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अध्याय 1: शिक्षण का अर्थ तथा उद्देश्य
(Meaning and Aims of Teaching)


1. शिक्षण का अर्थ क्या है?
सरल भाषा में: शिक्षक द्वारा विद्यार्थियों को सीखने में सहायता देने, ज्ञान प्रदान करने, कौशल विकसित करने तथा उनके व्यवहार में वांछित परिवर्तन लाने की प्रक्रिया को शिक्षण कहते हैं।
उदाहरण से समझिए
मान लीजिए, शिक्षक कक्षा में बच्चों को पौधों के बारे में पढ़ा रहे हैं।
शिक्षक केवल यह नहीं बताते कि पौधे को पानी चाहिए, बल्कि बच्चों को पौधे का चित्र दिखाते हैं, उसकी जड़ों और पत्तियों के बारे में समझाते हैं तथा उन्हें पौधा लगाने की गतिविधि भी करवाते हैं।
इस प्रक्रिया में बच्चे:
नया ज्ञान प्राप्त करते हैं।
निरीक्षण करना सीखते हैं।
व्यावहारिक कौशल विकसित करते हैं।
पर्यावरण के प्रति जागरूक होते हैं।
इसलिए शिक्षण का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि बच्चों के सीखने और विकास में सहायता करना भी है।

परीक्षा के लिए महत्त्वपूर्ण
शिक्षण एक सामाजिक, उद्देश्यपूर्ण एवं अंतःक्रियात्मक प्रक्रिया है।
पुस्तक में शिक्षण के तीन प्रमुख घटक बताए गए हैं:
शिक्षक
शिक्षार्थी
पाठ्यक्रम या पाठ्यवस्तु
इसे त्रिध्रुवीय प्रक्रिया के रूप में समझ सकते हैं।
उदाहरण के लिए, शिक्षक गणित पढ़ा रहे हैं, विद्यार्थी गणित सीख रहे हैं और पाठ्यवस्तु में जोड़-घटाव शामिल है। इन तीनों के बीच संबंध स्थापित करना शिक्षण का महत्त्वपूर्ण भाग है।

याद रखने की ट्रिक: शिक्षक + शिक्षार्थी + पाठ्यवस्तु = शिक्षण के तीन प्रमुख घटक।
2. शिक्षण का व्यापक और संकुचित अर्थ
परीक्षा में इन दोनों के बीच अंतर पूछा जा सकता है।
(A) शिक्षण का व्यापक अर्थ
Wider Meaning of Teaching
शिक्षण के व्यापक अर्थ में मनुष्य अपने पूरे जीवन में विभिन्न व्यक्तियों, वस्तुओं और परिस्थितियों से सीखता रहता है।
उदाहरण:
बच्चा परिवार से बोलना सीखता है।
समाज से व्यवहार करना सीखता है।
प्रकृति से अनेक बातें सीखता है।
अपने अनुभवों से समस्याओं का समाधान करना सीखता है।
इसमें औपचारिक और अनौपचारिक दोनों प्रकार के सीखने के अनुभव शामिल हो सकते हैं।
(B) शिक्षण का संकुचित अर्थ
Narrower Meaning of Teaching
संकुचित अर्थ में शिक्षण एक नियोजित एवं व्यवस्थित प्रक्रिया है, जिसमें निश्चित उद्देश्यों के लिए निर्धारित समय और स्थान पर शिक्षण किया जाता है।
उदाहरण: विद्यालय में शिक्षक द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार कक्षा में गणित पढ़ाना।
❤1
आधार. व्यापक अर्थ. संकुचित अर्थ
क्षेत्र. बहुत विस्तृत अपेक्षाकृत
सीमित
अवधि. जीवनभर. निर्धारित समय के
अनुसार
स्थान. विभिन्न स्थानों सामान्यतविद्यालय
पर या कक्षा

उद्देश्य विभिन्न अनुभवों निर्धारित शैक्षिक
से सीखना. उद्देश्यों की
प्राप्ति
उदाहरण. परिवार से कक्षा में विज्ञान
व्यवहार सीखना padna
👍1
SUPER TET के लिए याद रखें: व्यापक अर्थ जीवन के विभिन्न अनुभवों से सीखने को समाहित करता है, जबकि संकुचित अर्थ नियोजित शिक्षण पर केंद्रित है।
3. शिक्षण की परिभाषाएँ

