अमित आर्यावर्त (भारत योगी)
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वैदिक धर्म का प्रचार ही हमारा मकसद होना चाहिए वैदिक धर्म बचेगा तभी देश बचेगा

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ये वीडियो देखिए देश के सबस बडे डॉक्टर ने सर्जरी में एक्यूप्रेशर से बचाई जान https://youtu.be/4fqN3CHfi4w?si=-fDOSv-2zQToJ91l
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एलोपैथी चिकित्सा पद्धति विदेशी है, इसी कारण इसे सीखने वाले ज़्यादातर लोग प्राकृतिक चिकित्साओं के विरोधी होते हैं और नास्तिक भी, तथा ब्रह्मचर्य के महत्व को नहीं समझते और उसकी निंदा करते हैं।

किंतु योग, आयुर्वेद, एक्यूप्रेशर, प्राकृतिक चिकित्सा, हवन चिकित्सा आदि को सीखने वाले ज़्यादातर लोग आस्तिक होते हैं और अपनी संस्कृति का अधिक सम्मान करते हैं।

मूल बात यह है कि शिक्षा से ही तय होता है कि समाज कैसा बनेगा, और मुख्य प्रश्न यह है कि शिक्षा का मूल क्या है।

क्योंकि भारत और विश्व में फैली प्राचीन, प्रकृति अनुकूल सभी शिक्षाओं का मूल वेद है, इसी कारण यहाँ ब्रह्मचर्य, ईश्वर-भक्ति, परोपकार, करुणा, यम नियम, पर अधिक ज़ोर दिया जाता है।

एक सच यह भी है कि वर्तमान समय में एलोपैथी जैसा फैलाव किसी अन्य चिकित्सा पद्धति का नहीं है। इसलिए आपातकाल में यह आज जीवन-रक्षक का कार्य करती है और आवश्यकता अनुसार इसका प्रयोग करना चाहिए, किंतु इसके साथ थोड़ी सावधानी भी रखनी चाहिए।

एक्यूट रोग में एलोपैथी और क्रोनिक रोगों में एक्यूप्रेशर चिकित्सा।

और यदि कोई जानकार मिल जाए, तो एक्यूट में भी एक्यूप्रेशर बहुत बढ़िया और तेज़ी से काम करता है।

इसी प्रकार आयुर्वेदिक औषधियां भी बहुत बहुत बढ़िया कार्य करती हैं, मेरी जानकारी में किसी को गले में कोई गांठ हुई अंदर की तरफ दर्द होता खाना भी ठीक से ना खाया जाता , कही दिखवाया तो कैंसर बताया किंतु उसने उसमें कोई चीरा फाड़ नहीं करवाई, उसने अपनी चिकित्सा एक आयुर्वेदिक डॉक्टर से करवाई और वो आज ठीक है , ओर बहुत सस्ते में चिकित्सा हो गई, ना उसका घर बिका ना कर्जा हुआ

✍️ आर्यपुत्र
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“आप सभी कृपया यह वीडियो देखिए और समझिए। इससे आपको स्पष्ट हो जाएगा कि आने वाले समय में, और अभी भी, हमें भयंकर रोगों से कैसे लड़ना है। आयुर्वेद का ही भाग यह विद्या आपके जीवन को हर प्रकार से सुरक्षित रखने में सक्षम है और इसका कोई दुष्परिणाम नहीं है। अब तो देश के बड़े-बड़े डॉक्टर, विशेष रूप से वे जो सच्चे भारतीय हैं, स्वयं इसका प्रयोग करके मरीजों को ठीक कर रहे हैं।”
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दमा 7 प्रकार का होता है ओर ये एक्यूप्रेशर से ठीक हो सकता है देखिए नीचे ओर पहचानिए आपको किस प्रकार का दमा है

1, उग्र श्वांस नली का दमा दौरा दमे का एकाएक, जब पड़ जाये ऐसे में रोगी जब, लेट न पाये बैठे बैठे झुककर, वो रात बिताये
(इसमें एकाएक सांस छोड़ने में तकलीफ होती है तथा खांसी आती है तथा बलगम निकलता है।)

