Soros behind the 50% Tariff on India?
Deep State man inside Trump 's cabinet, taking all decisions and same man behind the Tariff on India
Sensational Expose will all details
Full 21 mins video available on my YouTube Channel
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क्या आप 52 वर्षों तक संघ मुख्यालय पर तिरंगा नहीं फहराने का कारण जानते हैं ?
RSS ने 52 वर्षों तक भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा क्यों नही फहराया ?
जी हां ये सच है कि 1950 से 2002 तक RSS ने तिरंगा नहीं फहराया, तो इस राष्ट्रीय ध्वज के न फहराने का सच क्या है ? आइये जानते हैं !
ऐसा क्या हुआ कि 1950 के बाद RSS ने तिरंगा फहराना बंद कर दिया ?
आज़ादी के बाद संघ की शक्ति लगातार बढ़ती जा रही थी और संघ ने राष्ट्रीय पर्व जैसे 15 अगस्त और 26 जनवरी जोर शोर से मनाने शुरू कर दिए थे, जनता ने भी इसमे बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेना शुरू कर दिया. इससे नेहरू को अपना सिंहासन डोलता नज़र आया और बड़ी ही चालाकी से उन्होंने भारत के संविधान में एक अध्याय जुड़वा दिया "National Flag Code".
नेशनल फ्लैग कोड को संविधान की अन्य धाराओं के साथ 1950 में लागू कर दिया गया और इसी के साथ तिरंगा फहराना अपराध की श्रेणी में आ गया. इस कानून के लागू होने के बाद राष्ट्रीय ध्वज केवल सरकारी भवनों पर कुछ विशेष लोगों द्वारा ही फहराया जा सकता था और यदि कोई व्यक्ति इसका उल्लंघन करता तो उसे सश्रम कारावास की सज़ा का प्रावधान था।
अर्थात कानून के अनुसार राष्ट्रीय ध्वज अब संघ की शाखाओं में नही फहराया जा सकता था क्योंकि वे सरकारी भवन न होकर, निजी स्थान थे. संघ ने कानून का पालन किया और तिरंगा फहराना बंद कर दिया.
यह कानून नेहरू के डर के कारण बनाया गया था वरना इसका कोई औचित्य नही था क्योंकि आज़ादी की लड़ाई में तो प्रत्येक आम आदमी तिरंगा हाथ में लेकर सड़कों पर होता था. परन्तु अचानक उसी आम आदमी और समस्त भारत की जनता से उनके देश के झंडे को फहराने का अधिकार छीन लिया गया और जिस तिरंगे के लिए लाखों लोग बलिदान हो गए वह तिरंगा फहराने का अधिकार अब केवल नेहरू गांधी परिवार की संपत्ति बन चुका था.
नवीन जिंदल जब अमेरिका में पढ़ते थे तब वह हर निजी प्रतिष्ठान हर दुकान हर माल पर अमेरिका का राष्ट्रीय झंडा फहराते देखते थे तब उनके भी मन में था कि अमेरिकन की तरह हम भारतीयों को अपना राष्ट्रीय झंडा अपने ऑफिस या अपने घर या अपने प्रतिष्ठान में फहराने का अधिकार क्यों नहीं मिला
कांग्रेस के सांसद नवीन जिंदल ने अपनी फैक्ट्री 'जिंदल विजयनगर स्टील्स' में तिरंगा फहराया और उनके विरुद्ध FIR दर्ज करने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया. इसके बाद उन्होंने लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी और 2002 में उच्च न्यायालय ने यह आदेश जारी किया कि भारत का ध्वज प्रत्येक नागरिक फहरा सकता है. अपने निजी भवन पर भी फहरा सकता है. बशर्ते वे राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान का ध्यान रखे और तिरंगे को Flag Code के अनुसार फहराए. इसके बाद से आज तक निरंतर संघ की हर शाखा में तिरंगा फहराया जा रहा है.
है कोई कांग्रेसी, वामपंथी या बुद्धिजीवी जो इन तथ्यों को झुठला सके ?
