भारत के पूर्वी तट से युद्ध अभ्यास करके लौट एक ईरान के युद्धपोत पर अमेरिका ने बिना चेतावनी दिए पनडुब्बी से हमला करके डुबो दिया
अमेरिका इसे अपने वाह वाही के तौर पर ले रहा है जबकि एक घृणित कृत्य है।अभी आधिकारिक देश तौर पर दोनों देशों ने युद्ध की घोषणा नहीं की है और एक अंतरराष्ट्रीय सीमा में स्थित किसी देश के जहाज पर हमला कायरता ,अंतरराष्ट्रीय मानकों का उल्लंघन और शांति भंग का प्रयास है।
ईरान से एक तरफ युद्ध छेड़ने का अमेरिका का मकसद दुनिया को अपने हथियारों का जखीरा दिखाना है ताकि उसे बाद में बेच सके। हालांकि कतर ने जिस तरह उसके तीन लड़ाकू विमान को गिरा दिया उससे उसकी बेज्जती ही हुई है
अमेरिका का आयात बिल लगातार बढ़ रहा है और अमेरिका में निर्यात करने के लिए सबसे ज्यादा हथियार ही विकल्प है और अगर दुनिया में युद्ध नहीं होंगे तो अमेरिका केवल दुनिया से आयात करता रह जाएगा और वह उसे निर्यात करने के लिए कुछ नहीं बचेगा।
पूरे दुनिया में अशांति फैला कर अमेरिका अपने हथियारों का निर्यात बढ़ाना चाहता है। अमेरिका कभी भी पूरी दुनिया में शांति का घोतक नहीं रहा है।पूरी दुनिया में शांति का घोतक केवल एक देश भारत ही है
अमेरिका इसे अपने वाह वाही के तौर पर ले रहा है जबकि एक घृणित कृत्य है।अभी आधिकारिक देश तौर पर दोनों देशों ने युद्ध की घोषणा नहीं की है और एक अंतरराष्ट्रीय सीमा में स्थित किसी देश के जहाज पर हमला कायरता ,अंतरराष्ट्रीय मानकों का उल्लंघन और शांति भंग का प्रयास है।
ईरान से एक तरफ युद्ध छेड़ने का अमेरिका का मकसद दुनिया को अपने हथियारों का जखीरा दिखाना है ताकि उसे बाद में बेच सके। हालांकि कतर ने जिस तरह उसके तीन लड़ाकू विमान को गिरा दिया उससे उसकी बेज्जती ही हुई है
अमेरिका का आयात बिल लगातार बढ़ रहा है और अमेरिका में निर्यात करने के लिए सबसे ज्यादा हथियार ही विकल्प है और अगर दुनिया में युद्ध नहीं होंगे तो अमेरिका केवल दुनिया से आयात करता रह जाएगा और वह उसे निर्यात करने के लिए कुछ नहीं बचेगा।
पूरे दुनिया में अशांति फैला कर अमेरिका अपने हथियारों का निर्यात बढ़ाना चाहता है। अमेरिका कभी भी पूरी दुनिया में शांति का घोतक नहीं रहा है।पूरी दुनिया में शांति का घोतक केवल एक देश भारत ही है