वीर सावरकर की जीवनी भाग 4
उन्हीं दिनों जगतगुरु महर्षि दयानंद के प्रिय शिष्य श्यामजी कृष्ण वर्मा ने घोषणा की कि वह भारतीय विद्यार्थियों को विदेश के स्वतंत्र वातावरण में राजनीति का अध्ययन करने के लिए छात्रवृत्तियां एक सहस्त्र रुपया प्रति छात्रवृत्ति के लिए मासिक देंगे। वीर सावरकर ने छात्रवृत्ति प्राप्त करने के लिए प्रार्थना पत्र भेजा। लोकमान्य तिलक और श्री प्रांजय के प्रशंसा पत्रों से यह कार्य सहज में पूर्ण हो गया। क्योंकि इनके साथ श्याम जी का पूर्व से ही संबंध था।
विदेश जाने से पूर्व इनका विवाह जाहर राज्य के कश्मीरी दीवान श्री चपलूंकार की बड़ी लड़की से हो गया। इससे इन्हें आर्थिक कठिनाई से भी कुछ छुटकारा मिला इस समय पुलिस की इन पर क्रूर दृष्टि थी। इनकी गिरफ्तारी की संभावना थी किंतु सरकार ने विदेश जाने के कारण इन को गिरफ्तार नहीं किया।
यह भी श्याम जी की “शिवाजी छात्रवृत्ति” मिल जाने से विदेश जाने की तैयारी करने लगे। देश छोड़ने से पूर्व इन्होंने अपनी गुप्त सभा में स्पष्ट घोषणा की कि अब तक मैं पुणे में फारगुन कॉलेज में महाराष्ट्र के चुने हुए लोगों में अपने विचार फैलाता रहा हूं, परंतु अब मैं विदेश जाकर भारत भर के धनी और योग्य विद्यार्थियों में प्रचार करूंगा। वे लोग जब बैरिस्टर आदि बनकर भारत लौटेंगे तो देश भर में क्रांति मचा देंगे। मैं शत्रु के गढ़ में जाकर भारतीय शक्ति का लोहा दिखाऊंगा।
वीर सावरकर बोले मैं रूसी क्रांतिकारियों से बम और पिस्तौल बनाना सीख लूंगा । इस प्रकार भारतीय स्वतंत्रता शीघ्र ही हस्तगत हो जाएगी इन्होंने विदेश जाने से पूर्व मुंबई में भी अभिनव भारत संस्था की एक शाखा खोली अनेक कालेजों के विद्यार्थी इस में सम्मिलित हुए बिहारी नाम का मराठी भाषा का एक पत्र भी निकाला गया इसका विकास भी सहस्त्रों की संख्या में होने लगा।
आगे की जानकारी भाग 5 में
🚩जय आर्यावर्त🚩ओ३म्🚩जय भारतवर्ष🚩🚩जय वीर सावरकर🚩 🚩जय हो नाथूराम गोडसे की🚩
उन्हीं दिनों जगतगुरु महर्षि दयानंद के प्रिय शिष्य श्यामजी कृष्ण वर्मा ने घोषणा की कि वह भारतीय विद्यार्थियों को विदेश के स्वतंत्र वातावरण में राजनीति का अध्ययन करने के लिए छात्रवृत्तियां एक सहस्त्र रुपया प्रति छात्रवृत्ति के लिए मासिक देंगे। वीर सावरकर ने छात्रवृत्ति प्राप्त करने के लिए प्रार्थना पत्र भेजा। लोकमान्य तिलक और श्री प्रांजय के प्रशंसा पत्रों से यह कार्य सहज में पूर्ण हो गया। क्योंकि इनके साथ श्याम जी का पूर्व से ही संबंध था।
