𝐀 𝐨𝐧𝐞 𝐉𝐮𝐝𝐢𝐜𝐢𝐚𝐥 𝐀𝐜𝐚𝐝𝐞𝐦𝐲 (करें अपनी तैयारी बेहतर)
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A one Judicial Academy-Hindi
विधि संबंधी परीक्षाओं की "करें अपनी तैयारी बेहतर"

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उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम लॉन्च

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के लाखों आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों की रक्षा, पारदर्शिता और जॉब सिक्योरिटी सुनिश्चित करने के लिए 'उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम' (UPCOS) की शुरुआत की है।

मुख्य विशेषताएँ और लाभ:
▪️समय पर वेतन: कर्मचारियों के खाते में हर महीने की 5 तारीख से पहले वेतन भेजने की व्यवस्था की गई है।
▪️यूनतम मानदेय और वृद्धि: इसके तहत कर्मचारियों का न्यूनतम मासिक मानदेय तय किया गया है और कई कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी भी की गई है।
▪️बीमा और सुरक्षा कवर: कर्मचारियों को दुर्घटना और मेडिकल इमरजेंसी के लिए बीमा कवर (लाखों रुपये तक का बीमा) प्रदान किया जा रहा है।
▪️भविष्य निधि : कर्मचारियों के खातों में समय पर EPF और ESI का अंशदान जमा किया जाएगा।
▪️बिचौलियों से मुक्ति: इस निगम और आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से प्राइवेट एजेंसियों द्वारा होने वाले शोषण पर रोक लगेंगी और डिजिटल ट्रैकिंग होगी।


आउटसोर्स क्या होता है ?
आउटसोर्सिंग का मतलब होता है जब कोई कंपनी या सरकारी विभाग अपने किसी काम को खुद न करके, किसी तीसरी बाहरी एजेंसी या कंपनी (Third-Party Contractor) से कराती है।

उदाहरण: मान लीजिए एक सरकारी अस्पताल है। अस्पताल का मुख्य काम मरीजों का इलाज करना है। लेकिन वहाँ साफ-सफाई, सुरक्षा और डेटा एंट्री जैसे काम भी जरूरी हैं। अस्पताल इन कामों के लिए खुद पक्के कर्मचारी रखने के बजाय, एक प्राइवेट एजेंसी को इसका ठेका दे देता है। वह एजेंसी अपने कर्मचारी अस्पताल में काम पर लगाती है। इसे ही आउटसोर्सिंग कहते हैं।
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▪️सभी राज्यों के जिला न्यायिक अधिकारियों की रिटायर्ड आयु हो 62 वर्ष : सुप्रीम कोर्ट
▪️पटना हाई कोर्ट बिहार राज्य की जिला अदालतों के संबंध पहले ही जारी कर चुका है निर्देश ।
UP APO 2025
Migration Case Update

आज कोर्ट रूम में माइग्रेशन के मुद्दे को लेकर महत्वपूर्ण घटनाक्रम देखने को मिला। आयोग की ओर से इस मामले में लगभग 12 घंटे चली मैराथन बहस आज पूरी हुई।

बहस के दौरान न्यायालय के समक्ष यह महत्वपूर्ण प्रश्न उठा कि “अनारक्षित (UR)” का वास्तविक और विधिक अभिप्राय क्या है? तथा क्या UP APO 2025 प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम तैयार करते समय आयोग ने अनारक्षित वर्ग के मूल अभिप्राय का पालन किया है?

इस प्रश्न पर आयोग की दलीलें न्यायालय को पूरी तरह संतुष्ट नहीं कर सकीं और आयोग द्वारा पूर्व में दिए गए शपथपत्र/शपथ में कही गई बातों के साथ विरोधाभास का मुद्दा भी सामने आया।

चूंकि इस मामले में राज्य भी एक पक्षकार है, इसलिए राज्य की ओर से AAG मनीष गोयल जी भी न्यायालय के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखेंगे।

