ध्यान रहे 106 वा संविधान संशोधन अधिनियम, 2023 रद्द नहीं हुआ है । बल्कि उसको संशोधन के साथ तत्काल लागू करने के लिए लाया गया 131 वां संविधान संशोधन विधेयक रद्द हुआ है।
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दैनिक न्याय बोध - भाग 8
अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखना ही सबसे बड़ी वकालत है । ~ Aone
दृश्य साक्ष्य और वास्तविक इरादा
(Visual Evidence vs. Real Intent)
कानून में केवल दस्तावेज़ या तस्वीर पर्याप्त नहीं होती, जब तक कि उसके पीछे का इरादा (Mens Rea) स्पष्ट न हो। बाहरी चमक अक्सर वास्तविक स्थिति को छिपा लेती है।
व्यावहारिक दृष्टिकोण: कभी-कभी हम जो देखते हैं, वह हमें सत्य से दूर ले जाता है। भावनाओं के वशीभूत होकर लिया गया निर्णय अक्सर तथ्य की भूल (Mistake of Fact) की तरह होता है। धैर्य ही वह साक्ष्य है जो अंततः सत्य को उजागर करता है।
अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखना ही सबसे बड़ी वकालत है । ~ Aone
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सरकार और गोदी मीडिया ढोल पीट रही है कि विपक्ष महिला विरोधी है । महिला को आरक्षण देने वाला विधेयक पास नहीं होने दिया ।
सच्चाई ये है कि महिला को आरक्षण देने वाला संविधान संशोधन (106 वां) 2023 में ही पारित हो चुका है।
ये जो विधेयक था वो 2023 के अधिनियम को तत्काल लागू करने, लोकसभा की सीटो को बढ़ाने और परिसीमन आयोग को गठित करने के लिए था ।
सच्चाई ये है कि महिला को आरक्षण देने वाला संविधान संशोधन (106 वां) 2023 में ही पारित हो चुका है।
ये जो विधेयक था वो 2023 के अधिनियम को तत्काल लागू करने, लोकसभा की सीटो को बढ़ाने और परिसीमन आयोग को गठित करने के लिए था ।
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Source: Live Law Hindi
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hindi.livelaw.in
Advocates Act | इलाहाबाद हाईकोर्ट का अहम फैसला: सिर्फ़ रजिस्टर्ड वकील ही कर सकते हैं वकालत
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने साफ़ तौर पर कहा कि कोई भी व्यक्ति, भले ही उसके पास पावर ऑफ़ अटॉर्नी हो, एडवोकेट्स एक्ट, 1961 के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए मुक़दमे लड़ने वालों की ओर से और उनकी तरफ़ से एक...
हमसे कोई भी बार बार pdf notes ना मांगे । हम किसी को pdf नोट्स नहीं देते हैं । कारण -
▪️Multple क्रय
▪️क्रय का पुनः विक्रय
▪️अन्य चैनल पर वायरल
टेस्ट सीरीज का भी यही हाल है ।
▪️Multple क्रय
▪️क्रय का पुनः विक्रय
▪️अन्य चैनल पर वायरल
टेस्ट सीरीज का भी यही हाल है ।
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लोगो ने टेलीग्राम पर 50-50 चैनल जॉइन कर रखे है । बिना किसी वजह के, किसी काम के भी नही जो, किसी से कुछ लेना देना नहीं वो भी । ऐसे लोगों को हमारा सुझाव है । उनसे लेफ्ट हो 2 से 3 चैनल रखे ।
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दैनिक न्याय बोध - भाग 9
न्याय हमेशा स्पष्टता की मांग करता है, अस्पष्टता की नहीं। ~ Aone
साक्ष्य की निरंतरता और पुनः बहाली (Continuity of Evidence & Restoration)
विधि का एक सिद्धांत है— "Restitutio in Integrum" (मूल स्थिति में बहाली)। यदि किसी प्रक्रिया में रुकावट आए, तो उसे फिर से शुरू करने के लिए सद्भावना (Good Faith) और स्पष्ट इरादे की आवश्यकता होती है।
व्यावहारिक दृष्टिकोण: संवाद की कड़ियाँ टूटना आसान है, लेकिन उन्हें फिर से जोड़ना एक कला है। रिश्तों में मौन के बाद की पहली दस्तक हमेशा महत्वपूर्ण होती है, बशर्ते वह औपचारिकता न होकर वास्तविक रुचि हो।
न्याय हमेशा स्पष्टता की मांग करता है, अस्पष्टता की नहीं। ~ Aone
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किसी अजमानतीय संज्ञेय उदघोषित अपराधी
को कौन गिरफ्तार कर सकता है
A मजिस्टेट
B प्राईवेट व्यक्ति
C पुलिस अधिकारी
D उपरोक्त मे से कोई नही
को कौन गिरफ्तार कर सकता है
A मजिस्टेट
B प्राईवेट व्यक्ति
C पुलिस अधिकारी
D उपरोक्त मे से कोई नही
दैनिक न्याय बोध - भाग 10
न्याय के लिए मंशा को समझना ज़रूरी है, केवल 'परिस्थिति' को नहीं । ~Aone
तथ्यों की गलत व्याख्या और धारणा (Misinterpretation of Facts)
विधि में 'Innuendo' (वक्रोक्ति) का अर्थ है जब साधारण शब्दों का अर्थ नकारात्मक निकाल लिया जाता है। कभी-कभी साक्ष्य स्पष्ट होते हैं, लेकिन उनका संदर्भ गलत समझ लिया जाता है।
