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https://hindi.opindia.com/opinion/social-issues/ali-maula-in-morari-bapu-ram-katha/
मुरारी बापू जी, अली-मौला इतना ही पसंद है तो टोपी लगा कर नमाज पढ़ लीजिए, सत्संग-प्रवचन का नाम क्यों ले रहे?