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लिख सकते हो भविष्य अपना,
हाथों की लकीर हो तुम।
📚✍🌺
हाथों की लकीर हो तुम।
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🎀 ना आंक अपनी कीमत तू औरो से कम ,
तू उठ , तू खड़ा हो , तू लड़ अपनी हर जंग।
🎀 गिरा दे तुम्हें ना मुश्किलों में है उतना दम ,
रख खुद पर भरोसा तू और बन जा मदमस्त।
🎀 जिंदा रहे तू खुद में ना दूसरों में तू पल,
वादा कर खुद से इतना और कर दूसरों को तू परस्त।
🎀 माना मुश्किल हैं पर नामुमकिन नहीं भरोसा तू इतना रख , कोशिशें तू करता रहे बस यहीं एक अग्निपथ ।
🎀 कर अपनी हर हदे पार तू मुश्किलों से ना डर,
पंछी सा तू आसमां में उड़ , फैला के अपने पंख।
अपनी आवाज़ की बुलंदी उतनी हो की , लोगो को सुनना ही पड़े।
🎀
तू उठ , तू खड़ा हो , तू लड़ अपनी हर जंग।
🎀 गिरा दे तुम्हें ना मुश्किलों में है उतना दम ,
रख खुद पर भरोसा तू और बन जा मदमस्त।
🎀 जिंदा रहे तू खुद में ना दूसरों में तू पल,
वादा कर खुद से इतना और कर दूसरों को तू परस्त।
🎀 माना मुश्किल हैं पर नामुमकिन नहीं भरोसा तू इतना रख , कोशिशें तू करता रहे बस यहीं एक अग्निपथ ।
🎀 कर अपनी हर हदे पार तू मुश्किलों से ना डर,
पंछी सा तू आसमां में उड़ , फैला के अपने पंख।
अपनी आवाज़ की बुलंदी उतनी हो की , लोगो को सुनना ही पड़े।
🎀
हौसलों से भरी उड़ान ऐसी हो की, आसमान को भी झुकना ही पड़े।
कोशिशें मेहनत करने की इतनी हो की ,किस्मत की लकीरों को ढूंढना ना पड़े।
वादा खुद से खुद पर इतना हो की , दूसरों की आस पर जिंदा ना रहना पड़े।👍3👏1
🤗Dont panic students,
😇Try to be relax and focus on your studies.📚📚
1. List down subject wise topics you want to study. Focus on your weak areas.
2. Avoid studying topics which are easy for you.
3. Avoid negative people
4. Stop discussing your daily study with your friends.
5. Don't give up- Time is yours.
💁♂Just remember- "your Parents are waiting for you to become an officer ".🌺
😇Try to be relax and focus on your studies.📚📚
1. List down subject wise topics you want to study. Focus on your weak areas.
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💁♂Just remember- "your Parents are waiting for you to become an officer ".🌺
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तुम भी कमाल करते हो "उम्मीदें" "इंसान" से लगाकर..!!
"शिकायते" "भगवान" से करते हो...!!
-अज्ञात
"शिकायते" "भगवान" से करते हो...!!
-अज्ञात
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दो बार मेन्स तक पहुंचकर भी असफल होने वाले अभिषेक शर्मा तीसरी बार बनें टॉपर ❣हम अब तक कई टॉपर्स की कहानी सुनी और पढ़ी है। आज भी हम ऐसे ही एक सख्श की कहानी बताने जा रहे हैं, जम्मू कश्मीर के किश्तवार के एक छोटे से गांव के रहने वाले अभिषेक शर्मा की है। अभिषेक की स्कूलिंग एक ऐसे स्कूल से हुई है जहां दीवारों की ईंटें दिखा करती थीं। छत पर टीन थी और जमीन पर टाट बिछाकर बच्चों को पढ़ाया जाता था। अभिषेक की शुरुआती शिक्षा जम्मू में और हिंदी मीडियम में ही हुई। इतना ही नहीं अभिषेक की मां वहां के एसडीएम के ऑफिस में क्लर्क थीं | अभिषेक कई बार उनसे मिलने जाते थे, तो ऑफिसर्स के काम करने का तरीका देखकर काफी प्रभावित होते थे। इतना ही नहीं अभिषेक की मां भी यही चाहती थीं कि वो बड़े होकर प्रशासनिक सेवा करें। यही वो समय था जब अभिषेक के मन में सिविल सर्विसेस में जाने का बीज पड़ा। अभिषेक के गांव में न सुविधाएं थीं, न इस परीक्षा के संबंध में खास जानकारी पर बाल मन तय कर चुका था कि बड़े होकर अफसर ही बनना है।
