UPSSSC, LOWER PCS, PET ,UPSI, CTET, SUPER TET, UPTET ,TGT ,PGT , TEACHING , Other Exam.
एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा 6/7 एवं 21 दिसंबर को होना प्रस्तावित है अगर सब कुछ ठीक रहा तो यही डेट रहेगी लगे रहो भाइयों, जब तक तोड़ेंगे नहीं तब तक छोड़ेंगे नहीं👍👍
RO/ARO mains वालों के लिए संकेत है कि उनका पेपर दिसंबर में नहीं होगा
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Bpsc 2025,solved,with official answerkey_250920_000058.pdf
8.7 MB
मैंने आप लोगों के लिए बिहार pcs ने पूछे गए प्रश्नों को सॉल्व ऑफिशियल answer key se मिला कर डाल दिया है इसे जरूर देख ले
खास कर GS, और करेंट अफेयर्स वाले प्रश्न यहां से प्रश्न मिल सकता है
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📕 महाधिवक्ता :—
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👉 संविधान के अनुच्छेद 165 के तहत राज्य के महाधिवक्ता की व्यवस्था की गई है।
👉 महाधिवक्ता राज्यपाल के प्रसादपर्यंत पद धारण करता है।
👉 यह *राज्य का सर्वोच्च विधि अधिकारी* होता है।
👉उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की योग्यता रखने वाले व्यक्ति को राज्यपाल राज्य का महाधिवक्ता नियुक्त करता है।
👉 महाधिवक्ता को राज्य की किसी भी न्यायालय में सुनवाई का अधिकार प्राप्त है।
👉 यह राज्य विधान मंडल की कार्यवाही में भाग ले सकता है और संबोधित कर सकता है किंतु ,मत नहीं दे सकता है।
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📕सी पी राधाकृष्णन भारत के नए उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए हैं
📕उपराष्ट्रपति चुनाव अधिनियम, 1952 के अनुसार 👉
उपराष्ट्रपति देश का दूसरा सबसे बड़ा संवैधानिक पद है।
वह राज्यसभा का पदेन (Ex-officio) सभापति भी होता है।
चुनाव भारत का चुनाव आयोग कराता है।
सुप्रीम कोर्ट का कोई न्यायाधीश चुनाव अधिकारी (Returning Officer) नियुक्त होता है।
राष्ट्रपति चुनाव में सिर्फ निर्वाचित सांसद + निर्वाचित विधायक वोट डालते हैं।
लेकिन उपराष्ट्रपति चुनाव में केवल दोनों सदनों (लोकसभा + राज्यसभा) के सभी निर्वाचित और मनोनीत सांसद वोट डालते हैं।
विधायक इसमें हिस्सा नहीं लेते।
भारतीय नागरिक होना चाहिए।
न्यूनतम उम्र 35 वर्ष।
राज्यसभा का सदस्य बनने की योग्यता होनी चाहिए।
नामांकन पर कम से कम 20 सांसद प्रस्तावक और 20 सांसद अनुमोदक होना जरूरी है।
चुनाव गुप्त मतपत्र (Secret Ballot) से होता है।
इसमें एकल संक्रमणीय मत प्रणाली (Single Transferable Vote System - STV) और अनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति (Proportional Representation) अपनाई जाती है।
सांसद अपने मत की वरीयता (1, 2, 3…) अंकित करते हैं।
जिस उम्मीदवार को वैध मतों का 50% से अधिक +1 (बहुमत) प्राप्त होता है, वह विजयी होता है।
अगर कोई पहले चरण में बहुमत नहीं पाता, तो सबसे कम वोट पाने वाले उम्मीदवार को बाहर कर फिर वोटों का पुनर्वितरण होता है।
उपराष्ट्रपति का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है।
कार्यकाल पूरा होने से पहले इस्तीफा भी दे सकता है (राष्ट्रपति को पत्र लिखकर)।
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📕उपराष्ट्रपति चुनाव अधिनियम, 1952 के अनुसार 👉
उपराष्ट्रपति का पद
उपराष्ट्रपति देश का दूसरा सबसे बड़ा संवैधानिक पद है।
वह राज्यसभा का पदेन (Ex-officio) सभापति भी होता है।
चुनाव कौन कराता है?
चुनाव भारत का चुनाव आयोग कराता है।
सुप्रीम कोर्ट का कोई न्यायाधीश चुनाव अधिकारी (Returning Officer) नियुक्त होता है।
चुनाव में कौन वोट डालते हैं?
