📕लखनऊ: यूपी का पहला 'जीरो वेस्ट' शहर
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👉हाल ही में लखनऊ नगर निगम ने शिवरी सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के माध्यम से शहर को उत्तर प्रदेश का पहला जीरो फ्रेश वेस्ट डंप सिटी (Zero Fresh Waste Dump City) घोषित किया है।
👉यह प्लांट प्रतिदिन लगभग 2,100 मीट्रिक टन कचरे को प्रोसेस करने की क्षमता रखता है।
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📕अंडमान और निकोबार
कुल 572 द्वीप
👉10°अंडमान को निकोबार से अलग करता है
👉 सर्वोच्च चोटी _सैंडल पीक
👉 डेक्कन पास
📕भारत का दक्षिणी प्वाइंट 👉 इन्दिरा पॉइंट/पिगमेलियन पॉइंट ( ग्रेट निकोबार द्वीप पर स्थित)
👉6° ग्रेट निकोबार को सुमात्रा से अलग करता है
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कुल 572 द्वीप
👉10°अंडमान को निकोबार से अलग करता है
👉 सर्वोच्च चोटी _सैंडल पीक
उतरी अंडमान 👉 नारकोंड ज्वालामुखी
मध्य अंडमान👉 बैरन द्वीप ज्वालामुखी
👉 डेक्कन पास
दक्षिण अंडमान और लिटिल अंडमान के बीच
📕भारत का दक्षिणी प्वाइंट 👉 इन्दिरा पॉइंट/पिगमेलियन पॉइंट ( ग्रेट निकोबार द्वीप पर स्थित)
👉6° ग्रेट निकोबार को सुमात्रा से अलग करता है
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UPSSSC, LOWER PCS, PET ,UPSI, CTET, SUPER TET, UPTET ,TGT ,PGT , TEACHING , Other Exam.
1857 विद्रोह में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जगहों से किस-किस ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई
👉🏼1922 में गोरखपुर चौरी चौरा में हुई हिंसक घटना ने पूरे देश में चल रहे असहयोग आंदोलन को प्रभावित किया
👉🏼 क्रांतिकारी आंदोलन के दूसरे चरण में चाहे वह काकोरी कांड हो या चंद्र शेखर आजाद द्वारा किए गए कई कृत्य हो इन सब में उत्तर प्रदेश का योगदान जरूर रहा है
👉🏼 गांधीजी के नमक तोड़ने के कानून का पालन उत्तर प्रदेश में भी किया गया और 8 अप्रैल 1930 को रायबरेली में नमक बनाया गया जिसे पंडित मोतीलाल नेहरु ने नीलाम भी किया था
👉🏼 फरवरी 1918 में यूपी में "किसान सभा" की स्थापना की गई इसका श्रेय गौरी शंकर मिश्र इन्द्र नारायण द्विवेदी व मदन मोहन मालवीय को जाता है।
👉🏼 17 अक्टूबर 1920 को बाबा रामचंद्र के प्रयास से "अवध किसान सभा" का गठन हुआ
👉🏼 1921 -22 मई रायबरेली हरदोई व आसपास के क्षेत्रों में अंग्रेजों के विरुद्ध एक किसान विद्रोह "एका आंदोलन" प्रारंभ हुआ जिसका नेतृत्व मदारी पासी एवं सहदेव ने किया।
👉🏼 1935 में संयुक्त प्रांत वर्तमान के उत्तर प्रदेश में किसान संघ की स्थापना हुई
👉🏼 1936 में अखिल भारतीय किसान सभा का गठन लखनऊ में हुआ जिसकी अध्यक्षता स्वामी सहजानंद सरस्वती ने की।
👉🏼 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में भी उत्तर प्रदेश के बलिया में करो या मरो का सर्वाधिक प्रभाव पड़ा
👉🏼 चित्तू पांडे के नेतृत्व में बलिया के अस्थाई सरकार की स्थापना की गई 20 अगस्त को बलिया के हनुमानगंज की कोठी में नई सरकार का शपथ ग्रहण हुआ
👉🏼 आजादी के सम्मान में गाया जाने वाला झंडा गीत (विजयी विश्व तिरंगा प्यारा) के रचयिता स्वर्गीय श्यामलाल गुप्त पार्षद उत्तर प्रदेश के कानपुर की ही माटी के फूल थे।
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हीट इंडेक्स
