Teacher's Adda Official
1.92K subscribers
673 photos
4 videos
165 files
142 links
This Chanel is for the aspirants of all @Tet_exam/ @Ctet_exam, @DSSSB, @KVS_PRT, @KvsTgt
Email- Teachersadda56@gmail.com
Insta- teachersadda56
Download Telegram
REET L2 cancelled
DM me for any subject notes or books at lower cost
Psychology hand written notes
Hindi notes
English notes
For CTET/UPTET
❤1
New Book Pdf
SSC CGL 8000 MCQ by Gagan sir
Classnaotes by Gagan sir
At very low cost
Best notes book of Arithmetic for CTET/UPTET/STET/SSC and all comptative exam 2022 new launch
Contact @pb125123
Best notes book of Advance math for CTET/UPTET/STET/SSC and all comptative exam 2022 new launch
Contact @pb125123
Hello students join Audible 30 day free trial of Amazon Audible
Here you will get
books of many subjects like Indian History, World History, Geography, Economics and many more in audio form Which will allow you to learn anything at anywhere its free for 1 Month just join and if you like you can continue further or if you don't like you can skip next month.

To join Audible for first Month free Trial click the below 👇 link


https://sites.google.com/view/audibleaudiobooksoriginals/home
❤1
भारत सरकार की योजनाएं
👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇

1. नीति आयोग - 1 जनवरी 2015
2. ह्रदय योजना -21 जनवरी 2015
3. बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं -22 जनवरी 2015
4. सुकन्या समृद्धि योजना -22 जनवरी 2015
5. मुद्रा बैंक योजना -8 अप्रैल 2015
6. प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना -9 मई 2015
7. अटल पेंशन योजना -9 मई 2015
8. प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना -9 मई 2015
9. उस्ताद योजना (USTAD) -14 मई 2015
10. प्रधानमंत्री आवास योजना -25 जून 2015
11. अमरुत योजना(AMRUT) -25 जून 2015
12. स्मार्ट सिटी योजना -25 जून 2015
13. डिजिटल इंडिया मिशन -1 जुलाई 2015
14. स्किल इंडिया मिशन -15 जुलाई 2015
15. दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना -25 जुलाई 2015
16. नई मंजिल -8 अगस्त 2015
17. सहज योजना -30 अगस्त 2015
18. स्वावलंबन स्वास्थ्य योजना - 21 सितंबर 2015
19. मेक इन इंडिया -25 सितंबर 2015
20. इमप्रिण्ट इंडिया योजना - 5 नवंबर 2015
21. स्वर्ण मौद्रीकरण योजना -5 नवंबर 2015
22. उदय योजना (UDAY) -5 नवंबर 2015
23. वन रैंक वन पेंशन योजना -7 नवंबर 2015
24. ज्ञान योजना -30 नवंबर 2015
25. किलकारी योजना -25 दिसंबर 2015
26. नगामि गंगे, अभियान का पहला चरण आरंभ -5जनवरी 2016
27. स्टार्ट अप इंडिया -16 जनवरी 2016
28. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना -18 फरवरी 2016
29. सेतु भारतम परियोजना -4 मार्च 2016
30. स्टैंड अप इंडिया योजना - 5 अप्रैल 2016
31. ग्रामोदय से भारत उदय अभियान -14अप्रैल 2016
32. प्रधानमंत्री अज्वला योजना - 1 मई 2016
33. प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना - 31 मई 2016
34. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन योजना -1 जून 2016
35. नगामी गंगे कार्यक्रम -7 जुलाई 2016
36. गैस फॉर इंडिया -6 सितंबर 2016
37. उड़ान योजना -21 अक्टूबर 2016
38. सौर सुजला योजना -1 नवंबर 2016
39. प्रधानमंत्री युवा योजना -9 नवंबर 2016
40. भीम एप - 30 दिसंबर 2016
41. भारतनेट परियोजना फेज - 2 -19 जुलाई 2017
42. प्रधानमंत्री वय वंदना योजना -21 जुलाई 2017
43. आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना -21 अगस्त 2017
44. प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना- सौभाग्य -25 सितंबर 2017
45. साथी अभियान -24 अक्टूबर 2017
46. दीनदयाल स्पर्श योजना- 3 नवंबर 2017
बाल विकास के सिद्धांत (TET)
बाल विकास के सिद्धांत यह एक महत्वपूर्ण विषय है जिस पर कई प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे- TET, MPTET,CTET आदि में प्रश्न पूछे जाते हैं। यदि आप भी अध्यापक बनने की तैयारी कर रहे हैं तो आपके लिए बाल विकास के सिद्धांत ब्लॉग बहुत अधिक महत्वपूर्ण हैं।इसके साथ ही ये स्टूडेंट के लिए तो है ही लेकिन अपने बच्चे के सही विकास और उनके माता पिता के लिए भी आवश्यक हैं। नीचे बाल विकास के सिद्धांत को बहुत आसान और अच्छी तरह से समझाया गया है।आइए पढ़ते हैं बाल विकास के सिद्धांत और उससे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां।
बाल विकास क्या है?
गर्भाधान से लेकर जन्म तक व्यक्ति में अनेक प्रकार के परिवर्तन होते हैं । जिन्हें भ्रूणावस्था का शारीरिक विकास माना जाता है। जन्म के बाद वह कुछ विशिष्ट परिवर्तनों की ओर संकेत करता है। इसे ही बाल विकास कहते हैं। जैसे गति, भाषा, संवेग और सामाजिकता के लक्षण उसमें प्रकट होने लगते हैं। बाल विकास का यह क्रम वातावरण से प्रभावित होता है। इसी के आधार पर अनेक बाल विकास के सिद्धांत दिए गए हैं।

