असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षार्थी ग्रुप
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18-19 अप्रैल
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हमने पहले ही कहा था हाई कोर्ट से कुछ नहीं होगा क्योंकि परीक्षा सरकार ने रद्द की है लेकिन आप लोग मानते नहीं हो। अनावश्यक पैसा खर्च करते हो। चलिए अब कोई बात नहीं है। जो भी अच्छे लोग हैं उनका सदैव स्वागत है। वह हमेशा हमसे जुड़े रहें और बाकी जो दूसरे लोग हैं जिन्हें हमारे विचार पसंद नहीं है वह दूर हो सकते हैं। हमें उनके समर्थन की कभी कोई आवश्यकता नहीं है।
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अभी तो परीक्षा तिथि घोषित हुई है और कुछ मूर्खों ने पंचायत चुनाव के कारण परीक्षा तिथि टलने की संभावना पर विचार भी शुरू कर दिया है। कोई इन मूर्खों से यह पूछे कि पढ़ाई नहीं करोगे और बाद में भ्रष्टाचार को लेकर शोर मचाओगे। जहाँ पंचायत चुनाव उन तिथियों पर होगा वहाँ परीक्षा केंद्र नहीं रखा जाएगा जैसे लोक सेवा आयोग ने माघ मेले के लेकर चलते प्रयागराज में परीक्षा केंद्र नहीं बनाए।
पहले तो परीक्षा केवल प्रयागराज में हो जाती थी। अब तो पूरा उत्तर प्रदेश पड़ा हुआ है। जहाँ चाहें वहाँ परीक्षा केंद्र बना सकते हैं।
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अब सोशल मीडिया में ऐसी ही नई नई अफवाह आएंगी। अध्यक्ष जी को नहीं पता है कि पंचायत चुनाव है। जब जिस दिन जहाँ चुनाव होगा वहाँ परीक्षा केंद्र नहीं बनाएंगे सीधी बात है।
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परीक्षा तिथियाँ घोषित हो चुकी हैं किंतु आप देख सकते हैं उसके बाद भी हम ट्वीट कर रहे हैं। सतर्क व्यक्ति की यही पहचान होती है। आपकी तरह नहीं कि इंटरव्यू के लिए कोई प्रयास नहीं किया और जब परीक्षा रद्द हो गई तो अपने-अपने कमरे से निकलकर आयोग पहुँच गए। अगर सभी परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद ही सरकार पर इंटरव्यू के लिए दबाव बनाते तो स्थिति कुछ और होती किंतु सब चुपचाप पड़े रहे और फेल छात्रों ने जगह-जगह ज्ञापन देकर यह बताने का प्रयास किया कि परीक्षा में धांधली हुई है। हमें पता है यहाँ पर लोग हमारी तरह नहीं हैं। अधिकांश स्वार्थी और अवसरवादी हैं। सही बात को लेकर हम आगे भी ट्वीट करते रहेंगे। भले ही कोई समर्थन करे, न करे।
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असिस्टेंट प्रोफेसर विज्ञापन संख्या 51 की परीक्षा में साक्षात्कार हेतु सफल घोषित होने के बाद एकबार फिर से परीक्षा की तैयारी करने की जिम्मेदारी सिर पर आ पड़ी है। कोई नहीं कह सकता है कि प्रश्न पत्र में क्या पूछा जाएगा। फिर भी सब कुछ समेट कर जाना पड़ेगा। समय बहुत बीत चुका है और परिस्थितियाँ पहले से अधिक कठिन हो गई हैं।
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हे भद्रमहापुरुष! क्या विचार कर रहे हो। तुम यह भली भाँति जानते हो कि प्रारब्ध से सब कुछ तय होता है। प्राणी केवल प्रतीक्षा कर सकता है। प्रतीक्षा का जो भी परिणाम हो मनुष्य को उसे स्वीकार करना पड़ता है। अपने भद्रमहापुरुष योग के चलते तुम भविष्य की घटनाओं से परिचित हो किंतु मानवीय स्वभाव के चलते व्यथित हो जाते हो। जो हुआ अच्छा हुआ यह विचार करके आने वाले समय का आनंद लेने के लिए तैयार हो जाओ। बहुत लंबा समय बीत चुका है। अब उसकी परिधि मात्र शेष है। 😊
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हमने आप लोगों से क्या कहा था कि जब सरकार ने ही परीक्षा को रद्द कर दिया है तो कोर्ट कभी उस परीक्षा को सही नहीं ठहरा सकती है क्योंकि कोर्ट कोई जाँच एजेंसी नहीं है किंतु उस समय कुछ लोग हमारा विरोध कर रहे थे। हम पहले इंटरव्यू का समर्थन इस आधार पर कर रहे थे क्योंकि इंटरव्यू की तारीख सरकार द्वारा घोषित की गई थी और जब सरकार ने ही भ्रष्टाचार के आधार पर परीक्षा को रद्द कर दिया तो हम किस आधार पर परीक्षा का समर्थन कर सकते थे भले हम उस परीक्षा में उत्तीर्ण थे और साक्षात्कार हेतु सफल घोषित हुए थे। हमने यह भी कहा था यहाँ किसी के माथे पर नहीं लिखा हुआ है कि कौन ईमानदार है और कौन जाने इंटरव्यू के लिए ज्यादा जोर लगाने वाले लाभ पा चुके हों ऐसी स्थिति में जो सरकार ने किया हमें उसी को सही मानना चाहिए। इसी आधार पर हमने सरकार के खिलाफ कोर्ट जाने का समर्थन नहीं किया था जिस पर एक लड़की भड़क गई थी और अपशब्द बोलने लगी थी। हम औरों की तरह न यूट्यूब पर वीडियो बनाते हैं न अनावश्यक पोस्ट लिखते हैं। जो भी होता है हमेशा सही बात लिखते हैं किंतु जब हमारी बातें आपके स्वार्थ से मेल नहीं खाती हैं तो आप हमारा विरोध करते हैं। अंततः हमारी बात सही हुई। आप लोग अनावश्यक कोर्ट गए। हमने उस समय अपने बहुत सारे वीडियो में आपसे यह बार-बार कहा था कि हमें इस केस में कोई ग्राउंड नहीं दिखाई पड़ती है। पता नहीं आप लोग किस आधार पर कोर्ट जा रहे हो और अगर कोर्ट गए हो तो कम से कम अपने वकील साहब से पूछ कर हमें ग्राउंड अवश्य बता दो। हमने यह भी कहा था कि इस मामले में हमने सुप्रीम कोर्ट के अनेक वकीलों से बात की है और उन्होंने भी कहा है कि इस मामले में कोई ग्राउंड नहीं है। फिर भी आप लोगों ने हमारी बात को नहीं माना। चलिए अब सामने परीक्षा है।
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