✅
जीवन में इतने व्यस्त हो जाए की
❎
🔥याद रखिए जीवन में खाली व्यक्ति ही सबसे ज्यादा दुखी होता है।
🔥❤️
Join 🌹✍
@iasipsmotivation
🌺🙏
जीवन में इतने व्यस्त हो जाए की
❎
पछतावा, दुख, नफरत,
डर के लिए समय ही ना बचे, 🔥याद रखिए जीवन में खाली व्यक्ति ही सबसे ज्यादा दुखी होता है।
🔥❤️
Join 🌹✍
@iasipsmotivation
🌺🙏
❤23👍8🙏4
❤️
अंतः अस्ति प्रारंभः ✍
अंत से ही एक नई शुरुआत होती है।
𝗧𝗵𝗲 𝗘𝗻𝗱 𝗶𝘀 𝘁𝗵𝗲 𝗕𝗲𝗴𝗶𝗻𝗻𝗶𝗻𝗴.
Join 🌹✍
@iasipsmotivation
🌺🙏
अंतः अस्ति प्रारंभः ✍
अंत से ही एक नई शुरुआत होती है।
𝗧𝗵𝗲 𝗘𝗻𝗱 𝗶𝘀 𝘁𝗵𝗲 𝗕𝗲𝗴𝗶𝗻𝗻𝗶𝗻𝗴.
Join 🌹✍
@iasipsmotivation
🌺🙏
❤30👍11🙏2
✅
तुम नहीं थे
तब भी दुनिया थी ।
तुम चले जाओगे
तब भी दुनिया रहेगी
तुम्हारे रहने न रहने से
पृथ्वी
या लोगो को कोई फर्क नहीं पड़ने वाला
इसलिए चिंताओं से मुक्त हो कर
वर्तमान समय में ढंग से जीना शुरू करो।
╭─❀⊰ 𝐉𝐨𝐢𝐧 📚
👉 @IASIPSMOTIVATION
तुम नहीं थे
तब भी दुनिया थी ।
तुम चले जाओगे
तब भी दुनिया रहेगी
तुम्हारे रहने न रहने से
पृथ्वी
या लोगो को कोई फर्क नहीं पड़ने वाला
इसलिए चिंताओं से मुक्त हो कर
वर्तमान समय में ढंग से जीना शुरू करो।
╭─❀⊰ 𝐉𝐨𝐢𝐧 📚
👉 @IASIPSMOTIVATION
❤41👍7
💯37❤8🙏8🤣5👍3
Do you enjoy reading this channel?
Perhaps you have thought about placing ads on it?
To do this, follow three simple steps:
1) Sign up: https://telega.io/c/UPSCEXAMTIPS
2) Top up the balance in a convenient way
3) Create an advertising post
If the topic of your post fits our channel, we will publish it with pleasure.
Perhaps you have thought about placing ads on it?
To do this, follow three simple steps:
1) Sign up: https://telega.io/c/UPSCEXAMTIPS
2) Top up the balance in a convenient way
3) Create an advertising post
If the topic of your post fits our channel, we will publish it with pleasure.