विदेश जाने से पूर्व इनका विवाह जाहर राज्य के कश्मीरी दीवान श्री चपलूंकार की बड़ी लड़की से हो गया। इससे इन्हें आर्थिक कठिनाई से भी कुछ छुटकारा मिला इस समय पुलिस की इन पर क्रूर दृष्टि थी। इनकी गिरफ्तारी की संभावना थी किंतु सरकार ने विदेश जाने के कारण इन को गिरफ्तार नहीं किया।
यह भी श्याम जी की “शिवाजी छात्रवृत्ति” मिल जाने से विदेश जाने की तैयारी करने लगे। देश छोड़ने से पूर्व इन्होंने अपनी गुप्त सभा में स्पष्ट घोषणा की कि अब तक मैं पुणे में फारगुन कॉलेज में महाराष्ट्र के चुने हुए लोगों में अपने विचार फैलाता रहा हूं, परंतु अब मैं विदेश जाकर भारत भर के धनी और योग्य विद्यार्थियों में प्रचार करूंगा। वे लोग जब बैरिस्टर आदि बनकर भारत लौटेंगे तो देश भर में क्रांति मचा देंगे। मैं शत्रु के गढ़ में जाकर भारतीय शक्ति का लोहा दिखाऊंगा।
वीर सावरकर बोले मैं रूसी क्रांतिकारियों से बम और पिस्तौल बनाना सीख लूंगा । इस प्रकार भारतीय स्वतंत्रता शीघ्र ही हस्तगत हो जाएगी इन्होंने विदेश जाने से पूर्व मुंबई में भी अभिनव भारत संस्था की एक शाखा खोली अनेक कालेजों के विद्यार्थी इस में सम्मिलित हुए बिहारी नाम का मराठी भाषा का एक पत्र भी निकाला गया इसका विकास भी सहस्त्रों की संख्या में होने लगा।
आगे की जानकारी भाग 5 में
🚩जय आर्यावर्त🚩ओ३म्🚩जय भारतवर्ष🚩🚩जय वीर सावरकर🚩 🚩जय हो नाथूराम गोडसे की🚩
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ये दुष्ट अपनी वीडियो में भैंस के मास की बात कर रहा है किंतु ये धूर्त दिखा गाय को रहा है केवल हिंदुओ को भ्रमित करने के लिए
जबकि भारत सरकार ने कई साल पहले ही गौवंश के मास पर रोक लुगादी थी
अब इस भ्रमित वीडियो के बाद ये जेल जाए तो बोलेगा की तानाशाही चल रही है वाह रे ठग तेरी तो जेल में तुड़ाई होनी चाहिए
जबकि भारत सरकार ने कई साल पहले ही गौवंश के मास पर रोक लुगादी थी
अब इस भ्रमित वीडियो के बाद ये जेल जाए तो बोलेगा की तानाशाही चल रही है वाह रे ठग तेरी तो जेल में तुड़ाई होनी चाहिए
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😄😂 खुजलीवाल ने लिए हगने के भी मजे , 😄 अब जेल में लेगा कुटाई के मजे🤣 मफलरमैन तो धनवान का भी धनवान निकला, जब ये किसी सभा में जाता तो फटीचर बनकर जाता ओर आलीशान महल में हाई टैक हगने की शीट
इसने भी जनता का बढ़िया मूर्ख बनाया🤣😄
इसने भी जनता का बढ़िया मूर्ख बनाया🤣😄
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भाई क्या कहूं , कितना बुद्धिमान है ये शेर कितनी गहराई से सोचता है ये और भी अनेकों जीवो की वीडियो दिखती रहती हैं , अदभुत है ईश्वर की बनाई ये दुनिया, सभी प्राणियों का सम्मान करो प्रेम से रहो सबके साथ
❤60👍5👏2
😂जय बिन जय मीन😄
क्या यही है मीम-भीम भाईचारा !