अगली सुनवाई
7 सितंबर, सोमवार
दोपहर 2:00 बजे से

(सुनवाई सामान्यतः पूर्व की भाँति सुबह 10 बजे से होनी थी, लेकिन AAG मनीष गोयल जी द्वारा सुबह 10 बजे उपस्थित होने में असमर्थता व्यक्त किए जाने पर माननीय न्यायालय ने सुनवाई का समय दोपहर 2 बजे निर्धारित किया।)

मामले की गंभीरता और लंबी चली बहस को देखते हुए यह सुनवाई अत्यंत महत्वपूर्ण है।

सभी साथियों से अपील है कि एकजुटता बनाए रखें, तथ्यों को समझें और समाज के लोगों को जागरूक करें।

यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि न्यायसंगत अवसर और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े व्यापक प्रश्न की लड़ाई है।
एकजुट रहें — जागरूक रहें।

~ Copied
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मैने तो खुद से सीखा है, मेरा कोई विशेष गुरु नहीं । इसके लिए मुझ खुद को शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं । 😎
आलोचकों को संयुक्त जवाब
जब मैंने कहा कि मेरा कोई विशेष गुरु नहीं है, तो उसका मतलब यह कतई नहीं था कि मैं अहंकार में हूँ या मैं माँ के योगदान को भूल गया हूँ। माँ पहली शिक्षक होती हैं, यह अकाट्य सत्य है, उन्होंने मुझे चलना और बोलना सिखाया। लेकिन जीवन के जिस मुकाम पर आज मैं खड़ा हूँ, जो हुनर मैंने हासिल किया है, उसे सिखाने के लिए मेरे पास कोई द्रोणाचार्य, कोई संस्था या कोई व्यक्तिगत मेंटर नहीं था।

क्या परिस्थितियों से सीखना इगो (अहंकार) है?अगर परिस्थितियों से सीखना इगो है, तो फिर इस दुनिया के सबसे बड़े आविष्कारक और महापुरुष अहंकारी थे।

एकलव्य के पास कोई गुरु नहीं था। द्रोणाचार्य ने उन्हें सिखाने से मना कर दिया था। परिस्थितियों ने उन्हें खुद से अभ्यास करना सिखाया और वे इतिहास के सर्वश्रेष्ठ धनुर्धर बने। क्या एकलव्य अहंकारी थे?

थॉमस एडिसन को स्कूल से यह कहकर निकाल दिया गया था कि वे मंदबुद्धि हैं। उन्होंने किसी गुरु से नहीं, बल्कि अपनी असफलताओं और परिस्थितियों से सीखकर बल्ब का आविष्कार किया।

परिस्थितियों से वही सीख पाता है जिसके अंदर अटूट इच्छाशक्ति होती है। इसे इगो नहीं, आत्मनिर्भरता कहते हैं।

यह कहना बहुत आसान है कि बुरा इंसान भी शिक्षक होता है क्योंकि वह सिखाता है कि उसके जैसा नहीं बनना। लेकिन जरा सोचिए - बुरा इंसान तो सिर्फ बुराई कर रहा था, आपको यह समझ कहाँ से आई कि मुझे ऐसा नहीं बनना ? वह समझ आपके भीतर के विवेक (आंतरिक शिक्षक) ने दी ।

राह चलते गड्ढे को देखकर अगर आप संभल कर चलते हैं, तो गड्ढा आपका शिक्षक नहीं बन जाता, बल्कि आपका खुद का होश और दिमाग आपका शिक्षक होता है। इसलिए बकैती वह नहीं जो मैंने कही, बल्कि बकैती यह सोचना है कि हर ठोकर मारने वाली चीज़ आपकी गुरु है।

मुझ पर संकीर्ण सोच का ठप्पा लगाने से पहले यह समझिए कि एक खुद से सीखने वाला व्यक्ति सबसे बड़ा स्टूडेंट होता है। एक सामान्य छात्र को तो गुरु उंगली पकड़कर सिलेबस पूरा करवा देता है। लेकिन एक खुद से सीखने वाले को खुद ही अपना सिलेबस बनाना पड़ता है, खुद ही अपनी गलतियाँ ढूंढनी पड़ती हैं और खुद ही खुद को शाबाशी देनी पड़ती है। इसके लिए संकीर्ण नहीं, बल्कि अत्यंत व्यापक और अनुशासित सोच की जरूरत होती है।

