“ae zindagi, gale laga le hum ne bhi,
tere har ik gham ko ghale se lagaya hai na.”
-Gulzar
tere har ik gham ko ghale se lagaya hai na.”
-Gulzar
❤33👍17🔥2
🍁
दोस्त
किताब
रास्ता
और सोच....
दोस्त
किताब
रास्ता
और सोच....
सही मिलें तो...
जिंदगी
निखार देते है❤73🥰4👍1
चर्चा और आरोप,
ये दो चीजें,
सिर्फ सफल व्यक्ति के भाग्य में होती है..!!
ये दो चीजें,
सिर्फ सफल व्यक्ति के भाग्य में होती है..!!
🔥38❤13👍5
👉 रिश्ते 👈
रिश्तों को लेकर बहुत कठोर मापदंड मत बनाइए। सामने वाले को एक-एक चीज़ पर परखिये मत। हो सकता है कोई दोस्त बहुत बौद्धिक हो मगर तारीफ करना न जानता हो। हो सकता है कोई ईर्ष्या करता है मगर सबसे सही सलाह भी वही देता हो। सामने वाली एक-एक प्रतिक्रिया पर उसे स्कोर मत दीजिए। उसके हर रिएक्शन पर उसका रिपोर्ट कार्ड तैयार मत कीजिए।
संभव है कि जब वो आपकी किसी खुशी पर बहुत खुश न हुआ तब वो खुद किसी गहरे दुख से गुज़र रहा हो। आप ये सोचकर नाराज़ हो गए कि वो इतना खुश क्यों नहीं हुआ और उसने ये सोचकर अपना दुख बयां नहीं किया कि आपकी खुशी में भंग न पड़ जाए। वो दुखी हो कर आपकी खातिर खुश होने का अभिनय कर रहा है और आप इस बात पर नाराज़ हो गए कि आपकी इतनी बड़ी खुशी में भी वो सिर्फ खुश होने का अभिनय कर रहा है।
इंसान सामान भी खरीदता है तो चीज़ बहुत अच्छी लगने पर उसकी कुछ कमियों से समझौता कर लेता है। मोबाइल का कैमरा अच्छा है तो उसे खरीद लिया ये जानते हुए कि उसकी बैटरी वीक है। टी शर्ट के बाजू पर कंपनी का लोगो पसंद नहीं आया मगर टी शर्ट का Colour पसंद है, तो बाजू पर बने लोगो को इग्नोर कर दिया। मगर हम इंसानों के साथ ऐसा कोई समझौता नहीं करते। कपड़ों की तरह उन्हें कोई रियायत नहीं देते।
वो इंसान जो किसी कंप्यूटर प्रोग्राम से नहीं, भावनाओं से चलता है। वो इंसान जो कमज़ोर है। आत्म संशय से घिरा है। उस इंसान को हम किसी संदेह का लाभ नहीं देना चाहते। सारी माफियां खुद के लिए बचाकर रखते हैं। छोटी-छोटी बातें बुरा लगने पर सालों पुराने रिश्तों में पीछे हट जाते हैं। बातचीत बंद कर लेते हैं और खुद ही खुद को अकेला करते जाते हैं। कुछ वक्त बाद नाराज़गी पिघल कर हवा हो जाती है। सामने वाले के साथ गुज़ारा वक्त याद आने लगता है। खाली वक्त में उसे मिस भी करते हैं। मगर उससे बात करने की पहल नहीं कर पाते।
अकेलापन आज दुनिया की सबसे बड़ी बीमारी है। डिप्रेशन सबसे बड़ा रोग है और ये रोग हमने खुद अर्जित किया हैं, क्योंकि हम लोगों को तब तक पास नहीं करते जब तक कि वो रिश्तों में दस बटा दस नंबर न ले आएं।
रिश्तों को लेकर बहुत कठोर मापदंड मत बनाइए। सामने वाले को एक-एक चीज़ पर परखिये मत। हो सकता है कोई दोस्त बहुत बौद्धिक हो मगर तारीफ करना न जानता हो। हो सकता है कोई ईर्ष्या करता है मगर सबसे सही सलाह भी वही देता हो। सामने वाली एक-एक प्रतिक्रिया पर उसे स्कोर मत दीजिए। उसके हर रिएक्शन पर उसका रिपोर्ट कार्ड तैयार मत कीजिए।
संभव है कि जब वो आपकी किसी खुशी पर बहुत खुश न हुआ तब वो खुद किसी गहरे दुख से गुज़र रहा हो। आप ये सोचकर नाराज़ हो गए कि वो इतना खुश क्यों नहीं हुआ और उसने ये सोचकर अपना दुख बयां नहीं किया कि आपकी खुशी में भंग न पड़ जाए। वो दुखी हो कर आपकी खातिर खुश होने का अभिनय कर रहा है और आप इस बात पर नाराज़ हो गए कि आपकी इतनी बड़ी खुशी में भी वो सिर्फ खुश होने का अभिनय कर रहा है।