अध्यापक के लिए वातावरण और बालक एक-दूसरे के पर्याय (जोड़ीदार) बनकर चुनौती प्रस्तुत करते हैं।अध्यापक के लिये आवश्यक है कि वह सफलता प्राप्त करने के लिए बालक के विकास की विभिन्न अवस्थाओं का ज्ञान प्राप्त करें क्योंकि इन अवस्थाओं के कारण ही वह बालक में होने वाले परिवर्तनों के अनुसार अपनी शिक्षण पद्धति को विकसित कर सकता है। इसी को समझाने के लिए आइए देखते हैं बाल विकास के सिद्धांत-

बाल की दिशा का सिद्धांत
विकास क्रम का सिद्धांत
विकास की गति का सिद्धांत
बाल की दिशा का सिद्धांत- इस बाल विकास के सिद्धांत के अनुसार बालक का विकास सिर से पैर की ओर होता है। इसे मस्ताधोमुखी विकास का सिद्धांत भी कहते हैं। मस्ताधोमुखी विकास का अर्थ यह है कि पहले बालक के मस्तिष्क का विकास होता है फिर भुजाओं और अन्य इंद्रियों का। बाल विकास के दिशा के सिद्धांत के अनुसार पहले बालक सिर हिलाना सीखता है फिर उठना फिर बैठना और फिर चलना। 
प्रश्न-इस पर कई बार यह प्रश्न पूछा जाता है की बालक की दिशा के सिद्धांत के अनुसार बालक का विकास किस ओर होता है?
उत्तर- सिर से पैर की ओर।
विकास क्रम का सिद्धांत- इस बाल के सिद्धांत के अनुसार बालक का विकास लगातार होता रहता है परंतु एक निश्चित क्रम में होता है। निश्चित क्रम से अर्थ है कि बालक का विकास पहले गर्भावस्था फिर शैशवावस्था बाल्यावस्था और किशोरावस्था इसी क्रम में होता है। विकास क्रम के सिद्धांत के अनुसार बालक में भाषा व गामक (देखना,सुनना,लटकना आदि छोटे विकास) विकास होता है। तथा इस बाल विकास सिद्धांत के अनुसार भाषा का विकास का क्रम सुनना,बोलना, पढ़ना तथा लिखना होता है परंतु मांटेसरी के अनुसार इसका क्रम-
सुनना,बोलना,लिखना तथा पढ़ना बताया गया है।
प्रश्न-इस बाल विकास के सिद्धांत में अक्सर पूछे जाने वाला प्रश्न यह है कि मांटेसरी के अनुसार विकास क्रम के सिद्धांत का क्या क्रम है?
उत्तर-सुनना,बोलना,लिखना,पढ़ना
विकास की गति का सिद्धांत- इस सिद्धांत को डग्लस एवं होलैंड ने दिया था। इस बाल विकास सिद्धांत के अनुसार बालक का विकास लगातार होता रहता है परंतु विकास की गति हर अवस्था में अलग-अलग रहती है। विकास की गति के सिद्धांत के अनुसार शैशवावस्था में बालक का विकास तीव्र, बाल्यावस्था में बालक का विकास मंद तथा किशोरावस्था में बालक का विकास दोबारा तीव्र हो जाता है।
हरलॉक के अनुसार विकास की अवस्थाएं
एक बालक को अपने जीवन में विकास की विभिन्न अवस्थाओं से गुजरना होता है।बाल – विकास में  इन अवस्थाओं का निर्धारण आयु द्वारा होता है। अर्थात बालक किस अवस्था में है ये उसकी आयु से पता चलता है। इस प्रकार जन्म से लेकर मृत्यु तक मानव इन अवस्थाओं से गुजरता है। जैसा कि हम जानते है ,कि मनुष्य का शारीरिक और मानसिक विकास उसकी आयु के अनुसार अलग – अलग अवस्थाओं में अलग – अलग  होता है। अतः बाल विकास में इन्ही अवस्थाओं का निर्धारण आयु द्वारा किया गया है।
हरलॉक के अनुसार विकास
