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UPSSSC,UPPSC,UPP,UPSI, TET, CTET, TEACHING, SSC CGL, CHSL ,MTS ,GD ,CPO AHC RO/ARO ,UPPCL & ALL STATE ONE DAY EXAM
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Important schemes 👇

• स्वच्छ भारत मिशन - 2 October 2014

• प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना - July 2015

• प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना - April 2020

• प्रधानमंत्री महिला शक्ति केन्द्र योजना - 2017

• जल जीवन मिशन - 15 August 2019

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बंगाल के नवाब👇👇

1. मुर्शीद कुली खाँ - 1713-1727 ई.
2. शुजाउद्दीन - 1727-1739 ई.
3. सरफराज खाँ - 1739-1740 ई.
4. अलीवर्दी खाँ - 1740-1756 ई.
5.सिराजुद्दौला - 1756-1757 ई.
6. मीर जाफर -1757-1760 ई.
7. मीर कासिम - 1760-1763 ई.
8. मीर जाफर - 1763-1765 ई.
9. निजाम-उद्दौला - 1765-1766 ई.
10. शैफ-उद्दौला - 1766-1770 ई.
11. मुबारक-उद्दौला - 1770-1775 ई.

#Roaro. #UPPCSpre2025

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आधुनिक भारत के प्रमुख युद्ध,वर्ष👇👇

• प्रथम आंग्ल-कर्नाटक युद्ध - 1746-1748 ई.

• द्वितीय आंग्ल-कर्नाटक युद्ध - 1750-1754 ई.

• तृतीय आंग्ल-कर्नाटक युद्ध -
1758-1763 ई.

• प्लासी का युद्ध - 23 जून, 1757

• बक्सर का युद्ध - 22 अक्टूबर, 1764

• रूहेला का युद्ध - 1774 ई.

• प्रथम आंग्ल-मैसूर युद्ध - 1767-1769 ई.

• द्वितीय आंग्ल-मैसूर युद्ध - 1780-1784 ई.

• तृतीय आंग्ल-मैसूर युद्ध - 1790-1792 ई.

• चतुर्थ आंग्ल-मैसूर युद्ध - 1799 ई.

#UPPCSpre2025. #pyq. #Roaro


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आधुनिक भारत में हुए महत्वपूर्ण युद्ध
👇👇👇

कर्नाटक का प्रथम युद्ध -1746-48
कर्नाटक का द्वितीय युद्ध -1749-54
कर्नाटक का तृतीय युद्ध - 1758-63
प्लासी का युद्ध -23जून 1757
बक्सर का युद्ध - 22 अक्टूबर 1764
अंबर का युद्ध - अगस्त 1949
वंदिवस का युद्ध - 22 जनवरी 1760
चिलीया वाला का युद्ध- जनवरी 1849
खुर्दा का युद्ध - 1795
प्रथम आंग्ल मैसूर युद्ध -1767-69
द्वितीय आंग्ल मैसूर युद्ध -1780-84
तृतीय आंग्ल मैसूर युद्ध -1790-92
चतुर्थ अंग में सूर्य युद्ध -1799
पोर्टोनोवा का युद्ध - 1781
प्रथम आंग्ल मराठा युद्ध -1775-82
द्वितीय अंग मराठा युद्ध -1803-1805
तृतीय अंग मराठा युद्ध-1817-18
पानीपत का तृतीय युद्ध -14 जनवरी 1761

#Roaro. #prelims

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Important for RO ARO 👇

√ प्रथम आंग्ल-मैसूर युद्ध - हैदर अली विजित हुआ था

√ द्वितीय आंग्ल-मैसूर युद्ध - अनिर्णायक

√ तृतीय आंग्ल-मैसूर युद्ध - टीपू सुल्तान युद्ध में पराजित हुआ और अपना भू-भाग अंग्रेजों को दिया |