आज वही कांग्रेसी प्रश्न उठा रहे हैं जो राष्ट्रगान के समय कुर्सी से उठते भी नही, बैठे रहते हैं. आपको गूगल पर कई कांग्रेसियों और वामपंथियों के ब्लॉग मिल जाएंगे जिसमें तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर प्रस्तुत किया गया होगा परन्तु हर जगह एक बात जरूर मिलेगी कि 1950 से पहले और 2002 के बाद संघ तिरंगा फहराता आ रहा है।
तो अब आपको पता चल गया कि तिरंगे का असली दोषी कौन था ?
प्रश्न यह है कि आखिर भारतीयों से उनके अपने ही देश का ध्वज क्यो छीन लिया गया ?
RSS ने 52 वर्षों तक भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा क्यों नही फहराया ?
जी हां ये सच है कि 1950 से 2002 तक RSS ने तिरंगा नहीं फहराया, तो इस राष्ट्रीय ध्वज के न फहराने का सच क्या है ? आइये जानते हैं !
ऐसा क्या हुआ कि 1950 के बाद RSS ने तिरंगा फहराना बंद कर दिया ?
आज़ादी के बाद संघ की शक्ति लगातार बढ़ती जा रही थी और संघ ने राष्ट्रीय पर्व जैसे 15 अगस्त और 26 जनवरी जोर शोर से मनाने शुरू कर दिए थे, जनता ने भी इसमे बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेना शुरू कर दिया. इससे नेहरू को अपना सिंहासन डोलता नज़र आया और बड़ी ही चालाकी से उन्होंने भारत के संविधान में एक अध्याय जुड़वा दिया "National Flag Code".
नेशनल फ्लैग कोड को संविधान की अन्य धाराओं के साथ 1950 में लागू कर दिया गया और इसी के साथ तिरंगा फहराना अपराध की श्रेणी में आ गया. इस कानून के लागू होने के बाद राष्ट्रीय ध्वज केवल सरकारी भवनों पर कुछ विशेष लोगों द्वारा ही फहराया जा सकता था और यदि कोई व्यक्ति इसका उल्लंघन करता तो उसे सश्रम कारावास की सज़ा का प्रावधान था।
अर्थात कानून के अनुसार राष्ट्रीय ध्वज अब संघ की शाखाओं में नही फहराया जा सकता था क्योंकि वे सरकारी भवन न होकर, निजी स्थान थे. संघ ने कानून का पालन किया और तिरंगा फहराना बंद कर दिया.
यह कानून नेहरू के डर के कारण बनाया गया था वरना इसका कोई औचित्य नही था क्योंकि आज़ादी की लड़ाई में तो प्रत्येक आम आदमी तिरंगा हाथ में लेकर सड़कों पर होता था. परन्तु अचानक उसी आम आदमी और समस्त भारत की जनता से उनके देश के झंडे को फहराने का अधिकार छीन लिया गया और जिस तिरंगे के लिए लाखों लोग बलिदान हो गए वह तिरंगा फहराने का अधिकार अब केवल नेहरू गांधी परिवार की संपत्ति बन चुका था.
नवीन जिंदल जब अमेरिका में पढ़ते थे तब वह हर निजी प्रतिष्ठान हर दुकान हर माल पर अमेरिका का राष्ट्रीय झंडा फहराते देखते थे तब उनके भी मन में था कि अमेरिकन की तरह हम भारतीयों को अपना राष्ट्रीय झंडा अपने ऑफिस या अपने घर या अपने प्रतिष्ठान में फहराने का अधिकार क्यों नहीं मिला
कांग्रेस के सांसद नवीन जिंदल ने अपनी फैक्ट्री 'जिंदल विजयनगर स्टील्स' में तिरंगा फहराया और उनके विरुद्ध FIR दर्ज करने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया. इसके बाद उन्होंने लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी और 2002 में उच्च न्यायालय ने यह आदेश जारी किया कि भारत का ध्वज प्रत्येक नागरिक फहरा सकता है. अपने निजी भवन पर भी फहरा सकता है. बशर्ते वे राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान का ध्यान रखे और तिरंगे को Flag Code के अनुसार फहराए. इसके बाद से आज तक निरंतर संघ की हर शाखा में तिरंगा फहराया जा रहा है.