अभिषेक की पढ़ाई-लिखाईअभिषेक पढ़ाई-लिखाई में हमेशा से बहुत अच्छे रहे हैं। उनके 10वींक्लास में 90.2 और 12वीं क्लास में 93.3 परसेंट माक्स आए। इसके बाद उन्होंने एआईईईई, जेकेसीईटी, गेट और जेकेएसएसबी जैसी बहुत सी परीक्षाएं भी पास की। दो साल असफल होने पर अभिषेक अपने लिए बैकअप प्लान तैयार करने लगे थे। इसी फेर में उन्होंने और भी कई परीक्षाएं दीं, जिनमें वो पास भी हुए और उनका चयन भी हो गया। हालांकि अभिषेक एक समय में एक ही काम करने पर यकीन करते हैं। इसी फिलॉसफी पर चलते हुए उन्होंने साल 2014 में जीसीईटी, जम्मू से 76 परसेंट मार्क्स के साथ ग्रेजुएशन किया।
पहली बार में असफलइसके बाद उन्होंने यूपीएससी (UPSC) की तैयारी शुरू की। इसके लिए वे दिल्ली गए ! वहां के एक कोचिंग इंस्टीट्यूट में इनरोल करा लिया। हालांकि वहां उनका बहुत मन नहीं लगा और वे वापस अपने गांव आ गए। दिल्ली के एक कोचिंग इंस्टीट्यूट में तीन महीने पढ़ने के बाद अभिषेक को परीक्षा की तैयारी से लेकर, स्टडी मैटीरियल और स्ट्रेटजी बनाने तक जो भी आधारभूत जरूरतें होती हैं, सबके बारे में पता चल चुका था। वो ये सब लेकर घर वापस लौट गए और वहां उन्होंने एकांत में मन लगा कर पढ़ाई की। Indian Administrative Service में कामयाबी हासिल की।
अंग्रेजी के चलते दूसरी बार हुए असफलइसके बाद एक दिन ऐसा आया कि बर्फबारी हुई और समस्या इतनी बढ़ गयी कि उनके गांव में चालीस दिन लाइट नहीं आई। रास्ते बंद होने से अखबार भी नहीं आया। इस समय में अभिषेक ने जैसे-तैसे काम चलाया। इस साल अभिषेक का प्री और मेन्स में सेलेक्शन हुआ पर वे इंटरव्यू में रह गए। अभिषेक को अंग्रेजी बोलने में परेशानी होती थी, लेकिन फिर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और उन्होंने अपनी अंग्रेजी पर काम शुरू किया और उन्होंने अपनी पकड़ मजबूत कर ली। Union Public Service Commission की तैयारी करना उनका बचपन का सपना था |
तीसरी बार में पाई सफलतावहीं इस बार अभिषेक UPSC परीक्षा के डर से लगभग मुक्त हो चुके थे और बैकअप प्लान के तौर पर उन्होंने स्टेट की परीक्षा भी दी थी। इस बार प्री और मेन्स पास करने के बाद अभिषेक को लगा कि कहीं इंग्लिश सीख लेते हैं पर उन्हें तभी यह ख्याल भी आया कि कहीं ऐसा न हो इंग्लिश ही ओवरलैप कर जाए और बोर्ड को फेक लगूं। यह सोचकर अभिषेक ने इंग्लिश न्यूज पेपर लेकर रोज जोर-जोर से आधा घंटा पढ़ना शुरू किया। इससे उन्हें बहुत फायदा हुआ। खैर इस बार अभिषेक ने बिना डरे साक्षात्कार दिया और न केवल सेलेक्ट हुए बल्कि 69वीं रैंक के साथ टॉप भी किया।
अभिषेक दूसरे कैंडिडेट्स को यही सलाह देते हैं कि एक परीक्षा में सफलता को अपने ईगो से न जोड़ें ! यह इतनी अनप्रिडेक्टेबल परीक्षा है कि जिसके लिए कुछ कहा नहीं जा सकता, इसलिए बैकअप प्लान भी तैयार रखें। स्टडी मैटीरियल सीमित लें और बार-बार रिवाइज करें साथ ही लिखकर प्रैक्टिस जरूर करें। बहुत मॉक टेस्ट इंटरव्यू के लिए न दें वरना कंफ्यूज हो जाएंगे। धैर्य न छोड़ें और पूरी ईमानदारी से प्रयास करें, सफलता जरूर मिलेगी।👍7👏1
👉"गलतियाँ जिनकी वजह से असफल होते हैं हम"👍👍
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गलत शुरुआत: अक्सर जब तैयारी के क्षेत्र में आते हैं तो जोश इतना होता है कि बिना कुछ जाने और समझे बस जुट जाते हैं तैयारी में।लेकिन वो सिर्फ आपका जोश है और आपको जोश के साथ दृढ़ संकल्प,दृढ़ इच्छाशक्ति,अटूट विश्वास,मानसिक रूप से हार को सहन करने की शक्ति की भी आवश्यकता होती है।आपका पहला कदम परीक्षा के बारे में सम्पूर्ण जानकारी,सिलेबस की सम्पूर्ण जानकारी लेना होना चाहिए।.
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गलत माध्यम का चयन: हिंदी भाषी या अन्य क्षेत्रीय भाषाओं से तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के मन मे ऐसी धारणा बन चुकी है कि अगर सिलेक्शन होगा तो सिर्फ अंग्रेजी विषय से इसलिए अंग्रेजी विषय का चयन करें।खैर ये बात सच है कि सफल विद्यार्थियों में सर्वाधिक प्रतिशत अंग्रेजी भाषा रखने वालों का है लेकिन हिंदी भाषा से चयन कम होने के बहुत सारे कारण हैं।आप उस भाषा का चयन करें जिस भाषा मे आप अच्छा लिख सकते हैं।क्योंकिं मुख्य परीक्षा में अंक भाषा के चुनाव से नहीं आपके उत्तर लेखन से मिलते हैं।.
👉3.