📚
किताबों में झुके हुए सिर
ज़िंदगी भर उठे रहते हैं।
किताबों में झुके हुए सिर
ज़िंदगी भर उठे रहते हैं।
🔥44❤17💯8👍7
कलयुग के मनुष्य कैसे होंगे? कलयुग के लोग कैसे होंगे? कलयुग की स्त्रियां कैसी होंगी? वह सारा वर्णन इस अध्याय में किया गया है तो आज इस लेख में हम आपको वह बताते हैं।
घोर कलयुग आने पर मनुष्य पुण्य कर्म से दूर रहेंगे। दुराचार में फंस जाएंगे और सब के सब सत्य भाषण से मुंह फेर लेंगे। दूसरों की निंदा में तत्पर होंगे। कलयुग में लोग पराए धन को हड़पने की इच्छा करेंगे। उनका मन पराई स्त्रियों में आसक्त होगा और वे दूसरे प्राणियों की हिंसा करेंगे। अपने शरीर को ही आत्मा समझेंगे। नास्तिक, मुर्ख और पशु बुद्धि रखने वाले होंगे। माता-पिता से द्वेष करेंगे। ब्राह्मण लोभ रूपी ग्राह के ग्रास बन जाएंगे। वेद बेचकर जीविका चलाएंगे। धन का उपार्जन करने के लिए ही विद्या का अभ्यास करेंगे और मद से मोहित रहेंगे। ब्राह्मण अपनी ही जाति के कर्म को छोड़ देगा। ब्राह्मण दूसरों को ठगने वाला होगा। तीनों काल के संध्या उपासना से दूर रहेगा और उससे ब्रह्म ज्ञान का कोई भी कुछ भी पता नहीं होगा।
समस्त क्षत्रिय अपने धर्म का त्याग कर देंगे। कुसंगी, पापी और व्यभिचारी हो जाएंगे। उनमें वीरता का अभाव होगा। वह शूद्रों सा बर्ताव करेंगे। और उनका चित्त काम का किंकर बना रहेगा। वैश्य संस्कार से भ्रष्ट हो जाएंगे। स्वधर्म त्यागी होंगे। धन उपार्जन परायण तथा नापतोल में अपनी धूर्तता का परिचय देने वाले होंगे। इसी तरह शुद्र ब्राह्मणों के आचार्य में तत्पर हो जाएंगे। उनकी आकृति उज्जवल होगी। वह अपना कर्म धर्म छोड़कर उज्जवल वेशभूषा से विस्मित होकर घूमेंगे। वे स्वभाव से अपने धर्म का त्याग कर देंगे और उनके विचार धर्म के प्रतिकूल होंगे। कुटिल और ब्राह्मणों के निंदक होंगे। यदि धनी भी हो गए तो कुमार्ग में उनका धन लगेगा। अगर विद्वान हुए तो वाद-विवाद करने वाले होंगे। अपने को कुलीन मानकर चारों वर्णों के साथ वैवाहिक संबंध स्थापित करेंगे। समस्त गणों को अपने संपर्क से भ्रष्ट करेंगे।
कलयुग की स्त्रियां अपने सदाचार से भ्रष्ट होगी और पति का अपमान करने वाले होगी। अपने सास और ससुर से द्रोह करेगी। किसी का कहा नहीं मानेगी। मलिन भोजन करेगी। कुत्सित हाव भाव में तत्पर होगी। उसका शील स्वभाव बहुत बुरा होगा और वह अपने पति की सेवा से सदा ही विमुख रहेगी। सूत जी ! इस तरह जिनकी बुद्धि नष्ट हो गई है जिन्होंने अपने धर्म का त्याग कर दिया है। ऐसे लोगों को पृथ्वी लोक और परलोक दोनों में उत्तम गति कैसे प्राप्त होगी? इसी चिंता से हमारा मन सदा व्याकुल रहता है। परोपकार के समान दूसरा कोई धर्म नहीं है अतः इस छोटे से उपाय से इन सब के पापों का तत्काल नाश हो जाए उसे इस समय कृपा पूर्वक बतलाइए क्योंकि आप समस्त सिद्धांतों के ज्ञाता है। मुनियों की यह बात सुनकर सूतजी ने मन ही मन भगवान शंकर का स्मरण किया और उन सारे ऋषियों को शिव पुराण सुनाने का निश्चय किया।
🌹 श्री शिवाय नमस्तुभ्यं 🙏