है कोई कांग्रेसी, वामपंथी या बुद्धिजीवी जो इन तथ्यों को झुठला सके ?
आज वही कांग्रेसी प्रश्न उठा रहे हैं जो राष्ट्रगान के समय कुर्सी से उठते भी नही, बैठे रहते हैं. आपको गूगल पर कई कांग्रेसियों और वामपंथियों के ब्लॉग मिल जाएंगे जिसमें तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर प्रस्तुत किया गया होगा परन्तु हर जगह एक बात जरूर मिलेगी कि 1950 से पहले और 2002 के बाद संघ तिरंगा फहराता आ रहा है।
तो अब आपको पता चल गया कि तिरंगे का असली दोषी कौन था ?
प्रश्न यह है कि आखिर भारतीयों से उनके अपने ही देश का ध्वज क्यो छीन लिया गया ?
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Media is too big
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This bl00dy b@stard Soros stooge Scott Beseent is threatening India for more sanctions and asking Europe also to put sanctions on India
I exposed his entire biodata in my YouTube Video
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यह स्विट्ज़रलैंड की एक मुस्लिम राजनेता और ग्रीन पार्टी की सदस्य सनिजा अमेटी है।
इसने हाल ही में इंस्टाग्राम पर एक तस्वीर अपलोड की है, जिसमें वह यीशु और मैरी की तस्वीर पर गोली मारकर छलनी करते हुए दिखाई दे रही है।
यह 1995 में एक शरणार्थी के रूप में स्विटजरलैंड आई, जब वह सिर्फ तीन साल की थी।
इसके माता-पिता ने अपने रिफ्यूजी फार्म पर लिखा था कि उनके देश में बहुत गरीबी है, अशांति है, कई इस्लामी गुट आपस में मार काट कर रहे हैं। हम महीनोॅ तक खाना नहीं खा सकते, भूखे मरने की नौबत है। हमारी स्थिति पर रहम करके हमें शरण दे दी जाए।
ईसाई देश स्विट्जरलैंड ने रहम करके इन्हें दे दी थी।
स्विट्जरलैंड में इन्हें पाला पोसा बड़ा किया, नौकरी दी।
अब यह जीसस एंड मैरी की तस्वीर को गोलियों से छलनी कर रही है।
सोचिए इनकी सोच क्या होती है और क्यों कोई भी देश इन्हें शरण नहीं देना चाहता।
दरअसल गलत ये नहीं है, इस्लाम की शिक्षा ही ऐसी है, कमजोर होॅगे तो गिड़गिड़ाते हैं और जैसे ही ताकत में आयेॅगे, तो तबाही मचायेॅगे।
इसने हाल ही में इंस्टाग्राम पर एक तस्वीर अपलोड की है, जिसमें वह यीशु और मैरी की तस्वीर पर गोली मारकर छलनी करते हुए दिखाई दे रही है।
यह 1995 में एक शरणार्थी के रूप में स्विटजरलैंड आई, जब वह सिर्फ तीन साल की थी।
इसके माता-पिता ने अपने रिफ्यूजी फार्म पर लिखा था कि उनके देश में बहुत गरीबी है, अशांति है, कई इस्लामी गुट आपस में मार काट कर रहे हैं। हम महीनोॅ तक खाना नहीं खा सकते, भूखे मरने की नौबत है। हमारी स्थिति पर रहम करके हमें शरण दे दी जाए।
ईसाई देश स्विट्जरलैंड ने रहम करके इन्हें दे दी थी।
स्विट्जरलैंड में इन्हें पाला पोसा बड़ा किया, नौकरी दी।
अब यह जीसस एंड मैरी की तस्वीर को गोलियों से छलनी कर रही है।
सोचिए इनकी सोच क्या होती है और क्यों कोई भी देश इन्हें शरण नहीं देना चाहता।
दरअसल गलत ये नहीं है, इस्लाम की शिक्षा ही ऐसी है, कमजोर होॅगे तो गिड़गिड़ाते हैं और जैसे ही ताकत में आयेॅगे, तो तबाही मचायेॅगे।
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Looks like Zelenskyy had a bail out plan using American Dollars:
He is transferring over $50 million to the UAE every month.