गलत वैकल्पिक विषय का चयन: अक्सर देखा है कि लोग अपने वैकल्पिक विषय का चयन पिछले वर्षों में उस विषय के कितने अभ्यर्थी सफल हुए उनकी संख्या को देख कर करते हैं जो कि सबसे बड़ी गलती है विषय का चयन अपनी रुचि के हिसाब से करें जिस विषय मे आप सहज महसूस करें और अपने प्राप्त ज्ञान को परीक्षा में बेहतर तरीके से लिख सकें उस विषय का चयन करें।.
👉4.
गलत मार्गदर्शन : गलत मार्गदर्शन आपके जीवन के कुछ बहुमूल्य वर्षों का विनाश कर सकता है।इसलिए हर किसी के अंधभक्त ना बने और अपनी बुद्धि विवेक का भी अनुशरण करें।ये सही है कि एक सफल व्यक्ति आपको सफलता के लिए दिशा बताएगा लेकिन एक असफल व्यक्ति आपको उन गलतियों को बताएगा जिनका वो साक्षी रहा है।और ये दोनों बातें जानना आपके लिए जरूरी है।.
👉5.
गलत अध्ययन सामग्री: तैयारी में आते ही लोग इस मायाजाल में उलझ जाते हैं और 100% सफलता की गारंटी देनी वाली किताबें,चमत्कारी नोट्स इत्यादि इत्यादि खरीद कर अपनी रैक सजाने लग जाते हैं।जबकि आपको NCERT के साथ प्रत्येक विषय से 2-3 अपेक्षित किताबें और 2-3 मासिक पत्रिकाएं पूर्व वर्ष के हल प्रश्न पत्र चाहिए होती हैं परीक्षा के निकट टेस्ट सीरीज जॉइन करनी चाहिए या हल करनी चाहिए।नोट्स के पीछे की दीवानगी भूल जाओ अगर परीक्षा पास करनी है तो। किसी भी 1 या 2 कोचिंग के नोट्स और किसी अनुभवी अभ्यर्थी के ऐसे नोट्स जो upsc का पूरा सिलेबस कवर करते हैं और आपकी समझ मे आ रहे हैं काफी हैं।.
👉6.
गलत रणनीति: बहुत से लोग कोई भी रणनीति नही बनाते या फिर गलत बना लेते हैं लोगों से पता करके या फिर इंटरनेट की सहायता से सभी अच्छे अच्छे लेखकों की किताबें ले लेते हैं और बस लग जाते हैं ऐसा नहीं करना चाहिए। हमे करना चाहिए कि सबसे पहले NCERT की वो सभी किताबें खरीदें जो आवश्यक हैं और सबसे पहले वो पढ़ें कम से कम 2-3 बार साथ मे पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र पर नज़र डालते रहें।जब आपका बेसिक मजबूत हो जाये फिर उठाएं सभी रेफरेंस किताबों को।.
👉7.
पढ़ने का गलत तरीका: बहुत मित्रों को देखा है जो बस दिन रात पढ़ने में लगे रहते हैं लेकिन फिर भी किसी भी परीक्षा का प्रीलिम पेपर तक पास नही हो पाता। हम कितने घंटे पढ़ रहे हैं ये मायने नहीं रखता।हम क्या पढ़ रहे हैं और कैसे पढ़ रहे हैं ये मायने रखता है।आप एक बार मे 2 विषय उठाइये और दिन में जितने घंटे पढ़ते हैं उनको 2-2 घंटे के स्लॉट्स में बांटिए। जैसे कि आप 8 घंटे पढ़ते हैं तो इसको 4 भागों में बांट लीजिये और 2 घण्टे का एक स्लॉट समसामयिकी,न्यूज़पेपर,कंटेम्प्रेरी इस्यू आदि को दीजिये और 2 घंटे का समय अपनी वैकल्पिक विषय को दीजिये। बाकी 2-2 घंटे के 2 स्लॉट्स 2 विषय जो आपको पढ़नी हैं उनको दीजिये और हर 2 घंटे की पढ़ाई के बाद थोड़ा दिमाग को आराम दीजिये।.
👉8.
निरंतरता की कमी: अक्सर जब हम जोश में होते हैं तो निरंतर 10-12 या अधिक घण्टे पढ़ाई करते हैं लेकिन बीच बीच मे 5-10 दिन का गैप कर लेते हैं जो कि गलत है।आप अपना रोजाना का एक दिनचर्या बनाइये। अगर जॉब करने वाले हैं तो उसके हिसाब से या फिर सिर्फ तैयारी करने वाले हैं तो वो भी उसके हिसाब से बनाएं और दृढ़ता से अनुशरण करें।.
👉9.
सोशल जीवन का त्याग: ये सही है कि यदि आपको अपना अधिकतम समय पढ़ाई को देना है तो सोशल जीवन से थोड़ा दूरी बना लेने में ही भलाई है लेकिन पूरी तरह से मित्र और परिवार से दूर मत होइए।क्योंकि जब अकेलापन महसूस होगा तो आप डिप्रेशन में चले जायँगे वो ज्यादा खतरनाक स्थिति होगी।इसलिए पढ़ाई और समाज के बीच संतुलन बनाये रखिये।👍4👏1
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👉10.
स्मार्ट स्टडी करिये और पढ़ाई को एन्जॉय करिये।
#Jai_hind🙏
👉10.