"मस्जिद के सामने से अम्बेडकर का जुलूस नहीं ले जा सकते।"
डॉ. आम्बेडकर के जुलूस पर कट्टरपंथी मुसलमानों ने किया पथराव।
मामला महाराष्ट्र के धुले का।
आरोपियों के नाम :-
मोहम्मद साहिल
मोहम्मद समीर
मोहम्मद जुनैद
मोहम्मद शोएब
मोहम्मद तौफ़ीक़
मोहम्मद इसाक मिस्त्री
मोहम्मद कल्लू पठान
मोहम्मद सादिक साह
मोहम्मद वसीम पठान
मोहम्मद सुल्तान बिल्डर
सोर्स panchjanya
क्या यही है मीम-भीम भाईचारा !
"मस्जिद के सामने से अम्बेडकर का जुलूस नहीं ले जा सकते।"
डॉ. आम्बेडकर के जुलूस पर कट्टरपंथी मुसलमानों ने किया पथराव।
मामला महाराष्ट्र के धुले का।
आरोपियों के नाम :-
मोहम्मद साहिल
मोहम्मद समीर
मोहम्मद जुनैद
मोहम्मद शोएब
मोहम्मद तौफ़ीक़
मोहम्मद इसाक मिस्त्री
मोहम्मद कल्लू पठान
मोहम्मद सादिक साह
मोहम्मद वसीम पठान
मोहम्मद सुल्तान बिल्डर
सोर्स panchjanya
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राम विरोधी सपा सरकार की ये कहानी आपको जरूर जाननी चाहिए !
तारीख 2 नवंबर, वर्ष 1990..
एक सूबे के मुख्यमंत्री आपे से बाहर हो चुके हैं..
अयोध्या के इतिहास का सबसे काला दिन दरवाजे पर दस्तक देने वाला है !
तभी अयोध्या के हनुमान गढ़ी चौराहे पर पहली गोली चलती है...
...थोड़ी ही देर में सुबह के साढ़े दस बजने वाले हैं, कुछ ही क्षणों में टिक-टिक करती घड़ी की सुइयां समय के उस मोड़ पर पहुंचने वाली हैं जब सुरक्षाबलों के सिर पर खून सवार होनेवाला है। कारण, सूबे के मुख्यमंत्री आपे से बाहर हैं।
तभी अयोध्या के हनुमान गढ़ी चौराहे पर पहली गोली चलती है और फिर सुरक्षाबल दिगंबर अखाड़े की ओर बढ़ते हैं।
अखाड़े के पास ही एक घर में कोलकाता के कोठारी बंधु थे - शरद कोठारी और रामकुमार कोठारी।
दोनों भाईयों को खींचकर बाहर निकाला जाता है और गोलियां मारकर उनकी हत्या कर दी जाती है। ये वही कोठारी बंधु थे जिन्होंने तीन दिन पहले 30 अक्टूबर को 12 बजे के आसपास बाबरी ढांचे के गुंबद पर भगवा झंडा लहराया था। उस दिन दो घंटे बाद दोबारा कारसेवकों की भीड़ ने ढांचे पर धावा बोला था और सुरक्षा बलों ने जो 20 राउंड गोलियां चलाई थीं उसमें 11 कारसेवकों की जान चली गई थी।
वापस आते हैं उस स्थान पर जहां कोठारी बंधुओं का शव पड़े हैं, जिस तरह उन्हें मारा गया लोग स्तब्ध हैं। सड़क की दूसरी ओर जोधपुर के सीताराम माली के मुंह से सटाकर बंदूक का घोड़ा दबा दिया जाता है। उसकी गलती इतनी थी कि वह आंसू गैस का गोला उठाकर नाली में डाल रहा था।
विचलित करने वाली स्थिति में फैजाबाद के राम अचल गुप्ता की रामधुन थी कि रुक ही नहीं रही थी। उन्हें पीछे से गोली मारी जाती है और स्वर थम जाता है।
