नीतीश कुमार 10वीं बार मुख्यमंत्री की शपथ लेंगे, हालांकि उन्होंने 30 साल से विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा है ...
दिलचस्प बात यह है कि नीतीश कुमार ने पिछले साल 30 साल से विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा है। इसके बावजूद वह सीएम बन जाते हैं।
दरअसल, बिहार में मुख्यमंत्री बनने के लिए विधानसभा का सदस्य होना जरूरी नहीं है, विधान परिषद का सदस्य होना भी पर्याप्त है। नीतीश कुमार विधान परिषद के माध्यम से मुख्यमंत्री बनते हैं।
आखिरी बार कब लड़े थे विधानसभा चुनाव
नीतीश कुमार ने आखिरी बार 1995 में विधानसभा चुनाव लड़ा था। उन्होंने हरनौत सीट से समता पार्टी के उम्मीदवार के रूप में जीत दर्ज की थी। तब उन्होंने जनता दल के उम्मीदवार विष्वमोहन चौधरी को शिकस्त दी थी। इसके बाद उन्होंने कभी विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा।
नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री के रूप में पहला कार्यकाल साल 2000 में सिर्फ 7 दिनों का था, लेकिन इसके बाद उन्होंने 2005 से 2014 तक लगातार मुख्यमंत्री पद संभाला। 2014 में ही कुछ महीनों के लिए उन्होंने जीतन राम मांझी को बिहार का सीएम बनाया, लेकिन विवाद के बाद उन्हें हटा दिया।
दिलचस्प बात यह है कि नीतीश कुमार ने पिछले साल 30 साल से विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा है। इसके बावजूद वह सीएम बन जाते हैं।
दरअसल, बिहार में मुख्यमंत्री बनने के लिए विधानसभा का सदस्य होना जरूरी नहीं है, विधान परिषद का सदस्य होना भी पर्याप्त है। नीतीश कुमार विधान परिषद के माध्यम से मुख्यमंत्री बनते हैं।
आखिरी बार कब लड़े थे विधानसभा चुनाव
नीतीश कुमार ने आखिरी बार 1995 में विधानसभा चुनाव लड़ा था। उन्होंने हरनौत सीट से समता पार्टी के उम्मीदवार के रूप में जीत दर्ज की थी। तब उन्होंने जनता दल के उम्मीदवार विष्वमोहन चौधरी को शिकस्त दी थी। इसके बाद उन्होंने कभी विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा।
नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री के रूप में पहला कार्यकाल साल 2000 में सिर्फ 7 दिनों का था, लेकिन इसके बाद उन्होंने 2005 से 2014 तक लगातार मुख्यमंत्री पद संभाला। 2014 में ही कुछ महीनों के लिए उन्होंने जीतन राम मांझी को बिहार का सीएम बनाया, लेकिन विवाद के बाद उन्हें हटा दिया।
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ये महोबा की किरन सिंह हैँ,
महोबा में CRPF जवान से शादी हुई थी,
शादी के बाद विवाद हुआ तो दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज करवा दिया,
2023 बैच का दारोगा अंकित जाँच कर रहा था मामले की,
किरन और दारोगा अंकित में जाँच के दौरान दोनों में प्रेम संबंध स्थापित हो गए,
12 नवंबर को दोनों साथ में कार में घूमने निकले,
रास्ते में विवाद हुआ,
दारोगा अंकित ने रॉड से किरन सिंह की हत्या कर दी,
आरोपी दारोगा को अरेस्ट कर लिया गया है,
महोबा में CRPF जवान से शादी हुई थी,
शादी के बाद विवाद हुआ तो दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज करवा दिया,
2023 बैच का दारोगा अंकित जाँच कर रहा था मामले की,
किरन और दारोगा अंकित में जाँच के दौरान दोनों में प्रेम संबंध स्थापित हो गए,
12 नवंबर को दोनों साथ में कार में घूमने निकले,
रास्ते में विवाद हुआ,
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JA 5370 admit card bhi out आप लोग देख सकते है 💐💐👍
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https://upsssc.gov.in/upssscadmitcard/admitCard.aspx?ID=INTRIM
JA 5370 valo admin Card dawnload kar lo
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गाजियाबाद के मोदीनगर में महिला लेखपाल बबीता त्यागी को रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया. किसान संदीप से ₹3,000 रिश्वत ली जा रही थी.प्रशासन ने महिला लेखपाल को निलंबित कर दिया है और विभागीय जांच शुरू कर दी है.
संदीप अपनी जमीन के अंश-विभाजन का काम कराने के लिए लेखपाल बबीता त्यागी के पास गए थे. इसी दौरान उनसे रिश्वत मांगी गई. वायरल वीडियो में लेखपाल बबीता त्यागी अपनी कार की अगली सीट पर बैठी दिखाई देती हैं. जैसे ही किसान पैसे निकालता है तो लेखपाल उसे टोकते हुए कहती हैं कि मोबाइल पलटकर रखो, ऐसे मत रखो. महिला लेखपाल अपनी ओर से पूरी एहतियात बरतते हुए घूस के रुपये लेती हैं और अंश-विभाजन का रेट कम से कम 5 हजार रुपये बताती हैं.
संदीप अपनी जमीन के अंश-विभाजन का काम कराने के लिए लेखपाल बबीता त्यागी के पास गए थे. इसी दौरान उनसे रिश्वत मांगी गई. वायरल वीडियो में लेखपाल बबीता त्यागी अपनी कार की अगली सीट पर बैठी दिखाई देती हैं. जैसे ही किसान पैसे निकालता है तो लेखपाल उसे टोकते हुए कहती हैं कि मोबाइल पलटकर रखो, ऐसे मत रखो. महिला लेखपाल अपनी ओर से पूरी एहतियात बरतते हुए घूस के रुपये लेती हैं और अंश-विभाजन का रेट कम से कम 5 हजार रुपये बताती हैं.
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