2, पुराना श्वांस नली का दमा फेफेड़े जनित अस्थमा, जब पुराना हो जाता बैठे में भी सांस फूलना, प्रातः ही प्रारम्भ हो जाता Chronic Bronchial अस्थमा, ये कहलाता (इसमें पुरानी सांस छोड़ने की परेशानी होती तथा खांसी आती है तथा बलगम निकलता है।)

3, Cardiac Asthama हृदय जनित दमा हृदयजनित अस्थमा, जब हो जाता चलने चढ़ने में सांस फूलने, तब लग जाता डाक्टरी भाषा में, Cardiac Asthama ये कहलाता (Cardiac Asthama में exertion से सांस फूलती है)

4, Renal Asthama
किडनी जनित अस्थमा, किडनी जनित अस्थमा, जब हो जाता लेने में सांस, कष्ट तब होने लग जाता डाक्टरी भाषा में Renal Asthama, ये कहलाता (Renal Asthama में सांस लेने में तकलीफ होती है)

5, Asthama caused by Liver लीवर जनित दमा लीवर जनित अस्थमा, व्यक्ति को जब हो जाता ओंठ नाखुन काले, Cyanosis तब हो जाता डाक्टरी भाषा में, Cyanotic Asthma ये कहलाता

6, Allergic Asthama
एलर्जी जनित दमा एलर्जी जनित अस्थमा, व्यक्ति जब हो जाता छींके आती, सांस फूलता, esinophillia भी हो जाता डाक्टरी भाषा में allergic asthama, ये कहलाता

7, . Asthama caused by Spleen प्लीहा जनित दमा प्लीहा जनित अस्थमा, व्यक्ति को जब हो जाता अग्नि मद्य से छाती में गैस, बलगम अवरूद्ध हो जाता डाक्टरी भाषा में Dyspeptic Asthama ये कहलाता
(इसमें बलगम बहुत ज्यादा मात्रा में निकलता है तथा सांस फूलती है। सारा खाया पिया बलगम बन जाता है)

विशेष – , एक्यूप्रेशर से तो ये सब ठीक होगा ही, किंतु यदि आप अनुलोम विलोम शुरू करें शुरुआत अपने अनुसार 5 मिनट से बढ़कर धीरे धीरे धीरे धीरे धीरे समय बढ़ाते हुए कुछ महीने में 40 मिनट लेकर जाइए इससे बहुत लाभ होता है, किंतु बिना हिले डुले करें एक दम स्थिर

ओर साथ में सांसो पर ध्यान लगाना सीखिये ओर अंत में ब्रह्मास्त्र साँस के साथ ओ३म् को जोड़ लीजिए ओ३म् की जो ऊर्जा है वो ओर किसी में नहीं है इसे जोड़िए ओर देखिये फिर इन सबका जादू

🚩आर्यपुत्र मनुवादी 🚩
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मैं तो ऐसे हिंदुओं से कहता हूँ कि भाई, ये फेरों का ढोंग भी क्यों कर रहे हो? मुसलमानों की तरह तीन बार “कबूल” बोल लो, और भी जल्दी विवाह हो जाएगा तुम्हारा।

बात ये है कि हिंदुओं की शादी में एक बड़ा ही गलत काम चल रहा है। हिंदू गंदे-भद्दे गानों पर नाचने में कई घंटे बर्बाद कर देता है। दारू पीने में और दुनिया भर की बकवास नौटंकी में बहुत ज्यादा समय खराब कर देता है।

किंतु जब बात फेरों की आती है तो कहता है — “पंडित जी, जल्दी करवा दो फेरे।”

अरे, ज़रूरत क्या है? फेरों की जगह “कबूल” बोलकर काम चला लो! वैसे भी तुम रात को विवाह करके पिशाच कर्म कर रहे हो, ये कोई विवाह थोड़े ही रह गया है।

विवाह तो बहुत ही पवित्र होता है। तुम तो विवाह के नाम पर न जाने क्या गंद मचा रहे हो।

खैर, मचाते रहो… क्योंकि अब गिनती के ही सनातनी बचे हैं। जो श्रद्धा से अपनी परम्पराओं का पालन करते होंगे