पुस्तक के पृष्ठ 6 पर कुछ विद्वानों की परिभाषाएँ दी गई हैं।

1. डॉ. माथुर के अनुसार

शिक्षण का अर्थ शिक्षार्थी को ऐसे अवसर प्रदान करना है, जिनसे वह अपनी अवस्था और प्रकृति के अनुसार समस्याओं को हल करने की क्षमता प्राप्त कर सके।

सरल अर्थ: शिक्षक बच्चों को इस योग्य बनाए कि वे स्वयं सोचें और समस्याओं का समाधान कर सकें।

2. रायन्स के अनुसार
दूसरों को सीखने के लिए दिशा-निर्देश देने तथा अन्य प्रकार से निर्देशित करने की प्रक्रिया शिक्षण है।

सरल अर्थ: शिक्षक विद्यार्थी को सीखने की सही दिशा दिखाता है।

3. योकेम एवं सिम्पसन के अनुसार
शिक्षण वह साधन है, जिसके द्वारा समूह के अनुभवी सदस्य छोटे या अपरिपक्व सदस्यों को जीवन के अनुकूल बनने में मार्गदर्शन देते हैं।

सरल अर्थ: अनुभवी व्यक्ति अपने अनुभवों से दूसरे व्यक्ति को सीखने और जीवन में समायोजन करने में मदद करता है।

4. जेम्स एम. थाइन के अनुसार
पुस्तक में शिक्षण को सीखने में वृद्धि करने के साधन के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
सरल अर्थ: शिक्षण का मुख्य संबंध सीखने को बढ़ावा देने से है।

परीक्षा में कैसे याद करें?
विद्वान मुख्य विचार
डॉ. माथुर समस्या समाधान की क्षमता
रायन्स दिशा-निर्देश देना
योकेम एवं सिम्पसन जीवन में अनुकूलन हेतु
मार्गदर्शन
जेम्स एम. थाइन. सीखने में वृद्धि

ध्यान दें: परीक्षा में किसी विद्वान के नाम के साथ उसकी परिभाषा का मिलान करने वाला प्रश्न बन सकता है।

