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📕छठी शताब्दी ई.पू. की राजनीतिक दशा

💥बौद्ध ग्रंथ अंगुत्तर निकाय में छठी शताब्दी ई.पू. के 16 महाजनपदों की सूचना मिलती है, जो इस प्रकार हैं- अंग, मगध, काशी, कोसल, वज्जि, मल्ल, चेदि, वत्स, कुरु, पांचाल, मत्स्य, शूरसेन, अस्मक, अवंति, गांधार और कम्बोज ।

💥 जैन ग्रंथ भगवती सूत्र में भी 16 महाजनपदों की सूची मिलती है।

💥भारत के प्राचीनतम प्राप्त सिक्के आहत सिक्के या पंचमार्क सिक्के थे, जो चांदी के बने होते थे।

प्रसेनजित कोसल का एवं अजातशत्रु मगध का शासक था।

💥मत्स्य महाजनपद राजस्थान प्रांत के जयपुर क्षेत्र में बसा था।

💥इसकी राजधानी विराटनगर थी।

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💥 गंगा एवं सोन नदी के संगम पर स्थित पाटलिग्राम में अजातशत्रु द्वारा दुर्ग का निर्माण कराया गया। बाद में उसके पुत्र उदयिन ने पाटलिपुत्र को अपनी राजधानी बनाई।

💥उदयिन ने मगध साम्राज्य की राजधानी राजगृह से पाटलिपुत्र स्थानांतरित की।

💥मौर्यों के समय पाटलिपुत्र बौद्धों का एक बड़ा केंद्र बन गया था।

💥उदयन-वासवदत्ता की दंतकथा उज्जैन से संबंधित है।

✍️मगध साम्राज्य की महत्ता का वास्तविक संस्थापक बिंबिसार (लगभग 544-492 ई. पू.) था।

✍️गौतम बुद्ध के समय का प्रसिद्ध वैद्य जीवक बिंबिसार के दरबार से संबंधित था।

💥बिंबिसार ने अपने राजवैद्य जीवक को अवंति नरेश चंडप्रद्योत के राज्य में चिकित्सा सेवा के लिए भेजा था।

✍️बुद्धकाल में गंगाघाटी में कई गणराज्यों के अस्तित्व के प्रमाण मिलते हैं, जो इस प्रकार हैं-(1) कपिलवस्तु के शाक्य, (2) सुम- सुमारगिरि के भग्ग, (3) अलकप्प के बुलि, (4) केसपुत्त के कालाम, (5) रामगाम के कोलिय, (6) कुशीनारा के मल्ल, (7) पावा के मल्ल, (8) पिप्पलिवन के मोरिय, (9) वैशाली के लिच्छवि और (10) मिथिला के विदेह।

💥 उत्तरी पांचाल की राजधानी अहिच्छत्र थी तथा दक्षिणी पांचाल की राजधानी काम्पिल्य थी।

💥 आधुनिक बुंदेलखंड के पूर्वी तथा उसके समीपवर्ती भागों में चेदि महाजनपद स्थित था। इसकी राजधानी 'सोत्थिवती' थी।

💥 मगध में नंद वंश की स्थापना शिशुनाग वंश का अंत करके की गई थी।

💥💥चंद्रगुप्त मौर्य ने चाणक्य के सहयोग से धननंद की हत्या कर नंद वंश का अंत कर दिया।


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🔰इण्डोस्कोप Endoscope

मनुष्य के शरीर के आतरिक भागों के निरीक्षण के लिए प्रयुक्त यंत्र को अंतःदर्शी (Endoscope) कहा जाता है। इसमें प्रकाश तन्तु (optical fibre) की बनी हुई प्रकाश नलिका का उपयोग किया जाता है। इसमें पूर्ण अतिरिक परावर्तन द्वारा आंतरिक अंगों का चित्र प्राप्त किया जाता है।

🔰इण्डोस्कोप के उदाहरण हैं-

🔰ऑरिस्कोप/ओटोस्कोप (Auriscope/ Otoscope): कान के आंतरिक भाग के निरीक्षण के लिए,

🔰गौस्ट्रोस्कोप (Gastroscope): पेट के निरीक्षण के लिए,

🔰ब्रोन्कोस्कोप (Bronchoscope): गले और फेफड़ों के निरीक्षण के लिए भादि।
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CTET Re- Exam Admit Card Out (Only For 2 Exam Centres)
LT ग्रेड मुख्य परीक्षा के लिए आवेदन शुरु
विषय - विज्ञान, गृह विज्ञान, अंग्रेजी और जीव विज्ञान

फॉर्म भरने की लास्ट डेट - 16 मार्च
📕सोनार (SONAR : Sound Navigation and Ranging)

एक ऐसी युक्ति है, जिसमें जल में स्थित पिण्डों की दूरी, दिशा तथा चाल मापने के लिए पराध्वनि तरंगों का उपयोग किया जाता है।

📕मात्रक👉

डेसीबल ध्वनि के स्तर का मात्रक है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 45 डेसीबल तक की ध्वनि को कर्णप्रिय एवं मानवीय स्वास्थ्य के लिए सर्वाधिक सुरक्षित बताया है।

📕प्रतिध्वनि -👉 किसी परावर्तक वस्तु जैसे किसी इमारत अथवा किसी पहाड़ के निकट जोर से चिल्लाने या ताली बजाने पर कुछ समय पश्चात वही ध्वनि फिर से सुनाई देती है। पुनः सुनाई देने वाली इस ध्वनि को प्रतिध्वनि कहते हैं।

👉हमारे मस्तिष्क में ध्वनि की संवेदना लगभग 0.1 सेकंड तक बनी रहती है।

👉अतः स्पष्ट प्रतिध्वनि सुनने के लिए मूल ध्वनि तथा परावर्तित ध्वनि के बीच कम से कम 0.1 सेकंड का समयांतराल अवश्य होना चाहिए।

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ईरान के सरकारी टीवी ने पुष्टि की है कि आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की मौत हो चुकी है.


ईरान में सत्ता परिवर्तन तय
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🔰 पिरामिड

🔰जीव संख्या का पिरामिड -  ऐसे पिरामिड जिसको संख्या के आधार पर हम देखते हैं जीव संख्या का पिरामिड कहा जाता है

जीव संख्या का पिरामिड उल्टा सीधा दोनों प्रकार का हो सकता है जैसे घास स्थलीय ,फसल स्थलीय परिस्थिति तंत्र का पिरामिड सीधा जबकि वृक्ष का पिरामिड उल्टा बनता है l


🔰जीव भार का पिरामिड - ऐसा पिरामिड जिसको हम भार के आधार पर देखते हैं l

स्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र में जीव भार का पिरामिड सीधा जब की जलीय पारिस्थितिकी तंत्र में जीव भार का पिरामिड उल्टा बनता है

🔰संचित ऊर्जा का पिरामिड -  ऐसे पिरामिड जिसको हम ऊर्जा के आधार पर देखते हैं

नोट 👉ऊर्जा का पिरामिड सदैव सीधा बनता है l


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