🚩आर्यपुत्र मनुवादी🚩
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🙏🚩सादर नमस्ते जी🙏🚩

आपको एवं आपके समस्त परिजनों व प्रियजनों को वासन्तीय नवशस्येष्टि (होलिकोत्सव) पर्व की ढेरों शुभकामनाएँ

परमपिता परमात्मा से प्रार्थना है कि यह पर्व आपके जीवन में सुख-समृद्धि, वैभव और नव उमंग भर दे एवं आप अपने जीवन में निरंतर उत्तरोत्तर उन्नति को प्राप्त हों
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सर्वाइकल वेक्सीन से हुई थी लड़कियों की मौत?

चेतावनी :– बिल्गेट ने एक पॉडकास्ट में बोला था कि भारत उसके लिए एक प्रयोगशाला है, सफल हुए तो दुनिया में चला देते हैं , यानी उसकी नजर में हम कीड़े मकोड़े से ज्यादा कुछ नहीं हैं


वर्ष 2009 में भारत के आंध्र प्रदेश (खम्मम जिला) और गुजरात (वडोदरा) में लड़कियों पर HPV वैक्सीन प्रोजेक्ट चलाया गया।

इसमें लगभग 10–14 साल की आदिवासी व गरीब परिवारों की लड़कियाँ शामिल थीं।

यह प्रोजेक्ट PATH (Program for Appropriate Technology in Health) नाम की एक अंतरराष्ट्रीय संस्था चला रही थी।

इस प्रोजेक्ट को Bill & Melinda Gates Foundation से फंडिंग (अनुदान) मिला था।

ट्रायल के दौरान 14लड़कियों की मौत की खबर आई:


नोट:– ध्यान रहे आपका शरीर आपका है किसी की प्रयोगशाला नहीं है, पता नहीं कितने अनगिनत मनुष्यों की हत्या की गई है अब तक

ये सब जानकारी सार्वजनिक है खुद खोज लीजिए विश्वास ना हो तो ओर हां कुछ अपना दिमाग भी लगा लेना क्योंकि बहुत सी बाते दबा ली जाती हैं

🚩आर्यपुत्र मनुवादी🚩
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जब कोई पुरुष चरित्रहीन हो जाता है तो वह कितना गिर जाता है। मेरी जानकारी में एक व्यक्ति जो चरित्रहीन हो गया, उसने अपनी पत्नी, अपनी बेटी और अपने बेटे को छोड़ दिया, और फिर अपना धर्म भी छोड़ दिया केवल अपने जैसी चरित्रहीन महिला के लिए।

मतलब यह क्या है? केवल सेक्स के लिए, ताकि वह अब दूसरी महिला से सम्भोग कर सके। उसे वह अपनी पत्नी से ज्यादा जवान लगी।

आखिर है तो वही मांस का लोथड़ा। मृत्यु के बाद तुम उस प्यारे समझने वाले शरीर को 2 दिन भी अपने साथ नहीं रख पाओगे, तो यह कैसी वासना?

यदि यह गंदा काम प्राचीन काल के भारत में किसी नीच ने किया होता, तो उस पुरुष को जलते हुए लोहे के पलंग पर लिटाकर भस्म कर देते और उस स्त्री को कुत्तों से नुचवा कर मारते। क्योंकि चरित्रहीन मनुष्य उस सड़े हुए फल की तरह है, जिसके कारण सही फल भी खराब होने लगते हैं। देखलो परिणाम आज समाज में ऐसे स्त्री पुरुषों की भरमार हो चुकी है।

आज हमारे भारत का संविधान भारत के लोगों के घरों को नहीं बचा पा रहा है, और सबसे बड़ी बात यह है कि भारत के लोगों को कोई अंतर नहीं पड़ता। इस विषय पर कभी भी कोई ट्रेंड नहीं चलता या चर्चा नहीं होती।

मुझे हमेशा से ही लगता है कि हमें अपना जीवन भावनाओं के आधार पर नहीं, बल्कि धर्म के आधार पर जीना चाहिए। केवल धर्म ही है जो हमें बचाकर रखता है और आसानी से यह जीवन यात्रा पूरी करवा देता है।

