पादप हॉर्मोन. कार्य
ऑक्सिन. शिखर प्रधानता
जिबेरेलिन. कोशिका वृद्धि
साइटोकाइनिन. कोशिका विभाजन
एबसिसिक अम्ल. वृद्धि अवरोधक
Join 👉https://t.me/Amoghclasses
#PrelimsBoosterfact
ऑक्सिन. शिखर प्रधानता
जिबेरेलिन. कोशिका वृद्धि
साइटोकाइनिन. कोशिका विभाजन
एबसिसिक अम्ल. वृद्धि अवरोधक
Join 👉https://t.me/Amoghclasses
#PrelimsBoosterfact
❤4
राष्ट्रपति शासन लगाने की प्रक्रिया
🔰 कारण:-
▪️संवैधानिक तंत्र विफल होना
▪️बहुमत साबित न कर पाना
▪️चुनाव ना हो पाना(युद्ध आपदा आदि)
🔰 राज्यपाल केंद्र को स्थित की रिपोर्ट भेजता है
🔰 प्रधानमंत्री और कैबिनेट, राष्ट्रपति को अनुच्छेद 356 लागू करने का सुझाव देते है
🔰 राष्ट्रपति की घोषणा:-
▪️राष्ट्रपति शासन लागू होता है
▪️राज्य सरकार भंग, विधानसभा निलंबित/भंग
🔰 संसदीय अनुमोदन:-
▪️2 महीने के भीतर संसद के दोनों सदनों से मंजूरी जरूरी
▪️लोकसभा और राज्यसभा में साधारण बहुमत से पास होना चाहिए
🔰 अवधि और विस्तार:-
▪️पहले 6 महीने - बिना संसदीय मंजूरी के
▪️6 महीने के बाद - हर 6 महीने पर संसद की मंजूरी जरूरी (अधिकतम 3 वर्ष तक)
🔰 न्यायिक समीक्षा:- सुप्रीम कोर्ट में फैसले को चुनौती (जैसे 1994 का बोम्मई केस)
🔰 परिणाम:-
▪️प्रशासन राज्यपाल के माध्यम से केंद्र सरकार चलती है
▪️विधानसभा भंग होने पर 6 माह के भीतर चुनाव अनिवार्य
🔰 सरकारिया आयोग:- राजनीतिक दुरुपयोग रोकने के लिए सख्त दिशा-निर्देश
join 👉https://t.me/Amoghclasses
🔰 कारण:-
▪️संवैधानिक तंत्र विफल होना
▪️बहुमत साबित न कर पाना
▪️चुनाव ना हो पाना(युद्ध आपदा आदि)
🔰 राज्यपाल केंद्र को स्थित की रिपोर्ट भेजता है
🔰 प्रधानमंत्री और कैबिनेट, राष्ट्रपति को अनुच्छेद 356 लागू करने का सुझाव देते है
🔰 राष्ट्रपति की घोषणा:-
▪️राष्ट्रपति शासन लागू होता है
▪️राज्य सरकार भंग, विधानसभा निलंबित/भंग
🔰 संसदीय अनुमोदन:-
▪️2 महीने के भीतर संसद के दोनों सदनों से मंजूरी जरूरी
▪️लोकसभा और राज्यसभा में साधारण बहुमत से पास होना चाहिए
🔰 अवधि और विस्तार:-
▪️पहले 6 महीने - बिना संसदीय मंजूरी के
▪️6 महीने के बाद - हर 6 महीने पर संसद की मंजूरी जरूरी (अधिकतम 3 वर्ष तक)
🔰 न्यायिक समीक्षा:- सुप्रीम कोर्ट में फैसले को चुनौती (जैसे 1994 का बोम्मई केस)
🔰 परिणाम:-
▪️प्रशासन राज्यपाल के माध्यम से केंद्र सरकार चलती है
▪️विधानसभा भंग होने पर 6 माह के भीतर चुनाव अनिवार्य
44वां संशोधन 1978 - 1 साल से ज्यादा विस्तार के लिए संसद के दोनों सदनों का बहुमत जरूरी
🔰 सरकारिया आयोग:- राजनीतिक दुरुपयोग रोकने के लिए सख्त दिशा-निर्देश
join 👉https://t.me/Amoghclasses
❤4
🔰
Join 👉https://t.me/Amoghclasses
#PrelimsBoosterfact #roaro
#roaro #uppcs #bpsc #mppcs #ras #ssccgl #sscgd #ntpc #upp #upssscpet #ssc #Lekhpal #vpo
लार्ड वेलेजली (1798-1805) :–
👉सहायक संधि की नीति प्रारंभ की (1798), सबसे पहले यह संधि हैदराबाद के निजाम से