अपने शौक,खुशियों और व्यक्तित्व का त्याग: ये सोचना गलत होगा कि हमे सफल होना है तो हमारी जिंदगी में मौज मस्ती की कोई जगह नहीं।जबकि होना ये चाहिए कि आप थोड़ा घूमिये फिरिये,मनोरंजन कीजिये,गाना बजाना या फिर कोई खेल जो आपके शौक हैं सब कीजिये लेकिन एक सीमा के अंदर रहकर।सप्ताह में एक दिन या 2 सप्ताह में एक दिन कुछ घंटे आप खुद की खुशियों को भी दीजिये।जब हमारा मन खुश रहता है और दिमाग शांत रहता है तो हमारे दिमाग की क्षमता का हम पूर्ण इस्तेमाल कर सकते हैं।यही कारण है कि पढ़ाई के साथ मौज मस्ती और खुश रहने वाले लोग जल्दी सफल होते हैं।हम गधे नहीं हैं जो बस एक ही काम करना है।स्मार्ट स्टडी करिये और पढ़ाई को एन्जॉय करिये।
#Jai_hind🙏
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IAS Success Story Of Anu Kumari
हरियाणा के सोनीपत की अनु कुमारी संघ लोक सेवा आयोग (Union Public Service Commission) के नतीजों में दूसरे स्थान पर रहीं। अनु कुमारी का 4 साल का बेटा है। उन्होंने परिवार की जिम्मेदारियां निभाते हुए हर दिन 10 से 12 घंटे पढ़ाई की और यह कामयाबी हासिल की। 31 साल की Indian Administrative Service अनु को दूसरी बार में यह सफलता मिली। पिछली बार वे महज एक अंक से चूक गई थीं। अनु का कहना है कि उन्होंने अपनी ज्यादातर तैयारी गांव में रह कर की, जहां अखबार भी नहीं आता है। उनका कहना है कि मन में ठान लिया जाए तो कोई काम असंभव नहीं। यही मेरा सक्सेस मंत्रा है। वे देश में महिलाओं की सुरक्षा की दिशा में काम करना चाहती हैं। हाल ही में UPSC 2017 क्लीयर करके अनु कुमारी पैतृक गांव दीवाना पहुंची जहां उनका जोर शोर से स्वागत किया गया। उनकी सफनता का राज जाने क्या है Indian Administrative Service अनु कुमारी बताती हैं कि सफल होने के लिए कोई शॉर्टकट नहीं होता। ऐसा भी समय आता है जब आपकी कोशिशों के बावजूद ऐच्छिक परिणाम नहीं मिलता है तब उम्मीद टूटने लगती है, मन में निराश आती है लेकिन इन हालातों से गुजर जाने वाला ही तो विजेता बनता है।
उन्होंने यह संदेश उन युवाओं को दिया जो कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं लेकिन सफल न हो पाने पर हार मानकर बैठ जाते हैं। अनु के इस 5 फॉर्मूले को अपनाने से सफलता पाने में जरूर मदद मिलेगी।
किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है प्रॉपर प्लानिंग। प्लानिंग करने से आपके रास्ते आसान हो जाएंगे। आप बेमतलब पढ़ने में उलझन महसूस नहीं करेंगे।
प्लानिंग के बाद अगर आपको कुछ सबसे पहले चाहिए तो वह है पैशेंस यानी धैर्य। अगर धैर्य होगा तो बड़ी से बड़ी परीक्षा पास कर सकते हैं। यह ऐसी परीक्षा है जिसके लिए धैर्य की जरूरत होती है। हार के बाद भी धैर्य रखते हुए कोशिश जारी रहनी चाहिए।
पढ़ाई के लिए एक माहौल होना चाहिए। आप सोचते हैं कि अकेले बैठकर आप 10-12 घंटे पढ़ लेंगे तो आपको बोरियत भी होगी। ऐसे में कुछ समय ग्रुप स्टडी बड़े काम की हो सकती है। सिविल सर्विस की परीक्षा को पास करने में ग्रुप स्टडी का महत्वपूर्ण रोल है। लाइब्रेरी में जाकर पढ़ने से भी आपको साथी मिल जाते हैं।
एग्जाम कोई भी हो उसके लिए रिविजन एक महत्वपूर्ण पार्ट है। जो एक बार पढ़ लिया, उसे यह समझ लें कि सब कुछ समझ आ गया तो ऐसा नहीं है। समय-समय पर रिविजन करने से आपको वो विषय या टॉपिक अच्छे से समझ आते हैं और याद रहते हैं।
आप सब कुछ हर किताब से नहीं पढ़ सकते। एक सूची बनाएं कि आपको पढ़ना क्या है।वहीं सिविल सर्विस परीक्षा के पुराने पेपर काफी काम आते हैं। इससे यह पता चल जाता है कि किस प्रकार के प्रश्न आते हैं।आपको समझना होगा कि प्रश्नों के उत्तर किस तरह लिखना है। आपको लिखने की कला आनी चाहिए। बार-बार लिखने से ही इसका अभ्यास होता है।एक बार परीक्षा देकर यह सोचें की पास हो गए तो रिजल्ट आने से पहले अगली बार फिर से पेपर देने की तैयारी शुरू करें।सेल्फ टेस्टिंग यानी खुद को परखने के लिए अपनी परीक्षा लें। आप कितनी मेहनत करते हैं, यह आपको ही पता है।इंटरव्यू के वक्त बनावटी बनने के बजाय जैसे हैं वैसे रहें।
