सफलता में केवल 'सेकंड्स' का अंतर होता है
10,000 मीटर (10 किलोमीटर) की इतनी लंबी दौड़ में पहले और तीसरे स्थान के बीच केवल 1.35 सेकंड का अंतर था। यह दर्शाता है कि आपकी महीनों और सालों की मेहनत, अंत में मिलने वाले कुछ पलों के निर्णय से तय होती है। परीक्षा में भी एक-एक नंबर और एक-एक सेकंड का सही उपयोग आपकी रैंक तय कर देता है।
निरंतरता और कभी न हार मानने का जज्बा
इतनी कठिन और लंबी दौड़ के आखिरी पलों में भी धावकों ने अपनी गति कम नहीं होने दी विद्यार्थियों को भी अपनी तैयारी के दौरान आखिरी समय तक पूरा जोर लगाना चाहिए, क्योंकि बाजी किसी भी पल पलट सकती है।
10,000 मीटर (10 किलोमीटर) की इतनी लंबी दौड़ में पहले और तीसरे स्थान के बीच केवल 1.35 सेकंड का अंतर था। यह दर्शाता है कि आपकी महीनों और सालों की मेहनत, अंत में मिलने वाले कुछ पलों के निर्णय से तय होती है। परीक्षा में भी एक-एक नंबर और एक-एक सेकंड का सही उपयोग आपकी रैंक तय कर देता है।
निरंतरता और कभी न हार मानने का जज्बा
इतनी कठिन और लंबी दौड़ के आखिरी पलों में भी धावकों ने अपनी गति कम नहीं होने दी विद्यार्थियों को भी अपनी तैयारी के दौरान आखिरी समय तक पूरा जोर लगाना चाहिए, क्योंकि बाजी किसी भी पल पलट सकती है।
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आज स्वतंत्रता दिवस का यह शुभ दिन समाप्त होने को है, और मैं आपको यह संदेश थोड़ा देर से भेज रहा हूँ। इस देरी के पीछे एक विशेष मंशा है मेरा प्रश्न आपसे इतना ही है यह आज पूरा दिन निकल गया। आपने अपने भविष्य के सपनों के लिए क्या किया? अपने भविष्य की उड़ानों, अपने भविष्य की स्वतंत्रता के लिए क्या किया? अब समय है, इसका चिंतन करने का उम्मीद करता हूँ कि आप अपने बेहतर भविष्य के लिए बेहतर ही सोच रहे होंगे। इस बात पर का विचार जरूर कीजिएगा। क्या सुबह से लेकर अभी 4 बजे अब तक आपने अपने दिन को कैसे उपयोग किया
केवल मिट्टी का मान नहीं, यह सोच की नई उड़ान है,
निज कर्तव्यों को समझ सको, तो यही सच्चा सम्मान है।
तोड़ो आलस की ज़ंजीरें, तुम कल के नए निर्माता हो,
सपनों को दो आज दिशा, तुम अपने भाग्य-विधाता हो।
गूँजे हर दिल में एक ही धुन, हम सत्य-मार्ग पर जाएँगे,
निज स्वतंत्रता का मान रखकर, हम नया भारत बनाएँगे
आशा है कि आज के दिन आपने अपने भीतर की असीमित क्षमताओं को पहचाना होगा।
केवल मिट्टी का मान नहीं, यह सोच की नई उड़ान है,
निज कर्तव्यों को समझ सको, तो यही सच्चा सम्मान है।
तोड़ो आलस की ज़ंजीरें, तुम कल के नए निर्माता हो,
सपनों को दो आज दिशा, तुम अपने भाग्य-विधाता हो।
गूँजे हर दिल में एक ही धुन, हम सत्य-मार्ग पर जाएँगे,
निज स्वतंत्रता का मान रखकर, हम नया भारत बनाएँगे
आशा है कि आज के दिन आपने अपने भीतर की असीमित क्षमताओं को पहचाना होगा।
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