कोठारी बंधुओं की हत्या से शुरू हुआ रक्तपात अब अपने चरम पर है। मंदिरों, अखाड़ों में घुस-घुसकर अंधाधुंध गोलियां चलाई जा रही हैं। रामानंदी दिगंबर अखाड़े में घुसकर साधुओं पर कई राउंड गोलियां चलाई जाती हैं। कौन गोली किसे और कहां लगी, कौन घायल हुआ और कौन मर गया, किसे चिंता !जिस तरह लोगों को गोलियां मारी जा रही हैं, उससे सुरक्षा बलों के भी कई लोगों की आंखों में आंसू निकल रहे हैं।
हनुमान गढ़ी से दिगंबर अखाड़ा जाने वाली गली में एक युवक को गोली लगती है और वह वहीं गिर पड़ता है। आसपास बिखरे अपने ही खून से सड़क पर लिखता है - सीताराम। सुरक्षबलों में से किसी ने उनकी खोपड़ी में गोली मारी थी। खून को स्याही बनाने वाले हाथ वहीं निस्तेज पड़ जाते हैं। आसपास की गलियों में साधु-संत और देशभर से आए कारसेवक जहां-तहां बैठकर रामधुन गा रहे हैं। रह-रहकर बरसती गोलियां, दम तोड़ते लोग और इन सबके बीच रामधुन की अटकती-उखड़ती तान।
घड़ी की सुइयां अब 10:45 बजा रही थीं। तुलसी चौराहे पर कत्लेआम के बाद अब बारी थी कोतवाली
के सामने बैठे लोगों की। यहां लोग एक घंटे से भी अधिक समय से बैठे रामधुन गा रहे थे। अर्थात् हनुमान गढ़ी चौराहे पर पहली गोली चलने के भी पहले से। इस टोली का नेतृत्व खजुराहो की सांसद
उमा भारती और अमदाबाद के सांसद हरेंद्र पाठक कर रहे थे। दोनों गिरफ्तार किए जाते हैं और फिर
वहां भी गोलियां चलाई जाती हैं। इसी में कोतवाली के सामने के मंदिर के पुजारी की मृत्यु हो गई।
लगातार आंसू गैस के गोले भी दागे जा रहे थे। राम बाग भवन के ऊपरी तल से एक साधु आंसू गैस
से परेशान लोगों के लिए बाल्टी में भर-भरकर पानी फेंक रहा था। बंदूक उसकी ओर तनती है। गोली चलती है और वह कटे पेड़ की तरह नीचे गिर पड़ता है।
देर शाम तक तक अयोध्या में मरघटी सन्नाटा था। मंदिरों के पट बंद। शाम होते आसपास के वातावरण को भक्तिमय बनाने वाले घंटे-घड़ियाल स्तब्ध! जिस नगरी में घर-घर रामलला विराजते हों और उन्हें हर शाम खाना परोसा जाता हो, वहां शाम का भोग कहीं नहीं लगा। लोगों को हताशा और क्रोध के मिलेजुले
भाव ने घेर रखा था। देर रात कोई डेढ़ हजार लोगों ने कमिश्नर मधुकर गुप्ता की कोठी को घेर लिया।
लोग उनके घर में घुस गए। सब एक ही बात पूछ रहे थे, कारसेवकों पर गोलियां क्यों चलाई?
अयोध्या को उस रात नींद नहीं आई। रामधुन में मग्न रहने वाली नगरी के मन-मस्तिष्क को पूरी रात
गोलियों की तड़-तड़ और चीख-पुकार ने उलझाए रखा था। रात के अंधेरे में जो झंडा आम लोगों ने
उठाया था, 3 नवंबर को भोर की किरणों के साथ उसे अफसरों की पत्नियों ने थामा। कमिश्नर पर प्रश्नों की बौछार वहीं से शुरू हुई, जहां बीती रात आम लोगों ने छोड़ा था। अफसरों की पत्नियों ने पूछा-‘ निहत्थे कारसेवकों पर गोलियां क्यों चलाईं? आप मुख्यमंत्री के अलोकतांत्रिक आदेशों को क्यों मान रहे हैं?