गर्भावस्था – गर्भधारण से जन्म तक का काल।
नवजात अवस्था – जन्म से 14 दिन तक।
शैशवावस्था – 14 दिन  से 2  वर्ष तक का काल
बाल्यावस्था – 2  वर्ष से 11  वर्ष
किशोरावस्था – 11  वर्ष से 21 वर्ष 
 प्रश्न-बाल विकास के गति के सिद्धांत को किसने दिया था?
उत्तर-डग्लस एवं होलैंड
परस्पर संबंध का सिद्धांत- बाल विकास के सिद्धांत में परस्पर संबंध का सिद्धांत थार्नडाइक ने दिया था। इस बाल विकास के सिद्धांत के अनुसार थार्नडाइक बताते हैं कि बालक के सभी विकास एक दूसरे से परस्पर संबंधित होते हैं। यदि एक भी विकास सही रूप से नहीं हुआ तो बालक का संपूर्ण विकास नहीं हो पाएगा। बालक में शारीरिक,मानसिक, सामाजिक,संवेगात्मक विकास परस्पर एक दूसरे से जुड़े होते हैं। इस बाल विकास सिद्धांत के अनुसार यदि बालक शरीर से स्वस्थ होगा
तभी उसका मानसिक विकास स्वस्थ होगा और यदि मानसिक विकास स्वस्थ होगा तभी वह सामाजिक कार्यों में भाग लेगा और संवेग स्थिर रहेगा।
प्रश्न-परस्पर संबंध का सिद्धांत किसने दिया था?
उत्तर-थार्नडाइक
निरंतर विकास का सिद्धांत- बाल विकास के सिद्धांत में निरंतर विकास का सिद्धांत स्किनर ने दिया था। इस सिद्धांत के अनुसार बालक का विकास मंद जरूर हो जाता है परंतु बालक का विकास लगातार चलता रहता है। बालक का विकास जन्मपूर्व से लेकर जीवनपर्यंत (जब तक जीवन है तब तक) चलता रहता है।
व्यक्तिगत विभिन्नताओं का सिद्धांत- व्यक्तिगत विभिन्नताओं का सिद्धांत हरलॉक ने बाल विकास के सिद्धांत में दिया था। इस सिद्धांत के अनुसार सभी बालकों का विकास निरंतर होता रहता है परंतु किसी में भी समानता नहीं पाई जाती। उदाहरण के तौर पर यदि हम दो बच्चों के विकास को देखें तो दोनों में विकास जरूर होगा परंतु दोनों में विभिन्नता पाई जाएगी। इस सिद्धांत के अनुसार बालकों में शारीरिक,मानसिक ,सामाजिक,संवेगात्मक रूप से विभिन्नता पाई जाती है।
एकीकरण का सिद्धांत- इसे समन्वय का सिद्धांत भी कहते हैं। इस सिद्धांत के अनुसार बालक पहले संपूर्ण अंग चलाना सीखता है फिर अंग के भागों को चलाना सीखता है तथा अंत में सभी में एकीकरण करता है।उदाहरण के तौर पर यदि किसी बालक के आगे एक खिलौना रखा है और वह थोड़ा दूर है तो वह उसे अपने पूरे शरीर को हिला कर घसीटते हुए खिलौने तक पहुंचता है फिर हाथ का इस्तेमाल करके उसे छूने की कोशिश करता है तथा अंत में दोनों क्रियाओं को जोड़कर वह  खिलौने को हाथ में ले लेता है। इसे ही एकीकरण का सिद्धांत कहते हैं।
वंशानुक्रम एवं वातावरण की अंतः क्रिया का सिद्धांत- इस सिद्धांत के अनुसार वंशानुक्रम और वातावरण एक दूसरे का गुणनफल होते हैं। मतलब की किसी भी बाल के विकास में वंशानुक्रम और वातावरण दोनों का विकास पूर्ण होगा तभी बालक का विकास होगा केवल एक के विकास से बालक का विकास नहीं होगा। इस सिद्धांत पर कई अवधारणा प्रसिद्ध है परंतु यही सही कांसेप्ट है।