√ चतुर्थ आंग्ल-मैसूर युद्ध - टीपू पराजित किया गया और युद्ध के मध्य दिवंगत हुआ

√ बक्सर का युद्ध - मीरकासिम विरुद्ध ईस्ट इंडिया कंपनी

√ वांडीवाश का युद्ध - फ्रांसीसी विरुद्ध ईस्ट इंडिया कंपनी

√ चिलियांवाला का युद्ध - डलहौजी के विरुद्ध सिख

√ खुर्दा का युद्ध - निजाम विरुद्ध मराठे

हमें भी जाने👇

• इलाहाबाद की संधि - 1765 ई.
• मंगलौर की संधि - 1784 ई.
• सालबाई की संधि - 1782 ई.
• मद्रास की संधि - 1769 ई.
• पंजाब का विलय - 1849
• सतारा का विलय - 1848 ई.
• अवध का विलय - 1856 ई.
• करौली का विलय - 1855 ई.


#Roaro
लौह अयस्क 👇

लौह-अयस्क चार प्रकार का होता है। यथा -

(1) मैग्नेटाइट (Fe, O₁)-
यह काले रंग का सर्वोत्तम किस्म का चुम्बकीय लौह अयस्क है जिसमें धातु का अंश 72 प्रतिशत तक पाया जाता है। इस धातु में वैनेडियम, टाइटेनियम तथा क्रोमियम के भी अंश पाये जाते हैं। इस अयस्क का 92% भाग दक्षिणी क्षेत्र में पाया जाता है। जैसे कर्नाटक, आन्ध्र प्रदेश एवं तमिलनाडु ।
(2) हेमेटाइट (Fe₂O₃)-
इसमें धातु का प्रतिशत 60 से 70 तक होता है। यह ऑक्सीजन और लोहे का सम्मिश्रण होता है। लोहे का यह दूसरा सर्वोत्तम किस्म है। इस अयस्क का 59% पूर्वी क्षेत्र में पाया जाता है। जैसे-झारखण्ड ओडिशा, छत्तीसगढ़ आदि। भारत का अधिकांश लोहा इसी प्रकार का है।
(3) लियोनाइट (2Fe₂O, 3H₂O)-
यह जलयोजित लोहा ऑक्साइड कहलाता है, जिसमें 40 से 50 प्रतिशत लोहे का अनुपात होता है। यह अवसादी शैलों से प्राप्त किया जाता है।
(4) सिडेराइट (Fe,CO₂) -
इसको लोहा कार्बोनेट कहते हैं। इसमें लौह धातु का अंश 40 से 45 प्रतिशत होता है। यह भी अवसादी शैलों से ही प्राप्त होता है
।

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नहर का नाम - निर्माण वर्ष

• पूर्वी यमुना नहर - 1830

• ऊपरी गंगा नहर - 1854

• आगरा नहर - 1878

• निचली गंगा नहर - 1878

• शारदा नहर - 1928

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भारत के महान्यायवादी का क्रम👇

1 - एम० सी० सीतलवाड़
2 - सी० के० दफ्तरी
3 - नीरेन डे

14 - मुकुल रोहतगी
15 - के.के. वेणुगोपाल
16 - आर. वेंकटरमणि


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भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षकका का क्रम👇👇

1 - वी. नरहरि राव
2 - ए. के. चन्द्रा
3 - ए. के राय

10 - वी. एन. कौल
11 - विनोद राय
12 - शशिकान्त शर्मा
13 - राजीव महर्षि
14 - गिरीश चंद्र मुर्मू


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अभिलेख न्यायालय (Court of Record)

√ अनु . 129 उच्चतम न्यायालय को अभिलेख न्यायालय घोषित करता है, तथा उसे ऐसे न्यायालय की सभी शक्तियाँ प्रदान करता है।

