असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षार्थी ग्रुप
1.25K subscribers
109 photos
592 links
Download Telegram
समाचार पत्रों से ज्ञात हुआ है कि एक छात्र गिरिजेश कुमार पर उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा कर्नलगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। यह छात्र फेसबुक ग्रुप में शिक्षा सेवा चयन आयोग की गोपनीय और भ्रामक सूचनाएँ लीक करता है। इसी छात्र द्वारा पिछले कुछ दिनों से फेसबुक ग्रुप में यह दावा किया जा रहा था कि उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग माननीय इलाहाबाद हाईकोर्ट डबल बेंच के निर्णय के विपरीत 28 विषयों की पुनर्परीक्षा का परिणाम जारी करेगा।
👏3❤1🙏1💯1
हमने आपसे कल सुबह के वीडियो में ही कहा था कि कोई भी भ्रामक न्यूज मत लिखिए अन्यथा कार्यवाही हो सकती है। यह फेसबुक ग्रुप ऐसे ही दुष्ट लोगों से भरा पड़ा है। पढ़ाई लिखाई से इन लोगों का कोई नाता नहीं है। फेल होने पर परीक्षा को रद्द करने के लिए आंदोलन करते हैं और कोई व्यक्ति अगर इनका विरोध करता है तो उसे ग्रुप से आउट कर देते हैं।
🙏4❤1💯1
कुछ दुष्ट हमारे यूट्यूब पर भी कमेंट बॉक्स में आकर अभद्रता करते हैं। हमारी प्रवृत्ति दूसरी है। हम दुष्टों से उलझना पसंद नहीं करते हैं अन्यथा ऐसी प्रतिक्रिया दे सकते हैं जो उन्हें सहन नहीं होगी। कुछ लोगों के स्क्रीनशॉट हमने रखे हुए हैं और समय आने पर उन पर कार्यवाही करेंगे।
❤1🙏1💯1
फिर उनकी पूरी जिंदगी एफआईआर कटाने में निकल जाएगी।
🙏2❤1💯1
यह लड़का अपनी फेसबुक आईडी बंद करके फरार हो गया है। आज उसका साथ देने के लिए कोई नहीं है। कल तक फेसबुक में इसके अनेक समर्थक थे। आज कोई नहीं है। इसने अपनी जिंदगी बर्बाद कर ली।
🙏3❤1👍1💯1
एफआईआर लिखने पर जीवन बर्बाद हो जाता है और मैं कतई इसका समर्थक नहीं हूँ। मेरा विचार है सर्वप्रथम चेतावनी देकर छोड़ देना चाहिए। किंतु अब तो एफआईआर हो चुकी है। अब सामना करना ही पड़ेगा। भागने से कुछ नहीं होगा। आपसे निवेदन है कुछ भी मत लिखा करो। हर कोई डॉ. सुनील जैसा उदार नहीं है। फेसबुक आदि सोशल मीडिया पर कोई आपका सगा नहीं है। जिन्हें कल तक गुप्त समाचार दे रहे थे उनमें से कोई भी आज आपके साथ नहीं है।
❤1👍1🙏1💯1
आप सब फेसबुक के शेर हो। जहाँ लिखना चाहिए वहाँ कुछ नहीं लिखोगे। जब अध्यक्ष जी ने ट्वीट किया है और उसके नीचे हमने भी ट्वीट किया है तो आपको उसमें लाइक और कमेंट करने में भी आपत्ति हो रही है तो यहाँ चैनल पर क्या कर रहे हो? अगर आप चाहते हैं कि असिस्टेंट प्रोफेसर विज्ञापन संख्या 51 का इंटरव्यू आयोजित किया जाए तो अध्यक्ष जी को ट्वीट क्यों नहीं करते हो? और यह बात स्पष्ट है कि जब तक सुप्रीम कोर्ट से कोई स्टे आर्डर नहीं आएगा आयोग और सरकार दोनों इलाहाबाद हाईकोर्ट डिवीजन बेंच का निर्णय मानने के लिए बाध्य हैं।
👍3❤1🙏1💯1
हमारे चैनल पर वह लोग भी हैं जो नई परीक्षा के आधार पर रिजल्ट चाहते हैं और वह लोग भी हैं जो पिछली परीक्षा के आधार पर इंटरव्यू चाहते हैं। नई परीक्षा के आधार पर रिजल्ट की माँग करने वालों के लिए कोई विधिक आधार नहीं है किंतु पिछली परीक्षा के आधार पर इंटरव्यू की माँग करने वालों के पास इलाहाबाद हाईकोर्ट का जजमेंट है इसलिए अध्यक्ष जी को ट्वीट करिए क्योंकि अब पीजीटी की परीक्षा संपन्न हो चुकी है। अब आयोग को असिस्टेंट प्रोफेसर का इंटरव्यू कार्यक्रम घोषित करने में देरी नहीं करनी चाहिए।
👍9🙏2❤1💯1
हाईकोर्ट डिवीजन बेंच ने अगर उसी समय 28 विषयों के समयबद्ध साक्षात्कार का आदेश कर दिया होता तो सारी समस्या निपट गई होती। लेकिन कहते हैं कि हर मामले में एक पूँछ रह जाती है और बाद में वह पूँछ मुसीबत की जड़ बन जाती है। आयोग को मात्र पाँच विषयों का नया रिजल्ट तैयार करना है और 28 विषयों का पुराना रिजल्ट पहले से तैयार है। आयोग चाहे तो 28 विषयों का साक्षात्कार कार्यक्रम जारी कर सकता है क्योंकि ऐसा करने पर कहीं कोई प्रतिबंध नहीं है। ऐसा लग रहा है जैसे यह वैकेंसी 2026 में ही आई है और इसे पूरा करने की किसी को कोई जल्दबाजी नहीं है, न छात्रों को और न सरकार को।
❤10🙏5💯1🏆1