बालक पर वंशानुक्रम के महत्व के सम्बन्ध में अनेक मनोवैज्ञानिकों ने परीक्षण किये गये, जिसके आधार पर सिद्ध किया गया कि बालक के व्यक्तित्व के प्रत्येक पहलू पर वंशानुक्रम प्रभावी होता है। कुछ मत निम्नलिखित हैं-
वातावरण के लिए पर्यावरण शब्द का प्रयोग किया जाता है। पर्यावरण दो शब्दों से बना है-परि + आवरण। परि का अर्थ है चारों ओर एवं आवरण का अर्थ है-डकने वाला। इस प्रकार पर्यावरण व वातावरण वह वस्तु है जो चारों ओर से आवृत्त करती है। अत: हम कह सकते हैं कि व्यक्ति के चारों ओर जो कुछ है वहीं वातावरण है।
वातावरण की परिभाषाएँ-
रॉस के अनुसार, “वातावरण वह बाहरी शक्ति है जो हमें प्रभावित करती है। (Environment is an external force which influences us.) -Ross
एनॉस्टरसी के अनुसार, वातावरण वह हर वस्तु है जो व्यक्ति के पित्रैकों के अतिरिक्त प्रत्येक वस्तु को प्रभावित करता है।
 iii) वंशानुक्रम के सिद्धांत-वंशानुक्रम के सिद्धांत या नियम का अध्ययन मनोवैज्ञानिकों तथा जीव वैज्ञानिकों के लिए रोचक तथा रहस्यमय विषय रहा है, फिर भी अनुभव, अध्ययन के आधार पर वंशानुक्रम के निम्नलिखित नियमों का प्रतिपादन किया गया है।
बीजकोष की निरन्तरता (Law of Continuity of Genes) ।
समानता का नियम (Law of Resemblance)।
विभिन्नता का नियम (Law of Variation)।
प्रत्यागमन का नियम (Law of Regression )।
अर्जित गुणों का संक्रमण (Law of Transmission of Acquirel Traits)।
मेण्डल का नियम (Mendels Law)।
9) समान प्रतिमान का सिद्धांत- यह बाल विकास का सिद्धांत हरलॉक ने दिया था। इस सिद्धांत के अनुसार एक प्रकार की जाति विशेष का विकास एक समान होता है। उदाहरण के तौर पर एक बालक भारत का है तथा दूसरा बालक अफ्रीका का क्योंकि दोनों की जाति समान है दोनों ही बालक है तो दोनों का विकास एक समान ही होगा चाहे उन का वातावरण अलग ही क्यों ना हो।
10) सामान्य से विशिष्ट की ओर सिद्धांत- इस बाल विकास सिद्धांत के अनुसार बालक सबसे पहले सामान्य क्रियाएं करता है फिर विशिष्ट क्रियाएं करता है। उदाहरण- दौड़ना एक विशिष्ट क्रिया है परंतु बालक सीधा दौड़ने ही नहीं लगता पहले वह उठना, फिर बैठना, फिर चलना तथा फिर दौड़ना प्रारंभ करता है।
11) चक्राकार या वर्तुलाकार का सिद्धांत- इस बाल विकास सिद्धांत के अनुसार बालक का विकास वर्तुलाकार होता है। वर्तुलाकार का अर्थ यह है कि बच्चे की लंबाई,चौड़ाई,भार और आकार सभी रूपों में बालक का विकास होता है।
बाल विकास सिद्धांत पर TET की परीक्षा में पूछे जाने वाले 10 ऑब्जेक्टिव प्रश्न
1. निम्नलिखित में से कौन-सा विकास का सिद्धांत है? 
A. सभी की विकास दर समान नहीं होती है।
B. विकास हमेशा रेखीय होता है।
C. यह निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है।
D. विकास की सभी प्रक्रियाएँ अन्तः सम्बंधित नहीं है।
उत्तर-(A)
2. विकास व्यक्ति में नवीन विशेषताएँ और योग्यताएँ प्रस्फुटित करता है, यह कथन है-
A. हरलॉक
B. जेम्स ड्रेवर 
C. मैर डुगल
D. मुनरो