🚩जय सीताराम🚩
सोर्स Panchjanya
तारीख 2 नवंबर, वर्ष 1990..
एक सूबे के मुख्यमंत्री आपे से बाहर हो चुके हैं..
अयोध्या के इतिहास का सबसे काला दिन दरवाजे पर दस्तक देने वाला है !
तभी अयोध्या के हनुमान गढ़ी चौराहे पर पहली गोली चलती है...
...थोड़ी ही देर में सुबह के साढ़े दस बजने वाले हैं, कुछ ही क्षणों में टिक-टिक करती घड़ी की सुइयां समय के उस मोड़ पर पहुंचने वाली हैं जब सुरक्षाबलों के सिर पर खून सवार होनेवाला है। कारण, सूबे के मुख्यमंत्री आपे से बाहर हैं।
तभी अयोध्या के हनुमान गढ़ी चौराहे पर पहली गोली चलती है और फिर सुरक्षाबल दिगंबर अखाड़े की ओर बढ़ते हैं।
अखाड़े के पास ही एक घर में कोलकाता के कोठारी बंधु थे - शरद कोठारी और रामकुमार कोठारी।
दोनों भाईयों को खींचकर बाहर निकाला जाता है और गोलियां मारकर उनकी हत्या कर दी जाती है। ये वही कोठारी बंधु थे जिन्होंने तीन दिन पहले 30 अक्टूबर को 12 बजे के आसपास बाबरी ढांचे के गुंबद पर भगवा झंडा लहराया था। उस दिन दो घंटे बाद दोबारा कारसेवकों की भीड़ ने ढांचे पर धावा बोला था और सुरक्षा बलों ने जो 20 राउंड गोलियां चलाई थीं उसमें 11 कारसेवकों की जान चली गई थी।
वापस आते हैं उस स्थान पर जहां कोठारी बंधुओं का शव पड़े हैं, जिस तरह उन्हें मारा गया लोग स्तब्ध हैं। सड़क की दूसरी ओर जोधपुर के सीताराम माली के मुंह से सटाकर बंदूक का घोड़ा दबा दिया जाता है। उसकी गलती इतनी थी कि वह आंसू गैस का गोला उठाकर नाली में डाल रहा था।
विचलित करने वाली स्थिति में फैजाबाद के राम अचल गुप्ता की रामधुन थी कि रुक ही नहीं रही थी। उन्हें पीछे से गोली मारी जाती है और स्वर थम जाता है।
कोठारी बंधुओं की हत्या से शुरू हुआ रक्तपात अब अपने चरम पर है। मंदिरों, अखाड़ों में घुस-घुसकर अंधाधुंध गोलियां चलाई जा रही हैं। रामानंदी दिगंबर अखाड़े में घुसकर साधुओं पर कई राउंड गोलियां चलाई जाती हैं। कौन गोली किसे और कहां लगी, कौन घायल हुआ और कौन मर गया, किसे चिंता !जिस तरह लोगों को गोलियां मारी जा रही हैं, उससे सुरक्षा बलों के भी कई लोगों की आंखों में आंसू निकल रहे हैं।
