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UPPCS 2024 इंटरव्यू जारी

▪️अर्थव्यवस्था,कृषि,व्यक्तिगत पृष्ठिभूमि से संबंधित पूछे जा रहे है प्रश्न
▪️भारत में पहली बार सुप्रीम कोर्ट ने निष्क्रिय इच्छामृत्यु की दी मंजूरी

▪️निष्क्रिय इच्छामृत्यु में जीवन रक्षक इलाज रोककर मरीज को प्राकृतिक तौर पर छोड़ दिया जाता
है।
◼️मांग बढ़ने पर तेल कंपनियों ने उत्पादन में 15 प्रतिशत की वृद्धि की

▪️हार्मुज स्ट्रेट में भारत के 28 पोत फंसे हुए है।
उत्तर प्रदेश में गैस सिलेंडर, डीजल, पेट्रोल की कमी नहीं - योगी आदित्यनाथ
◼️UPPSC LT ग्रेड के कला,संगीत, उर्दू और कृषि विषयों के परिणाम जारी
▪️8 लाख से अधिक वार्षिक आय हो जाने मात्र से OBC क्रीमी लेयर में नहीं आ जाते -सुप्रीम कोर्ट

▪️पद और सामाजिक स्थिति को भी ध्यान में रखना जरूरी

▪️UPSC के 100 से अधिक OBC छात्रों को राहत
▪️देश में LPG की संभावित कमी से निपटने के वैकल्पिक उपायों पर जोर

▪️CNG की 100 प्रतिशत आपूर्ति,राज्यों को कैरोसिन तेल की सप्लाई भेजी गई।

▪️शहर में 25 दिन बाद और गांव में 45 दिन बाद ही मिल पाएंगे LPG सिलेंडर
◼️ईरान ने भारत के जहाजों को हार्मुज स्ट्रेट से गुजरने की इजाजत दी।

▪️ईरान ने भारत को अपना दोस्त बताया
यह इतिहास का एक क्रूर विरोधाभास है कि जिस व्यक्ति के जूतों की धमक से पूरा यूरोप कांपता था, उसका अपना दिल एक औरत के कदमों में पनाह मांगता था। नेपोलियन बोनापार्ट, जिसने ऑस्टरलिट्ज़ के मैदान में हज़ारों को धूल चटाई, वह जोसेफिन के प्रेम के जाल में इस कदर उलझा कि साम्राज्य जीतना उसे आसान लगा, पर जोसेफिन का पूर्ण समर्पण पाना असंभव।

​सन् 1796 का समय था। नेपोलियन इटली के अभियान पर था। दिन भर वह मानचित्रों पर अपनी तलवार से नई सीमाएं खींचता और रात होते ही मोमबत्ती की मद्धम रोशनी में जोसेफिन के लिए विरह की चिट्ठियां लिखता। युद्ध के मैदान में उसकी आँखें चील की तरह दुश्मन की कमजोरी ढूंढती थीं, लेकिन वही आँखें जोसेफिन के पत्रों के इंतज़ार में नम हो जाती थीं।
​उसने लिखा था— "जोसेफिन, तुम मेरी जीत की प्रेरणा हो, लेकिन तुम्हारी बेरुखी मेरी मौत है।"

​नेपोलियन जब युद्ध जीत कर पेरिस लौटा, तो उसके पास विजय के उपहार थे, लेकिन जोसेफिन के पास केवल बहाने। वह पेरिस की महफिलों में मशगूल थी, जबकि नेपोलियन की आत्मा युद्ध की आग में तपकर केवल उसे पुकार रही थी।
​
​कहानी का सबसे रोमांचक मोड़ तब आया जब नेपोलियन को सम्राट घोषित किया गया। सिर पर सोने का ताज था, पैरों के नीचे झुका हुआ यूरोप, लेकिन बगल में बैठी जोसेफिन का दिल कहीं और था। नेपोलियन जान गया था कि वह दुनिया जीत चुका है, पर वह युद्ध हार गया है जो उसने जोसेफिन की रूह को जीतने के लिए लड़ा था।

