◼️मुख्यमंत्री ने राजस्व परिषद को लेखपाल के 7994 भर्ती में आरक्षण की किसी भी त्रुटि,मनमानी,लापरवाही पर कड़े एक्शन लेने की चेतावनी दी।
◼️मुख्यमंत्री के स्पष्ट हस्तक्षेप के बाद राजस्व परिषद अब श्रेणीवार रिक्तियों के की आंकड़ों की दोबारा समीक्षा कर रहा है
◼️विभाग एक हफ्ते के अंदर श्रेणीवार रिक्तियों की समीक्षा करके UPSSSC को संशोधित अधियाचन भेजेगा जिससे भर्ती पूर्णतः नियमसम्मत और आरक्षण प्रावधानों के साथ आगे बढ़े।
◼️मुख्यमंत्री के स्पष्ट हस्तक्षेप के बाद राजस्व परिषद अब श्रेणीवार रिक्तियों के की आंकड़ों की दोबारा समीक्षा कर रहा है
◼️विभाग एक हफ्ते के अंदर श्रेणीवार रिक्तियों की समीक्षा करके UPSSSC को संशोधित अधियाचन भेजेगा जिससे भर्ती पूर्णतः नियमसम्मत और आरक्षण प्रावधानों के साथ आगे बढ़े।
मनरेगा (MGNREGA) — नाम परिवर्तन की पूरी जानकारी
📌 1) शुरुआत — मूल विधेयक
• अधिनियम का नाम: National Rural Employment Guarantee Act, 2005
• प्रारंभ: 2 फरवरी 2006 (आंध्र प्रदेश के बांदालापल्ली गाँव से)
• संक्षिप्त रूप: NREGA → बाद में MGNREGA
• उद्देश्य: ग्रामीण परिवारों को कम-से-कम 100 दिनों का गारंटीशुदा रोजगार देना (काम का अधिकार)
📌 2) पहला नाम परिवर्तन (2009)
• 2 अक्टूबर 2009:
➤ नाम बदलकर Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act (MGNREGA) रखा गया
➤ संक्षिप्त रूप: मनरेगा
• कारण: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 140वीं जयंती के अवसर पर सम्मान स्वरूप।
3) हाल ही में नाम में प्रमुख बदलाव — ब्रेकिंग
12 दिसम्बर 2025:
🔹 सरकार ने MGNREGA का नाम बदलकर
➡️ “Pujya Bapu Gramin Rozgar Yojana” (पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना) कर दिया।
🔹 इसका उद्देश्य योजना को नई पहचान देना और ग्रामीण रोजगार के दायरे को मजबूत बनाना है।
🔍 नई योजना की मुख्य बातें (2025 अपडेट)
✔️ अब गारंटीकृत रोजगार के दिनों की संख्या 100 से बढ़कर 125 दिनों तक की जा रही है।
✔️ न्यूनतम मजदूरी भी बढ़ाकर लगभग ₹240 प्रति दिन कर दी गई है।
✔️ केंद्रीय कैबिनेट ने इस नाम परिवर्तन के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
📊 नाम परिवर्तन का सारांश
चरण अधिनियम/योजना का नाम संक्षेप वर्ष/तारीख
1️⃣ राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम NREGA 2005/2006
2️⃣ महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम MGNREGA 2009
3️⃣ पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना Pujya Bapu Gramin Rozgar Yojana 12 Dec 2025 (नई घोषणा)
💡 क्या इसका प्रभाव क्या होगा?
