प्राचीन वैदिक सैद्धांतिक ज्ञान 🚩
प्र. ३४३. स्वर्ग प्राप्ति किसे कहते हैं ? उत्तर : धन, ऐश्वर्य से सम्पन्न विद्वान माता-पिता के यहां जन्म लेना तथा विशेष सुख, शांति, आनन्द उत्साह, निर्भयता आदि को प्राप्त करना स्वर्गप्राप्ति कहलाती है। @vaidic_gyan
प्र. ३४४. स्वर्ग प्राप्ति के साधन कौन कौन से हैं ?
उत्तर : पंचमहायज्ञ का अनुष्ठान करना, विद्या अध्ययन करना, दान करना, पुण्य करना आदि स्वर्ग प्राप्ति के साधन हैं।
@vaidic_gyan
उत्तर : पंचमहायज्ञ का अनुष्ठान करना, विद्या अध्ययन करना, दान करना, पुण्य करना आदि स्वर्ग प्राप्ति के साधन हैं।
@vaidic_gyan
❤7
प्राचीन वैदिक सैद्धांतिक ज्ञान 🚩
प्र. ३४४. स्वर्ग प्राप्ति के साधन कौन कौन से हैं ? उत्तर : पंचमहायज्ञ का अनुष्ठान करना, विद्या अध्ययन करना, दान करना, पुण्य करना आदि स्वर्ग प्राप्ति के साधन हैं। @vaidic_gyan
प्र. ३४५. नरक प्राप्ति के कारण क्या हैं ?
उत्तर : भ्रष्टाचार, व्यभिचार, मांसाहार, चोरी, झूठ कपट आदि अशुभकर्म नरक प्राप्ति के कारण हैं।
@vaidic_gyan
उत्तर : भ्रष्टाचार, व्यभिचार, मांसाहार, चोरी, झूठ कपट आदि अशुभकर्म नरक प्राप्ति के कारण हैं।
@vaidic_gyan
💯8
प्राचीन वैदिक सैद्धांतिक ज्ञान 🚩
प्र. ३४५. नरक प्राप्ति के कारण क्या हैं ? उत्तर : भ्रष्टाचार, व्यभिचार, मांसाहार, चोरी, झूठ कपट आदि अशुभकर्म नरक प्राप्ति के कारण हैं। @vaidic_gyan
प्र. ३४६. स्वर्ग और नरक की प्राप्ति क्या इसी जन्म में भी हो सकती है ?
उत्तर : हाँ, स्वर्ग और नरक की प्राप्ति इसी जन्म में भी हो सकती है। जीते जी दुःख, अभाव, बन्धन, भय पीडा, रोग, वियोग आदि की प्राप्ति नरक और उत्तम स्वास्थ्य, धन सम्पति, ऐश्वर्य, सुख शान्ति की प्राप्ति स्वर्ग कहलाती है ।
@vaidic_gyan
उत्तर : हाँ, स्वर्ग और नरक की प्राप्ति इसी जन्म में भी हो सकती है। जीते जी दुःख, अभाव, बन्धन, भय पीडा, रोग, वियोग आदि की प्राप्ति नरक और उत्तम स्वास्थ्य, धन सम्पति, ऐश्वर्य, सुख शान्ति की प्राप्ति स्वर्ग कहलाती है ।
@vaidic_gyan
🙏5👍3
प्राचीन वैदिक सैद्धांतिक ज्ञान 🚩
प्र. ३४६. स्वर्ग और नरक की प्राप्ति क्या इसी जन्म में भी हो सकती है ? उत्तर : हाँ, स्वर्ग और नरक की प्राप्ति इसी जन्म में भी हो सकती है। जीते जी दुःख, अभाव, बन्धन, भय पीडा, रोग, वियोग आदि की प्राप्ति नरक और उत्तम स्वास्थ्य, धन सम्पति, ऐश्वर्य, सुख शान्ति…
प्र. ३४७. श्राद्ध किसे कहते हैं ?