हनुमान गढ़ी से दिगंबर अखाड़ा जाने वाली गली में एक युवक को गोली लगती है और वह वहीं गिर पड़ता है। आसपास बिखरे अपने ही खून से सड़क पर लिखता है - सीताराम। सुरक्षबलों में से किसी ने उनकी खोपड़ी में गोली मारी थी। खून को स्याही बनाने वाले हाथ वहीं निस्तेज पड़ जाते हैं। आसपास की गलियों में साधु-संत और देशभर से आए कारसेवक जहां-तहां बैठकर रामधुन गा रहे हैं। रह-रहकर बरसती गोलियां, दम तोड़ते लोग और इन सबके बीच रामधुन की अटकती-उखड़ती तान।
घड़ी की सुइयां अब 10:45 बजा रही थीं। तुलसी चौराहे पर कत्लेआम के बाद अब बारी थी कोतवाली
के सामने बैठे लोगों की। यहां लोग एक घंटे से भी अधिक समय से बैठे रामधुन गा रहे थे। अर्थात् हनुमान गढ़ी चौराहे पर पहली गोली चलने के भी पहले से। इस टोली का नेतृत्व खजुराहो की सांसद
उमा भारती और अमदाबाद के सांसद हरेंद्र पाठक कर रहे थे। दोनों गिरफ्तार किए जाते हैं और फिर
वहां भी गोलियां चलाई जाती हैं। इसी में कोतवाली के सामने के मंदिर के पुजारी की मृत्यु हो गई।
लगातार आंसू गैस के गोले भी दागे जा रहे थे। राम बाग भवन के ऊपरी तल से एक साधु आंसू गैस
से परेशान लोगों के लिए बाल्टी में भर-भरकर पानी फेंक रहा था। बंदूक उसकी ओर तनती है। गोली चलती है और वह कटे पेड़ की तरह नीचे गिर पड़ता है।
देर शाम तक तक अयोध्या में मरघटी सन्नाटा था। मंदिरों के पट बंद। शाम होते आसपास के वातावरण को भक्तिमय बनाने वाले घंटे-घड़ियाल स्तब्ध! जिस नगरी में घर-घर रामलला विराजते हों और उन्हें हर शाम खाना परोसा जाता हो, वहां शाम का भोग कहीं नहीं लगा। लोगों को हताशा और क्रोध के मिलेजुले
भाव ने घेर रखा था। देर रात कोई डेढ़ हजार लोगों ने कमिश्नर मधुकर गुप्ता की कोठी को घेर लिया।
लोग उनके घर में घुस गए। सब एक ही बात पूछ रहे थे, कारसेवकों पर गोलियां क्यों चलाई?
अयोध्या को उस रात नींद नहीं आई। रामधुन में मग्न रहने वाली नगरी के मन-मस्तिष्क को पूरी रात
गोलियों की तड़-तड़ और चीख-पुकार ने उलझाए रखा था। रात के अंधेरे में जो झंडा आम लोगों ने
उठाया था, 3 नवंबर को भोर की किरणों के साथ उसे अफसरों की पत्नियों ने थामा। कमिश्नर पर प्रश्नों की बौछार वहीं से शुरू हुई, जहां बीती रात आम लोगों ने छोड़ा था। अफसरों की पत्नियों ने पूछा-‘ निहत्थे कारसेवकों पर गोलियां क्यों चलाईं? आप मुख्यमंत्री के अलोकतांत्रिक आदेशों को क्यों मान रहे हैं?
🚩जय सीताराम🚩
सोर्स Panchjanya
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मोदी नही तो कोन?