​अंततः, उत्तराधिकारी की चाहत और राजनीतिक दबाव में उसे अपनी 'किस्मत की देवी' जोसेफिन को तलाक देना पड़ा। कहते हैं कि दस्तावेज़ पर दस्तखत करते समय उस महान योद्धा के हाथ कांप रहे थे।
​इतिहास का सबक: सेंट हेलेना के द्वीप पर जब नेपोलियन अपनी आखिरी सांसें ले रहा था, तो उसके होंठों से निकला आखिरी शब्द 'वॉटरलू' (युद्ध) नहीं, बल्कि 'जोसेफिन' था।
​वह तलवार से साम्राज्य तो बना सका, लेकिन जज्बातों की जंग में वह एक निहत्था सिपाही बनकर रह गया।

नेपोलियन युद्ध के मैदान में तो जीत गया लेकिन प्रेम के मैदान में हार गया।
◼️देश के मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग का नोटिस

▪️देश में किसी CEC को हटाने का पहली बार है यह प्रस्ताव

▪️14 दिन पहले देनी होती है नोटिस
▪️LPG ला रहे 2 भारतीय जहाजों ने हार्मुज स्ट्रेट को पार किया।

▪️ईरान ने भारतीय जहाजों को गुजरने की इजाजत दी है।
UPSI परीक्षा में पूछें गए एक प्रश्न पर विवाद।
▪️UPPCS 2024 के इंटरव्यू जारी

▪️प्रशासनिक समझ, निर्णय क्षमता और सामान्य ज्ञान से पूछे जा रहे है प्रश्न
◼️जो अभ्यर्थी UPPCS 2024 से अपना नाम वापस लेना चाहते है वे आयोग को मेल पर अपना प्रार्थना पत्र भेज सकते है।
◼️पांच राज्यों/केंद्रशासित प्रदेश में चुनावों की हुई घोषणा

▪️4 मई को घोषित होंगे नतीजे


▪️पश्चिम बंगाल में 2 चरण और बाकी में 1 चरण में होंगे चुनाव
◼️उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी भर्ती परीक्षा में 221 रिक्त पदों के लिए 1.24 लाख अभ्यर्थियों ने किया आवेदन

▪️इस प्रकार एक सीट पर 565 दावेदार
UPPCS मेन्स: फर्जी सूचनाओं का प्रभाव

✅ ​पीसीएस-2025 का आंकड़ा - यूपीपीएससी ने पीसीएस-2025 मुख्य परीक्षा के आवेदनों की स्क्रूटनी के बाद 410 अभ्यर्थियों को बाहर कर दिया है।
❌इनमें से 260 अभ्यर्थियों के पास आवेदित पद के लिए आवश्यक शैक्षिक अर्हता ही नहीं थी।

👉 ​आरक्षण का गलत दावा - दर्जनों छात्रों ने बिना प्रमाण-पत्र के आरक्षित श्रेणियों में आवेदन किया और प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) पास कर ली। बाद में मुख्य परीक्षा का फॉर्म भरते समय उन्होंने आयोग से अपनी श्रेणी बदलने का अनुरोध किया या आवेदन ही नहीं किया।
⚠️​योग्य अभ्यर्थियों को नुकसान - प्रारंभिक परीक्षा में सीटों की संख्या के केवल 15 गुना अभ्यर्थियों को ही मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया जाता है। इन फर्जी दावों और गलत सूचनाओं के कारण वास्तव में योग्य अभ्यर्थियों के अवसर छिन जाते हैं।

👉​पिछले वर्षों की स्थिति - यह समस्या नई नहीं है; इससे पहले पीसीएस 2024 में 259 और पीसीएस 2023 में 153 अभ्यर्थियों को अर्ह न होने या अन्य कारणों से मुख्य परीक्षा से बाहर किया गया था।
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ममता कालिया को साहित्य अकादमी पुरस्कार, ‘जीते जी इलाहाबाद’ के लिए सम्मान

हिंदी की वरिष्ठ कथाकार ममता कालिया को साल 2025 का साहित्य अकादमी पुरस्कार देने की घोषणा हुई है। ममता कालिया को यह पुरस्कार उनके संस्मरण ‘जीते जी इलाहाबाद’ के लिए दिया गया है।
◼️भू माफियाओं से मुक्त कराई जाने वाली भूमि पर शिक्षकों, डॉक्टरों,वकीलों और पत्रकारों के लिए बनेंगे आवास।

▪️जनपद स्तर पर होगा लागू
ममता कालिया जी को उनके उपन्यास 'जीते जी इलाहाबाद' के लिए वर्ष 2025 के हिन्दी भाषा का साहित्य अकादमी पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।