👉चौथा मैसूर युद्ध 1799
👉द्वितीय मराठा युद्ध (1803-1805)
👉तंजौर 1799, सूरत 1800, एवं कर्नाटक 1801 का प्रशासन अपने हाथों में ले लिया।
👉 बसीन की संधि (1802)
👉वेलेजली की सहायक संधि को स्वीकार करने वाले राज्य: हैदराबाद (1798; 1800), मैसूर (1799), तंजौर (अक्टूबर 1799), अवध (नवंबर 1801), पेशवा (दिसंबर 1801), बरार के भोंसले (दिसंबर 1803), सिंधिया (फरवरी 1804), जोधपुर (1818), जयपुर (1818), मच्छेरी (1818), बुंदी (1818), भरतपुर (1818)
Join 👉https://t.me/Amoghclasses
#PrelimsBoosterfact #roaro
#roaro #uppcs #bpsc #mppcs #ras #ssccgl #sscgd #ntpc #upp #upssscpet #ssc #Lekhpal #vpo
❤2
✅ गवर्नर/गवर्नर जनरल/वायसराय द्वारा किए गए प्रमुख कार्य 👇👇
• अंग्रेजी शिक्षा - विलियम बैंटिंक
• सामाजिक सुधार - विलियम बैंटिंक
• ठगों का दमन - कैप्टन स्लीमन
• प्रेस पर प्रतिबंध हटाना - चार्ल्स मेटकॉफ
• सिन्ध का विलय - लॉर्ड एलनबरो
• दास प्रथा का अंत - लॉर्ड एनलबरो
• राज्य अपहरण की नीति - लॉर्ड डलहौजी
• व्यपगत का सिद्धान्त - लॉर्ड डलहौजी
• राज्य हड़प नीति - लॉर्ड डलहौजी
• ड्राक्सिन ऑफ लैप्स - लॉर्ड डलहौजी
• अवध का विलय - लॉर्ड डलहौजी
• चतुराईपूर्ण निष्क्रियता की नीति - जान लॉरेंस
• वर्नाकुलर प्रेस एक्ट - लॉर्ड लिटन
• अग्रफारवर्ड नीति - लॉर्ड रिपन
• स्थानीय स्वशासन - लॉर्ड रिपन
join👉https://t.me/Amoghclasses
#roaro #uppcs #bpsc #mppcs #ras #ssccgl #sscgd #ntpc #upp #upssscpet #ssc #Lekhpal
❤1
🔥पराश्रव्य तरंगें – 20,000 Hz या 20 KHz से अधिक आवृत्ति की ध्वनियों को 'पराश्रव्य ध्वनि' या 'पराध्वनि' कहते हैं।
🔥डॉल्फिन, चमगादड़ जैसे जंतु पराध्वनि उत्पन्न करते हैं।
पराध्वनि के अनुप्रयोग
🔥*पराध्वनि उच्च आवृत्ति की तरंगें हैं। ये अवरोधों की उपस्थिति में भी एक निश्चित पथ पर गमन कर सकती हैं।
🔥पराध्वनि को हृदय के विभिन्न भागों से परावर्तित करा कर हृदयका प्रतिबिंब बनाया जाता है।
🔥इस तकनीक को इकोकॉर्डियोग्राफी (ECG) कहते हैं।
🔥 पराध्वनि का उपयोग गुर्दे की छोटी पथरी को बारीक कणों में तोड़ने के लिए भी किया जाता है।
ये कण बाद में मूत्र के साथ बाहर निकल जाते हैं।
join👉https://t.me/Amoghclasses
#PrelimsBoosterfact
🔥डॉल्फिन, चमगादड़ जैसे जंतु पराध्वनि उत्पन्न करते हैं।
पराध्वनि के अनुप्रयोग
🔥*पराध्वनि उच्च आवृत्ति की तरंगें हैं। ये अवरोधों की उपस्थिति में भी एक निश्चित पथ पर गमन कर सकती हैं।
🔥पराध्वनि को हृदय के विभिन्न भागों से परावर्तित करा कर हृदयका प्रतिबिंब बनाया जाता है।
🔥इस तकनीक को इकोकॉर्डियोग्राफी (ECG) कहते हैं।
🔥 पराध्वनि का उपयोग गुर्दे की छोटी पथरी को बारीक कणों में तोड़ने के लिए भी किया जाता है।
ये कण बाद में मूत्र के साथ बाहर निकल जाते हैं।
join👉https://t.me/Amoghclasses
#PrelimsBoosterfact
❤3
👉जलोढ़ मिट्टी दो प्रकार की होती है: खादर, बांगर.