4. उत्तम शिक्षण की विशेषताएँ
Characteristics of Good Teaching
पुस्तक के पृष्ठ 6–7 में अच्छे शिक्षण की विशेषताएँ दी गई हैं।
उत्तम शिक्षण वह है जो विद्यार्थियों में सीखने की इच्छा जगाए और उनके विकास में सहायता करे।
इसकी प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
1. विद्यार्थी को सीखने के लिए प्रेरित करना
अच्छा शिक्षक बच्चों में जिज्ञासा उत्पन्न करता है।
उदाहरण: विज्ञान का पाठ पढ़ाते समय प्रयोग करके दिखाना।
2. विद्यार्थी की सक्रिय भागीदारी
विद्यार्थी केवल सुनने वाले न हों, बल्कि प्रश्न पूछें, चर्चा करें और गतिविधियों में भाग लें।
3. शिक्षक और विद्यार्थी के सहयोग पर आधारित होना
शिक्षण में दोनों की सहभागिता महत्त्वपूर्ण होती है।
4. विद्यार्थियों की कठिनाइयों का समाधान
शिक्षक यह पहचानता है कि बच्चों को कौन-सा विषय कठिन लग रहा है और उसके अनुसार सहायता देता है।
5. व्यक्तिगत भिन्नताओं का ध्यान रखना
हर बच्चा एक जैसी गति से नहीं सीखता। इसलिए शिक्षक को बच्चों की रुचि, क्षमता और सीखने की गति के अनुसार सहायता देनी चाहिए।
6. प्रेरणात्मक एवं सृजनात्मक होना
अच्छा शिक्षण बच्चों को नए विचार सोचने, प्रश्न पूछने और स्वयं समाधान खोजने के अवसर देता है।
7. बालक के सर्वांगीण विकास में सहायक होना
शिक्षण से केवल ज्ञान नहीं, बल्कि कौशल, दृष्टिकोण और व्यवहार का भी विकास होना चाहिए।
एक परीक्षा उपयोगी निष्कर्ष
अच्छा शिक्षण विद्यार्थी-केंद्रित, प्रेरणात्मक, सक्रिय, सहयोगात्मक और व्यक्तिगत भिन्नताओं के अनुकूल होता है।
यह वाक्य अच्छे शिक्षण की अनेक विशेषताओं को एक साथ याद रखने में मदद करेगा।
5. शिक्षण के प्रमुख उद्देश्य
Main Objectives of Teaching
पुस्तक के पृष्ठ 7–8 में शिक्षण के प्रमुख उद्देश्यों का वर्णन किया गया है।
शिक्षण का उद्देश्य केवल तथ्यों को याद करवाना नहीं है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को ज्ञान का उपयोग करने योग्य बनाना और उनकी क्षमताओं का विकास करना भी है।
प्रमुख उद्देश्य:
विद्यार्थियों को जीवनोपयोगी ज्ञान प्रदान करना।
उनकी क्षमताओं और कौशलों का विकास करना।
सीखने के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
आत्मविश्वास बढ़ाना।
उनकी मूल प्रवृत्तियों को उचित दिशा देना।
नैतिक एवं सामाजिक मूल्यों का विकास करना।
नेतृत्व क्षमता विकसित करना।
विद्यार्थियों को स्वावलंबी बनाना।
व्यावसायिक दक्षता विकसित करना।
स्वास्थ्य, स्वच्छता और पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाना।
उचित मार्गदर्शन प्रदान करना।
रचनात्मक दृष्टिकोण विकसित करना।
कठिनाइयों को दूर करना और त्रुटियों में सुधार करना।
समाज और लोकतांत्रिक राष्ट्र के जिम्मेदार नागरिक बनने में सहायता करना।
विशेष रूप से याद रखें
पुस्तक के अनुसार शिक्षण के उद्देश्य तीन प्रमुख क्षेत्रों से जुड़े हैं:
ज्ञानात्मक क्षेत्र: ज्ञान, समझ और चिंतन का विकास।
भावात्मक क्षेत्र: रुचि, अभिवृत्ति, मूल्य और भावनाओं का विकास।
क्रियात्मक क्षेत्र: कार्य करने के कौशल और क्षमताओं का विकास।
इन तीन क्षेत्रों को समझना शिक्षण और अधिगम से संबंधित प्रश्नों के लिए उपयोगी है।
6. शिक्षण में प्रयुक्त प्रमुख क्रियाकलाप
पुस्तक के पृष्ठ 8 में कक्षा-शिक्षण के दौरान प्रयुक्त कई गतिविधियाँ दी गई हैं।
उदाहरण:
व्यक्तिगत एवं सामूहिक कार्य।
परियोजना कार्य।
प्रश्नोत्तर।
शैक्षिक खेल।
कहानी और कविता।
चर्चा एवं परिचर्चा।
प्रयोगात्मक कार्य।
सहायक शिक्षण सामग्री का प्रयोग।
मौखिक एवं लिखित अभिव्यक्ति का अभ्यास।
स्वाध्याय और चिंतन।
मूल्यांकन।
विद्यार्थियों को आवश्यक सुझाव एवं प्रोत्साहन देना।
उदाहरण: यदि शिक्षक बच्चों को जल संरक्षण पढ़ाते हैं और उनसे अपने घर में पानी बचाने के उपायों की सूची बनवाते हैं, तो यह ज्ञान को व्यावहारिक जीवन से जोड़ने वाला क्रियाकलाप है।