नीति कहती है जब तुम्हारी शक्ति ना हो तब तक
यदि चुनना ही पड़े तो उसे चुनो जो थोड़ा तो तुम्हारे नजदीक हो और अपनी शक्ति बढ़ाते रहो
मैं यहां बीजेपी की बात नही बोल रहा क्योंकि यहां अनेकों निमम्मे नेता हैं जो काम कुछ नही करेंगे केवल मोदी के नाम की रोटी खाएंगे जिसके परिणाम बाद में नकारात्मक ही रहेंगे
यहां बात है मोदी और योगी की इनके अलावा किसी भी विपक्ष की पार्टी में मुझे सनातन समर्थक लोग नही दिखते
बल्कि मुस्लिम लिग जैसी पार्टियां दिखती है जो खुलेआम हिंदुओ को मंदिर के आगे लटकाने की बात बोलती है
मुझे राहुल गांधी के वे अनेकों बयान दिखते हैं जो बोलते हैं की वो हिंदुत्व का नाश कर देंगे वो बोलते हैं की मंदिर में जाने वाले लड़किया छेड़ते हैं
मुझे तो मोदी योगी पर पूरा भरोसा है क्योंकि तुम और मैं वो नही देख सकते जो वे उस स्थान से देख सकते हैं इनकी योग्यता तुमसे मुझसे कई कई गुना अधिक है,
अपने सनातनी नेता पर भरोसा रखो
ओर घर से बाहर निकलो वोट डालो अपने सनातनियो को जिताने के लिए,
वरना गजवाएहिंद का स्वप्न देखने वाले तो अपने मत को जिताने के लिए सह परिवार वोट डालने जा रहे हैं
🚩जय आर्यवर्त 🚩
नीति कहती है जब तुम्हारी शक्ति ना हो तब तक
यदि चुनना ही पड़े तो उसे चुनो जो थोड़ा तो तुम्हारे नजदीक हो और अपनी शक्ति बढ़ाते रहो
मैं यहां बीजेपी की बात नही बोल रहा क्योंकि यहां अनेकों निमम्मे नेता हैं जो काम कुछ नही करेंगे केवल मोदी के नाम की रोटी खाएंगे जिसके परिणाम बाद में नकारात्मक ही रहेंगे
यहां बात है मोदी और योगी की इनके अलावा किसी भी विपक्ष की पार्टी में मुझे सनातन समर्थक लोग नही दिखते
बल्कि मुस्लिम लिग जैसी पार्टियां दिखती है जो खुलेआम हिंदुओ को मंदिर के आगे लटकाने की बात बोलती है
मुझे राहुल गांधी के वे अनेकों बयान दिखते हैं जो बोलते हैं की वो हिंदुत्व का नाश कर देंगे वो बोलते हैं की मंदिर में जाने वाले लड़किया छेड़ते हैं
मुझे तो मोदी योगी पर पूरा भरोसा है क्योंकि तुम और मैं वो नही देख सकते जो वे उस स्थान से देख सकते हैं इनकी योग्यता तुमसे मुझसे कई कई गुना अधिक है,
अपने सनातनी नेता पर भरोसा रखो
ओर घर से बाहर निकलो वोट डालो अपने सनातनियो को जिताने के लिए,
वरना गजवाएहिंद का स्वप्न देखने वाले तो अपने मत को जिताने के लिए सह परिवार वोट डालने जा रहे हैं
🚩जय आर्यवर्त 🚩
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क्या और कोई नेता इतना स्पष्ट बोल सकता है, यदि मैने सनातन धर्मी होने के बाद भी मोदी जी को नहीं चुना तो गद्दार हूं मैं अपने सनातन धर्म का,
2030 तक देश पूरा बदलने वाला है ये हम पर निर्भर करेगा की वो बदलाव हमारे पक्ष में होंगे या हमारे विपक्ष में
🚩केवल मोदी और योगी 🚩
2030 तक देश पूरा बदलने वाला है ये हम पर निर्भर करेगा की वो बदलाव हमारे पक्ष में होंगे या हमारे विपक्ष में
🚩केवल मोदी और योगी 🚩
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नरेंद्र मोदी को जिंदा 400 फ़ीट अंदर गाड़ देंगे
नज़रुल इस्लाम JMM ने कहा,
सनातन धर्म डेंगू-मलेरिया की तरह, इसे खत्म करेंगे।
उदयनिधि स्टालिन ने कहा
मोदी के आने से देश में आग लग जाएगी,
राहुल गांधी ने कहा
देश का संविधान खत्म हो जाएगा,
ओवैसी ने कहा