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उच्च आर्द्रता पसीने के वाष्पीकरण को कम करती है, जिससे शरीर वास्तविक तापमान से अधिक गर्म महसूस करता है, जबकि कम आर्द्रता तेज़ी से ठंडक की अनुमति देती है, जिससे यह ठंडा महसूस होता है।
जैसे-जैसे तापमान और आर्द्रता बढ़ती है, हीट इंडेक्स बढ़ता है, जिससे हीट एग्जॉशन और हीट स्ट्रोक जैसी गर्मी से संबंधित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
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"
महसूस होने वाला" तापमान है, जिसकी गणना हवा के तापमान और सापेक्ष आर्द्रता को मिलाकर की जाती है।
उच्च आर्द्रता पसीने के वाष्पीकरण को कम करती है, जिससे शरीर वास्तविक तापमान से अधिक गर्म महसूस करता है, जबकि कम आर्द्रता तेज़ी से ठंडक की अनुमति देती है, जिससे यह ठंडा महसूस होता है।
जैसे-जैसे तापमान और आर्द्रता बढ़ती है, हीट इंडेक्स बढ़ता है, जिससे हीट एग्जॉशन और हीट स्ट्रोक जैसी गर्मी से संबंधित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
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📕सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी
'भारत में महिलाएं और पुरुष 2025' रिपोर्ट-
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'भारत में महिलाएं और पुरुष 2025' रिपोर्ट-
👉जन्म के समय लिंग अनुपात में सुधार होकर 917 (2021-23) हो गया;
👉अरुणाचल प्रदेश में यह सबसे अधिक (1085) और झारखंड में सबसे कम (899) रहा।
👉साक्षरता में लैंगिक अंतर 14.4% है;
महिलाओं की साक्षरता दर पुरुषों की साक्षरता दर से अधिक है;
👉 ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की जीवन निर्वाह दर (LFPR) बढ़कर 45.9% हो गई है।
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📕 संविधान सभा में 15 महिलाएँ चुनी गई थी, उनके नाम हैं :–
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1. राजकुमारी अमृत कौर
2. दुर्गाबाई देशमुख
3. सुचेता कृपलानी
4. हंसा मेहता
5. विजय लक्ष्मी पण्डित
6. बेगम एजाज रसूल
7. अम्मू स्वामीनाथन
8. रेणुका रे
9. पूर्णिमा बनर्जी
10. एनी मस्कारिन
11. कमला चौधरी
12. दक्षयानी वेलायुधान
13. मलाती चौधरी
14. सरोजनी नायडू
15. लीला (नाग) राय
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📕U.P जनगणना से सम्बंधित महत्वपूर्ण तथ्य - 2011
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सर्वाधिक जनसंख्या वाले 5 जिले-
प्रयागराज > मुरादाबाद > गाजियाबाद > आजमगढ़ > लखनऊ
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न्यूनतम जनसंख्या वाले 5 जिले-
महोबा < चित्रकूट < हमीरपुर < श्रावस्ती < ललितपुर
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सर्वाधिक पुरुष जनसंख्या वाले 5 जिले
प्रयागराज > मुरादाबाद > गाजियाबाद > कानपुर नगर > लखनऊ
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सर्वाधिक महिला जनसंख्या वाले 5 जिले
प्रयागराज > आजमगढ़ > जौनपुर > मुरादाबाद > लखनऊ
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सर्वाधिक दशकीय वृद्धि दर वाले 5 जिले-
गौतमबुद्ध नगर > गाजियाबाद > श्रावस्ती > बहराइच > बलरामपुर
