वो कहते है जिंदगी जीना आसान नहीं होता, आसान बनाना पड़ता है ❤️
कैसे....
कुछ सब्र कर के
कुछ बर्दाश्त कर के और
बहुत कुछ नजरअंदाज कर के ।
कैसे....
कुछ सब्र कर के
कुछ बर्दाश्त कर के और
बहुत कुछ नजरअंदाज कर के ।
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मेरी प्रेरणा का स्त्रोत मेरे माता पिता का संघर्ष हैं,
और मेरी जीत उनके संघर्षों का अंत होंगा...
और मेरी जीत उनके संघर्षों का अंत होंगा...
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77वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं! 🇮🇳
आज ही के दिन हमारा संविधान लागू हुआ, जो हर नागरिक को न्याय, स्वतंत्रता, समानता और गरिमा की गारंटी देता है। यह हमारे अधिकारों का रक्षा कवच है।
सभी स्वतंत्रता सेनानियों, संविधान निर्माताओं और देश के वीरों को नमन। ❤️
आइए, हम सब मिलकर अपने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने और विकसित भारत बनाने का संकल्प लें।
जय हिन्द!🇮🇳🫡
आज ही के दिन हमारा संविधान लागू हुआ, जो हर नागरिक को न्याय, स्वतंत्रता, समानता और गरिमा की गारंटी देता है। यह हमारे अधिकारों का रक्षा कवच है।
सभी स्वतंत्रता सेनानियों, संविधान निर्माताओं और देश के वीरों को नमन। ❤️
आइए, हम सब मिलकर अपने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने और विकसित भारत बनाने का संकल्प लें।
जय हिन्द!🇮🇳🫡
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कुछ भी बेवजह नहीं होता हर घटना में एक सीख छुपी होती है..
तुम चाहो तो अफ़सोस कर अनदेखा कर दो और चाहो तो बस,
"आगे बढ़ जाओ"..
Join 🌹✍
@iasipsmotivation
🌺🙏
कुछ भी बेवजह नहीं होता हर घटना में एक सीख छुपी होती है..
तुम चाहो तो अफ़सोस कर अनदेखा कर दो और चाहो तो बस,
"आगे बढ़ जाओ"..
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"सोते समय जो आखिरी विचार होता है उठते समय पहला विचार भी वही होता है
और वो विचार पूरे दिन की नींव होता है । अतः अच्छे विचारों के साथ सोये-"अज्ञात" 😊
📚🌺
और वो विचार पूरे दिन की नींव होता है । अतः अच्छे विचारों के साथ सोये-"अज्ञात" 😊
📚🌺
Good night officers🔥47❤30👏3😢1
आज के समय में तलाक़ ज़्यादा होने की एक बड़ी वजह है कि लोगों को शादी का असली मतलब समझ नहीं आता।
सोशल मीडिया ने सबको यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि कहीं कोई और बेहतर मिल जाएगा — ज़्यादा पैसे वाला, ज़्यादा सुंदर, ज़्यादा मज़ेदार। लेकिन दूसरों से तुलना करने से रिश्तों में भरोसा और वफ़ादारी खत्म हो जाती है।
आज लोग शादी से ज़्यादा शादी का दिखावा चाहते हैं।
शादी की तैयारी में महीनों लगा देते हैं, लेकिन यह सीखने में समय नहीं लगाते कि झगड़े के समय कैसे बात करनी है।
लोगों को अब सही तरीके से बहस करना नहीं आता।
या तो चिल्लाते हैं, या चुप हो जाते हैं, या रिश्ता छोड़कर भाग जाते हैं — बजाय इसके कि रिश्ते को बचाने की कोशिश करें।
जब पैसों की परेशानी आती है, तो कमजोर रिश्ते टूटने लगते हैं।
साथ मिलकर आगे बढ़ने की जगह, पति-पत्नी एक-दूसरे को दोष देने लगते हैं।
पुरुष ज़िम्मेदारी लेना छोड़ देते हैं और महिलाएँ सम्मान देना।
आज हर जगह लालच और भटकाव है।
अब लोग थैरेपी जैसे शब्दों का इस्तेमाल अपनी गलती मानने से बचने के लिए करते हैं।
हर चीज़ “टॉक्सिक” कहलाने लगती है, और कोई भी अपनी ज़िम्मेदारी नहीं लेता।
पहले समाज और परिवार समझाते थे कि रिश्ता बचाओ।
आज दोस्त कहते हैं — “छोड़ दो, तुम इससे बेहतर के लायक हो।”
अब बच्चे ज़रूरी नहीं माने जाते,
त्याग को पुरानी सोच कहा जाता है,
और शादी की कसमें हल्के में ली जाती हैं।
पहले शादी का मतलब था — हम साथ-साथ हर दुख सहेंगे।
अब मतलब हो गया है — जब तक खुशी है, तब तक साथ हैं।
इसीलिए आज तलाक़ ज़्यादा हो रहे हैं।
क्योंकि लोगों ने साथ निभाना नहीं सीखा,
बस छोड़ देना सीख लिया है।
सोशल मीडिया ने सबको यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि कहीं कोई और बेहतर मिल जाएगा — ज़्यादा पैसे वाला, ज़्यादा सुंदर, ज़्यादा मज़ेदार। लेकिन दूसरों से तुलना करने से रिश्तों में भरोसा और वफ़ादारी खत्म हो जाती है।
आज लोग शादी से ज़्यादा शादी का दिखावा चाहते हैं।
शादी की तैयारी में महीनों लगा देते हैं, लेकिन यह सीखने में समय नहीं लगाते कि झगड़े के समय कैसे बात करनी है।
लोगों को अब सही तरीके से बहस करना नहीं आता।
या तो चिल्लाते हैं, या चुप हो जाते हैं, या रिश्ता छोड़कर भाग जाते हैं — बजाय इसके कि रिश्ते को बचाने की कोशिश करें।
जब पैसों की परेशानी आती है, तो कमजोर रिश्ते टूटने लगते हैं।
साथ मिलकर आगे बढ़ने की जगह, पति-पत्नी एक-दूसरे को दोष देने लगते हैं।
पुरुष ज़िम्मेदारी लेना छोड़ देते हैं और महिलाएँ सम्मान देना।
आज हर जगह लालच और भटकाव है।
अब लोग थैरेपी जैसे शब्दों का इस्तेमाल अपनी गलती मानने से बचने के लिए करते हैं।
हर चीज़ “टॉक्सिक” कहलाने लगती है, और कोई भी अपनी ज़िम्मेदारी नहीं लेता।
पहले समाज और परिवार समझाते थे कि रिश्ता बचाओ।
आज दोस्त कहते हैं — “छोड़ दो, तुम इससे बेहतर के लायक हो।”
अब बच्चे ज़रूरी नहीं माने जाते,
त्याग को पुरानी सोच कहा जाता है,
और शादी की कसमें हल्के में ली जाती हैं।
पहले शादी का मतलब था — हम साथ-साथ हर दुख सहेंगे।
अब मतलब हो गया है — जब तक खुशी है, तब तक साथ हैं।
इसीलिए आज तलाक़ ज़्यादा हो रहे हैं।
क्योंकि लोगों ने साथ निभाना नहीं सीखा,
बस छोड़ देना सीख लिया है।
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UPSC-Civil-Service-CSE-Examination-2026-Notification.pdf
2.8 MB
◾️UPSC 2026 Notification is Out.
◾️ Last date to fill is 24 Feb, 6 PM
◾️ Total Vacancies - 933
All the Best 👍
◾️ लिंक:
https://upsconline.nic.in/exam-apply
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