सरकारी नौकरी से
ज्यादा बढ़कर न
कोई फेयरनेस क्रीम है ना कोई जिम है,
अगर तुम बैंगन भी हो तो
शाही पनीर तुम्हारा है। ❤️✌️
~ अज्ञात
ज्यादा बढ़कर न
कोई फेयरनेस क्रीम है ना कोई जिम है,
अगर तुम बैंगन भी हो तो
शाही पनीर तुम्हारा है। ❤️✌️
~ अज्ञात
🤣66👍11💯8❤7🔥2😁1
क्रोध क्या है .... ??
दूसरों की गलती की सजा
खुद को देना !!
दूसरों की गलती की सजा
खुद को देना !!
😢29💯26👍5👌5❤1👏1
🙏
library में आलस करना और library में जाकर मोबाइल चलाना
माँ बाप के बलिदानों का मजाक उड़ाता है मेरे दोस्त.....
library में आलस करना और library में जाकर मोबाइल चलाना
माँ बाप के बलिदानों का मजाक उड़ाता है मेरे दोस्त.....
👍70💯25❤8🎉1
"शीशा कमजोर बहुत होता है,
मगर
सच दिखाने से
घबराता नहीं है "..!!
मगर
सच दिखाने से
घबराता नहीं है "..!!
🔥30👍16❤1
पहले दो प्रयासों में प्री भी पास नहीं कर पायी और तीसरे में लायीं 9वीं रैंक, ऐसे बनी गुंजन आईएएस
लखनऊ की गुंजन द्विवेदी की कहानी बहुत ही प्रेरणादायक है. पहले दो प्रयासों में वे प्री-परीक्षा तक क्लियर नहीं कर पायी थीं और तीसरे प्रयास में एआईआर रैंक 09 के साथ उन्होंने पिछली सारी असफलताओं को धो दिया
यूपीएससी परीक्षा के कठिनाई स्तर से हर कोई वाकिफ है, जो परीक्षा देने और सफल होने की इच्छा रखते हैं वे भली-भांति जानते हैं कि कम से कम एक से दो साल तपस्या करनी होगी, तभी सफलता मिलेगी. पर कई बार तपस्या के बावजूद निराशा ही हाथ लगती है क्योंकि शायद कहीं कोई कमी रह जाती है. ऐसा ही कुछ हुआ लखनऊ की गुंजन द्विवेदी के साथ.
लखनऊ की गुंजन द्विवेदी की कहानी बहुत ही प्रेरणादायक है. पहले दो प्रयासों में वे प्री-परीक्षा तक क्लियर नहीं कर पायी थीं और तीसरे प्रयास में एआईआर रैंक 09 के साथ उन्होंने पिछली सारी असफलताओं को धो दिया
यूपीएससी परीक्षा के कठिनाई स्तर से हर कोई वाकिफ है, जो परीक्षा देने और सफल होने की इच्छा रखते हैं वे भली-भांति जानते हैं कि कम से कम एक से दो साल तपस्या करनी होगी, तभी सफलता मिलेगी. पर कई बार तपस्या के बावजूद निराशा ही हाथ लगती है क्योंकि शायद कहीं कोई कमी रह जाती है. ऐसा ही कुछ हुआ लखनऊ की गुंजन द्विवेदी के साथ.
🔥19👍11❤10
...
समाज क्या कहेगा?
अरे, समाज तो कुछ नही करोगे तब भी कहेगा,
तो उससे अच्छा है अपनी पसंद का काम कर ही लिया जाए।
...
समाज क्या कहेगा?
अरे, समाज तो कुछ नही करोगे तब भी कहेगा,
तो उससे अच्छा है अपनी पसंद का काम कर ही लिया जाए।
...
❤51👍23💯14🎉5🔥4🥰3🤩2
हमारे दिमाग में दो तरह के घोड़े की रेस चल रही होती है…
1. नेगेटिव घोड़ा🐎
2. पॉजिटिव घोड़ा🐎
जिस घोड़े को जितनी ज्यादा खुराक मिलेगी, वो उतना तेज भागेगा।
अब तय आपको करना है की आप कौन से घोड़े को "जिताना" चाहते हो।
1. नेगेटिव घोड़ा
2. पॉजिटिव घोड़ा
जिस घोड़े को जितनी ज्यादा खुराक मिलेगी, वो उतना तेज भागेगा।
अब तय आपको करना है की आप कौन से घोड़े को "जिताना" चाहते हो।
Please open Telegram to view this post
VIEW IN TELEGRAM
👍26❤7🥰1
Enjoy our content? Advertise on this channel and reach a highly engaged audience! 👉🏻
It's easy with http://Telega.io. As the leading platform for native ads and integrations on Telegram, it provides user-friendly and efficient tools for quick and automated ad launches.
⚡️ Place your ad here in three simple steps:
1 Sign up: https://telega.io/c/UPSCEXAMTIPS
2 Top up the balance in a convenient way
3 Create your advertising post
If your ad aligns with our content, we’ll gladly publish it.
Start your promotion journey now!
It's easy with http://Telega.io. As the leading platform for native ads and integrations on Telegram, it provides user-friendly and efficient tools for quick and automated ad launches.
⚡️ Place your ad here in three simple steps:
1 Sign up: https://telega.io/c/UPSCEXAMTIPS
2 Top up the balance in a convenient way
3 Create your advertising post
If your ad aligns with our content, we’ll gladly publish it.
Start your promotion journey now!
👍6
Please open Telegram to view this post
VIEW IN TELEGRAM
👍25❤9
जैसे ही इंसान के पास सत्ता और धन हासिल हो जाता है
समाज को तुरंत उसमे अच्छाइयां और महानता दिखनी शुरू हो जाती है।
- अज्ञात
समाज को तुरंत उसमे अच्छाइयां और महानता दिखनी शुरू हो जाती है।
- अज्ञात
👍62🥰9❤3🔥2
बुरी न स्त्री है, न बुरा पुरुष,
बुरा तो एक इंसान है, और बुरी उसकी नीयत,
एक स्त्री ने देखी धन संपत्ति है, और एक ने कमी में भी बसाई गृहस्थी,
एक पुरुष जो हिंसा कर स्त्री पर बना मर्द है, और एक ने पूजी स्त्री,
स्त्री पुरुष का कोई दोष नहीं, दोष है इंसान और उसकी नियत का।
बुरा तो एक इंसान है, और बुरी उसकी नीयत,
एक स्त्री ने देखी धन संपत्ति है, और एक ने कमी में भी बसाई गृहस्थी,
एक पुरुष जो हिंसा कर स्त्री पर बना मर्द है, और एक ने पूजी स्त्री,
स्त्री पुरुष का कोई दोष नहीं, दोष है इंसान और उसकी नियत का।
💯68👍7❤3