उत्तर : जीवित माता-पिता गुरु, विद्वान आदि की सेवा करना श्राद्ध कहलाता है ।
@vaidic_gyan
उत्तर : जीवित माता-पिता गुरु, विद्वान आदि की सेवा करना श्राद्ध कहलाता है ।
@vaidic_gyan
🙏9👍2
प्राचीन वैदिक सैद्धांतिक ज्ञान 🚩
प्र. ३४७. श्राद्ध किसे कहते हैं ? उत्तर : जीवित माता-पिता गुरु, विद्वान आदि की सेवा करना श्राद्ध कहलाता है । @vaidic_gyan
प्र. ३४८. क्या माता-पिता की मृत्यु के बाद दान-पुण्य, भोज आदि कर्मों को करना उनका श्राद्ध होता है ?
उत्तर : जी नहीं, माता-पिता की मृत्यु के बाद दान-पुण्य, भोज आदि कर्मों को करने से उनका श्राद्ध नहीं होता ।
@vaidic_gyan
उत्तर : जी नहीं, माता-पिता की मृत्यु के बाद दान-पुण्य, भोज आदि कर्मों को करने से उनका श्राद्ध नहीं होता ।
@vaidic_gyan
🙏6👍3
प्राचीन वैदिक सैद्धांतिक ज्ञान 🚩
प्र. ३४८. क्या माता-पिता की मृत्यु के बाद दान-पुण्य, भोज आदि कर्मों को करना उनका श्राद्ध होता है ? उत्तर : जी नहीं, माता-पिता की मृत्यु के बाद दान-पुण्य, भोज आदि कर्मों को करने से उनका श्राद्ध नहीं होता । @vaidic_gyan
प्र. ३४९. क्या माता-पिता के मरणोपरांत उन्हें पिण्ड दान करना वेदोक्त है ?
उत्तर : जी नहीं, माता-पिता के मरणोपरांत उन्हें पिण्ड दान वेदोक्त नहीं है।
@vaidic_gyan
उत्तर : जी नहीं, माता-पिता के मरणोपरांत उन्हें पिण्ड दान वेदोक्त नहीं है।
@vaidic_gyan
👍6
प्राचीन वैदिक सैद्धांतिक ज्ञान 🚩
प्र. ३४९. क्या माता-पिता के मरणोपरांत उन्हें पिण्ड दान करना वेदोक्त है ? उत्तर : जी नहीं, माता-पिता के मरणोपरांत उन्हें पिण्ड दान वेदोक्त नहीं है। @vaidic_gyan
प्र. ३५०. क्या मृत व्यक्ति का अस्थि विसर्जन करने गंगा आदि नदियों में जाना उचित नहीं है ?
उत्तर : जी नहीं, मृत व्यक्ति का अस्थि विसर्जन करने गंगा आदि नदियों में जाना उचित नहीं है।
@vaidic_gyan
उत्तर : जी नहीं, मृत व्यक्ति का अस्थि विसर्जन करने गंगा आदि नदियों में जाना उचित नहीं है।
@vaidic_gyan
👍6
प्राचीन वैदिक सैद्धांतिक ज्ञान 🚩
प्र. ३५०. क्या मृत व्यक्ति का अस्थि विसर्जन करने गंगा आदि नदियों में जाना उचित नहीं है ? उत्तर : जी नहीं, मृत व्यक्ति का अस्थि विसर्जन करने गंगा आदि नदियों में जाना उचित नहीं है। @vaidic_gyan
प्र. ३५१. क्या गंगा स्नान करने से, कुंभ मेले में स्नान से पाप धुल जाते हैं ?
उत्तर : जी नहीं, गंगा-स्नान करने या कुंभ आदि मेले में स्नान करने से पाप नहीं घुलते हैं।
@vaidic_gyan
उत्तर : जी नहीं, गंगा-स्नान करने या कुंभ आदि मेले में स्नान करने से पाप नहीं घुलते हैं।
@vaidic_gyan
👍7
प्राचीन वैदिक सैद्धांतिक ज्ञान 🚩
प्र. ३५१. क्या गंगा स्नान करने से, कुंभ मेले में स्नान से पाप धुल जाते हैं ? उत्तर : जी नहीं, गंगा-स्नान करने या कुंभ आदि मेले में स्नान करने से पाप नहीं घुलते हैं। @vaidic_gyan
प्र. ३५१. क्या गंगा स्नान करने से, कुंभ मेले में स्नान से पाप धुल जाते हैं ?