मुस्लिमों की नागरिकता छीन ली जाएगी,
ममता बनर्जी ने कहा
हिन्दू धर्म में जो शक्ति है उसको खत्म कर देंगे,
राहुल गांधी ने बोला
देश में 2024 के बाद कभी चुनाव नहीं होंगे,
ममता बनर्जी ने बोला
मोदी का कोई बच्चा नहीं है, कोई परिवार नहीं है
लालू यादव ने कहा
इतने विवादित बयान से लोकतंत्र खतरे में नहीं आया, लेकिन PM मोदी के एक तथ्यात्मक बयान से लोकतंत्र खतरे में आ गया।
नज़रुल इस्लाम JMM ने कहा,
सनातन धर्म डेंगू-मलेरिया की तरह, इसे खत्म करेंगे।
उदयनिधि स्टालिन ने कहा
मोदी के आने से देश में आग लग जाएगी,
राहुल गांधी ने कहा
देश का संविधान खत्म हो जाएगा,
ओवैसी ने कहा
मुस्लिमों की नागरिकता छीन ली जाएगी,
ममता बनर्जी ने कहा
हिन्दू धर्म में जो शक्ति है उसको खत्म कर देंगे,
राहुल गांधी ने बोला
देश में 2024 के बाद कभी चुनाव नहीं होंगे,
ममता बनर्जी ने बोला
मोदी का कोई बच्चा नहीं है, कोई परिवार नहीं है
लालू यादव ने कहा
इतने विवादित बयान से लोकतंत्र खतरे में नहीं आया, लेकिन PM मोदी के एक तथ्यात्मक बयान से लोकतंत्र खतरे में आ गया।
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ये जानकारी आपको होनी चाहिए, आखिर में विजय बाबा रामदेव जी की ही होगी
https://youtu.be/Lb2GuSV3-TI?si=hMDQCtO67n0rt4-u
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बाबा रामदेव केस सुप्रीमकोर्ट में IMA का खेला उल्टा हो गया
Download APP for Judicial Classes
https://play.google.com/store/apps/details?id=co.iron.lggqm
your contribution for
UPI--- dkdubaysir@oksbi
A/C --MMD EDUCATION AND RESEARCH FOUNDATION
A/C Number - 1347102000005906 ( current account )
ifsc code.…
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पतंजलि के समान वास्तव में बहुत बढ़िया है 2010 के आस पास से ही प्रयोग कर रहा हूं , ओर मेरे जितने भी आर्य मित्र हैं वे सभी पतंजलि का ही समान लाते हैं कभी कोई समस्या नही है
कल कुछ समान लाया था सोचा आपको भी दिखा दूं, कुछ भाई दूसरे के बहकावे में आकर उलझन में रहते हैं
हम सभी को सनातन धर्मी बाबा रामदेव का ही समर्थन करना चाहिए ओर यही उचित उत्तर होगा जिहादी मियालॉर्ड ओर उसके चमचों को
सच ये है की भारत में हिन्दू दूसरे दर्जे का नागरिक रहा है , एक सनातनी बाबा ने व्यापार कैसे कर लिया इसके कारण विरोधियों के पिछवाड़े में बवासीर हुआ पडा है,
हिंदुओ में कमी है जातिवाद की यही कारण है की बहुसंख्यक होने के बाद भी भारत को हिंदू राष्ट्र नही बना सका वर्ना सारी समस्याओं का समाधान हो चुका होता
कल कुछ समान लाया था सोचा आपको भी दिखा दूं, कुछ भाई दूसरे के बहकावे में आकर उलझन में रहते हैं
हम सभी को सनातन धर्मी बाबा रामदेव का ही समर्थन करना चाहिए ओर यही उचित उत्तर होगा जिहादी मियालॉर्ड ओर उसके चमचों को
सच ये है की भारत में हिन्दू दूसरे दर्जे का नागरिक रहा है , एक सनातनी बाबा ने व्यापार कैसे कर लिया इसके कारण विरोधियों के पिछवाड़े में बवासीर हुआ पडा है,
हिंदुओ में कमी है जातिवाद की यही कारण है की बहुसंख्यक होने के बाद भी भारत को हिंदू राष्ट्र नही बना सका वर्ना सारी समस्याओं का समाधान हो चुका होता
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