𝐿 𝞲 𝟆 𝞮 :) 💫
जो गुजर रही हे दिल पे उसे
जुबा पर लाकर क्या करूं
𓂃𓏧🥀
जब कोई समझने वाला ही
नहीं है तो दर्द बताकर क्या करूं...!!
💗🥀
мєєт...✍️
❤1👍1🔥1
𝐿 𝞲 𝟆 𝞮 :) 💫
जिन्दगी में कर्जा इतना लो
कि सामने वाला भी,,,
तुम्हारे जिंदा रहने कीप्रार्थना करे...!!
❤️🤲🥹
мєєт...✍️
❤1👍1❤🔥1
मुद्दत हुई कोई फ़ोटो नहीं ली हमने ,
अरसा हुआ ख़ुद को अच्छे नहीं लगे हम ..!!
अरसा हुआ ख़ुद को अच्छे नहीं लगे हम ..!!
❤1👍1🥰1
मुझसे रूठे रहते हैं अब सारे ही त्यौहार बहुत
रोज़ मनाता हूँ तुमको मैं और उनको बस कभी कभी!!
🤍
रोज़ मनाता हूँ तुमको मैं और उनको बस कभी कभी!!
🤍
🥰1
𝐿 𝞲 𝟆 𝞮 :) 💫
जिंदगी बेरंग करने वालों को भी
होली की हार्दिक शुभकामनाएं...!!
💗🥀
мєєт...✍️
👍1🔥1
𝐿 𝞲 𝟆 𝞮 :) 💫
अगर जिंदगी में कुछ अनमोल है,
𓇽𓂃𓏧माँ
तो वो मेरी Maa है...!!
❤️🫶❤️
мєєт...✍️
👍1
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दूसरों को भी जागरूक करें खुद भी सतर्क रहें।
Share for everyone woman ❤️
Jai hind
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Jai hind
Mp police 🚨🚔
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🫰💔
किसी को जीने की चाह है,
कोई टूटकर बिखर रहा है मालिक,
किसी के हिस्से में उजाले हैं बेहिसाब,
तो कोई अंधेरों से रोज़ जूझ रहा है मालिक...!!
यहाँ हर साँस की अपनी एक कहानी है,
कोई हँसते-हँसते दर्द छुपा रहा है,
तो कोई खामोशी में सब कुछ
कह जा रहा है...!!
किसी के पास सब कुछ होकर
भी सुकून नहीं,
और कोई खाली हाथ होकर भी
सब्र से वक्त गुज़ार रहा है मालिक...
इंसाफ़ के तराज़ू पर ये दुनिया टिकी नहीं,
यहाँ हर दिल अपने ही सवालों में
खुद को आज़मा रहा है मालिक...!!
💔😓
мєєт...✍️
❤1👍1🥰1
Miss u दादू…
तेरे बिना ये घर भी घर सा नहीं लगता,
हर कोना आज तेरा नाम ही कहता।
चौखट पे बैठी वो तेरी मुस्कान याद आती है,
तेरे बिना हर शाम अधूरी सी लगती है।
तेरी दुआओं का साया जो सर पे था मेरे,
अब धूप भी चुभती है और रात भी डराती है।
तेरे हाथों की वो थपकी, वो प्यार भरी डांट,
आज याद बनकर आँखों से बरस जाती है।
तू था तो हौसलों में जान सी रहती थी,
अब हर कोशिश भी थोड़ी थक जाती है।
तेरे लफ्ज़ अब भी कानों में गूंजते हैं,
“मजबूत रहना”… बस यही बात संभाल जाती है।
दादू, तू कहीं भी हो, मेरी हर दुआ में है,
तेरी कमी हर रोज़ मुझे रुला जाती है।
Miss u दादू…
तेरे बिना ये दुनिया भी अधूरी सी लगती है… 🖤
तेरे बिना ये घर भी घर सा नहीं लगता,
हर कोना आज तेरा नाम ही कहता।
चौखट पे बैठी वो तेरी मुस्कान याद आती है,
तेरे बिना हर शाम अधूरी सी लगती है।
तेरी दुआओं का साया जो सर पे था मेरे,
अब धूप भी चुभती है और रात भी डराती है।
तेरे हाथों की वो थपकी, वो प्यार भरी डांट,
आज याद बनकर आँखों से बरस जाती है।
तू था तो हौसलों में जान सी रहती थी,
अब हर कोशिश भी थोड़ी थक जाती है।
तेरे लफ्ज़ अब भी कानों में गूंजते हैं,
“मजबूत रहना”… बस यही बात संभाल जाती है।
दादू, तू कहीं भी हो, मेरी हर दुआ में है,
तेरी कमी हर रोज़ मुझे रुला जाती है।
Miss u दादू…
तेरे बिना ये दुनिया भी अधूरी सी लगती है… 🖤
Miss u dadu😭🥺
Kanha✍️
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𝐿 𝞲 𝟆 𝞮 :) 💫
जरा सा बेहतर मिलते ही
बदल लेती हे मर्द अपना...