घोर कलयुग आने पर मनुष्य पुण्य कर्म से दूर रहेंगे। दुराचार में फंस जाएंगे और सब के सब सत्य भाषण से मुंह फेर लेंगे। दूसरों की निंदा में तत्पर होंगे। कलयुग में लोग पराए धन को हड़पने की इच्छा करेंगे। उनका मन पराई स्त्रियों में आसक्त होगा और वे दूसरे प्राणियों की हिंसा करेंगे। अपने शरीर को ही आत्मा समझेंगे। नास्तिक, मुर्ख और पशु बुद्धि रखने वाले होंगे। माता-पिता से द्वेष करेंगे। ब्राह्मण लोभ रूपी ग्राह के ग्रास बन जाएंगे। वेद बेचकर जीविका चलाएंगे। धन का उपार्जन करने के लिए ही विद्या का अभ्यास करेंगे और मद से मोहित रहेंगे। ब्राह्मण अपनी ही जाति के कर्म को छोड़ देगा। ब्राह्मण दूसरों को ठगने वाला होगा। तीनों काल के संध्या उपासना से दूर रहेगा और उससे ब्रह्म ज्ञान का कोई भी कुछ भी पता नहीं होगा।
समस्त क्षत्रिय अपने धर्म का त्याग कर देंगे। कुसंगी, पापी और व्यभिचारी हो जाएंगे। उनमें वीरता का अभाव होगा। वह शूद्रों सा बर्ताव करेंगे। और उनका चित्त काम का किंकर बना रहेगा। वैश्य संस्कार से भ्रष्ट हो जाएंगे। स्वधर्म त्यागी होंगे। धन उपार्जन परायण तथा नापतोल में अपनी धूर्तता का परिचय देने वाले होंगे। इसी तरह शुद्र ब्राह्मणों के आचार्य में तत्पर हो जाएंगे। उनकी आकृति उज्जवल होगी। वह अपना कर्म धर्म छोड़कर उज्जवल वेशभूषा से विस्मित होकर घूमेंगे। वे स्वभाव से अपने धर्म का त्याग कर देंगे और उनके विचार धर्म के प्रतिकूल होंगे। कुटिल और ब्राह्मणों के निंदक होंगे। यदि धनी भी हो गए तो कुमार्ग में उनका धन लगेगा। अगर विद्वान हुए तो वाद-विवाद करने वाले होंगे। अपने को कुलीन मानकर चारों वर्णों के साथ वैवाहिक संबंध स्थापित करेंगे। समस्त गणों को अपने संपर्क से भ्रष्ट करेंगे।
कलयुग की स्त्रियां अपने सदाचार से भ्रष्ट होगी और पति का अपमान करने वाले होगी। अपने सास और ससुर से द्रोह करेगी। किसी का कहा नहीं मानेगी। मलिन भोजन करेगी। कुत्सित हाव भाव में तत्पर होगी। उसका शील स्वभाव बहुत बुरा होगा और वह अपने पति की सेवा से सदा ही विमुख रहेगी। सूत जी ! इस तरह जिनकी बुद्धि नष्ट हो गई है जिन्होंने अपने धर्म का त्याग कर दिया है। ऐसे लोगों को पृथ्वी लोक और परलोक दोनों में उत्तम गति कैसे प्राप्त होगी? इसी चिंता से हमारा मन सदा व्याकुल रहता है। परोपकार के समान दूसरा कोई धर्म नहीं है अतः इस छोटे से उपाय से इन सब के पापों का तत्काल नाश हो जाए उसे इस समय कृपा पूर्वक बतलाइए क्योंकि आप समस्त सिद्धांतों के ज्ञाता है। मुनियों की यह बात सुनकर सूतजी ने मन ही मन भगवान शंकर का स्मरण किया और उन सारे ऋषियों को शिव पुराण सुनाने का निश्चय किया।
🌹 श्री शिवाय नमस्तुभ्यं 🙏
❤21👍9🙏2🔥1
✅
आपकी परवरिश चाहें जीतनी गरीबी में हुई हों लेकिन आपके माता - पिता का बुढ़ापा अमीरी में गुजरना चाहिए ये आपकी जिम्मेदारी हैं..!!
Join 🌹✍
@iasipsmotivation
🌺🙏
आपकी परवरिश चाहें जीतनी गरीबी में हुई हों लेकिन आपके माता - पिता का बुढ़ापा अमीरी में गुजरना चाहिए ये आपकी जिम्मेदारी हैं..!!