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न्यूनतम दशकीय वृद्धि दर वाले 5 जिले-
कानपुर नगर < हमीरपुर < बागपत < फतेहपुर < देवरिया
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📕Up के सांस्कृतिक तत्व
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राज्य ललित कला अकादमी - लखनऊ (1962)
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उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी - लखनऊ (1969) (पूर्व नाम उत्तर प्रदेश नाट्य भारती - 1963)
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भारतेन्दु नाट्य अकादमी - लखनऊ (1975)
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राष्ट्रीय कथक संस्थान - लखनऊ
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जनजाति एवं लोक कला संस्कृति संस्थान - लखनऊ
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कला एवं शिल्प महाविद्यालय - लखनऊ
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भारतीय कला भवन - वाराणसी (1920)
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उत्तर प्रदेश चलचित्र निगम - 1975
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एकमात्र शास्त्रीय नृत्य - कथक
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भातखंडे संगीत संस्थान (अब - भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय) - 1966
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उत्तर प्रदेश की कुछ प्रमुख नहरें:
ऊपरी गंगा नहर का निर्माण कार्य 1840 1854 के मध्य किया गया। इसे हरिद्वार के समीप गंगा के दाहिने किनारे से निकाला गया है। इसके मुख्य नहर की लंबाई 340 किमी. है। वर्ष 2006 से इसका आधुनिकीकरण किया गया। इस नहर से सहारनपुर, मेरठ, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, मथुरा, मैनपुरी, इटावा कानपुर, फर्रुखाबाद की लगभग 7 लाख हे भूमि की सिंचाई की जाती है।
मध्य गंगा नहर परियोजना के अंतर्गत बिजनौर जनपद के समीप गंगा नदी पर बैराज बनाकर लगभग 115 किमी. लंबी नहर निकाली गई है। इस नहर को ऊपरी गंगा नहर में मिला दिया गया है इस नहर से गाजियाबाद, हाथरस, फिरोजाबाद, मथुरा, अलीगढ़, बुलंदशहर आदि जिलों में सिंचाई की जाती है। निचली गंगा नहर इस नहर का निर्माण 1878 ई. में किया गया। इस नहर को बुलंदशहर के नरोरा नामक स्थान से निकाला गया है। इस नहर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लगभग सभी जिलों में सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध करायी गयी हैं। जिसमें प्रदेश के लगभग 7 लाख हे. भूमि की सिंचाई की जाती है। इस नहर की कुल लंबाई 8,800 किमी. है।
शारदा नहर
का निर्माण 1928 ई. में किया गया। इस नहर को शारदा या काली नदी या महाकाली नदी से निकाला गया है जो उत्तर प्रदेश नेपाल सीमा से निकलती है। यह प्रदेश की सबसे लंबी नहर प्रणाली है जिसकी कुल लंबाई 12,368 किमी. है। शारदा नहर से प्रदेश के प्रयागराज, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, रायबरेली, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, सीतापुर, हरदोई, लखीमपुर, पीलीभीत, बरेली, शाजहाँपुर जिले लाभान्वित होते हैं।