इंसान सामान भी खरीदता है तो चीज़ बहुत अच्छी लगने पर उसकी कुछ कमियों से समझौता कर लेता है। मोबाइल का कैमरा अच्छा है तो उसे खरीद लिया ये जानते हुए कि उसकी बैटरी वीक है। टी शर्ट के बाजू पर कंपनी का लोगो पसंद नहीं आया मगर टी शर्ट का Colour पसंद है, तो बाजू पर बने लोगो को इग्नोर कर दिया। मगर हम इंसानों के साथ ऐसा कोई समझौता नहीं करते। कपड़ों की तरह उन्हें कोई रियायत नहीं देते।
वो इंसान जो किसी कंप्यूटर प्रोग्राम से नहीं, भावनाओं से चलता है। वो इंसान जो कमज़ोर है। आत्म संशय से घिरा है। उस इंसान को हम किसी संदेह का लाभ नहीं देना चाहते। सारी माफियां खुद के लिए बचाकर रखते हैं। छोटी-छोटी बातें बुरा लगने पर सालों पुराने रिश्तों में पीछे हट जाते हैं। बातचीत बंद कर लेते हैं और खुद ही खुद को अकेला करते जाते हैं। कुछ वक्त बाद नाराज़गी पिघल कर हवा हो जाती है। सामने वाले के साथ गुज़ारा वक्त याद आने लगता है। खाली वक्त में उसे मिस भी करते हैं। मगर उससे बात करने की पहल नहीं कर पाते।
अकेलापन आज दुनिया की सबसे बड़ी बीमारी है। डिप्रेशन सबसे बड़ा रोग है और ये रोग हमने खुद अर्जित किया हैं, क्योंकि हम लोगों को तब तक पास नहीं करते जब तक कि वो रिश्तों में दस बटा दस नंबर न ले आएं।
❤57👍20
सबसे बड़ा अधर्म होता है निर्बल पर अत्याचार करना, और निर्बल के मुख से निकली हाय ही अंततः बड़े से बड़े अधर्मी के पतन का कारण बनती है।
✅☺️🙏
✅☺️🙏
👍42❤14🔥1👏1
❤54👍3🔥1
Your past behavior doesn’t define who you are. Forgive yourself, all you control is how you behave and the actions you take, today.
This is how you create a new future.🥂❤37👍8
सुकून की बात मत कर मेरे दोस्त
बचपन वाला Sunday अभी नहीं
आएगा !
🥺🖤🧬
बचपन वाला Sunday अभी नहीं
आएगा !
🥺🖤🧬
ज्यादा कुछ नहीं बदला उम्र बढ़ने के साथ, बस बचपन की ज़िद अब समझौतों में बदल जाती है..!!
🌹❤58👍20🥰3👏2
🥀 कभी कभी छोड़ देना भी बेहतर होता है...
जैसे कि वो सवाल,
जिसका जवाब ना हो।
वो हाथ,
जो वक्त पर साथ ना दे।
वो रिश्ता,
जहां कद्र ना मिले।
वो दोस्त,
जैसे कि वो सवाल,
जिसका जवाब ना हो।
वो हाथ,
जो वक्त पर साथ ना दे।
वो रिश्ता,
जहां कद्र ना मिले।
वो दोस्त,
जो सिर्फ मतलब के लिए साथ हों।
इसलिए जिंदगी में कभी कभी छोड़ देना भी बेहतर होता है...✨🔥👍78❤21😢7🥰6
🌹क्या रोकेंगे हम वीरों को,
आँधी और तूफान।
हमें पहुँचना है मंजिल पर,
सिर्फ यही है ध्यान।।
भिड़ जाएँगे बाधाओं से,
निश्चित होगी जीत।
मंगल गाएँगी ललनाएँ,
मधुर गीत संगीत।।
╭─❀⊰ 𝐉𝐨𝐢𝐧 📚
👉 @UPSCEXAMTIPS
आँधी और तूफान।
हमें पहुँचना है मंजिल पर,
सिर्फ यही है ध्यान।।
भिड़ जाएँगे बाधाओं से,
निश्चित होगी जीत।
मंगल गाएँगी ललनाएँ,
मधुर गीत संगीत।।
╭─❀⊰ 𝐉𝐨𝐢𝐧 📚
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👍36❤11
"खुद पर विजय प्राप्त करें- दूसरो के सामने कुछ भी साबित करने से पहले यह जरूरी है कि हम खुद को साबित करें हर इंसान की प्रतिस्पर्धा पहले खुद से होती है इसलिए दूसरों पर जीत हासिल करने से पहले यह जरुरी है कि हम खुद पर जीत हासिल करें।" ✨🌺╭─❀⊰ 𝐉𝐨𝐢𝐧 📚
👉 @UPSCEXAMTIPS
🔥33❤16👍11🎉4🙏3👏2
सारा झगड़ा इस रोटी का ही है .....जनाब
खुद तो गोल है ही , इस पूरी गोल दुनिया को भी ........गोल गोल घुमाती है जनाब।
ये एक रोटी ही कभी...
