असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षार्थी ग्रुप
1.26K subscribers
110 photos
593 links
Download Telegram
जितने लोग चंदा करके हाईकोर्ट में इंटरव्यू कराने गए हैं वह सभी फटाफट सुप्रीम कोर्ट पहुँचें और इस भर्ती को 4 महीने में पूरा करा लें वही उचित है क्योंकि जब परीक्षा की शुचिता भंग हो चुकी है तो हमें नहीं पता कि आप में से कौन महबूब अली से पेपर पाया हुआ है। एक घर में रहकर पता नहीं चलता है व्यक्ति क्या कर रहा है और यहाँ सब एक दूसरे की ईमानदारी के ठेकेदार बन रहे हैं कि नहीं वह ईमानदार है उसने पेपर नहीं लिया है। अरे वही पेपर पाया हुआ है। वह तुम्हारी सीट और नौकरी भी खा जाएगा इसलिए इंटरव्यू का समर्थन छोड़िए और फटाफट सुप्रीम कोर्ट में जाकर 4 महीने में इस परीक्षा को पूरा करवाने की याचिका कर दीजिए।
🙏3💯1
सुप्रीम कोर्ट का आदेश सरकार पर बाध्यकारी होता है। अब देखना शिक्षा आयोग कैसे घोड़े की तरह भागेगा।
🙏1💯1
केवल ईमानदार और मेहनती छात्र हमारे चैनल से जुड़ें। महबूब अली गैंग के समर्थक फरार हो जाएँ।
हम मानते हैं परीक्षा रद्द करना सरकार का गलत निर्णय था किंतु जब परीक्षा में सेंधमारी हो चुकी है तो इसे एक दुर्घटना समझकर स्वीकार करना मजबूरी हो जाती है।
🙏2
बाकी आपको पता नहीं है कि जब आप चंदा दे चुके हैं तो वहाँ आधा आधा बँट गया है और सब मजे करेंगे क्योंकि हमें पता है इस मैटर में कुछ नहीं हो सकता है और जबकि सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आ चुका है सभी को एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में कर देनी चाहिए जिससे सभी शिक्षक भर्ती असिस्टेंट प्रोफेसर टीजीटी पीजीटी 4 महीने में पूरी हो सके। यह सभी का हित है। आगे जैसा आपको उचित लगे करिए।
🙏1💯1
व्यक्ति जैसा होता है उसकी संगति में वैसे ही लोग होते हैं। हम अच्छे हैं इसलिए बुरे लोगों से हमारा तालमेल नहीं बैठता है। जन्मकुंडली से हम
भद्रमहापुरुष हैं इसलिए धूर्त लोग हमें पसंद नहीं आते हैं।
एक अच्छा चिकित्सक रोग का ही इलाज करता है और रोग के सामान्य होने पर कह देता है कुछ दिनों में सही हो जाओगे। दूसरी ओर जो लालची होता है वह कोई बीमारी न होते हुए भी दवाई लिखेगा, जाँच लिखेगा और हजारों रुपए खर्च करवा देगा।
इसलिए हमने पहले कहा था कि सुप्रीम कोर्ट में हम बिना किसी से एक रुपया लिए केस करेंगे।
तो जैसा ऊपर कहा कि अच्छे लोगों की संगति में अच्छे लोग ही रहते हैं
तो उन वकीलों ने हमें बताया कि इस केस का कोई ग्राउंड नहीं है जबकि अन्य कोई ग्राउंड न होने पर भी दूसरे चिकित्सक की तरह व्यवहार करते हैं।
हाई कोर्ट से इस केस में कुछ नहीं होने वाला है क्योंकि सरकार ने ही भ्रष्टाचार को स्वीकार कर लिया है।
ऐसी स्थिति में इंटरव्यू का कोई अर्थ नहीं है क्योंकि आप नहीं जानते हैं पेपर कितने स्तर पर बेचा गया है।
जय श्री कृष्ण!
💯3🙏2
एक ऐसे वकील हैं जिनसे कुछ कहते हैं तो वह तुरंत कहते हैं आइए रिट किया जाए और दूसरे कुछ ऐसे वकील हैं जो कहते हैं अगर आपकी जगह कोई और आया होता तो हम केस कर देते लेकिन आपको सही बता रहे हैं इसमें कोई मामला नहीं बनता है।
तो दुनिया में हर प्रकार के लोग हैं। अच्छे लोग न होते तो प्रलय हो गई होती।
🙏1
परीक्षा रद्द होना निश्चित रूप से दुर्भाग्यपूर्ण है क्योंकि फिर से परीक्षा पास करने की कोई गारंटी नहीं होती है लेकिन एक बात मानकर चलिए जिनका भाग्य अच्छा चल रहा है यह परीक्षा उनके लिए ही बची है क्योंकि इस परीक्षा में पिछले विज्ञापनों की तरह महबूब अली गैंग कम कर गया है। अभी जो इंटरव्यू के लिए तड़प रहे हैं जब फाइनल रिजल्ट आता तब उन्हें पता चलता है यह क्या हो गया। यह तो अच्छी बात है कि सरकार ने स्वयं भ्रष्टाचार को स्वीकार किया, परीक्षा को रद्द किया और जब तक परीक्षा रद्द नहीं हुई थी हम इंटरव्यू का पुरजोर समर्थन कर रहे थे और परीक्षा रद्द होने के बाद भी कुछ दिनों तक हमने बहुत ट्वीट किए थे कि इंटरव्यू हर सूरत में लिए जाएँ।
💯1
अब सोचते हैं तो अच्छा लगता है क्योंकि इंटरव्यू होने का सीधा अर्थ था महबूब अली गैंग का फायदा होना। हर किसी की समझ का अपना स्तर होता है तो जरूरी नहीं है कि आपको हमारी बातें समझ में आएँ।
🙏1
हमारी बात याद रखना, विज्ञापन संख्या 51 न भूतो न भविष्यति है
🙏1
और अब तो सुप्रीम कोर्ट का भी जजमेंट आ गया कि 4 महीने में भर्ती पूरी की जाए। अगर शिक्षा आयोग चार महीने में भर्ती पूरी नहीं करता है तो फिर सुप्रीम कोर्ट में देखा जाएगा। सुप्रीम कोर्ट में वकीलों की पूरी फौज हमारे साथ है।
ईमानदार मेहनती निष्कपट लोगों का सदैव स्वागत है।
👍2❤1🙏1
सुप्रीम कोर्ट में जो वकील आपसे केस का दस लाख लेंगे हम उन्हीं से मात्र दस हजार में केस करवा देंगें और यह दस हजार भी हम स्वयं देंगे।
किसी से माँगेंगे नहीं। दस हजार भी इसलिए दिया जाएगा क्योंकि मुफ्त में काम कराना अच्छा नहीं लगता है।
❤3🙏1
बीते 4 महीने बहुत याद आते हैं😊
🥰1👏1
भ्रष्टाचार एक रोग है। हम इस रोग से पीड़ित हुए हैं और इसने आपको भी अपनी चपेट में ले लिया। अच्छा हुआ कम से कम आप दूसरों का दर्द तो समझेंगे। जब कोई आपसे कहेगा कि भ्रष्टाचार के चलते नौकरी लगने में इतना समय हो गया। अगर बहुत जल्दी नौकरी लग जाती है तो व्यक्ति किसी की पीड़ा को नहीं समझता है। चोट जरूरी होती है। चोट व्यक्ति को वास्तविक अर्थ में मनुष्य बनाती है।
❤5🙏1