अपने बेटे से दूर रहकर की UPSC की तैयारीहरियाणा के सोनीपत की अनु कुमारी संघ लोक सेवा आयोग (Union Public Service Commission) के नतीजों में दूसरे स्थान पर रहीं। अनु कुमारी का 4 साल का बेटा है। उन्होंने परिवार की जिम्मेदारियां निभाते हुए हर दिन 10 से 12 घंटे पढ़ाई की और यह कामयाबी हासिल की। 31 साल की Indian Administrative Service अनु को दूसरी बार में यह सफलता मिली। पिछली बार वे महज एक अंक से चूक गई थीं। अनु का कहना है कि उन्होंने अपनी ज्यादातर तैयारी गांव में रह कर की, जहां अखबार भी नहीं आता है। उनका कहना है कि मन में ठान लिया जाए तो कोई काम असंभव नहीं। यही मेरा सक्सेस मंत्रा है। वे देश में महिलाओं की सुरक्षा की दिशा में काम करना चाहती हैं। हाल ही में UPSC 2017 क्लीयर करके अनु कुमारी पैतृक गांव दीवाना पहुंची जहां उनका जोर शोर से स्वागत किया गया। उनकी सफनता का राज जाने क्या है Indian Administrative Service अनु कुमारी बताती हैं कि सफल होने के लिए कोई शॉर्टकट नहीं होता। ऐसा भी समय आता है जब आपकी कोशिशों के बावजूद ऐच्छिक परिणाम नहीं मिलता है तब उम्मीद टूटने लगती है, मन में निराश आती है लेकिन इन हालातों से गुजर जाने वाला ही तो विजेता बनता है।
अनु कुमारी ने बताया UPSC क्रैक करने के लिए कैसे तैयारी करे-👍🏆उन्होंने यह संदेश उन युवाओं को दिया जो कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं लेकिन सफल न हो पाने पर हार मानकर बैठ जाते हैं। अनु के इस 5 फॉर्मूले को अपनाने से सफलता पाने में जरूर मदद मिलेगी।
किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है प्रॉपर प्लानिंग। प्लानिंग करने से आपके रास्ते आसान हो जाएंगे। आप बेमतलब पढ़ने में उलझन महसूस नहीं करेंगे।
प्लानिंग के बाद अगर आपको कुछ सबसे पहले चाहिए तो वह है पैशेंस यानी धैर्य। अगर धैर्य होगा तो बड़ी से बड़ी परीक्षा पास कर सकते हैं। यह ऐसी परीक्षा है जिसके लिए धैर्य की जरूरत होती है। हार के बाद भी धैर्य रखते हुए कोशिश जारी रहनी चाहिए।
पढ़ाई के लिए एक माहौल होना चाहिए। आप सोचते हैं कि अकेले बैठकर आप 10-12 घंटे पढ़ लेंगे तो आपको बोरियत भी होगी। ऐसे में कुछ समय ग्रुप स्टडी बड़े काम की हो सकती है। सिविल सर्विस की परीक्षा को पास करने में ग्रुप स्टडी का महत्वपूर्ण रोल है। लाइब्रेरी में जाकर पढ़ने से भी आपको साथी मिल जाते हैं।
एग्जाम कोई भी हो उसके लिए रिविजन एक महत्वपूर्ण पार्ट है। जो एक बार पढ़ लिया, उसे यह समझ लें कि सब कुछ समझ आ गया तो ऐसा नहीं है। समय-समय पर रिविजन करने से आपको वो विषय या टॉपिक अच्छे से समझ आते हैं और याद रहते हैं।
UPSC Indian Administrative Service📚🌺
आप सब कुछ हर किताब से नहीं पढ़ सकते। एक सूची बनाएं कि आपको पढ़ना क्या है।वहीं सिविल सर्विस परीक्षा के पुराने पेपर काफी काम आते हैं। इससे यह पता चल जाता है कि किस प्रकार के प्रश्न आते हैं।आपको समझना होगा कि प्रश्नों के उत्तर किस तरह लिखना है। आपको लिखने की कला आनी चाहिए। बार-बार लिखने से ही इसका अभ्यास होता है।एक बार परीक्षा देकर यह सोचें की पास हो गए तो रिजल्ट आने से पहले अगली बार फिर से पेपर देने की तैयारी शुरू करें।सेल्फ टेस्टिंग यानी खुद को परखने के लिए अपनी परीक्षा लें। आप कितनी मेहनत करते हैं, यह आपको ही पता है।इंटरव्यू के वक्त बनावटी बनने के बजाय जैसे हैं वैसे रहें।
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🔴 क्या कोचिंग संस्थान के बिना भी आईएएस बन सकते हैं ?
