सर झुकाकर भी ऊँचा दिखाई देता हूँ
मेरा वजूद नहीं है किसी निशान में
जो सच कहूँ तो कई चेहरों पे ज़हर उतरे
मैं एक आईना हूँ पूरे खानदान में
Bhairav
मेरा वजूद नहीं है किसी निशान में
जो सच कहूँ तो कई चेहरों पे ज़हर उतरे
मैं एक आईना हूँ पूरे खानदान में
Bhairav
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हमसे छीन लिया उसने वो ठिकाना भी,
जिसे पाने में उम्रों का इक फ़साना लगा था।
हमको तो बस एक पल में भुला दिया उसने,
जिसे यादों में रखने को ज़माना लगा था।
जिसे लौटकर हर दर्द सुनाना था हमें,
उसी के जाने से दिल को बहाना न लगा था।
तुम्हारे बाद ये दुनिया भी अजनबी सी लगी,
जहाँ ख़ुद को सँभालने में जमाना लगा था।
भैरव
जिसे पाने में उम्रों का इक फ़साना लगा था।
हमको तो बस एक पल में भुला दिया उसने,
जिसे यादों में रखने को ज़माना लगा था।
जिसे लौटकर हर दर्द सुनाना था हमें,
उसी के जाने से दिल को बहाना न लगा था।
तुम्हारे बाद ये दुनिया भी अजनबी सी लगी,
जहाँ ख़ुद को सँभालने में जमाना लगा था।
भैरव
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खैरियत से हैं हम अपने शहर में,
तुम अपने शहर में अपनी हिफाज़त रखना।
तुम अपने शहर में अपनी हिफाज़त रखना।
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Suno लड़कों
इस स्थिति में तो मत आना
लड़कों इतना तो जरूर कमाना
की एक सीट रिजर्व कर सको
अपनी पसंदीदा स्त्री के लिए....❤️🥲
𓂃ꪜ 𝗕𝗵𝗼𝗿 💓 ✦
#Bhor_poems
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साड़ी में तुम 🤌❤️🌷
साड़ी में तुम
जैसे
कोई फूल
अपने सब
रँग
तमाम
खुशबुएँ
ओढ़
खिल आया हो
मन आँगन
जैसे सांसे
ख़यालों में
महकने
लगी हों
आंखें तुम सी
चमकने लगीं हों
साड़ी में तुम
जैसे
आसमां ने
बारिश
और धूप
ओढ़
बिखेर दिए हैं
फ़िज़ाओं में
सब रँग अपने
इंद्रधनुषी
फ़िज़ाओं में
घुली
मोंगरे सी
महक
तुम्हारी
बिंदिया में
जैसे
केंद्रित
प्रेम की
अनंत तरंगे
और
आँखों की
कोरों पर
किस्मत की
लकीरों सी
गहराई
और भी
बहुत कुछ
मन जैसे
अनवरत
बहने लगता है
तुम्हें यूं देखकर 🌸❤️
𓂃ꪜ 𝗕𝗵𝗼𝗿 💓 ✦
#Bhor_poem
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𝐿 𝞲 𝟆 𝞮 :) 💫
आंखे तेरी...💌👀
तेरी आँखों में ऐसा जादू है,
कि हर दिल बेकरार हो जाता है,
जो एक बार देख ले इनको,
उसे फिर इश्क़ बार-बार हो जाता है...!!
👀🌷🤌
мєєт...✍️
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सुनो पड़ोसन ❣️
प्रेम के परिमंडल में
अन्तर्मन का व्यास हो तुम..!!
प्रेम के परिमंडल में
अन्तर्मन का व्यास हो तुम..!!
✍🥀💜
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𝐿 𝞲 𝟆 𝞮 :) 💫
जब मीत मना करे साथ
निभाने की तब Bhor क्या कहती है सुनिए जरा,,,,,🤌❤️
माना कास्ट अलग है हमारी
फिर भी
तुम कोशिश तो करो
घर वालों को मनाने की
अपनी पसंद को
घर वालों की पसंद बनाने की
अपने हालत और
जज्बात उन्हें बताने की
मैं लड़की होकर इतना
कुछ कर सकती हूं
मीत तुम्हारी खातिर
ये समाज और घर वालों से भी
लड़ सकती हूं
तुम लड़के होकर
इतना नहीं कर सकते क्या
हमारी खुशी के खातिर
घर वालों से बात नहीं कर सकते क्या
माना तुम सुंदर लग
मैं थोड़ी सांवली हूं
तुम प्रेम की कहानी
राधा कृष्ण नहीं पढ़ सकते क्या
सांवला रंग है
मेरा किरदार नहीं
तुम्हे ये समझ कर भी
समझते क्यों नहीं ना
अगर हम
तुम्हारे सबसे खास है तो
मुझे अपनी id से
Unblock क्यों नहीं करते न
माना तुम्हे और कोई नहीं पसंद
फिर मेरी बात अपने घर में कर
सकते हो ना,,,,,
आजकल मन पसंद बहुत
कम मिलते हैं,,,
ये घर वालों से कह सकते हो ना
अगर तुम्हें
उम्र भर हमारा साथ
निभाना है तो
हमारी भी
शादी की बात
तुम अपने घर में कर सकते
हो ना,,,,,!!
𓂃ꪜ 𝗕𝗵𝗼𝗿 💓 ✦
#Bhor_poem
#ekadhuripremkahani 🌸
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𝐿 𝞲 𝟆 𝞮 :) 💫
जिस महफ़िल में मीत की वजह
से कोई परेशानी हो,
बेझिझक बता दिया कीजिए।
ख़ुद ही हट जाएगा मीत उस महफ़िल से,
क्योंकि सुकून सबका ज़रूरी है,
मीत की मौजूदगी नहीं....!!
💗🥀
мєєт...✍️
👍1👏1