तुम अपने माता-पिता, भाई-बहन, पत्नी और बच्चों की सेवा इसलिए मत करो कि वे तुम्हारे अपने हैं और तुम्हारी भावना उनसे जुड़ी है, बल्कि उनकी सेवा इसलिए करो क्योंकि यह तुम्हारा धर्म है। भावनाओं का क्या है, वे तो बदल सकती हैं; किन्तु यदि कुछ नहीं बदलता, तो वह है धर्म।

🚩आर्य पुत्र मनुवादी🚩
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ये योगी जी की पुलिस है , नाम तो पता ही होगा 🚩योगी🚩
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लवजिहाद की शिकार मत बनो
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आज से विक्रम संवत 2083 का शुभारंभ हो गया है। चक्रवर्ती महाराजा विक्रमादित्य ने आज से 2083 वर्ष पूर्व विक्रम संवत की स्थापना की थी। 🙏

उनके पश्चात वैसा गौरवशाली भारत पुनः निर्मित नहीं हो सका। विदेशी इतिहासकारों ने उनके नाम को दबाने का भरसक प्रयास किया,

किन्तु आज भी उनका नाम गांव-गांव में गूंजता है। अवश्य ही महाराजा विक्रमादित्य में कोई विलक्षण विशेषता थी, जिसके कारण अथक प्रयासों के बाद भी उनका नाम मिटाया नहीं जा सका।

जो उनके नाम को मिटाने का प्रयास करते रहे, वे स्वयं इतिहास के गर्त में खो गए—उन्हें आज कोई नहीं जानता।

किन्तु उज्जैनी के नरेश, चक्रवर्ती महाराजा विक्रमादित्य को आज भी सम्पूर्ण भारत ओर नेपाल जानता और सम्मान देता है।

🚩 आप सभी को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं 🚩
— आर्य पुत्र मनुवादी
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सफेद दाग को सामान्यतः असाध्य माना जाता है, किन्तु उचित देखभाल और अनुशासन के साथ इसे नियंत्रित किया जा सकता है। इसमें सबसे अधिक प्रभाव परहेज, आपकी दिनचर्या और खान-पान का होता है।

इस वीडियो में सफेद दाग के लिए कुछ एक्यूप्रेशर पॉइंट्स के बारे में बताया गया है, साथ ही कुछ घरेलू नुस्खे और जरूरी परहेज भी साझा किए गए हैं।

आप वीडियो देखकर जरूर बताएं कि आपको यह जानकारी कैसी लगी। आगे भी मैं ऐसे ही कई महत्वपूर्ण विषयों पर वीडियो बनाता रहूंगा। https://youtu.be/24qQw6ndqoI?si=Ecb2uV16TuZqJs7U

जय श्री राम
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क्या आप अक्सर कब्ज (Constipation), पेट में गैस (Gas), एसिडिटी (Acidity), खट्टी डकारें या पाचन (Digestion) जैसी समस्याओं से परेशान रहते हैं? 🌿

सालों पुरानी इन समस्याओं का जड़ से इलाज केवल दवाइयों में नहीं, बल्कि आपकी जीवनशैली की एक छोटी सी आदत में छिपा है। आज के वीडियो में मैं आपके साथ साझा करूँगा भोजन से ठीक 1 मिनट पहले की जाने वाली वो चमत्कारी क्रिया, जो आपके पेट को मक्खन जैसा साफ़ कर देगी। 🥗✨

📅 आज दोपहर 1:15 बजे जरुर देखें । देखना न भूलें, क्योंकि स्वस्थ शरीर की शुरुआत स्वस्थ पेट से होती है! 💪
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अमित आर्यावर्त (भारत योगी) pinned «ये वीडियो देखली ओर पालन कर लिया तो पेट के रोग कब्ज गेस एसिडिटी मोटापा बवासीर आदि ठीक होंगे और आगे नहीं होंगे पक्का है https://youtu.be/fdKvl-_jUBY?si=ILQMRIz9jJkvbFUJ»