अभिलेख न्यायालय के अधोलिखित दो लक्षण हैं। यथा -
(i) ऐसे न्यायालय के निर्णय और कार्यवाहियाँ लिखित होती हैं तथा अभिलेख के रूप में रखी जाती है। ऐसे अभिलेख उसके अधीनस्थ न्यायालयों के समक्ष पूर्वनिर्णय के रूप में पेश किये जा सकते हैं। इस प्रकार इनके सभी निर्णयों का साक्ष्यात्मक मूल्य होता है और इस पर किसी न्यायालय द्वारा प्रश्न चिन्ह नहीं लगाया जा सकता है।
(ii) ऐसे न्यायालय द्वारा अपने अवमान (Contempt) के लिए किसी व्यक्ति को दण्डित किया जा सकता है।

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लौह अयस्क 👇

लौह-अयस्क चार प्रकार का होता है। यथा -

(1) मैग्नेटाइट (Fe, O₁)-
यह काले रंग का सर्वोत्तम किस्म का चुम्बकीय लौह अयस्क है जिसमें धातु का अंश 72 प्रतिशत तक पाया जाता है। इस धातु में वैनेडियम, टाइटेनियम तथा क्रोमियम के भी अंश पाये जाते हैं। इस अयस्क का 92% भाग दक्षिणी क्षेत्र में पाया जाता है। जैसे कर्नाटक, आन्ध्र प्रदेश एवं तमिलनाडु ।
(2) हेमेटाइट (Fe₂O₃)-
इसमें धातु का प्रतिशत 60 से 70 तक होता है। यह ऑक्सीजन और लोहे का सम्मिश्रण होता है। लोहे का यह दूसरा सर्वोत्तम किस्म है। इस अयस्क का 59% पूर्वी क्षेत्र में पाया जाता है। जैसे-झारखण्ड ओडिशा, छत्तीसगढ़ आदि। भारत का अधिकांश लोहा इसी प्रकार का है।
(3) लियोनाइट (2Fe₂O, 3H₂O)-
यह जलयोजित लोहा ऑक्साइड कहलाता है, जिसमें 40 से 50 प्रतिशत लोहे का अनुपात होता है। यह अवसादी शैलों से प्राप्त किया जाता है।
(4) सिडेराइट (Fe,CO₂) -
इसको लोहा कार्बोनेट कहते हैं। इसमें लौह धातु का अंश 40 से 45 प्रतिशत होता है। यह भी अवसादी शैलों से ही प्राप्त होता है।

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लौह अयस्क 👇

लौह-अयस्क चार प्रकार का होता है। यथा -

(1) मैग्नेटाइट (Fe, O₁)-
यह काले रंग का सर्वोत्तम किस्म का चुम्बकीय लौह अयस्क है जिसमें धातु का अंश 72 प्रतिशत तक पाया जाता है। इस धातु में वैनेडियम, टाइटेनियम तथा क्रोमियम के भी अंश पाये जाते हैं। इस अयस्क का 92% भाग दक्षिणी क्षेत्र में पाया जाता है। जैसे कर्नाटक, आन्ध्र प्रदेश एवं तमिलनाडु ।
(2) हेमेटाइट (Fe₂O₃)-
इसमें धातु का प्रतिशत 60 से 70 तक होता है। यह ऑक्सीजन और लोहे का सम्मिश्रण होता है। लोहे का यह दूसरा सर्वोत्तम किस्म है। इस अयस्क का 59% पूर्वी क्षेत्र में पाया जाता है। जैसे-झारखण्ड ओडिशा, छत्तीसगढ़ आदि। भारत का अधिकांश लोहा इसी प्रकार का है।
(3) लियोनाइट (2Fe₂O, 3H₂O)-
यह जलयोजित लोहा ऑक्साइड कहलाता है, जिसमें 40 से 50 प्रतिशत लोहे का अनुपात होता है। यह अवसादी शैलों से प्राप्त किया जाता है।
(4) सिडेराइट (Fe,CO₂) -
इसको लोहा कार्बोनेट कहते हैं। इसमें लौह धातु का अंश 40 से 45 प्रतिशत होता है। यह भी अवसादी शैलों से ही प्राप्त होता है।