उत्तर-(A)
3. मानसिक विकास का सम्बन्ध नहीं है-
A. शिक्षार्थी का वजन एवं ऊँचाई
B. स्मृति का विकास
C. तर्क एवं निर्णय
D. अवबोधन की क्षमता
उत्तर-
(A)
4. निम्न में से कौन-सा विकास का नियम नहीं है?
A. व्यक्ति विभिन्न दर से विकसित होतें है।
B. विकास शनैः शनैः होता है।
C. विकास तुलनात्मक रूप से क्रमबद्ध होता है।
D. विकास एक निश्चित उम्र के बाद रुक जाता है।

उत्तर-(D)
5. किशोरावस्था की प्रमुख समस्या है
A. वजन बढ़ाने की
B. शिक्षा की
C. समायोजन की
D. अच्छे परीक्षा परिणाम देने की

उत्तर-(C)
6. बालक के भाषा विकास में मुख्य योगदान देने वाली संस्था-
A. परिवार
B. विद्यालय
C. जन संचार माध्यम
D. पत्र-पत्रिकाएँ

उत्तर-(A)
7. छात्र का वह सोपान जब वह सर्वाधिक रूप से संवेगों से घिरा रहता है
A. शैशवावस्था
B. बाल्यावस्था
C. प्रौढकाल
D. किशोरावस्था

उत्तर-(D)
8. दो बालकों में समान मानसिक योग्यताएँ नहीं होती है, उक्त कथन किस मनोवैज्ञानिक का है-
A. हरलॉक
B. सोरनसन
C. क्रो एवं क्रो
D. जीन पियाजे

उत्तर-(A)
9. किस अवस्था में स्व सम्मान की भावना सबसे अधिक पायी जाती है?
A. शैशवावस्था
B. बाल्यावस्था
C. प्रौढकाल
D. किशोरावस्था

उत्तर-(D)
10. निम्न में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
A. वृद्धि एवं विकास पर्यायवाची है।
B. वृद्धि में मात्रात्मक परिवर्तन निहित है।
C. वृद्धि जीवनपर्यन्त नहीं होती
D. वृद्धि के साथ विकास भी होता है।

उत्तर-(A)
Only 50 Rs

To buy Massage
@T_A_OfficialChannel
to buy at very low price
Massage
@T_A_OfficialChannel
Hey guy's if you are aspirant of Tgt/Pgt Biology you guys join this channel for upcoming examination it will be very helpful for you.

To join Tgt/Pgt Biology channel click on the below 👇 link

https://t.me/Tgt1Pgt