नोट -- इस लेख में हमने कोचिंग की उपयोगिता पर बिलकुल सवाल नहीं खड़े किये ..क्योंकि कोचिंग संस्थान वाकई में आपको व्यवस्थित तरीका बताकर आपका काम आसान करता है ..... !! ...ये लेख सिर्फ उनके लिए है जो किसी कारण से कोचिंग नहीं कर सकते लेकिन उनका जूनून है आईएएस बनना ----
आज के ग्रामीण और सामान्य परिस्थितियों वाले छात्रों के मन में केवल एक ही सवाल रहता है कि क्या बिना कोचिंग की मदद लिए भी आईएएस बन सकते हैं ? तो हाँ बिलकुल आप बन सकते हो ....कोई कोचिंग संस्थान छात्रों को आईएएस बनाता नहीं है बल्कि सिर्फ उनका काम आसान कर देता है ....पहले भी छात्र बिना कोचिंग संस्थान के सफल होते रहे हैं और आज भी हो रहे हैं ...बस जरुरत होगी आपको कुछ अलग रणनीति की थोड़ा अधिक मेहनत की और एक कुशल मार्गदर्शक की ! ..आज हर छात्र सोचता है की दिल्ली में लाखों छात्र कोचिंग कर रहे हैं तो फिर हम कैसे ? तो छात्रों ये आपकी सोच बिलकुल गलत है दिल्ली में कोचिंग कर रहे छात्रों में भी केवल 20 से 25 प्रतिशत ही ठीक तरह से तैयारी कर रहे हैं और बाकि तो सब टाइम पास .....आपको एक छोटा सा उदाहरण हम अपने कंप्यूटर इंस्टिट्यूट का देते हैं .. हमारे यहाँ प्रत्येक 10 में से 4 छात्र इसलिए आते है क्योंकी उनके पेरेंट्स चाहते की लड़का कंप्यूटर सीखे ....यानि 10 में से सिर्फ 6 खुद के लिए सीखने आते हैं ... यही सभी कोचिंग संस्थानों का हाल है .....कोचिंग कोई सफलता की घुंटी नहीं देता वो तो आपका खुद का परिश्रम है ....अगर आप कोचिंग ले पाने में सक्षम नहीं हैं तो कोई बात नहीं ..दोस्तों मुसाफिर कई तरह के होते है कोई कार से , कोई प्लेन से , और कोई पैदल अपने सफर को तय करता है ...बस अंतर इतना है कि कोई जल्दी सफल हो जाता है और किसी को थोड़ा देर लगती है पर मंजिल तो तीनो को मिलेगी ना ...तो फिर डर किस बात का ...आप रास्ते में खड़े होकर कार कि गति को क्यों देख रहे हो खुद भी चलो खुद ब खुद फासले कम हो जायेंगे ..आप खुद से तैयारी कीजिये कैसे वो हम बताते है ......सबसे पहले आईएएस के पाठ्यक्रम को ठीक तरह समझिए ....फिर अपनी पूरी तैयारी का समय निर्धारित कर लीजिये की आपको कितने वर्ष में सफल हो जाना चाहिए ....अब एक मार्गदर्शक को चुनिए ...चाहे वो आपका पारिवारिक सदस्य हो , दोस्त हो , टीचर हो या कोई अन्य ! हाँ मार्गदर्शक किसी ऐसे व्यक्ति को चुनियेगा जिस पर आप यकीन कर सके .....आप सभी बुक्स उनसे पूछिये बस और अपना काम शुरू कर दीजिये ......दोस्तों पढ़ना आपको ही है ....कोचिंग कुछ भी नहीं करता सिर्फ आपका काम आसान करता है वो एक मार्गदर्शक भी कर सकता है ! दोस्तों कोचिंग की नोट्स तो बाजार में भी मिल सकते हैं ....पर मेहनत तो आपको ही करनी है न ......
अगर आप कोचिंग लेने में असमर्थ है तो कोई बात नहीं ....बस ये देखिये की आपका लक्ष्य मजबूत है ना ? ...आपके इरादे पक्के हैं ना ? ..दोस्तों कोचिंग करने वाले छात्र के परिवार को एक उम्मीद रहती है कि वो कर लेगा.....पर आप अपनी मेहनत इतनी शांति से करो कि उसकी सफलता सभी को आश्चर्यचकित कर दे ......आप अपने सपनो का उल्लेख हर किसी के सामने मत कीजिये ...क्योंकि सामने वाले की औकात भी होनी चाहिए कि वो आपके बहुमूल्य सपनों को समझ सके ........