आगरा नहर को यमुना नदी के दायें किनारे से निकाला गया है। जो आगरा के ओखला से निकलती है इसका निर्माण 1874 ई. में किया गया। इस नहर की कुल लंबाई 1600 किमी. है इस नहर से प्रदेश के आगरा, मथुरा जिलों में सिंचाई सुविधाएं पहुँचायी गयी हैं।
उत्तर प्रदेश की कुल सिंचित भूमि में नहरों का योगदान लगभग 15 से 16 प्रतिशत का है।
नहरों की सीमा और उद्गम स्थल
पूर्वी यमुना नहर:
इस कड़ी में पहली नहर है- पूर्वी यमुना नहर। यह उत्तर प्रदेश की सबसे पुरानी नहर है। यह वर्ष 1830 में हरियाणा के ताजवाला में यमुना से निकाली गई थी। इस नहर का स्त्रोत हथिनीकुंड बैराज है। यह नहर सहारनपुर मेरठ मुजफ्फरनगर और गाजियाबाद जिलों को सींचती है।
ऊपरी गंगा नहर:
इस कड़ी में दूसरा नाम आता है- ऊपरी गंगा नहर । यह नहर 1854 में पहली बार शुरू की गई थी। यह हरिद्वार के पास भीमगौड़ा से निकलती है इस नहर की कुल लंबाई लगभग 6000 किलोमीटर से भी अधिक है और यह नहर कई शाखाओं में बंट जाती है। यह नहर सहारनपुर मुजफ्फरनगर मेरठ गाजियाबाद बुलंदशहर अलीगढ़ एटा मथुरा फिरोजाबाद मैनपुरी आदि क्षेत्रों में जल प्रदान करती है।
निचली गंगा नहर:
इसी कड़ी में तीसरा नाम आता है- निचली गंगा नहर। इस नहर का निर्माण 1878 के आस पास किया गया था और यह बुलंदशहर के नरौरा नमक स्थान से निकलती है। इसकी कुल लंबाई 8200 किलोमीटर से भी अधिक है।
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नाटक हमेशा से ही उत्तर प्रदेश की कला का भाग रहे हैं फिर चाहे बृज क्षेत्र में हो रही रास लीला हो या अवध क्षेत्र की रामलीला। नाट्य कला में आइए सबसे पहले जान लेते हैं शास्त्रीय नाटकों के बारे में-
उत्तर प्रदेश में शास्त्रीय नाटक
ऐसा माना जाता है की उत्तरप्रदेश में शास्त्रीय नाटकों की शुरुआत भारतेंदु युग से हुई और भारतेंदु हरिश्चंद्र ने अपने लिखे हुए नाटकों जैसे
वैदिक हिंसा हिंसा न भवति, सत्य हरिश्चंद्र, अंधेर नगरी, भारत दुर्दशा
के माध्यम से समाज के तत्कालीन विषयों पर चुटीले प्रहार किए। इतिहास में थोड़ा और पीछे जाए तो लखनऊ के नवाब वाजिद अली शाह जो की एक लेखक भी थे उनके द्वारा लिखा गया एक नाटक
राधा कन्हैया का किस्सा
और सैय्यद आगाहसन का लिखा हुआ
इंद्रसभा
नाटक भारतेंदु हरिश्चंद्र के युग के पहले से विद्यमान थे। उत्तर प्रदेश के अन्य प्रसिद्ध नाटककारों में भारतेंदु जी के पिता बाबू गोपाल चंद्र जी ने
नहुष
नाम का नाटक लिखा था जिसे विशुद्ध नाटक रीति में लिखा गया पहला नाटक माना जाता है। वही शीतला प्रसाद त्रिपाठी द्वारा लिखें गए
जानकी मंगल
को आधुनिक शैली में प्रदर्शित पहला नाटक माना जाता है ।
उत्तर प्रदेश में लोक नाटक
ये तो थी शास्त्रीय नाटकों की बात पर उत्तर प्रदेश में शास्त्रीय नाटकों से ज्यादा प्रसिद्ध यहां के लोक नाटक हुए। लोक नाटकों की उत्पत्ति का कोई निश्चित समय नहीं है क्योंकि ये समय के साथ धीरे-धीरे ऐतिहासिक रूप से आम लोगों द्वारा विकसित किए गए। रामलीला और रास लीला जैसे लोक नाट्य तो हजारों साल से उत्तर प्रदेश में किए जा रहे हैं हां समय के साथ उनके प्रदर्शन में बदलाव जरूर आया है। जिनमे बड़ी-बड़ी लाइट्स आधुनिक मंचों और म्यूजिक सिस्टम ने बड़ी भूमिका निभाई है। उत्तर प्रदेश के लोक नाट्यों में
नौटंकी, रामलीला , रासलीला, गुलाबो सिताबो, स्वांग, बिदेसिया और भगत
जैसे नाट्य शामिल हैं।
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