👉खादर, नई जलोढ़ मिट्टी होती है, जो हर साल बाढ़ के कारण जमा होती है.
👉वहीं, बांगर, पुरानी जलोढ़ मिट्टी होती है।
join👉https://t.me/Amoghclasses
👉खादर, नई जलोढ़ मिट्टी होती है, जो हर साल बाढ़ के कारण जमा होती है.
👉वहीं, बांगर, पुरानी जलोढ़ मिट्टी होती है।
join👉https://t.me/Amoghclasses
❤3
UPPCS 2026 मुख्य परीक्षा में "मुख्यमंत्री फेलोशिप" शोधकर्ताओं को अतिरिक्त अंक देने का निर्णय भेदभावपूर्ण है।
यह सामान्य और मेधावी छात्रों के "समान अवसर'' के संवैधानिक अधिकार का सीधा उल्लंघन है।
चयन में निष्पक्षता बनाए रखने के लिए इसे तुरंत वापस लिया जाए।
#RemoveCMFellowQuota
यह सामान्य और मेधावी छात्रों के "समान अवसर'' के संवैधानिक अधिकार का सीधा उल्लंघन है।
चयन में निष्पक्षता बनाए रखने के लिए इसे तुरंत वापस लिया जाए।
#RemoveCMFellowQuota
👉इसे 26 नवंबर, 1949 को संविधान सभा द्वारा अंगीकृत (adopted) किया गया था और यह 26 जनवरी, 1950 को लागू हुआ था।
👉संविधान को अंगीकृत किए जाने के समय इसमें 395 अनुच्छेद (Articles),
👉 8 अनुसूचियां (Schedules) और लगभग 145,000 शब्द थे।
👉इस प्रकार यह अब तक अंगीकृत किया जाने वाला 'सबसे लंबा राष्ट्रीय संविधान' (Longest National Constitution) बन गया था।
👉वर्तमान में भारत के संविधान में 395 अनुच्छेद एवं 12 अनुसूचियां हैं।
👉डॉ. भीम राव अंबेडकर को भारतीय संविधान का मुख्य रचनाकार माना जाता है।
👉 भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद भारत के संविधान पर हस्ताक्षर करने वाले पहले व्यक्ति बने थे।
👉यह विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है।
👉भारत का संविधान न तो मुद्रित (printed) है, न ही टंकित (typed) है।
👉यह हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में हस्तलिखित और सुलेखित (calligraphed) है।
Join 👉https://t.me/Amoghclasses
👉संविधान को अंगीकृत किए जाने के समय इसमें 395 अनुच्छेद (Articles),
👉 8 अनुसूचियां (Schedules) और लगभग 145,000 शब्द थे।
👉इस प्रकार यह अब तक अंगीकृत किया जाने वाला 'सबसे लंबा राष्ट्रीय संविधान' (Longest National Constitution) बन गया था।
👉वर्तमान में भारत के संविधान में 395 अनुच्छेद एवं 12 अनुसूचियां हैं।
👉डॉ. भीम राव अंबेडकर को भारतीय संविधान का मुख्य रचनाकार माना जाता है।
👉 भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद भारत के संविधान पर हस्ताक्षर करने वाले पहले व्यक्ति बने थे।
👉यह विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है।
👉भारत का संविधान न तो मुद्रित (printed) है, न ही टंकित (typed) है।
