हो निष्क्रिय अकाउंट उड़ते उड़ते सक्रिय मेंबर न उड़ जाए.....!!😑😑
👉नहीं तो लेनी के देनी पड़ जाएगा.....!!!😂😂
◾सभी चैनल के मेंबर बहुत तेजी से घट रहा है लिकिन दिखाई नहीं दे रहा.....!!!
◾कही ऐसा न हो निष्क्रिय अकाउंट उड़ते उड़ते सक्रिय मेंबर न उड़ जाए.....!!😑😑
👉नहीं तो लेनी के देनी पड़ जाएगा.....!!!😂😂
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अभी ja 5370 ki अनुमानित cutoff आएगी wahi sbka 57 se 63 tk aur bad me कहेंगे कि देखो भैया हमारी सही हुई हमारी सही हुई.....
कटऑफ वो होती जो प्वाइंट में हेर फेर हो न की 1 के 2 इधर उधर krke बताई jaye......
Mera अनुमान है जिस प्रकार लोग फेल हुई और टाइपिंग देने नहीं गए बिहार टीचर वाले और उप police वाले मुझे लग रहा था कि
Gen 62.50+-.75
Obc 59.5+-.75
Ews 58+-.75
Baki sc 50 ke अंदर aur girls भी 50 ke आसपास
कटऑफ वो होती जो प्वाइंट में हेर फेर हो न की 1 के 2 इधर उधर krke बताई jaye......
Mera अनुमान है जिस प्रकार लोग फेल हुई और टाइपिंग देने नहीं गए बिहार टीचर वाले और उप police वाले मुझे लग रहा था कि
Gen 62.50+-.75
Obc 59.5+-.75
Ews 58+-.75
Baki sc 50 ke अंदर aur girls भी 50 ke आसपास
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UPDATES FAMILY❤️🙏 pinned «अभी ja 5370 ki अनुमानित cutoff आएगी wahi sbka 57 se 63 tk aur bad me कहेंगे कि देखो भैया हमारी सही हुई हमारी सही हुई..... कटऑफ वो होती जो प्वाइंट में हेर फेर हो न की 1 के 2 इधर उधर krke बताई jaye...... Mera अनुमान है जिस प्रकार लोग फेल हुई और टाइपिंग देने…»
UPDATES FAMILY❤️🙏
अभी ja 5370 ki अनुमानित cutoff आएगी wahi sbka 57 se 63 tk aur bad me कहेंगे कि देखो भैया हमारी सही हुई हमारी सही हुई..... कटऑफ वो होती जो प्वाइंट में हेर फेर हो न की 1 के 2 इधर उधर krke बताई jaye...... Mera अनुमान है जिस प्रकार लोग फेल हुई और टाइपिंग देने…
Ews obc se km ke कारण Mai final ke bad btaunga.....😂😀
वरना भैया ज्यादा करवा सकते है
वरना भैया ज्यादा करवा सकते है
❤33🎉1
अभी बहुतों के पास उस समय का ccc नहीं होगा और फिर क्या ही हो सकता......डेट date hoti h भैया
❤34
✦ 𝐇𝐎𝐋𝐈 — 𝐔𝐓𝐒𝐀𝐇 𝐘𝐀 𝐔𝐓𝐏𝐀𝐓? ✦
होली का दिन था…
चारों ओर रंग, हँसी और शोर का माहौल था।
हर मन में उत्साह था, हर चेहरे पर चमक।
कोई भाग रहा था, कोई रंग लगा रहा था,
तो कोई कोने में छुपकर खुद को बचाने की कोशिश कर रहा था।
धीरे-धीरे खेल का रूप बदलने लगा।
लड़के और लड़कियों की अलग-अलग टोलियाँ बन गईं।
अब त्योहार कम और चुनौती अधिक दिखाई देने लगी।
लड़कियाँ चाहती थीं कि लड़कों का हाल बिगाड़ा जाए,
और लड़के ठान चुके थे कि कोई लड़की बिना रंग के न बचे।
कुछ लोग गुलाल और रंगों से खेल रहे थे,
तो कुछ पानी, कीचड़ और यहाँ तक कि गोबर तक ले आए।
हँसी-मज़ाक की सीमा कब लांघी गई,
किसी को अहसास ही न हुआ।...