Join 🌹✍
@iasipsmotivation
🌺🙏
👍40❤15
“ जितना जोश तेरी बातों में है
क्यों ना उतना जोश तेरे होसलों में भरा जाए
मुसीबत तो आती रहेंगी
क्यों ना हर मुसीबत से लड़ा जाए।"🔥✅
╭─❀⊰ 𝐉𝐨𝐢𝐧 📚
👉 @iasipsmotivation
क्यों ना उतना जोश तेरे होसलों में भरा जाए
मुसीबत तो आती रहेंगी
क्यों ना हर मुसीबत से लड़ा जाए।"🔥✅
╭─❀⊰ 𝐉𝐨𝐢𝐧 📚
👉 @iasipsmotivation
❤36🔥7👍6🥰2
इंसान को परखना सीख जाओगे:-
👉किसी की फितरत देखनी हो तो उसे आज़ादी दो
👉किसी की अच्छाई देखना हो तो उसकी सलाह लो
👉किसी की आदत देखनी हो तो उसे इज्ज़त दो ।
👉किसी की नियत देखनी हो तो उसे कर्जा देकर देखो
👉किसी के गुण देखने हो तो उसके साथ खाओ
👉किसी का सब्र देखना हैं तो उसे हिदायत देकर देख लो
👉 किसी की सोच पर रखी है तो उसे पर विश्वास कर कर देख लो
👉 किसी का दुख समझना है तो उसको अपना दुख समझाओ
━──────────────────━
👉किसी की फितरत देखनी हो तो उसे आज़ादी दो
👉किसी की अच्छाई देखना हो तो उसकी सलाह लो
👉किसी की आदत देखनी हो तो उसे इज्ज़त दो ।
👉किसी की नियत देखनी हो तो उसे कर्जा देकर देखो
👉किसी के गुण देखने हो तो उसके साथ खाओ
👉किसी का सब्र देखना हैं तो उसे हिदायत देकर देख लो
👉 किसी की सोच पर रखी है तो उसे पर विश्वास कर कर देख लो
👉 किसी का दुख समझना है तो उसको अपना दुख समझाओ
━──────────────────━
❤26👍17
भारत का पहला मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन है गगनयान।
• अंतरिक्ष यात्री 400 किमी की पृथ्वी की निचली कक्षा पर जाएंगे।
मिशन में अंतरिक्ष यात्री तीन दिन तक अंतरिक्ष की सैर करेंगे।
• मिशन के लिए प्रशांत नायर, अजीत कृष्णन, अंगद प्रताप और शुभांशु शुक्ला को चुना गया है।
• अंतरिक्ष यात्री 400 किमी की पृथ्वी की निचली कक्षा पर जाएंगे।
मिशन में अंतरिक्ष यात्री तीन दिन तक अंतरिक्ष की सैर करेंगे।
• मिशन के लिए प्रशांत नायर, अजीत कृष्णन, अंगद प्रताप और शुभांशु शुक्ला को चुना गया है।
👏12❤7👍2
This media is not supported in your browser
VIEW IN TELEGRAM
नतीजा हमारे हाथ में नहीं होता लेकिन हमें खुद पर आत्मविश्वास जरूर होना चाहिए...!!
हमेशा कठिन परिस्थितियों
में इंसान अकेला ही होता हैं।
रोगमुक्त होने के लिए
जिस प्रकार औषधि
स्वयं को ही लेनी पड़ती है,
उसी प्रकार जीवन के
कठिन प्रसंगों से बाहर
आने के लिए अपनी गलतियों
को भी स्वयं ही सुधारना होता है।
अन्य समय तो दुनिया
हमारी संपत्ति, स्टेटस
और पॉवर के कारण
हमारा साथ दे ही देती हैं।
👍27❤8🔥1
✅
गंगा में बस वही पाप धुलेंगे जो गलती से हुए हो
जान बूझकर की गई हर चीज का हिसाब
करके ही मृत्यु लोक से छूटकारा मिलता है।
💯
Join 👉 🔥 @upscstatus
गंगा में बस वही पाप धुलेंगे जो गलती से हुए हो
जान बूझकर की गई हर चीज का हिसाब
करके ही मृत्यु लोक से छूटकारा मिलता है।
💯
Join 👉 🔥 @upscstatus
❤20👍8