अध्याय 1: UP SUPER TET MCQ अभ्यास
पहले स्वयं इन प्रश्नों को हल कीजिए।
प्रश्न 1
शिक्षण के तीन प्रमुख घटक कौन-से हैं?
A. शिक्षक, प्रधानाचार्य और विद्यालय
B. शिक्षक, शिक्षार्थी और पाठ्यवस्तु
C. पुस्तक, परीक्षा और परिणाम
D. शिक्षक, अभिभावक और समाज
प्रश्न 2
शिक्षण के व्यापक अर्थ में क्या शामिल है?
A. केवल विद्यालय में पढ़ना
B. केवल परीक्षा की तैयारी करना
C. जीवन के विभिन्न अनुभवों से सीखना
D. केवल पाठ्यपुस्तक पढ़ना
प्रश्न 3
डॉ. माथुर की परिभाषा में किस क्षमता पर विशेष बल दिया गया है?
A. रटने की क्षमता
B. समस्या समाधान की क्षमता
C. केवल लिखने की क्षमता
D. अनुशासन बनाए रखने की क्षमता
प्रश्न 4
उत्तम शिक्षण में किसका ध्यान रखना चाहिए?
A. केवल तेज विद्यार्थियों का
B. केवल पाठ्यपुस्तक समाप्त करने का
C. विद्यार्थियों की व्यक्तिगत भिन्नताओं का
D. केवल परीक्षा परिणाम का
प्रश्न 5
शिक्षण का प्रमुख उद्देश्य क्या है?
A. केवल तथ्यों को याद करवाना
B. केवल गृहकार्य देना
C. विद्यार्थियों की क्षमताओं और कौशलों का विकास करना
D. केवल अनुशासन बनाए रखना
प्रश्न 6
निम्नलिखित में से कौन-सा सक्रिय शिक्षण का उदाहरण है?
A. विद्यार्थी पूरे समय चुपचाप बैठे रहें
B. शिक्षक केवल पुस्तक पढ़कर सुनाए
C. विद्यार्थी प्रयोग करें और अपने निष्कर्ष प्रस्तुत करें
D. विद्यार्थी बिना समझे परिभाषाएँ याद करें
प्रश्न 7
संकुचित अर्थ में शिक्षण की प्रमुख विशेषता क्या है?
A. इसका कोई निश्चित उद्देश्य नहीं होता
B. यह नियोजित एवं व्यवस्थित होता है
C. यह केवल परिवार में होता है
D. इसमें शिक्षक की कोई भूमिका नहीं होती
प्रश्न 8
विद्यार्थियों को नए विचार सोचने और स्वयं समाधान खोजने के अवसर देना किसकी विशेषता है?
A. सृजनात्मक शिक्षण
B. रटने पर आधारित शिक्षण
C. निष्क्रिय शिक्षण
D. दंडात्मक शिक्षण
प्रश्न 9
शिक्षण के उद्देश्यों में कौन-सा शामिल है?
A. विद्यार्थियों को निर्भर बनाए रखना
B. उनकी जिज्ञासा समाप्त करना
C. आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास करना
D. सभी बच्चों को एक ही गति से सीखने के लिए बाध्य करना
प्रश्न 10
शिक्षण प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए शिक्षक को क्या करना चाहिए?
A. सभी बच्चों को एक ही तरीके से पढ़ाना चाहिए
B. विद्यार्थियों की कठिनाइयों और रुचियों का ध्यान रखना चाहिए
C. केवल व्याख्यान देना चाहिए
D. विद्यार्थियों के प्रश्नों को रोकना चाहिए
1B
शिक्षक, शिक्षार्थी और पाठ्यवस्तु
2-C
जीवन के विभिन्न अनुभवों से सीखना
3B
समस्या समाधान की क्षमता
4C
विद्यार्थियों की व्यक्तिगत भिन्नताओं का ध्यान रखना
5C
विद्यार्थियों की क्षमताओं और कौशलों का विकास करना
6C
विद्यार्थी प्रयोग करें और अपने निष्कर्ष प्रस्तुत करें
7B
शिक्षण नियोजित एवं व्यवस्थित होता है
8A
सृजनात्मक शिक्षण
9C
आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास करना
10B
विद्यार्थियों की कठिनाइयों और रुचियों का ध्यान रखना
त्वरित रिवीजन
परीक्षा के लिए ये 5 बातें याद रखें:
शिक्षण के तीन घटक: शिक्षक + शिक्षार्थी + पाठ्यवस्तु।
व्यापक अर्थ: जीवन के विभिन्न अनुभवों से सीखना।
संकुचित अर्थ: नियोजित एवं व्यवस्थित शिक्षण।
उत्तम शिक्षण: विद्यार्थी-केंद्रित, प्रेरणात्मक एवं सृजनात्मक।
शिक्षण का उद्देश्य: ज्ञान, कौशल, व्यवहार और व्यक्तित्व का विकास।
1-एक शिक्षक विद्यार्थियों को उत्तर सीधे बताने के बजाय ऐसी परिस्थितियाँ देता है, जिनसे वे स्वयं समस्या का समाधान खोज सकें। यह किस विचार से सर्वाधिक संबंधित है?
A. शिक्षण का उद्देश्य केवल सूचना देना है।
B. शिक्षण का उद्देश्य समस्या समाधान की क्षमता विकसित करना है।
C. शिक्षण का उद्देश्य तथ्यों का स्मरण कराना है।
D. शिक्षण का उद्देश्य केवल अनुशासन बनाए रखना है।