राष्ट्रपति चुनाव में सिर्फ निर्वाचित सांसद + निर्वाचित विधायक वोट डालते हैं।
लेकिन उपराष्ट्रपति चुनाव में केवल दोनों सदनों (लोकसभा + राज्यसभा) के सभी निर्वाचित और मनोनीत सांसद वोट डालते हैं।
विधायक इसमें हिस्सा नहीं लेते।
उम्मीदवार की योग्यता
भारतीय नागरिक होना चाहिए।
न्यूनतम उम्र 35 वर्ष।
राज्यसभा का सदस्य बनने की योग्यता होनी चाहिए।
नामांकन पर कम से कम 20 सांसद प्रस्तावक और 20 सांसद अनुमोदक होना जरूरी है।
मतदान प्रक्रिया
चुनाव गुप्त मतपत्र (Secret Ballot) से होता है।
इसमें एकल संक्रमणीय मत प्रणाली (Single Transferable Vote System - STV) और अनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति (Proportional Representation) अपनाई जाती है।
सांसद अपने मत की वरीयता (1, 2, 3…) अंकित करते हैं।
जीतने की शर्त
जिस उम्मीदवार को वैध मतों का 50% से अधिक +1 (बहुमत) प्राप्त होता है, वह विजयी होता है।
अगर कोई पहले चरण में बहुमत नहीं पाता, तो सबसे कम वोट पाने वाले उम्मीदवार को बाहर कर फिर वोटों का पुनर्वितरण होता है।
कार्यकाल
उपराष्ट्रपति का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है।
कार्यकाल पूरा होने से पहले इस्तीफा भी दे सकता है (राष्ट्रपति को पत्र लिखकर)।
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📕 आपात उपबंध
👉 भारतीय संविधान में तीन प्रकार के आपातकाल की व्यवस्था की गई है –
.
📕 राष्ट्रीय आपात :–
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👉 भारतीय संविधान में तीन प्रकार के आपातकाल की व्यवस्था की गई है –
राष्ट्रीय आपात , राष्ट्रपति शासन ,वित्तीय आपात
.
📕 राष्ट्रीय आपात :–
▪️ अनुच्छेद 352 में राष्ट्रीय आपात की उद्घोषणा संबंधित प्रावधान दिए गए।📕 राष्ट्रपति शासन :—
▪️ इसकी उद्घोषणा निम्न आधार पर की जाती है –युद्ध, वाह्य आक्रमण और सशस्त्र विद्रोह।
▪️ 44वे संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा *सशस्त्र विद्रोह शब्द को आंतरिक अशांति शब्द से प्रतिस्थापित* किया गया।
▪️ राष्ट्रपति आपात की घोषणा तभी करता है जबकि मंत्रिमंडल इस आशय के विषय के लिखित सूचना उसे देता है।
📕अब तक तीन बार लग चुका है
▪️ एक बार अनुमोदित हो जाने पर आपात की उद्घोषणा 6 माह तक प्रवर्तन में रहती है।
▪️ यदि लोकसभा साधारण बहुमत से आपात उद्घोषणा को वापस लेने का प्रस्ताव पारित कर देती है तो राष्ट्रपति को उद्घोषणा वापस लेनी पड़ती है।
▪️ अनुच्छेद 356 के अधीन राष्ट्रपति किसी राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू कर सकता है।📕 वित्तीय आपात :—
▪️ किसी राज्य में राष्ट्रपति को यह समाधान हो जाने पर की राज्य में संवैधानिक तंत्र विफल हो गया है,तो आपात स्थिति की घोषणा कर सकता है।
▪️ राज्य में आपात उद्घोषणा की अवधि 2 माह होती है।
▪️ यदि संसद के दोनों सदन इसे साधारण बहुमत से दो माह के भीतर अनुमोदित कर देते हैं तो ऐसी घोषणा जारी किए जाने की तिथि से 6 माह तक प्रवर्तन में रहती है।
▪️ राष्ट्रपति शासन की *अधिकतम अवधि 3 वर्ष तक* हो सकती है ।
▪️ अनुच्छेद-360 के तहत वित्तीय आपात की उद्घोषणा राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।
▪️यदि राष्ट्रपति को यह समाधान हो जाए की ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई है जिससे कि भारत या उसके किसी भाग का वित्तीय स्थायित्व संकट में है तो वह वित्तीय आपात की उद्घोषणा कर सकता है।
▪️ राष्ट्रपति केंद्रीय मंत्रिमंडल की सलाह पर ही वित्तीय आपात की उद्घोषणा करता है।
▪️ वित्तीय आपात की उद्घोषणा संसद के अनुमोदन के बिना दो माह तक प्रवर्तन में रहती है।
📕अब तक एक बार भी नहीं लगा
▪️ संसद द्वारा साधारण बहुमत से दो माह के पूर्व उद्घोषणा को अनुमोदित करने पर यह अनिश्चितकाल तक प्रवर्तन में बनी रहेगी।
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आवश्यक सूचना👉
अब हम आप लोगों को डेली सब्जेक्ट वाइस रिवीजन कराएंगे
क्या आप लोग तैयार है??