व्यावहारिक दृष्टिकोण: संवाद में अक्सर हम शब्दों या संकेतों का वह अर्थ निकाल लेते हैं जो सामने वाले का इरादा ही नहीं था। धारणाएं अक्सर सत्य को धुंधला कर देती हैं। स्पष्टता ही हर विवाद का एकमात्र समाधान है।
न्याय के लिए मंशा को समझना ज़रूरी है, केवल 'परिस्थिति' को नहीं । ~Aone
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स्वामी विवेकानंद जी ने कहा था "तुम मुझे खून दो मै तुम्हे आजादी दूंगा" - बंगाल चुनाव प्रचार मे मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ 😂
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दैनिक न्याय बोध - भाग 11
जहाँ शब्दों की कमी हो, वहाँ अपनी चुप्पी को ही सबसे प्रभावशाली दलील बना लेना चाहिए । ~ Aone
सूचना की प्राप्ति और उत्तर का दायित्व
(Acknowledgement & Obligation to Reply)
संविदा कानून में संचार की पूर्णता तब मानी जाती है जब सूचना प्राप्तकर्ता के ज्ञान में आ जाए। लेकिन, न्याय का सिद्धांत कहता है कि सूचना प्राप्त होने के बाद उचित समय के भीतर जवाब न देना आचरण द्वारा अस्वीकृति का संकेत हो सकता है।
व्यावहारिक दृष्टिकोण: डिजिटल युग में संदेश का 'Seen' होना इस बात का साक्ष्य है कि सूचना पहुँच चुकी है। इसके बाद का मौन या तो गहरी सोच का प्रतीक है या फिर प्राथमिकता के अभाव का। एक परिपक्व व्यक्तित्व कभी जवाब के लिए याचिका दायर नहीं करता।
जहाँ शब्दों की कमी हो, वहाँ अपनी चुप्पी को ही सबसे प्रभावशाली दलील बना लेना चाहिए । ~ Aone
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कुछ छात्र समस्यात्मक प्रश्न का उत्तर लिखने में बार बार गलती करते है । समस्यात्मक प्रश्न का उत्तर कैसे लिखते है ?
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मुख्य परीक्षा बैच से जुड़े।
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लगता है संजय श्रीनेत सहित आयोग के सभी लोग दावत में गए है । 😁
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सुप्रीम कोर्ट भगवान नही है : must watch
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अगर किसी बालिका के विरुद्ध यौन अपराध होता है जोकि अनुसूचित जाति से है, तो मुकदमा किस अदालत में चलेगा ?
A. SC/ST अदालत
B. पॉस्को अदालत
C. सत्र न्यायाधीश की अदालत
A. SC/ST अदालत
B. पॉस्को अदालत
C. सत्र न्यायाधीश की अदालत
चिता आंदोलन (पंचतक सत्याग्रह)
चिता आंदोलन मध्य प्रदेश के छतरपुर और पन्ना जिलों में केन-बेतवा लिंक परियोजना के खिलाफ आदिवासी समुदाय का एक तीव्र विरोध प्रदर्शन है, जहाँ ग्रामीण अपनी जमीनों के डूब क्षेत्र में आने और उचित मुआवजे व पुनर्वास की कमी के कारण प्रतीकात्मक चिता पर लेटकर विरोध कर रहे हैं।
विरोध का कारण:
▪️केन-बेतवा लिंक परियोजना के पहले चरण में धौधन बांध बनाया जा रहा है। इसके डूब क्षेत्र में पन्ना टाइगर रिजर्व का हिस्सा और छतरपुर के दर्जनों आदिवासी गांव आ रहे हैं।
▪️ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार द्वारा घोषित मुआवजा और पुनर्वास नीति अपारदर्शी है। कई परिवारों को सर्वे से बाहर रखा गया है।
▪️विस्थापन से आदिवासियों की पारंपरिक आजीविका और उनकी जल-जंगल-जमीन से जुड़ी सांस्कृतिक पहचान खतरे में है।
आंदोलन का स्वरूप:
▪️आंदोलनकारियों (विशेषकर महिलाओं) ने लकड़ियों की चिता सजाकर उस पर लेटकर प्रदर्शन किया। उनका संदेश स्पष्ट था "जमीन नहीं तो जीवन नहीं।"
▪️पंचतत्व सत्याग्रह: ग्रामीणों ने जल, वायु, अग्नि, पृथ्वी और आकाश (पंचतत्व) की शपथ लेकर अपनी मिट्टी की रक्षा का संकल्प लिया।
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दैनिक न्याय बोध - भाग 11
सत्य को मिटाया जा सकता है, लेकिन उसके प्रभाव को नहीं। न्याय की दृष्टि बहुत सूक्ष्म होती है। ~ Aone
साक्ष्य को मिटाना और अंतर्निहित स्वीकारोक्ति
(Deletion of Evidence & Implicit Admission)
साक्ष्य अधिनियम के तहत, यदि कोई पक्ष किसी दस्तावेज़ या साक्ष्य को नष्ट करता है, तो कानून यह अनुमान लगाता है कि वह साक्ष्य उसके विरुद्ध था। मिटाया गया तथ्य अक्सर सबसे बड़ा सत्य होता है।
व्यावहारिक दृष्टिकोण: संवाद में शब्दों को भेजकर वापस लेना मन के गहरे द्वंद्व को दर्शाता है। यह इस बात का प्रमाण है कि भावनाएं नियंत्रण से बाहर हो रही हैं, भले ही 'तर्क' उन्हें छिपाने की कोशिश करे।
सत्य को मिटाया जा सकता है, लेकिन उसके प्रभाव को नहीं। न्याय की दृष्टि बहुत सूक्ष्म होती है। ~ Aone