2.
डॉ. माथुर की शिक्षण संबंधी परिभाषा में किस बात पर विशेष बल दिया गया है?
A. विद्यार्थियों को अधिक गृहकार्य देने पर
B. शिक्षक के व्याख्यान पर
C. शिक्षार्थी की समस्या समाधान करने की क्षमता विकसित करने पर
D. पाठ्यपुस्तक के तथ्यों को याद कराने पर

3
पुस्तक में दिए गए विद्वानों और उनके विचारों के संबंध में कौन-सा युग्म सही है?
A. रायन्स — जीवन में अनुकूलन हेतु अनुभवी सदस्यों का मार्गदर्शन
B. डॉ. माथुर — समस्याओं को हल करने की क्षमता विकसित करना
C. योकेम एवं सिम्पसन — केवल सूचनाएँ प्रदान करना
D. जेम्स एम. थाइन — शिक्षण का अर्थ केवल परीक्षा लेना

4
उत्तम शिक्षण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
विद्यार्थियों को सीखने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
सभी विद्यार्थियों से समान गति से सीखने की अपेक्षा करनी चाहिए।
विद्यार्थियों की व्यक्तिगत भिन्नताओं का ध्यान रखना चाहिए।
विद्यार्थियों को सक्रिय भागीदारी के अवसर देने चाहिए।

सही विकल्प चुनिए।
A. केवल 1 और 2
B. केवल 1, 3 और 4
C. केवल 2 और 3
D. 1, 2, 3 और 4


5
एक शिक्षक देखता है कि कुछ विद्यार्थी गणित में कठिनाई अनुभव कर रहे हैं। वह उनकी कठिनाई पहचानकर सरल उदाहरणों और गतिविधियों के माध्यम से समझाता है। यह उत्तम शिक्षण की किस विशेषता को दर्शाता है?
A. विद्यार्थियों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ाना
B. कठिनाइयों का निदान एवं निराकरण करना
C. केवल मौखिक शिक्षण करना
D. पाठ्यक्रम की गति बढ़ाना


6
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन शिक्षण के संकुचित अर्थ को सबसे अच्छी तरह व्यक्त करता है?
A. व्यक्ति जीवनभर अनुभवों से सीखता है।
B. प्रत्येक सामाजिक परिस्थिति शिक्षण का साधन बन सकती है।
C. निश्चित उद्देश्यों के लिए नियोजित एवं व्यवस्थित ढंग से शिक्षण करना।
D. व्यक्ति अपने वातावरण से अनायास सीखता है।


7
शिक्षण का मुख्य उद्देश्य केवल तथ्यों का स्मरण कराना क्यों नहीं माना जाता?
A. क्योंकि स्मरण का सीखने से कोई संबंध नहीं है।
B. क्योंकि शिक्षण में ज्ञान के साथ कौशल और व्यवहार का विकास भी महत्त्वपूर्ण है।
C. क्योंकि विद्यार्थियों को कोई तथ्य याद नहीं करना चाहिए।
D. क्योंकि शिक्षण में पाठ्यवस्तु का कोई महत्त्व नहीं है।