Turkish newspaper Aydinlik published on Monday the bank accounts of companies based in the UAE involved in the corruption scheme of Volodymyr Zelensky’s cronies, about $50 million is transferred to the Middle Eastern country every month.
He is transferring over $50 million to the UAE every month.
Turkish newspaper Aydinlik published on Monday the bank accounts of companies based in the UAE involved in the corruption scheme of Volodymyr Zelensky’s cronies, about $50 million is transferred to the Middle Eastern country every month.
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Ukraine doesn’t need any money to rebuild.
Russia is keeping most of the land where the war and destruction has been happening.
If you hear some crazy amount of $$$ that Ukraine wants for a peace deal “to rebuild” then you know it is a scam.
Russia is keeping most of the land where the war and destruction has been happening.
If you hear some crazy amount of $$$ that Ukraine wants for a peace deal “to rebuild” then you know it is a scam.
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पूरे विश्व में सिर्फ 18 कंपनियों को WHO ने रेबीज वैक्सीन के लिए प्रमाणित किया है
इसमें से एकमात्र भारत बायोटेक भारत की कंपनी है जिसकी रेबीज वैक्सीन को पिछले साल WHO द्वारा मान्यता मिली
रेबीज वैक्सीन का सबसे बड़ा ग्राहक भारत है
भारत सरकार प्रतिमाह करोड़ो रुपए की रेबीज वैक्सीन खरीदती है और यह पैसे वैक्सीन की कीमत उनका स्टोर उनका डिस्ट्रीब्यूशन इत्यादि में सब शामिल है
अब आप समझ गए होंगे की क्यों तमाम विदेशी एजेंट कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी जैसे महंगे वकील लोगों को रखकर यह चाह रहे हैं कि आवारा कुत्तों की समस्या भारत में खत्म ना हो
वरना जो उन्होंने रेबीज की वैक्सीन बनाने में अरबो डॉलर इन्वेस्ट किया है वह पानी में चला जाएगा
दुनिया में वैक्सीन माफिया कितना ताकतवर है वह कभी आप लोग यूट्यूब पर सर्च करिएगा
इसमें से एकमात्र भारत बायोटेक भारत की कंपनी है जिसकी रेबीज वैक्सीन को पिछले साल WHO द्वारा मान्यता मिली
रेबीज वैक्सीन का सबसे बड़ा ग्राहक भारत है
भारत सरकार प्रतिमाह करोड़ो रुपए की रेबीज वैक्सीन खरीदती है और यह पैसे वैक्सीन की कीमत उनका स्टोर उनका डिस्ट्रीब्यूशन इत्यादि में सब शामिल है
अब आप समझ गए होंगे की क्यों तमाम विदेशी एजेंट कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी जैसे महंगे वकील लोगों को रखकर यह चाह रहे हैं कि आवारा कुत्तों की समस्या भारत में खत्म ना हो
वरना जो उन्होंने रेबीज की वैक्सीन बनाने में अरबो डॉलर इन्वेस्ट किया है वह पानी में चला जाएगा
दुनिया में वैक्सीन माफिया कितना ताकतवर है वह कभी आप लोग यूट्यूब पर सर्च करिएगा
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Fake Narratives EXPOSED
"Haryana EVM Case & Media Distortion"
FULL 28-min breakdown now LIVE on my YouTube channel – Explained by Tarun
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FULL 28-min breakdown now LIVE on my YouTube channel – Explained by Tarun
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Explained: Myanmar Geopolitics, Manipur Unrest, RAW, CIA, MSS role, Trump's entry
Full Video on My YouTube Channel 'Explained by Tarun"
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