नोट -- इस लेख में हमने कोचिंग की उपयोगिता पर बिलकुल सवाल नहीं खड़े किये ..क्योंकि कोचिंग संस्थान वाकई में आपको व्यवस्थित तरीका बताकर आपका काम आसान करता है ..... !! ...ये लेख सिर्फ उनके लिए है जो किसी कारण से कोचिंग नहीं कर सकते लेकिन उनका जूनून है आईएएस बनना ----
आज के ग्रामीण और सामान्य परिस्थितियों वाले छात्रों के मन में केवल एक ही सवाल रहता है कि क्या बिना कोचिंग की मदद लिए भी आईएएस बन सकते हैं ? तो हाँ बिलकुल आप बन सकते हो ....कोई कोचिंग संस्थान छात्रों को आईएएस बनाता नहीं है बल्कि सिर्फ उनका काम आसान कर देता है ....पहले भी छात्र बिना कोचिंग संस्थान के सफल होते रहे हैं और आज भी हो रहे हैं ...बस जरुरत होगी आपको कुछ अलग रणनीति की थोड़ा अधिक मेहनत की और एक कुशल मार्गदर्शक की ! ..आज हर छात्र सोचता है की दिल्ली में लाखों छात्र कोचिंग कर रहे हैं तो फिर हम कैसे ? तो छात्रों ये आपकी सोच बिलकुल गलत है दिल्ली में कोचिंग कर रहे छात्रों में भी केवल 20 से 25 प्रतिशत ही ठीक तरह से तैयारी कर रहे हैं और बाकि तो सब टाइम पास .....आपको एक छोटा सा उदाहरण हम अपने कंप्यूटर इंस्टिट्यूट का देते हैं .. हमारे यहाँ प्रत्येक 10 में से 4 छात्र इसलिए आते है क्योंकी उनके पेरेंट्स चाहते की लड़का कंप्यूटर सीखे ....यानि 10 में से सिर्फ 6 खुद के लिए सीखने आते हैं ... यही सभी कोचिंग संस्थानों का हाल है .....कोचिंग कोई सफलता की घुंटी नहीं देता वो तो आपका खुद का परिश्रम है ....अगर आप कोचिंग ले पाने में सक्षम नहीं हैं तो कोई बात नहीं ..दोस्तों मुसाफिर कई तरह के होते है कोई कार से , कोई प्लेन से , और कोई पैदल अपने सफर को तय करता है ...बस अंतर इतना है कि कोई जल्दी सफल हो जाता है और किसी को थोड़ा देर लगती है पर मंजिल तो तीनो को मिलेगी ना ...तो फिर डर किस बात का ...आप रास्ते में खड़े होकर कार कि गति को क्यों देख रहे हो खुद भी चलो खुद ब खुद फासले कम हो जायेंगे ..आप खुद से तैयारी कीजिये कैसे वो हम बताते है ......सबसे पहले आईएएस के पाठ्यक्रम को ठीक तरह समझिए ....फिर अपनी पूरी तैयारी का समय निर्धारित कर लीजिये की आपको कितने वर्ष में सफल हो जाना चाहिए ....अब एक मार्गदर्शक को चुनिए ...चाहे वो आपका पारिवारिक सदस्य हो , दोस्त हो , टीचर हो या कोई अन्य ! हाँ मार्गदर्शक किसी ऐसे व्यक्ति को चुनियेगा जिस पर आप यकीन कर सके .....आप सभी बुक्स उनसे पूछिये बस और अपना काम शुरू कर दीजिये ......दोस्तों पढ़ना आपको ही है ....कोचिंग कुछ भी नहीं करता सिर्फ आपका काम आसान करता है वो एक मार्गदर्शक भी कर सकता है ! दोस्तों कोचिंग की नोट्स तो बाजार में भी मिल सकते हैं ....पर मेहनत तो आपको ही करनी है न ......
अगर आप कोचिंग लेने में असमर्थ है तो कोई बात नहीं ....बस ये देखिये की आपका लक्ष्य मजबूत है ना ? ...आपके इरादे पक्के हैं ना ? ..दोस्तों कोचिंग करने वाले छात्र के परिवार को एक उम्मीद रहती है कि वो कर लेगा.....पर आप अपनी मेहनत इतनी शांति से करो कि उसकी सफलता सभी को आश्चर्यचकित कर दे ......आप अपने सपनो का उल्लेख हर किसी के सामने मत कीजिये ...क्योंकि सामने वाले की औकात भी होनी चाहिए कि वो आपके बहुमूल्य सपनों को समझ सके ........
और अंत में सिर्फ दो लाइन आपके लिए -- " कौन कहता है आसमान में छेद नहीं हो सकता ...एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारों!👍10🔥3👏1
दास्तां सुनाएंगे सफ़र की मंजिल को जिस दिन हासिल कर लेंगे।
क्या कुछ नहीं गवाया यहाँ तक आते आते।
थके हारे खुद को संभालते,
गिरते पड़ते खुद को सहलाते ,
खुद के आंसू खुद की पोंछते ,
और मंज़िल की और कदम बढ़ाते।
सफ़र लंबा था , हिम्मत भी अटूट थी ,
विश्वास भी गहरा था,
बस रास्ते की ठोकरें कभी कभी लड़खड़ा देती थी,
उठके खुद के सहारे ही चलते गए,
हौंसला बनाए रखा और कर्म की और बढ़ते गए।
आशाओं के मौसम में कभी निराशाओं के बादल गहराते थे ,
लेकिन फिर से उठते थे और मंज़िल की और कदम बढ़ाते थे ,
शायद जिंदगी इसी का ही नाम हैं ,
सफ़र सुहाना हैं, समस्याएं तो रोज की कहानी है ,
शायद हिम्मत से चलते रहना यहीं जिंदगी की असली कहानी हैं।
😇💫🌎👏1
जरूरत से ज्यादा अच्छे बनोगे तो जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल किये जाओगे।
छल में बेशक बल है मगर प्रेम में आज भी हल हैं।
छल में बेशक बल है मगर प्रेम में आज भी हल हैं।
रब कहता है किसी को तकलीफ देकर मुझसे अपनी खुशी की दुआ मत करना लेकिन अगर किसी को एक पल की खुशी देते हो तो अपनी तकलीफ की फ़िक्र मत करना।❤3👏1
🏆
🔺1.खुद की कमाई से कम
खर्च हो ऐसी जिन्दगी
बनाओ..!