मैंने किसी गुरु का अपमान नहीं किया। मैंने बस उस भीतर के शिक्षक का उत्सव मनाया है, जिसने मुझे तब रास्ता दिखाया जब बाहर कोई रास्ता दिखाने वाला नहीं था। किसी के मार्गदर्शन में सीख लेना आसान है, लेकिन खुद के तजुर्बों से खुद को गढ़ना एक साधना है। और मुझे अपनी इस साधना पर गर्व है।
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मैने सुना है UP J का सिलेबस change होगा । कुछ माइनर एक्ट जोड़े जाएंगे।

क्या किसी और ने भी ऐसा सुना है?
क्या अपने कब्जे में से भी चोरी की जा सकती है ?

ध्यान दे यहां अपनी वस्तु नहीं कहा जा रहा बल्कि अपने कब्जे में से कहा जा रहा ।
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https://youtube.com/shorts/4yCGPruNBwo?si=uQM7JfPdcr99L_c-

जो लोग राजस्थान APO की परीक्षा देकर के आए हैं वह अपना उत्तर मिला लें ।

जो नहीं दिए हैं वह भी देख ले । क्योंकि आजकल जिस तरह के प्रश्न पूछे जा रहे हैं उससे आपको आगामी तैयारी का अनुमान लगेगा ।

हर राज्य की परीक्षाओं का अब यही हाल है और हर राज्य यही फॉर्मेट अपना रहा है, कहीं पर कम है कहीं पर ज्यादा है। इसलिए यह बहुत आवश्यक है कि आप इसी फॉर्मेट से तैयारी करें ।

ज्यादा से ज्यादा Bare Act पर पकड़ मजबूत करें ।
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राजस्थान_APO_2026_प्रीलिम्स.pdf
16.1 MB
राजस्थान APO 2026
प्रारंभिक परीक्षा

परीक्षा तिथि - 02 सितंबर 2026
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उत्तर प्रदेश सिविल जज प्रारंभिक परीक्षा हेतु 9 माइनर एक्ट की क्लास चालू है : -
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📍 जल्द ही भारतीय संविधान की क्लास शुरू होगी : -
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1 नवंबर 2026 को आयोजित होगा MP-ADPO प्रारंभिक Exam

21-10-2026 से डाउनलोड किए जायेंगे । एडमिट कार्ड ।
Rajasthan APO ऑफिशियल answer key जारी ।
▪️RPSC को वेबसाइट पर visit करें ।
▪️8-10 सितंबर तक दर्ज कर सकते है आपत्ति ।
सीख लो कुछ...
टेलीग्राम के और भी फायदे है । 😁
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𝐀 𝐨𝐧𝐞 𝐉𝐮𝐝𝐢𝐜𝐢𝐚𝐥 𝐀𝐜𝐚𝐝𝐞𝐦𝐲 (करें अपनी तैयारी बेहतर)
Rajasthan APO (Mains) sylleburs.pdf
राजस्थान APO में 60+ अंक प्राप्त करने वाले लोग मुख्य परीक्षा की तैयारी में लग जाएं । हालांकि कटऑफ 50-55 के आसपास रहने का अनुमान है ।

27 दिसंबर को आयोजित होगी मुख्य परीक्षा ।
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उत्तर प्रदेश सिविल जज के लिए 9 माइनर एक्ट की क्लास चल रही है । जो की मात्रा ₹500 में है । अगर किसी के पैसे नहीं है तो वह क्लास को यूट्यूब से फ्री कर सकता है और खुद के नोटस बना सकता है ।

उसके लिए आपके पास बेयरक्ट होना बहुत बहुत जरूरी है । paid क्लास में आपको नोट्स, मेंटरशिप, टेस्ट सीरीज और मुख्य परीक्षा के प्रश्न उत्तर मिलते हैं । जबकि यूट्यूब पर केवल समझने के लिए मिलता है और नोटस खुद बनाने होते ।

https://youtu.be/F4s-frlP8a8?si=4___gumKAFqa8C_S
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उत्तर प्रदेश सहायक प्रोफेसर भर्ती (लॉ विषय सहित)

योग्यता - LLM व UGC NET पास
कुल पद - 61
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