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लौह अयस्क 👇

लौह-अयस्क चार प्रकार का होता है। यथा -

(1) मैग्नेटाइट (Fe, O₁)-
यह काले रंग का सर्वोत्तम किस्म का चुम्बकीय लौह अयस्क है जिसमें धातु का अंश 72 प्रतिशत तक पाया जाता है। इस धातु में वैनेडियम, टाइटेनियम तथा क्रोमियम के भी अंश पाये जाते हैं। इस अयस्क का 92% भाग दक्षिणी क्षेत्र में पाया जाता है। जैसे कर्नाटक, आन्ध्र प्रदेश एवं तमिलनाडु ।
(2) हेमेटाइट (Fe₂O₃)-
इसमें धातु का प्रतिशत 60 से 70 तक होता है। यह ऑक्सीजन और लोहे का सम्मिश्रण होता है। लोहे का यह दूसरा सर्वोत्तम किस्म है। इस अयस्क का 59% पूर्वी क्षेत्र में पाया जाता है। जैसे-झारखण्ड ओडिशा, छत्तीसगढ़ आदि। भारत का अधिकांश लोहा इसी प्रकार का है।
(3) लियोनाइट (2Fe₂O, 3H₂O)-
यह जलयोजित लोहा ऑक्साइड कहलाता है, जिसमें 40 से 50 प्रतिशत लोहे का अनुपात होता है। यह अवसादी शैलों से प्राप्त किया जाता है।
(4) सिडेराइट (Fe,CO₂) -
इसको लोहा कार्बोनेट कहते हैं। इसमें लौह धातु का अंश 40 से 45 प्रतिशत होता है। यह भी अवसादी शैलों से ही प्राप्त होता है।

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ऑपरेशन ब्रह्मा

भारत सरकार द्वारा म्यांमार मे भूकंप आने के लिए तत्काल 15 टन मानवीय सहायता भेजी गई है.. इस ऑपरेशन को ऑपरेशन ब्रह्मा नाम दिया है।
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√ प्रथम आंग्ल-मैसूर युद्ध - हैदर अली विजित हुआ था

√ द्वितीय आंग्ल-मैसूर युद्ध - अनिर्णायक

√ तृतीय आंग्ल-मैसूर युद्ध - टीपू सुल्तान युद्ध में पराजित हुआ और अपना भू-भाग अंग्रेजों को दिया |

√ चतुर्थ आंग्ल-मैसूर युद्ध - टीपू पराजित किया गया और युद्ध के मध्य दिवंगत हुआ

√ बक्सर का युद्ध - मीरकासिम विरुद्ध ईस्ट इंडिया कंपनी

√ वांडीवाश का युद्ध - फ्रांसीसी विरुद्ध ईस्ट इंडिया कंपनी

√ चिलियांवाला का युद्ध - डलहौजी के विरुद्ध सिख

√ खुर्दा का युद्ध - निजाम विरुद्ध मराठे

हमें भी जाने👇

• इलाहाबाद की संधि - 1765 ई.
• मंगलौर की संधि - 1784 ई.
• सालबाई की संधि - 1782 ई.
• मद्रास की संधि - 1769 ई.
• पंजाब का विलय - 1849
• सतारा का विलय - 1848 ई.
• अवध का विलय - 1856 ई.
• करौली का विलय - 1855 ई.

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टैरिफ (Tariff) का अर्थ है
किसी देश द्वारा आयातित (Imported) या निर्यातित (Exported) वस्तुओं पर लगाया गया कर या शुल्क।

अमेरिका द्वारा भारत पर 26% टैरिफ लगाने का कारण:

अमेरिका का कहना है कि भारत अमेरिकी उत्पादों पर ऊँचे टैरिफ लगाता है, इसलिए उसने पारस्परिक टैरिफ (Reciprocal Tariff) नीति के तहत भारत से आयातित सामानों पर 26% शुल्क बढ़ा दिया।