8
एक शिक्षक कक्षा में विद्यार्थियों को समूहों में बाँटकर परियोजना कार्य करवाता है। इस गतिविधि का सबसे प्रमुख लाभ क्या है?
A. शिक्षक को पढ़ाने की आवश्यकता समाप्त हो जाती है।
B. विद्यार्थी सहयोग और सक्रिय भागीदारी के माध्यम से सीख सकते हैं।
C. विद्यार्थी केवल तथ्यों को याद करते हैं।
D. व्यक्तिगत भिन्नताएँ समाप्त हो जाती हैं।
Ans
1-b, 2-c 3b 4b 5b 6c 7b 8b
कथन एवं निष्कर्ष आधारित प्रश्न
प्रश्न 11. कथन (A): शिक्षण और अधिगम एक-दूसरे से संबंधित हैं।
कारण (R): शिक्षण की सफलता का संबंध इस बात से है कि विद्यार्थी वास्तव में क्या सीखते हैं।
A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या करता है।
B. A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं करता।
C. A सही है, लेकिन R गलत है।
D. A गलत है, लेकिन R सही है।
प्रश्न 12. एक शिक्षक बहुत अच्छी तरह व्याख्यान देता है, लेकिन विद्यार्थी सीखी गई जानकारी का वास्तविक जीवन में उपयोग नहीं कर पाते। पुस्तक के विचारों के अनुसार सबसे उपयुक्त निष्कर्ष क्या है?
A. शिक्षक का व्याख्यान ही शिक्षण की पूर्ण सफलता है।
B. शिक्षण तभी सार्थक है, जब सीखने का उपयोग और व्यवहार में वांछित परिवर्तन भी हो।
C. वास्तविक जीवन में ज्ञान का उपयोग शिक्षण का उद्देश्य नहीं है।
D. विद्यार्थी की सीखने की प्रक्रिया में कोई भूमिका नहीं है।
प्रश्न 13. निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प शिक्षण के उद्देश्यों का सबसे व्यापक प्रतिनिधित्व करता है?
A. ज्ञान देना और परीक्षा लेना।
B. अनुशासन बनाए रखना और गृहकार्य देना।
C. ज्ञान, कौशल, आत्मविश्वास, सामाजिक मूल्यों और स्वावलंबन का विकास करना।
D. पाठ्यपुस्तक समाप्त करना और विद्यार्थियों से उत्तर लिखवाना।
प्रश्न 14. एक शिक्षक विद्यार्थियों को स्वच्छता, स्वास्थ्य और पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाता है। यह शिक्षण के किस उद्देश्य का उदाहरण है?
A. केवल बौद्धिक विकास
B. जीवनोपयोगी ज्ञान एवं सामाजिक जागरूकता का विकास
C. केवल परीक्षा संबंधी उपलब्धि
D. केवल स्मरण शक्ति का विकास
प्रश्न 15. शिक्षण के तीन प्रमुख घटकों के बीच संबंध स्थापित करने का कार्य मुख्यतः कौन करता है?
A. केवल शिक्षार्थी
B. केवल पाठ्यक्रम
C. शिक्षक अपनी शिक्षण प्रक्रिया के माध्यम से
D. केवल विद्यालय प्रशासन
🎯 परिस्थिति-आधारित कठिन प्रश्न
प्रश्न 16. कक्षा में दो विद्यार्थी एक ही विषय को अलग-अलग गति से सीखते हैं। शिक्षक एक विद्यार्थी को अतिरिक्त उदाहरण देता है और दूसरे को उन्नत अभ्यास देता है। यह किस सिद्धांत के अनुरूप व्यवहार है?
A. सभी विद्यार्थियों को एक जैसा शिक्षण देना
B. व्यक्तिगत भिन्नताओं को ध्यान में रखना
C. केवल प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को पढ़ाना
D. विद्यार्थियों के बीच अंतर समाप्त करना
प्रश्न 17. एक शिक्षक बच्चों को कहानी सुनाता है, प्रश्न पूछता है और फिर उनसे कहानी का नया अंत लिखने को कहता है। इस गतिविधि में कौन-सी विशेषताएँ दिखाई देती हैं?
A. केवल रटने पर आधारित शिक्षण
B. सृजनात्मकता, सक्रिय भागीदारी और अभिव्यक्ति का विकास
C. केवल अनुशासन और नियंत्रण
D. केवल पाठ्यपुस्तक आधारित शिक्षण
प्रश्न 18. निम्नलिखित में से कौन-सा शिक्षण के व्यापक अर्थ का उदाहरण नहीं है?
A. बच्चा परिवार से सामाजिक व्यवहार सीखता है।
B. व्यक्ति अपने अनुभव से समस्या हल करना सीखता है।
C. बच्चा प्रकृति का निरीक्षण करके नई बातें सीखता है।
D. शिक्षक निर्धारित पाठ योजना के अनुसार कक्षा में पाठ पढ़ाता है।
प्रश्न 19. एक शिक्षक विद्यार्थियों को किसी समस्या का समाधान स्वयं खोजने के अवसर देता है। इस प्रक्रिया में शिक्षक की सर्वाधिक उपयुक्त भूमिका क्या होगी?
A. प्रत्येक प्रश्न का उत्तर पहले ही बता देना।
B. विद्यार्थियों को सोचने से रोकना।
C. उचित मार्गदर्शन देना और सीखने के अवसर उपलब्ध कराना।
D. केवल सही उत्तर याद करवाना।
प्रश्न 20. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन उत्तम शिक्षण के अनुकूल नहीं है?
A. विद्यार्थियों की कठिनाइयों को समझना।
B. विद्यार्थियों को सीखने के लिए प्रेरित करना।
C. विद्यार्थियों की व्यक्तिगत भिन्नताओं की उपेक्षा करना।
D. शिक्षण में सहयोग एवं सहभागिता को बढ़ावा देना।
📚 उच्च स्तरीय मिश्रित प्रश्न
प्रश्न 21. शिक्षण के व्यापक और संकुचित अर्थ में मुख्य अंतर किस आधार पर समझा जा सकता है?
A. व्यापक अर्थ केवल विद्यालय से संबंधित है, जबकि संकुचित अर्थ जीवनभर की प्रक्रिया है।
B. व्यापक अर्थ में जीवन के विभिन्न अनुभव शामिल हैं, जबकि संकुचित अर्थ नियोजित शिक्षण पर केंद्रित है।
C. दोनों का अर्थ केवल सूचना प्रदान करना है।
D. दोनों में शिक्षक की भूमिका समान रूप से अनिवार्य है।
प्रश्न 22. शिक्षण में कहानी, कविता, खेल और परियोजना कार्य का उपयोग करने का प्रमुख उद्देश्य क्या है?
A. विद्यार्थियों को पाठ्यवस्तु से दूर रखना।
B. शिक्षण को अधिक रोचक, सक्रिय और प्रभावी बनाना।
C. मूल्यांकन की आवश्यकता समाप्त करना।
D. पाठ्यक्रम के उद्देश्यों को बदल देना।
प्रश्न 23. शिक्षण के उद्देश्य और शिक्षण की गतिविधियों के बीच सही संबंध कौन-सा है?
A. गतिविधियों का शिक्षण के उद्देश्यों से कोई संबंध नहीं होना चाहिए।
B. गतिविधियों का चयन शिक्षण के उद्देश्यों और विद्यार्थियों की आवश्यकताओं के अनुसार होना चाहिए।
C. प्रत्येक उद्देश्य के लिए केवल व्याख्यान विधि का प्रयोग होना चाहिए।
D. गतिविधियाँ केवल मनोरंजन के लिए होनी चाहिए।
प्रश्न 24. एक शिक्षक विद्यार्थियों में नेतृत्व, नैतिकता और सामाजिक मूल्यों का विकास करना चाहता है। उसे किस प्रकार की गतिविधियों को प्राथमिकता देनी चाहिए?
A. केवल परिभाषाएँ याद करवाना।
B. केवल लिखित परीक्षा आयोजित करना।
C. समूह चर्चा, सहयोगात्मक कार्य और जिम्मेदारी आधारित गतिविधियाँ।
D. विद्यार्थियों को प्रश्न पूछने से रोकना।
प्रश्न 25. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
शिक्षण एक उद्देश्यपूर्ण प्रक्रिया है।
शिक्षण का संबंध केवल ज्ञान प्रदान करने से है।
शिक्षण में शिक्षक, शिक्षार्थी और पाठ्यवस्तु का महत्त्वपूर्ण स्थान है।
प्रभावी शिक्षण में विद्यार्थियों की कठिनाइयों को समझना आवश्यक है।

