ये IBPS वाले इंसान है या कुछ और!😡🤦🏻♂️
Ye तानाशाह बन गये है, इनको लग रहा है, बच्चो को जॉब की जरुरत है तो कुछ भी सह लेंगे!
मोटी फीस लेते है, ढंग का Keyboards भी नहीं मिलता एग्जाम में!
#IBPS #IBPSExam #IBA #FinanceMinister #DoPT #DharmendraPradhan
#PMO #PM #NarendraModi #AmitShah
#CMOMaharashtra
कुछ स्टेट में इलेक्शन आ रहा है, ये सिस्टम जल्द ठीक करो! युवा already परेशान है, और परेशान मत करो!
Ye तानाशाह बन गये है, इनको लग रहा है, बच्चो को जॉब की जरुरत है तो कुछ भी सह लेंगे!
मोटी फीस लेते है, ढंग का Keyboards भी नहीं मिलता एग्जाम में!
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#PMO #PM #NarendraModi #AmitShah
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कुछ स्टेट में इलेक्शन आ रहा है, ये सिस्टम जल्द ठीक करो! युवा already परेशान है, और परेशान मत करो!
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२४ मंज़िला इमारत की अनुमति के लिए ७ लाख की रिश्वत मांगने वाले सांगली मिरज कुपवाड महानगरपालिका के उपायुक्त वैभव विजय साबले आखिरकार एंटी करप्शन के जाल में फंस ही गए!
यह वही वैभव साबले है, जिसने एमपीएससी परीक्षा “कर्णबधिर” (श्रवण बाधित) होने का फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर पास की थी। हैरानी की बात यह है कि १९९३ में जिस दिन उसका जन्म हुआ, उसी दिन उसे कर्णबधिर होने का सर्टिफिकेट मिल गया! सब कुछ पता होने के बावजूद सिस्टम ने उस पर कोई कार्रवाई नहीं की।
पूजा खेडकर मामला सामने आने के बाद ही साबले ने दिखावे के लिए हियरिंग एड पहनना शुरू किया — उससे पहले उसने कभी इसका उपयोग नहीं किया था। लोगों की लगातार शिकायतों के बाद भी सिस्टम नहीं जागा। क्यों? क्योंकि इसी सिस्टम के कई लोग शायद ऐसे ही फर्जीवाड़े से सिस्टम में घुसे हैं!
आज फिर यह बात साबित हो गई — जो लोग झूठ बोलकर, फर्जी सर्टिफिकेट लगाकर, धांधली करके सरकारी सेवा में आते हैं, वे ईमानदारी से काम नहीं कर सकते। वे सिर्फ कुर्सी का दुरुपयोग करते हैं, आम जनता को परेशान करते हैं और रिश्वत लेकर अपनी फर्जी योग्यता को छुपाने का काम करते हैं।
सीधी बात कहें तो — सिस्टम अंदर से सड़ चुका है। और यह सड़ा हुआ सिस्टम अब सिर्फ कर्णबधिर नहीं, बल्कि पूरी तरह गूंगा और अंधा भी हो चुका है!
#UPSC #MPSC #DoPT #DhimanChamka #PujaKhedkar #VaibhavSable
यह वही वैभव साबले है, जिसने एमपीएससी परीक्षा “कर्णबधिर” (श्रवण बाधित) होने का फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर पास की थी। हैरानी की बात यह है कि १९९३ में जिस दिन उसका जन्म हुआ, उसी दिन उसे कर्णबधिर होने का सर्टिफिकेट मिल गया! सब कुछ पता होने के बावजूद सिस्टम ने उस पर कोई कार्रवाई नहीं की।
पूजा खेडकर मामला सामने आने के बाद ही साबले ने दिखावे के लिए हियरिंग एड पहनना शुरू किया — उससे पहले उसने कभी इसका उपयोग नहीं किया था। लोगों की लगातार शिकायतों के बाद भी सिस्टम नहीं जागा। क्यों? क्योंकि इसी सिस्टम के कई लोग शायद ऐसे ही फर्जीवाड़े से सिस्टम में घुसे हैं!
आज फिर यह बात साबित हो गई — जो लोग झूठ बोलकर, फर्जी सर्टिफिकेट लगाकर, धांधली करके सरकारी सेवा में आते हैं, वे ईमानदारी से काम नहीं कर सकते। वे सिर्फ कुर्सी का दुरुपयोग करते हैं, आम जनता को परेशान करते हैं और रिश्वत लेकर अपनी फर्जी योग्यता को छुपाने का काम करते हैं।
सीधी बात कहें तो — सिस्टम अंदर से सड़ चुका है। और यह सड़ा हुआ सिस्टम अब सिर्फ कर्णबधिर नहीं, बल्कि पूरी तरह गूंगा और अंधा भी हो चुका है!
#UPSC #MPSC #DoPT #DhimanChamka #PujaKhedkar #VaibhavSable
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