एक बच्चे को भीख मंगवाती है तो
कभी किसी बुज़ुर्ग को तरसाती है जनाब
कभी किसी मांँ को रुलाती है तो
कभी किसी पिता को दर दर भटकाती है जनाब
ये एक रोटी ही तो है....
जो कहीं किसी को दिनभर दौड़ाती है
तो कहीं किसी को रात भर जगाती है जनाब
झोपड़ी हो या महल रोटी सबकी एक ही रही
फ़र्क सिर्फ़ इतना है कि.......
किसी की बची रही तो किसी को मिली नहीं
किसी की सुकून बनी तो किसी की बेचैनी रही
ये रोटी बहुत कीमती है जनाब अगर
किसी ने इसे कमा लिया तो समझो उस सा कोई धनी नहीं ।🙏
खुद तो गोल है ही , इस पूरी गोल दुनिया को भी ........गोल गोल घुमाती है जनाब।
ये एक रोटी ही कभी...
एक बच्चे को भीख मंगवाती है तो
कभी किसी बुज़ुर्ग को तरसाती है जनाब
कभी किसी मांँ को रुलाती है तो
कभी किसी पिता को दर दर भटकाती है जनाब
ये एक रोटी ही तो है....
जो कहीं किसी को दिनभर दौड़ाती है
तो कहीं किसी को रात भर जगाती है जनाब
झोपड़ी हो या महल रोटी सबकी एक ही रही
फ़र्क सिर्फ़ इतना है कि.......
किसी की बची रही तो किसी को मिली नहीं
किसी की सुकून बनी तो किसी की बेचैनी रही
ये रोटी बहुत कीमती है जनाब अगर
किसी ने इसे कमा लिया तो समझो उस सा कोई धनी नहीं ।🙏
👍61❤15😢10🙏3🥰2👏1
🌹 कभी वक़्त का गुलाम तो कभी वक़्त को गुलाम बना लेते है...
हर मुश्किल से खुद को उबार लेते है...
कभी खुद से तो कभी दुनिया से लड़ते है...
मगर हौसला ए UPSC को रखते है..!
चलते चलते लोगो में कभी ऐथिक्स तो कभी संविधान पढ़ते है...
कभी भी लाल बत्ती वाली गाड़ी देखे वहाँ खुद को पाते है...
प्री कभी मेंन्स तो कभी इंटरव्यू तक टूट जाते है कई...
पर खुद का हौसला बना कर जीत आते है कई..!
हर मुश्किल से खुद को उबार लेते है...
कभी खुद से तो कभी दुनिया से लड़ते है...
मगर हौसला ए UPSC को रखते है..!
खोये रहते है कभी लक्ष्मीकांत तो कभी स्पेक्ट्रं मे...
उलझे रहते है कभी करेंट अफेयर मे...
कभी ऑस्ट्रेलिया तो कभी अमेरिका घर बैठे घूम आते है...
और पाकिस्तान को तो पैरों की धूल समझते है..!चलते चलते लोगो में कभी ऐथिक्स तो कभी संविधान पढ़ते है...
कभी भी लाल बत्ती वाली गाड़ी देखे वहाँ खुद को पाते है...
प्री कभी मेंन्स तो कभी इंटरव्यू तक टूट जाते है कई...
पर खुद का हौसला बना कर जीत आते है कई..!
👍46❤22👌7🥰2
👨💼
मत तोड़ों इतना मुझको
शीशा ना पाषाण हूं मैं।
चोट मुझे भी लगती है,
आखिर एक इंसान हूं मैं।
दिल मेरा भी धड़कता है,
नहीं कोई सामान हूं मैं।
मत तोड़ों इतना मुझको,
शीशा ना पाषाण हूं मैं।
जो जिसने कहा वो मान लिया,
झूठे को भी सच्चा जान लिया।
औरों के आंखो का पानी ,
देकर अपनी मुस्कान लिया।
दोष मेरा बस इतना है के,
दिल का बड़ा नादान हूं मैं।
मत तोड़ो इतना मुझको,
शीशा ना पाषाण हूं मैं ।
चोट मुझे भी लगती है,
आखिर एक इंसान हूं मैं।
आखिर एक इंसान हूँ मैं 🙏मत तोड़ों इतना मुझको
शीशा ना पाषाण हूं मैं।
चोट मुझे भी लगती है,
आखिर एक इंसान हूं मैं।
दिल मेरा भी धड़कता है,
नहीं कोई सामान हूं मैं।
मत तोड़ों इतना मुझको,
शीशा ना पाषाण हूं मैं।
जो जिसने कहा वो मान लिया,
झूठे को भी सच्चा जान लिया।
औरों के आंखो का पानी ,
देकर अपनी मुस्कान लिया।
दोष मेरा बस इतना है के,
दिल का बड़ा नादान हूं मैं।
मत तोड़ो इतना मुझको,
शीशा ना पाषाण हूं मैं ।
चोट मुझे भी लगती है,
आखिर एक इंसान हूं मैं।
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