सही उत्तर चुनिए।
A. केवल 1 और 2
B. केवल 2 और 3
C. केवल 1, 3 और 4
D. 1, 2, 3 और 4
Ans
11-A 12-B 13-C 14-B 15-C 16-B 17-B 18-D 19-C 20-C 21-B 22-B 23-B 24-C 25-C
अध्याय 2: सम्प्रेषण (Communication)
D.El.Ed. पुस्तक के अनुसार | UP SUPER TET परीक्षा की सम्पूर्ण तैयारी

आपकी पुस्तक शिक्षण अधिगम के सिद्धांत में सम्प्रेषण अध्याय पृष्ठ 10 से शुरू होता है। इसमें सम्प्रेषण का अर्थ, आवश्यकता एवं महत्त्व, घटक, प्रकार और प्रभावी सम्प्रेषण के तरीके दिए गए हैं। हम इन्हें क्रम से समझेंगे।

इस अध्याय को पढ़ते समय विशेष ध्यान दें, क्योंकि इसमें परिभाषाओं, घटकों, प्रकारों और व्यक्तिगत एवं सामूहिक सम्प्रेषण के अंतर से प्रश्न बनाए जा सकते हैं।


1. सम्प्रेषण का अर्थ (Meaning of Communication)
सम्प्रेषण क्या है?
दो या दो से अधिक व्यक्तियों के बीच विचारों, भावनाओं, सूचनाओं एवं संदेशों का इस प्रकार आदान-प्रदान करना कि प्राप्तकर्ता संदेश का सही अर्थ समझ सके, सम्प्रेषण कहलाता है।
अंग्रेजी में इसे Communication कहते हैं।
उदाहरण से समझिए
मान लीजिए, शिक्षक कक्षा में बच्चों को समझाते हैं कि पौधों को जीवित रहने के लिए पानी की आवश्यकता होती है।
शिक्षक अपनी बात बताते हैं।
विद्यार्थी शिक्षक की बात सुनते हैं।
विद्यार्थी उस बात का अर्थ समझते हैं।
शिक्षक प्रश्न पूछकर जाँचते हैं कि बच्चों ने सही समझा या नहीं।
यह सम्प्रेषण की प्रक्रिया है

महत्त्वपूर्ण बात: केवल संदेश भेज देना पर्याप्त नहीं है। संदेश को समझना और उसकी उचित प्रतिक्रिया प्राप्त करना भी प्रभावी सम्प्रेषण में महत्त्वपूर्ण है।