हा ❤️
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आज आप लोगों को history का मैटर उपलब्ध कराया जाएगा
📕UPPCS 2025 देने वाले अभ्यर्थी ध्यान दें
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📕polity 👉20_22 प्रश्नबस इतना ही पढ़ना है
📕geography+Environment 👉40+प्रश्न
📕science👉 22_25 प्रश्न
📕modern history 8_10 प्रश्न
📕करेंट अफेयर्स _30_35 प्रश्न
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Total _120_125 प्रश्न
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👉 लगभग 20 दिन शेष है,
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📕स्वदेशी आंदोलन
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👉7 अगस्त, 1905 को कलकत्ता टाउनहॉल में आयोजित एक विशाल बैठक में बहिष्कार प्रस्ताव के पारित होने के साथ, स्वदेशी आंदोलन की औपचारिक घोषणा की गई।
👉क्रोध करने के लि स्वदेशी आंदोलन की जड़ें विभाजन विरोधी आंदोलन में थीं, जो लॉर्ड कर्ज़न के बंगाल प्रांत को विभाजित करने के फैसले का विरोध करने के लिये शुरू किया गया था।
वर्ष 1906 में दादाभाई नौरोजी की अध्यक्षता में कलकत्ता में कॉन्ग्रेस का अधिवेशन आयोजित किया गया, जिसमें स्वशासन या स्वराज को INC के लक्ष्य के रूप में घोषित किया गया।
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📕होम रूल लीग आंदोलन
👉 तिलक की होमरूल लीग (1916)
📕 एनी बेसेन्ट की होमरूल लीग (1916)
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👉 तिलक की होमरूल लीग (1916)
👉बाल गंगाधर तिलक ने अप्रैल 1916 में अपनी इंडियन होमरूल लीग' की स्थापना की। इसकी पहली बैठक बेलगाम में हुई और पूना को इसका मुख्यालय बनाया गया।
यह संगठन मुख्यतः महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रांत और बरार क्षेत्रों में सक्रिय था। तिलक की लीग को छह शाखाओं में संगठित किया गया था। इसके प्रमुख लक्ष्य थेः स्वराज्य की मांग को बल देना, भाषायी आधार पर प्रांतों की स्थापना करना और शिक्षा का प्रसार करना। तिलक ने अपने लीग के प्रचार के लिए अपने समाचार पत्रों मराठा और केसरी का इस्तेमाल किया।
👉तिलक द्वारा स्थापित होमरूल लीग के पहले अध्यक्ष जोसेफ बैष्ठिस्टा थे और एन. सी. केलकर इसके सचिव थे।
📕 एनी बेसेन्ट की होमरूल लीग (1916)
👉 सितंबर 1916 में एनी बेसेंट ने मद्रास से 'ऑल इंडिया होमरूल लीग' की शुरुआत की। यह संगठन पूरे भारत में फैला और इसकी लगभग 200 शाखाएं बनीं।Join 👉https://t.me/Amoghclasses
👉 संगठनात्मक दृष्टि से यह लीग तिलक की तुलना में कमजोर थी, लेकिन सदस्य संख्या अधिक थी। इसमें बी. एम. वाडिया और सी.पी. रामास्वामी अय्यर जैसे नेताओं की भी सक्रिय भूमिका रही।
👉 एनी बेसेंट ने कॉमनवील और न्यू इंडिया के माध्यम से अपनी लीग का प्रचार किया। एनी बेसेंट द्वारा स्थापित होम रूल लीग के प्रथम अध्यक्ष सचिव जॉर्ज अरुंडले थे।
👉अरुंडले के अलावा इस संगठन का मुख्य कार्य बी.डब्ल्यू. वाडिया और सी.पी. रामास्वामी आईयर के द्वारा संभाला जाता था।
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📕असहयोग आंदोलन -
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👉 गांधी जी द्वारा असहयोग आंदोलन । अगस्त 1920 को प्रारंभ किया गया। पश्चिमी भारत, बंगाल तथा उत्तरी भारत में असहयोग आंदोलन को अभूतपूर्व सफलता मिली।
👉असहयोग आंदोलन के दौरान ही मोतीलाल नेहरू, लाला लाजपत राय, सरदार वल्लभभाई पटेल, जवाहरलाल नेहरू तथा राजेंद्र प्रसाद न्यायालय का बहिष्कार कर आंदोलन में कूद पड़े थे।
👉5 नवंबर 1920 को ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के अधिवेशन में गांधी जी ने असहयोग आंदोलन शुरू होने के ' 1 वर्ष के भीतर स्वराज' प्राप्त करने का नारा दिया। इसके साथ ही सरकारी उपाधि, स्कूल न्यायालयों तथा विदेशी सामानों का पूर्णतः बहिष्कार की योजना भी थी। असहयोग आंदोलन की अनेक सफलताएं है, इसी आंदोलन ने पहली बार देश की जनता को इकट्ठा किया।
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