Don't have Telegram yet? Try it now!
https://hindi.opindia.com/media/shobha-de-and-paid-media-is-more-dangerous-than-whatsapp/
शोभा डे और बिकाऊ मीडिया: जब गुलाम नबी ने खड़ी की थी किराए की कलमों (गद्दार, देशद्रोही पत्रकार) की फौज