🔺2. दिन में कम से कम
3 लोगो की प्रशंसा करो..!
🔺3. खुद की भूल स्वीकारने
में कभी भी संकोच मत
करो..!
🔺4. किसी के सपनों पर हँसो
मत..!
🔺5. आपके पीछे खडे व्यक्ति
को भी कभी कभी आगे
जाने का मौका दो..!
🔺6. रोज हो सके तो सूरज को
उगता हुए देखें..!
🔺7. खूब जरुरी हो तभी कोई
चीज उधार लो..!
🔺8. किसी के पास से कुछ
जानना हो तो विवेक से
दो बार...पूछो..!
🔺9. कर्ज और शत्रु को कभी
बडा मत होने दो..!
🔺10. ईश्वर पर पूरा भरोसा
रखो..!
🔺11. प्रार्थना करना कभी
मत भूलो,प्रार्थना में
अपार शक्ति होती है..!
🔺12. अपने काम से मतलब
रखो..!
🔺13. समय सबसे ज्यादा
कीमती है, इसको फालतू
कामो में खर्च मत करो..
🔺14. जो आपके पास है, उसी
में खुश रहना सीखो..!
🔺15. बुराई कभी भी किसी की
भी मत करो,
क्योंकि बुराई नाव में
छेद के समान है, बुराई
छोटी हो या बङी नाव को
डुबो ही देती है..!
🔺16. हमेशा सकारात्मक सोच
रखो..!
🔺17. हर व्यक्ति एक हुनर
लेकर पैदा होता है बस
उस हुनर को दुनिया के
सामने लाओ..!
🔺18. कोई काम छोटा नहीं
होता हर काम बडा होता
है जैसे कि सोचो जो
काम आप कर रहे हो
अगर वह काम
आप नहीं करते हो तो
दुनिया पर क्या असर
होता..?
🔺19. सफलता उनको ही
मिलती है जो कुछ
करते है
🔺20. कुछ पाने के लिए कुछ
खोना नहीं बल्कि कुछ
करना पड़ता है
🔺21. और एक आखिरी बात
जीवन में " गुरु " न होतो
जीवन बेकार है
इसलिए जीवन में
" गुरू " जरूरी हैं
"गुरुर" नहीं
🌹पेड बूढा ही सही,
आंगन में रहने दो,
फल न सही, छाँव तो अवश्य देगा
ठीक उसी प्रकार
माता-पिता बूढे ही सही,
घर में ही रहने दो,दौलत तो नहीं कमा सकते,
लेकिन आपके बच्चों को संस्कार अवश्य देंगे ।। 😇
सफलता के 21 मंत्र 🏆🔺1.खुद की कमाई से कम
खर्च हो ऐसी जिन्दगी
बनाओ..!
🔺2. दिन में कम से कम
3 लोगो की प्रशंसा करो..!
🔺3. खुद की भूल स्वीकारने
में कभी भी संकोच मत
करो..!
🔺4. किसी के सपनों पर हँसो
मत..!
🔺5. आपके पीछे खडे व्यक्ति
को भी कभी कभी आगे
जाने का मौका दो..!
🔺6. रोज हो सके तो सूरज को
उगता हुए देखें..!
🔺7. खूब जरुरी हो तभी कोई
चीज उधार लो..!
🔺8. किसी के पास से कुछ
जानना हो तो विवेक से
दो बार...पूछो..!
🔺9. कर्ज और शत्रु को कभी
बडा मत होने दो..!
🔺10. ईश्वर पर पूरा भरोसा
रखो..!
🔺11. प्रार्थना करना कभी
मत भूलो,प्रार्थना में
अपार शक्ति होती है..!
🔺12. अपने काम से मतलब
रखो..!
🔺13. समय सबसे ज्यादा
कीमती है, इसको फालतू
कामो में खर्च मत करो..
🔺14. जो आपके पास है, उसी
में खुश रहना सीखो..!
🔺15. बुराई कभी भी किसी की
भी मत करो,
क्योंकि बुराई नाव में
छेद के समान है, बुराई
छोटी हो या बङी नाव को
डुबो ही देती है..!
🔺16. हमेशा सकारात्मक सोच
रखो..!
🔺17. हर व्यक्ति एक हुनर
लेकर पैदा होता है बस
उस हुनर को दुनिया के
सामने लाओ..!
🔺18. कोई काम छोटा नहीं
होता हर काम बडा होता
है जैसे कि सोचो जो
काम आप कर रहे हो
अगर वह काम
आप नहीं करते हो तो
दुनिया पर क्या असर
होता..?
🔺19. सफलता उनको ही
मिलती है जो कुछ
करते है
🔺20. कुछ पाने के लिए कुछ
खोना नहीं बल्कि कुछ
करना पड़ता है
🔺21. और एक आखिरी बात
जीवन में " गुरु " न होतो
जीवन बेकार है
इसलिए जीवन में
" गुरू " जरूरी हैं
"गुरुर" नहीं
🌹पेड बूढा ही सही,
आंगन में रहने दो,
फल न सही, छाँव तो अवश्य देगा
ठीक उसी प्रकार
माता-पिता बूढे ही सही,
घर में ही रहने दो,दौलत तो नहीं कमा सकते,
लेकिन आपके बच्चों को संस्कार अवश्य देंगे ।। 😇
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