𓂃𓏧🥀 Bewfaa
इन हसीनाओं की अदा
किसी तवायफ से कम नहीं...!!
💗🥀
мєєт...✍️
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इंसान भावनाओं से खाली नहीं है,
बस हर किसी पर दिल लुटाने वाला नहीं
उसका लगाव, उसका अपनापन,
बहुत सोच-समझकर और खास लोगों के लिए है,,,,,
निर्मोह नहीं हूँ मैं,
बस हर चेहरे को अपना नहीं मानता
जो दिल तक उतर जाए वही खास है,
हर मिलने वाला मोह का हक़दार नहीं होता...!!
बस हर किसी पर दिल लुटाने वाला नहीं
उसका लगाव, उसका अपनापन,
बहुत सोच-समझकर और खास लोगों के लिए है,,,,,
निर्मोह नहीं हूँ मैं,
बस हर चेहरे को अपना नहीं मानता
जो दिल तक उतर जाए वही खास है,
हर मिलने वाला मोह का हक़दार नहीं होता...!!
💗✨
мєєт...✍️
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कुछ भी अपना नहीं है मेरे पास बद्दुआ भी किसी की दी हुई है!!
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💗🍂
तुम सादा-मिज़ाजी से
मिटे फिरते हो जिस पर
वो शख़्स तो
दुनिया में किसी का भी नहीं है ..!!
तुम सादा-मिज़ाजी से
मिटे फिरते हो जिस पर
वो शख़्स तो
दुनिया में किसी का भी नहीं है ..!!
प्रियांशु 💗
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अरे-अरे कहाँ जा रहे हो,
चेहरे पर मुस्कान लिए हो तो
ज़रा सच भी साथ ले जाओ साहब...
क्या हुआ,आज इतने अपने से क्यों लग रहे हो...?
ज़रूरत है साहब,,,
नहीं मतलब कल तो पहचानते भी नहीं थे...?
कल मौसम अलग था साहब,,,
कैसा मौसम...?
फायदे का नहीं था साहब,,,
तो अब क्या बदल गया...?
हालात साहब,,,
नहीं मतलब इंसान ऐसे कैसे
बदल जाता है...?
इंसान नहीं साहब,
रंग बदलते हैं,
कुछ लोग तो
होली से भी तेज़ बदलते हैं साहब,,,
पर दोस्ती तो पक्की थी ना...?
थी साहब,,,जब तक जेब भरी थी,,,
नहीं मतलब रिश्ते दिल से होते हैं...?
हाँ साहब,,, पर कुछ दिल
मतलब से धड़कते हैं,,,
कल तक बुरे थे,
आज अच्छे कैसे हो गए...?
आप काम के हो गए साहब,,,
नहीं मतलब इतना दिखावा क्यों...?
क्योंकि सच में रंग नहीं है साहब,,, इसलिए उधार के रंग चढ़ाते हैं,,,
होली में रंग बदलना तो ठीक है...?
त्योहार में अच्छा लगता है साहब,,,
पर चरित्र में नहीं,,,
तो असली रंग कौन सा है...?
जो मुश्किल में भी ना उतरे साहब,,,
लोग पहचान में क्यों नहीं आते..?
क्योंकि चेहरे पर
नकाब का गुलाल लगा होता है साहब,,,
फिर क्या करें ऐसे लोगों का...?
दूरी रखिए साहब,,,रंग लगाइए,
पर चरित्र नहीं बदलिए,,,
आख़िर सच्चा इंसान कौन है...?
जो होली के बाद भी
एक जैसा रहे साहब,,,
समाज कब सुधरेगा..?
जिस दिन लोग
रंगों से खेलेंगे,
पर रिश्तों से नहीं साहब...!!
नोट ~~
यह वार्तालाप उन लोगों के लिए है
जो हालात के हिसाब से
रंग बदलते हैं...
याद रखिए,,,,
इंसान का असली रंग
वक्त बताता है...!!
Happy Holi...❤️🤌
мєєт...✍️
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सर झुकाकर भी ऊँचा दिखाई देता हूँ
मेरा वजूद नहीं है किसी निशान में
जो सच कहूँ तो कई चेहरों पे ज़हर उतरे
मैं एक आईना हूँ पूरे खानदान में
Bhairav
मेरा वजूद नहीं है किसी निशान में
जो सच कहूँ तो कई चेहरों पे ज़हर उतरे
मैं एक आईना हूँ पूरे खानदान में
Bhairav
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