अन्य एशियाई देशों की तुलना में कम टैरिफ – अमेरिका ने चीन पर 54% और वियतनाम पर 46% टैरिफ लगाया है, जबकि भारत पर 26% टैरिफ लगाया गया है।

इसका असर भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स, रत्न, आभूषण और टेक्सटाइल उद्योगों पर पड़ सकता है।
भारतीय फार्मासूटिकल उद्योग को इन टैरिफ से छूट दी गयी है जिससे भारतीय दवा कम्पनियो के शेयर में लगभग 5% की वृद्धि देखी गयी है

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क्योटो प्रोटोकॉल👇

√ संयुक्त राष्ट्र की पहल पर ग्लोबल वॉर्मिंग और जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने के लिए 1992 में यूनाइटेड नेशंस फ्रेमवर्क कन्वेंशन ऑन क्लाइमेट चेंज (UNFCCC) अस्तित्व में आया।

√ UNFCCC के प्रयास से जापान के क्योटो शहर में 11 दिसंबर, 1997 को क्योटो प्रोटोकॉल को स्वीकार किया गया और यह 16 फरवरी, 2005 को प्रभावी हुआ।

ध्यान दे - यह एक कानूनी बाध्यकारी समझौता है। इसके अंतर्गत विकसित देशों के लिए उत्सर्जन में कटौती की सीमा तय की गई। क्योटो प्रोटोकॉल का अंतिम उद्देश्य ऐसी हर मानवीय गतिविधियों पर रोक लगाना है जिससे पर्यावरण के लिए खतरा पैदा होता
है।

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क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों का एकीकरण👇👇

√ नवंबर 2024 में वित्त मंत्रालय ने क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRB) के चौथे चरण के एकीकरण का प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत RRB की संख्या 43 से घटाकर 28 करने का प्रस्ताव किया गया है।
√ इस एकीकरण का उद्देश्य इन्हें अधिक कुशल बनाना है और 'एक राज्य-एक क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक' के सिद्धांत के तहत RRB का समेकन करना है।

Note - क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के समेकन की प्रक्रिया वर्ष 2004-05 में डॉ. व्यास समिति (2001) की सिफारिशों के आधार पर शुरू हुई थी।

वर्ष 2020-21 तक तीन चरणों में क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRB) की संख्या 196 से घटाकर 43 कर दी गई। चौथे समेकन चरण- कुन लक्ष्य संख्या को और कम करके 28 करना है।

क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRB) की स्थापना 1975 में नरसिम्हन कार्य समूह की सिफारिशों के अनुसार हुई थी। इसे बाद में क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक अधिनियम, 1976 के तहत स्थापित किया गया

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दर्शन विचारधाराएँ 👇

रुढिवादी आस्तिक

√ सॉख्य
√ योग
√ न्याय
√ वैशेषिक
√ मींमासा
√ वेदान्त

नास्तिक

√ बौद्ध धर्म
√ जैन धर्म
√ लोकायत
√ अज्ञान
√ आजीविक


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क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों का एकीकरण👇👇

√ नवंबर 2024 में वित्त मंत्रालय ने क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRB) के चौथे चरण के एकीकरण का प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत RRB की संख्या 43 से घटाकर 28 करने का प्रस्ताव किया गया है।
√ इस एकीकरण का उद्देश्य इन्हें अधिक कुशल बनाना है और 'एक राज्य-एक क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक' के सिद्धांत के तहत RRB का समेकन करना है।

Note - क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के समेकन की प्रक्रिया वर्ष 2004-05 में डॉ. व्यास समिति (2001) की सिफारिशों के आधार पर शुरू हुई थी।

वर्ष 2020-21 तक तीन चरणों में क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRB) की संख्या 196 से घटाकर 43 कर दी गई। चौथे समेकन चरण- कुन लक्ष्य संख्या को और कम करके 28 करना है।

क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRB) की स्थापना 1975 में नरसिम्हन कार्य समूह की सिफारिशों के अनुसार हुई थी। इसे बाद में क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक अधिनियम, 1976 के तहत स्थापित किया गया

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