उत्तर : जी नहीं, गंगा-स्नान करने या कुंभ आदि मेले में स्नान करने से पाप नहीं घुलते हैं।
@vaidic_gyan
उत्तर : जी नहीं, गंगा-स्नान करने या कुंभ आदि मेले में स्नान करने से पाप नहीं घुलते हैं।
@vaidic_gyan
👍4🙏2❤1
प्राचीन वैदिक सैद्धांतिक ज्ञान 🚩
प्र. ३५१. क्या गंगा स्नान करने से, कुंभ मेले में स्नान से पाप धुल जाते हैं ? उत्तर : जी नहीं, गंगा-स्नान करने या कुंभ आदि मेले में स्नान करने से पाप नहीं घुलते हैं। @vaidic_gyan
प्र. ३५२. तर्पण का अर्थ क्या है ?
उत्तर : बड़े वृद्धों को खिला-पिलाकर तृप्त करना तर्पण कहलाता है।
@vaidic_gyan
उत्तर : बड़े वृद्धों को खिला-पिलाकर तृप्त करना तर्पण कहलाता है।
@vaidic_gyan
❤5👍1
प्राचीन वैदिक सैद्धांतिक ज्ञान 🚩
प्र. ३५२. तर्पण का अर्थ क्या है ? उत्तर : बड़े वृद्धों को खिला-पिलाकर तृप्त करना तर्पण कहलाता है। @vaidic_gyan
प्र. ३५३. क्या स्नान करते समय सूर्य देवता को पानी चढ़ाने से यह जल उन तक पहुँचता है ?
उत्तर : नहीं, स्नान करते समय सूर्य देवता को पानी चढ़ाने से यह जल सूर्य तक नहीं पहुँचता है ।
@vaidic_gyan
उत्तर : नहीं, स्नान करते समय सूर्य देवता को पानी चढ़ाने से यह जल सूर्य तक नहीं पहुँचता है ।
@vaidic_gyan
💯3👍1👏1
प्राचीन वैदिक सैद्धांतिक ज्ञान 🚩
प्र. ३५३. क्या स्नान करते समय सूर्य देवता को पानी चढ़ाने से यह जल उन तक पहुँचता है ? उत्तर : नहीं, स्नान करते समय सूर्य देवता को पानी चढ़ाने से यह जल सूर्य तक नहीं पहुँचता है । @vaidic_gyan
३५४. क्या ब्राह्मणों को भोजन कराने से मृत व्यक्ति का तर्पण होता है ?
उत्तर : नहीं, ब्राह्मणों को भोजन कराने से मृत व्यक्ति का तर्पण नहीं होता है।
@vaidic_gyan
उत्तर : नहीं, ब्राह्मणों को भोजन कराने से मृत व्यक्ति का तर्पण नहीं होता है।
@vaidic_gyan
👍4
प्राचीन वैदिक सैद्धांतिक ज्ञान 🚩
३५४. क्या ब्राह्मणों को भोजन कराने से मृत व्यक्ति का तर्पण होता है ? उत्तर : नहीं, ब्राह्मणों को भोजन कराने से मृत व्यक्ति का तर्पण नहीं होता है। @vaidic_gyan
प्र. ३५५. क्या मृत व्यक्ति की स्वर्ग प्राप्ति के लिए ब्राह्मणों को गाय आदि दान देना उचित है ?
उत्तर : नहीं, मृत व्यक्ति की स्वर्ग प्राप्ति के लिए ब्राह्मणों को गाय, सोना आदि दान देना उचित नहीं है।
@vaidic_gyan
उत्तर : नहीं, मृत व्यक्ति की स्वर्ग प्राप्ति के लिए ब्राह्मणों को गाय, सोना आदि दान देना उचित नहीं है।
@vaidic_gyan
👍5