कमज़ोरों को ताकतवरों ने कीचड़ में धकेल दिया,
किसी का चेहरा ज़मीन से सट गया,
किसी की आँखों में गंदगी चली गई,
और किसी की मुस्कान अपमान में बदल गई।
चारों ओर पानी ही पानी था…
बहता हुआ, बर्बाद होता हुआ।
इतना पानी कि किसी की महीनों की प्यास बुझ सकती थी।
पर उस समय किसी को यह सोचने की फुर्सत न थी।
त्योहार का उद्देश्य क्या था?
क्या किसी को हराना?
क्या किसी को नीचा दिखाना?
या फिर मिलकर खुशियाँ बाँटना?
होली रंगों का पर्व है,
मन के मैल को धोने का अवसर है,
रिश्तों में मिठास घोलने का माध्यम है।
यह प्रतिस्पर्धा नहीं, प्रेम का संदेश है।
त्योहार तभी सुंदर लगता है
जब उसमें मर्यादा, संवेदना और सम्मान हो।
हँसी तब तक ही अच्छी है
जब तक वह किसी की तकलीफ का कारण न बने।
आइए संकल्प लें —
होली मनाएँगे, पर संयम के साथ।
रंग लगाएंगे, पर सम्मान के साथ।
खुशियाँ बाँटेंगे, पर किसी को आहत किए बिना।
क्योंकि त्योहार खुशियाँ लाने के लिए होते हैं,
न कि किसी को दुख या पीड़ा देने के लिए।
❤️❤️❤️
होली का दिन था…
चारों ओर रंग, हँसी और शोर का माहौल था।
हर मन में उत्साह था, हर चेहरे पर चमक।
कोई भाग रहा था, कोई रंग लगा रहा था,
तो कोई कोने में छुपकर खुद को बचाने की कोशिश कर रहा था।
धीरे-धीरे खेल का रूप बदलने लगा।
लड़के और लड़कियों की अलग-अलग टोलियाँ बन गईं।
अब त्योहार कम और चुनौती अधिक दिखाई देने लगी।
लड़कियाँ चाहती थीं कि लड़कों का हाल बिगाड़ा जाए,
और लड़के ठान चुके थे कि कोई लड़की बिना रंग के न बचे।
कुछ लोग गुलाल और रंगों से खेल रहे थे,
तो कुछ पानी, कीचड़ और यहाँ तक कि गोबर तक ले आए।
हँसी-मज़ाक की सीमा कब लांघी गई,
किसी को अहसास ही न हुआ।...
कमज़ोरों को ताकतवरों ने कीचड़ में धकेल दिया,
किसी का चेहरा ज़मीन से सट गया,
किसी की आँखों में गंदगी चली गई,
और किसी की मुस्कान अपमान में बदल गई।
चारों ओर पानी ही पानी था…
बहता हुआ, बर्बाद होता हुआ।
इतना पानी कि किसी की महीनों की प्यास बुझ सकती थी।
पर उस समय किसी को यह सोचने की फुर्सत न थी।
त्योहार का उद्देश्य क्या था?
क्या किसी को हराना?
क्या किसी को नीचा दिखाना?
या फिर मिलकर खुशियाँ बाँटना?
होली रंगों का पर्व है,
मन के मैल को धोने का अवसर है,
रिश्तों में मिठास घोलने का माध्यम है।
यह प्रतिस्पर्धा नहीं, प्रेम का संदेश है।
त्योहार तभी सुंदर लगता है
जब उसमें मर्यादा, संवेदना और सम्मान हो।
हँसी तब तक ही अच्छी है
जब तक वह किसी की तकलीफ का कारण न बने।
आइए संकल्प लें —
होली मनाएँगे, पर संयम के साथ।
रंग लगाएंगे, पर सम्मान के साथ।
खुशियाँ बाँटेंगे, पर किसी को आहत किए बिना।
क्योंकि त्योहार खुशियाँ लाने के लिए होते हैं,
न कि किसी को दुख या पीड़ा देने के लिए।
❤️❤️❤️
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जो लाक्षा-गृह में जलते हैं,
वे ही शूरमा निकलते हैं।
शानदार सैमसन 😚
बधाई हो अब गोरों को भी देख लेंगे 😂
वे ही शूरमा निकलते हैं।
शानदार सैमसन 😚
बधाई हो अब गोरों को भी देख लेंगे 😂
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