👉यह हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में हस्तलिखित और सुलेखित (calligraphed) है।
Join 👉https://t.me/Amoghclasses
❤4
science_tech,_रक्षा_प्रौद्योगिकी_practice_2.pdf
75.1 MB
science tech, रक्षा प्रौद्योगिकी practice 2.pdf
UPTET 2026 परीक्षा हेतु आवश्यक एवं ध्यान रखने योग्य बातें।
परीक्षा दिनाँक 02, 03 एवं 04 जुलाई 2026
➡️Exam से 45 मिनट पहले पहुँचना है।
➡️3 पासपोर्ट साइज फ़ोटो ले जाने हैं।
➡️आधार की मूलप्रति तथा छायाप्रति साथ ले जानी हैं।
➡️सिर्फ काली स्याही बॉल पेन का ही प्रयोग करना है।
➡️परीक्षा के अंतिम आधे घंटे में किसी को बाहर जाने की अनुमति नही मिलेगी।
➡️परीक्षा समाप्त होने पर, उत्तर पत्रक की प्रतियों को अभ्यर्थी स्वयं अलग नहीं करेंगे।
➡️पीने के लिए पारदर्शी पानी की बोतल साथ रख सकते हैं।
➡️OMR शीट और फोटोयुक्त उपस्थिति में सभी जानकारी सावधानी पूर्वक भरें। त्रुटि पर अभ्यर्थी स्वयं जिम्मेदार होंगे।
🛑किसी भी प्रकार की घड़ी, मोबाइल इलेक्ट्रॉनिक उपकरण इत्यादि साथ ना लाएं।
🛑आपके किसी भी तरह के सामान की व्यवस्था की जाएगी लेकिन कोई सामान खो जाता है तो इसमें आयोग की कोई जिम्मेदारी नही होगी।
🛑व्हाइटनर, ब्लेड या रबर का प्रयोग न करें। ऐसे प्रश्नों के उत्तर पर गौर नही किआ जाएगा।
🛑परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग करने एवं परीक्षा के नियमों के विरुद्ध दोषी पाए जाने पर एक करोड़ का जुर्माना और आजीवन कारावास की सजा दोनो ही दी जा सकती है।
परीक्षा दिनाँक 02, 03 एवं 04 जुलाई 2026
➡️Exam से 45 मिनट पहले पहुँचना है।
➡️3 पासपोर्ट साइज फ़ोटो ले जाने हैं।
➡️आधार की मूलप्रति तथा छायाप्रति साथ ले जानी हैं।
➡️सिर्फ काली स्याही बॉल पेन का ही प्रयोग करना है।
➡️परीक्षा के अंतिम आधे घंटे में किसी को बाहर जाने की अनुमति नही मिलेगी।
➡️परीक्षा समाप्त होने पर, उत्तर पत्रक की प्रतियों को अभ्यर्थी स्वयं अलग नहीं करेंगे।
➡️पीने के लिए पारदर्शी पानी की बोतल साथ रख सकते हैं।
➡️OMR शीट और फोटोयुक्त उपस्थिति में सभी जानकारी सावधानी पूर्वक भरें। त्रुटि पर अभ्यर्थी स्वयं जिम्मेदार होंगे।
🛑किसी भी प्रकार की घड़ी, मोबाइल इलेक्ट्रॉनिक उपकरण इत्यादि साथ ना लाएं।
🛑आपके किसी भी तरह के सामान की व्यवस्था की जाएगी लेकिन कोई सामान खो जाता है तो इसमें आयोग की कोई जिम्मेदारी नही होगी।
🛑व्हाइटनर, ब्लेड या रबर का प्रयोग न करें। ऐसे प्रश्नों के उत्तर पर गौर नही किआ जाएगा।
🛑परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग करने एवं परीक्षा के नियमों के विरुद्ध दोषी पाए जाने पर एक करोड़ का जुर्माना और आजीवन कारावास की सजा दोनो ही दी जा सकती है।
❤2