सम्प्रेषण शब्द की उत्पत्ति
आपकी पुस्तक के अनुसार, अंग्रेजी शब्द Communication की उत्पत्ति लैटिन शब्द Commune से हुई है।
पुस्तक में सम्प्रेषण को विचारों, भावनाओं और सूचनाओं के आदान-प्रदान से संबंधित बताया गया है।
परीक्षा के लिए याद रखें:
सम्प्रेषण = विचारों एवं सूचनाओं का आदान-प्रदान।
अंग्रेजी शब्द = Communication।
पुस्तक में उल्लिखित लैटिन मूल शब्द = Commune
2. सम्प्रेषण की परिभाषाएँ

पुस्तक में सम्प्रेषण की परिभाषाएँ विभिन्न विद्वानों के विचारों के आधार पर दी गई हैं।

1. पॉलीगन्स के अनुसार
पुस्तक में दिए गए कथन का मुख्य आशय है कि सम्प्रेषण वह प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से दो या अधिक व्यक्ति तथ्यों, विचारों, भावनाओं और अनुभवों का आदान-प्रदान करते हैं तथा संदेश का अर्थ समझते हैं।


2. क्रो के अनुसार
पुस्तक के अनुसार, किसी वस्तु के विषय में समान या सहभागी ज्ञान प्राप्त करने के लिए प्रतीकों का उपयोग करना सम्प्रेषण है।
सरल अर्थ: भाषा, संकेतों और अन्य प्रतीकों के माध्यम से जानकारी साझा करना।


3. डॉ. आई. पी. तिवारी के अनुसार
पुस्तक में सम्प्रेषण को जीवन की एक महत्त्वपूर्ण प्रक्रिया बताया गया है। इसके बिना सामाजिक जीवन की कल्पना करना कठिन है।
परीक्षा में क्या याद करें?

सम्प्रेषण की परिभाषाओं में निम्नलिखित शब्द विशेष महत्त्व रखते हैं:
विचारों का आदान-प्रदान।
सूचनाओं का आदान-प्रदान।
भावनाओं का आदान-प्रदान।
प्रतीकों का प्रयोग।
संदेश को सही अर्थ में समझना।
3. प्रभावी सम्प्रेषण की विशेषताएँ

आपकी पुस्तक के पृष्ठ 11–13 में प्रभावी सम्प्रेषण से संबंधित कई महत्त्वपूर्ण बिंदु दिए गए हैं।

1. संदेश की स्पष्टता
संदेश ऐसा होना चाहिए जिसे प्राप्तकर्ता आसानी से समझ सके।
उदाहरण: शिक्षक कठिन भाषा के बजाय सरल भाषा में पढ़ाए।

2. भाषा की सरलता एवं शुद्धता
शिक्षक को विद्यार्थियों के स्तर के अनुसार भाषा का प्रयोग करना चाहिए।

3. विश्वसनीयता
संदेश तथ्यपूर्ण और विश्वसनीय होना चाहिए।

4. समयबद्धता
संदेश उचित समय पर दिया जाना चाहिए।

5. लचीलापन
परिस्थिति और विद्यार्थियों की आवश्यकताओं के अनुसार सम्प्रेषण के तरीके में बदलाव किया जा सकता है।

6. प्रतिपुष्टि की व्यवस्था
शिक्षक को यह जानने का प्रयास करना चाहिए कि विद्यार्थी उसकी बात समझ पाए हैं या नहीं।

7. पूर्वज्ञान का ध्यान
नया ज्ञान देने से पहले विद्यार्थियों के पूर्वज्ञान और अनुभवों को समझना चाहिए।

8. उचित योजना
शिक्षक को पाठ्यवस्तु, शिक्षण विधि, शिक्षण सामग्री और समय की योजना बनानी चाहिए।

9. लोकतांत्रिक वातावरण
कक्षा का वातावरण ऐसा होना चाहिए कि विद्यार्थी बिना भय के प्रश्न पूछ सकें।

10. कठिनाइयों का निराकरण
यदि विद्यार्थी किसी विषय को नहीं समझते हैं, तो शिक्षक को सरल उदाहरणों और उचित मार्गदर्शन से उनकी कठिनाइयाँ दूर करनी चाहिए।

SUPER TET के लिए महत्त्वपूर्ण: प्रभावी सम्प्रेषण स्पष्ट, सरल, उद्देश्यपूर्ण, विश्वसनीय और प्रतिपुष्टि पर आधारित होता है।