✅ ग्रामीण परिवारों को रोजगार की गारंटी और बेहतर अवसर
✅ 125 दिनों तक रोजगार दिन की गारंटी
✅ मजदूरी में वृद्धि और सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा
✅ ग्रामीण आजीविका पर ध्यान केंद्रित
📌 1) शुरुआत — मूल विधेयक
• अधिनियम का नाम: National Rural Employment Guarantee Act, 2005
• प्रारंभ: 2 फरवरी 2006 (आंध्र प्रदेश के बांदालापल्ली गाँव से)
• संक्षिप्त रूप: NREGA → बाद में MGNREGA
• उद्देश्य: ग्रामीण परिवारों को कम-से-कम 100 दिनों का गारंटीशुदा रोजगार देना (काम का अधिकार)
📌 2) पहला नाम परिवर्तन (2009)
• 2 अक्टूबर 2009:
➤ नाम बदलकर Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act (MGNREGA) रखा गया
➤ संक्षिप्त रूप: मनरेगा
• कारण: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 140वीं जयंती के अवसर पर सम्मान स्वरूप।
3) हाल ही में नाम में प्रमुख बदलाव — ब्रेकिंग
12 दिसम्बर 2025:
🔹 सरकार ने MGNREGA का नाम बदलकर
➡️ “Pujya Bapu Gramin Rozgar Yojana” (पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना) कर दिया।
🔹 इसका उद्देश्य योजना को नई पहचान देना और ग्रामीण रोजगार के दायरे को मजबूत बनाना है।
🔍 नई योजना की मुख्य बातें (2025 अपडेट)
✔️ अब गारंटीकृत रोजगार के दिनों की संख्या 100 से बढ़कर 125 दिनों तक की जा रही है।
✔️ न्यूनतम मजदूरी भी बढ़ाकर लगभग ₹240 प्रति दिन कर दी गई है।
✔️ केंद्रीय कैबिनेट ने इस नाम परिवर्तन के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
📊 नाम परिवर्तन का सारांश
चरण अधिनियम/योजना का नाम संक्षेप वर्ष/तारीख
1️⃣ राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम NREGA 2005/2006
2️⃣ महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम MGNREGA 2009
3️⃣ पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना Pujya Bapu Gramin Rozgar Yojana 12 Dec 2025 (नई घोषणा)
💡 क्या इसका प्रभाव क्या होगा?
✅ ग्रामीण परिवारों को रोजगार की गारंटी और बेहतर अवसर
✅ 125 दिनों तक रोजगार दिन की गारंटी
✅ मजदूरी में वृद्धि और सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा
✅ ग्रामीण आजीविका पर ध्यान केंद्रित
🔳 रासायनिक पदार्थ और उनके प्राकृतिक स्रोत
▪️केसीन प्रोटीन – दूध, पनीर
▪️फार्मिक अम्ल – चींटी, बिच्छू के डंक में
▪️कैफ़ीन – चाय, काफी, कोको, चॉकलेट
▪️निकोटीन – तबाकू
▪️ प्रमुख यौगिक का उपयोग –
▪️सल्फर – औषधि, कीटाणुनाशक तथा बारूद निर्माण।
▪️कैल्शियम ऑक्साइड – ब्लीचिंग पाउडर बनाने में तथा गारे के रूप में
▪️जिप्सम – अमोनियम सल्फेट ,प्लास्टर ऑफ पेरिस बनाने और सीमेंट उद्योग में ।
▪️ब्लीचिंग पाउडर – कीटाणुनाशक के रूप में और कागज तथा कपड़ों के विरंजन में।
▪️कॉपर सल्फेट या नीलाथोथा – विद्युत सेल के निर्माण में, कीटाणुनाशक के रूप में, कॉपर के शुद्धिकरण में तथा रंग बनाने में।
▪️क्लोरीन – मस्टर्ड गैस ,टिंचर ,ब्लीचिंग पाउडर बनाने में।
▪️जिंक– बैटरी बनाने और हाइड्रोजन बनाने में
▪️सोडियम बाइकार्बोनेट – अग्निशामक यंत्र, बेकरी उद्योग और प्रतिकारक के रूप में ।
▪️केसीन प्रोटीन – दूध, पनीर
▪️फार्मिक अम्ल – चींटी, बिच्छू के डंक में
▪️कैफ़ीन – चाय, काफी, कोको, चॉकलेट
▪️निकोटीन – तबाकू
▪️ प्रमुख यौगिक का उपयोग –
▪️सल्फर – औषधि, कीटाणुनाशक तथा बारूद निर्माण।
▪️कैल्शियम ऑक्साइड – ब्लीचिंग पाउडर बनाने में तथा गारे के रूप में
▪️जिप्सम – अमोनियम सल्फेट ,प्लास्टर ऑफ पेरिस बनाने और सीमेंट उद्योग में ।
▪️ब्लीचिंग पाउडर – कीटाणुनाशक के रूप में और कागज तथा कपड़ों के विरंजन में।
▪️कॉपर सल्फेट या नीलाथोथा – विद्युत सेल के निर्माण में, कीटाणुनाशक के रूप में, कॉपर के शुद्धिकरण में तथा रंग बनाने में।
▪️क्लोरीन – मस्टर्ड गैस ,टिंचर ,ब्लीचिंग पाउडर बनाने में।
▪️जिंक– बैटरी बनाने और हाइड्रोजन बनाने में
▪️सोडियम बाइकार्बोनेट – अग्निशामक यंत्र, बेकरी उद्योग और प्रतिकारक के रूप में ।